छत्तीसगढ़ / रायपुर
थाना धरसीवां परिसर में डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर की प्रतिमा स्थापना भूमि पूजन संपन्न
धरसीवां, रायपुर। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर आज थाना धरसीवां, जिला रायपुर के प्रांगण में भारत के संविधान निर्माता एवं भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा स्थापना हेतु भूमि पूजन कार्यक्रम श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ।
वीबी-जी राम जी आजीविका डबरी मिशन से बरातु सिंह को मिला आय का नया आधार
35×35 मीटर की डबरी में शुरू हुआ मत्स्य पालन, मछली बीज मिलने से बढ़ेगी परिवार की आमदनी
जल संरचना को आजीविका से जोड़कर ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में पहल
रायपुर, 14 अगस्त 2026
ग्रामीण परिवारों को स्थानीय स्तर पर स्थायी आजीविका के साधनों से जोड़ने और उनकी आय बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित विकसित भारत जी-राम जी आजीविका डबरी मिशन का लाभ अब ग्रामीण परिवारों तक पहुंच रहा है। सरगुजा जिले के विकासखंड अम्बिकापुर की ग्राम पंचायत परसा निवासी श्री बरातु सिंह पोया के लिए योजना के तहत निर्मित डबरी अब उनकी अतिरिक्त आय का माध्यम बनने जा रही है। लगभग 35 मीटर × 35 मीटर क्षेत्रफल में निर्मित इस डबरी में मत्स्य पालन की शुरुआत हो चुकी है।
डबरी निर्माण पूर्ण होने के बाद मत्स्य विभाग द्वारा श्री बरातु सिंह को फिंगरलिंग मछली बीज उपलब्ध कराया गया। अब वे डबरी में मछली पालन कर अपनी आजीविका को मजबूत करने के साथ परिवार की आय बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। जल संसाधन को आजीविका गतिविधि से जोड़ने से उन्हें अपनी उपलब्ध भूमि का बेहतर उपयोग करने का अवसर मिला है।
डबरी बनी आय का नया साधन
श्री बरातु सिंह पोया ने बताया कि योजना के तहत उनकी जमीन पर डबरी का निर्माण कराया गया है। डबरी तैयार होने के बाद मत्स्य विभाग से मछली बीज भी उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि वे मछलियों का बेहतर तरीके से पालन करेंगे, जिससे आने वाले समय में मछली उत्पादन के माध्यम से अतिरिक्त आय प्राप्त होगी। इससे परिवार की दैनिक जरूरतों और अन्य खर्चों को पूरा करने में मदद मिलेगी तथा आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
उन्होंने योजना के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की ऐसी पहल ग्रामीणों को अपने गांव में ही रोजगार और आय के नए अवसर उपलब्ध करा रही है। उन्होंने अपने गांव के अन्य ग्रामीणों को भी योजना की जानकारी देने और उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर आजीविका के नए साधन विकसित करने के लिए प्रेरित करने की बात कही।
मत्स्य पालन से बढ़ेगी अतिरिक्त आमदनी
डबरी में मत्स्य पालन शुरू होने से श्री पोया को आने वाले समय में मछली उत्पादन के माध्यम से अतिरिक्त आय प्राप्त होगी। इससे परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के साथ जीवन स्तर में सुधार की संभावनाएं बढ़ेंगी। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
जल संरचनाओं का आजीविका से हो रहा अभिसरण
वीबी-जी राम जी आजीविका डबरी मिशन के तहत निर्मित जल संरचनाओं को मत्स्य पालन जैसी आयमूलक गतिविधियों से जोड़ना ग्रामीण विकास की दिशा में प्रभावी पहल है। डबरी निर्माण और मत्स्य विभाग के सहयोग से मछली बीज उपलब्ध कराने से ग्रामीण परिवारों को कृषि एवं अन्य पारंपरिक गतिविधियों के साथ अतिरिक्त आय के साधन विकसित करने का अवसर मिल रहा है।
इस तरह योजना के माध्यम से निर्मित डबरियां केवल जल संरक्षण और ग्रामीण परिसंपत्ति के रूप में नहीं, बल्कि आजीविका, आय संवर्धन और ग्रामीण आत्मनिर्भरता के केंद्र के रूप में विकसित हो रही हैं। श्री बरातु सिंह की पहल इस बात का उदाहरण है कि योजनाओं के प्रभावी अभिसरण से ग्रामीण परिवार अपने उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
स्वच्छता के प्रति आदिम जाति विभाग का उल्लेखनीय पहल
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने कंटेनर में खाली बोतल डालकर लोगों को किया जागरूक
रायपुर, 14 अगस्त 2026
स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए आदिम जाति, अनुसूचित जाति तथा पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग ने नवा रायपुर स्थित ’’जनजातीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (टीआरटीआई)’’ परिसर में आज प्लास्टिक कचरा प्रबंधन की नई शुरुआत की है। विभाग ने ’’बिसलेरी कंपनी’’ के साथ प्लास्टिक बोतलों एवं अन्य प्लास्टिक कचरे के संग्रहण और पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) के लिए समझौता किया है।
इस अवसर पर विभाग के प्रमुख सचिव ’’श्री सोनमणि बोरा’’ एवं टीआरटीआई की संचालक ’’श्रीमती हीना अनिमेष नेताम’’ ने परिसर में स्थापित विशेष प्लास्टिक कलेक्शन कंटेनर का शुभारंभ किया। प्रमुख सचिव श्री बोरा ने स्वयं पानी की खाली बोतल को निर्धारित कंटेनर में डालकर अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आगंतुकों से अपील की कि वे उपयोग के बाद प्लास्टिक कचरे को इधर-उधर न फेंकें, बल्कि निर्धारित कंटेनर में ही डालें। उन्होंने कहा कि ’’स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त परिसर का निर्माण जनभागीदारी से ही संभव है’’ तथा प्रत्येक व्यक्ति का छोटा प्रयास पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा योगदान बन सकता है।
समझौते के तहत कंटेनर में एकत्रित प्लास्टिक कचरे का संग्रहण एवं निष्पादन ’’बिसलेरी कंपनी’’ द्वारा किया जाएगा। इस प्लास्टिक का पुनर्चक्रण कर विभिन्न उपयोगी प्लास्टिक उत्पाद तैयार किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि इस पूरी प्रक्रिया में विभाग को किसी प्रकार का आर्थिक व्यय नहीं करना पड़ेगा। यह पहल न केवल प्लास्टिक अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन को बढ़ावा देगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का भी प्रभावी संदेश देगी।
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा बननी चाहिए। यदि प्रत्येक व्यक्ति प्लास्टिक कचरे के उचित निस्तारण का संकल्प ले, तो स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण-अनुकूल समाज का निर्माण सहज रूप से किया जा सकता है।
इस अवसर पर टीआरटीआई की संयुक्त संचालक ’’श्रीमती गायत्री नेताम’’ सहित विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
स्वतंत्रता दिवस पर राज्यपाल श्री डेका ने प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं
रायपुर, 14 अगस्त 2026
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने प्रदेशवासियों एवं देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों तथा देश की सीमाओं की रक्षा में शहीद हुए वीर जवानों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
राज्यपाल ने कहा कि 15 अगस्त 2026 को भारत गौरवशाली 80 वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। यह दिन हमें उन असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान की याद दिलाता है, जिनके अथक प्रयासों से देश को पराधीनता से मुक्ति मिली। महात्मा गांधी, नेताजी सुभाषचंद्र बोस, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद सहित अनेक ज्ञात-अज्ञात सेनानियों का योगदान देश सदैव स्मरण रखेगा। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भी देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा में हमारे वीर सैनिकों और सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस का परिचय दिया है। राष्ट्र उनके त्याग और समर्पण के प्रति सदैव कृतज्ञ रहेगा।
राज्यपाल ने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि युवा अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और नवाचार को देश की प्रगति के लिए समर्पित करें। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से भारत को और अधिक सशक्त, समृद्ध, आत्मनिर्भर एवं गौरवशाली राष्ट्र बनाया जा सकता है।
हर घर तिरंगा अभियान की धूम, बिहान समूह की महिलाओं ने फहराया तिरंगा
रायपुर । हर घर तिरंगा अभियान के तहत जशपुर जिले में राष्ट्रप्रेम और देशभक्ति की एक अद्भुत लहर देखने को मिल रही है। जिले के ग्रामीण अंचल में राष्ट्रीय एकता का संदेश फैलाने की कमान बिहान स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने संभाली है। महिलाओं ने अपने-अपने क्लस्टर और ग्राम पंचायतों में पूरे उत्साह के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराकर इस अभियान की शानदार शुरुआत की।
’8 विकासखंडों के 32 क्लस्टरों की सक्रिय भागीदारी’
अभियान के पहले चरण में जशपुर जिले के सभी 8 विकासखंडों के 32 क्लस्टरों की महिलाओं ने एकजुट होकर सहभागिता दर्ज की। इस दौरान महिलाओं ने सामूहिक रूप से “वंदे मातरम्” के गगनभेदी नारे लगाए, जिससे पूरा ग्रामीण परिवेश देशभक्ति के रंग में रंग गया। जशपुर विकासखंड के घोलेंग क्लस्टर, कुनकुरी विकासखंड के नारायणपुर एवं बंदरचुआ क्लस्टर, मनोरा विकासखंड के आस्था एवं सोनकियारी क्लस्टर, अन्य विकासखंड पत्थलगांव, दुलदुला, बगीचा एवं फरसाबहार के सभी क्लस्टरों की महिलाएं हर घर तिरंगा अभियान में शामिल हुई।
’9 से 17 अगस्त तक आयोजित हो रहा है विशेष अभियान’
जशपुर जिले में यह हर घर तिरंगा अभियान 9 अगस्त से 17 अगस्त तक व्यापक स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान बिहान स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं तिरंगा लहराने के साथ-साथ देशभक्ति गीतों और राष्ट्रगीत के माध्यम से ग्रामीणों में राष्ट्रीय गौरव और एकता की भावना जागृत कर रही हैं।
ग्रामीण महिलाओं की यह अभूतपूर्व भागीदारी न केवल अभियान को जन-जन तक पहुंचा रही है, बल्कि राष्ट्र निर्माण और सामाजिक सहभागिता में नारी शक्ति की सक्रिय भूमिका को भी रेखांकित कर रही है। ग्रामीण इलाकों में महिलाओं की यह सामूहिक उपस्थिति हर घर तिरंगा, हर दिल तिरंगा के संकल्प को पूरी तरह साकार कर रही है।
वंदे मातरम् के जयघोष से गूंजा जशपुर, स्वतंत्रता दौड़ में उमड़ा जनसैलाब
रायपुर । स्वतंत्रता दिवस के पूर्व जशपुर में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना से ओतप्रोत स्वतंत्रता दौड़ का आयोजन किया गया। जशपुर जिला प्रशासन एवं खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस दौड़ में स्कूली बच्चों, युवाओं, जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतिभागियों के ‘वंदे मातरम्’ और ‘भारत माता की जय’ के जयघोष से जशपुर शहर देशभक्ति के रंग में रंग गया।
स्वतंत्रता दौड़ का शुभारंभ जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत एवं कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जयस्तंभ चौक स्थित जिला अस्पताल परिसर से हरी झंडी दिखाकर किया। सुबह 8 बजे प्रारंभ हुई दौड़ बस स्टैंड चौक होते हुए रणजीता स्टेडियम पहुंचकर संपन्न हुई।
स्वतंत्रता दौड़ में शामिल बच्चों और युवाओं का उत्साह बढ़ाते हुए विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने कहा कि आज के बच्चे ही देश का भविष्य हैं। उन्होंने कहा कि 14 अगस्त देश की आजादी की खुशी के साथ भारत विभाजन की पीड़ा को स्मरण करने का अवसर भी है। उन्होंने विभाजन के दौरान अपने प्रियजनों से बिछड़े लोगों और देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर बलिदानियों को नमन किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत में नागरिकों को शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय और अपनी प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध हैं। सशक्त और समृद्ध भारत के निर्माण के लिए बच्चों को अच्छी शिक्षा और संस्कारों पर ध्यान देना चाहिए तथा युवाओं को नशे से दूर रहकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प लेना चाहिए।
स्वतंत्रता दौड़ के साथ नशामुक्त भारत का संदेश
कार्यक्रम के दौरान ‘नशामुक्त भारत’ अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं नागरिकों को नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने की शपथ दिलाई गई। उपस्थित लोगों ने देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण रखने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प भी लिया।
स्वतंत्रता दौड़ ने जशपुर में देशभक्ति, सामाजिक एकता और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश देते हुए स्वतंत्रता दिवस के उत्सव को नई ऊर्जा प्रदान की। बच्चों और युवाओं की बड़ी भागीदारी ने यह संदेश दिया कि राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में नई पीढ़ी की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष जशपुर श्री गंगाराम भगत, एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, डीएफओ श्री शशि कुमार सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, विद्यार्थी, युवा, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और नागरिक शामिल हुए। एनसीसी, स्काउट एवं गाइड, राष्ट्रीय सेवा योजना, रेडक्रॉस, पुलिस बल, वन विभाग, विभिन्न खेल संघों तथा मीडिया प्रतिनिधियों ने भी स्वतंत्रता दौड़ में सहभागिता की।
प्रदेश में 9.17 लाख से अधिक निर्माण श्रमिक पंजीकृत, 14.44 लाख से अधिक हितग्राहियों को डीबीटी के माध्यम से सहायता
रायपुर । छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में निर्माण श्रमिकों के पंजीयन, ई-केवाईसी, पंजीयन नवीनीकरण तथा विभिन्न श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत हितलाभ वितरण की प्रक्रिया पूरी तरह सुचारु और निरंतर जारी है। मंडल ने कहा है कि श्रमिकों को योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है तथा किसी भी पात्र हितग्राही को योजनाओं से वंचित नहीं होने दिया जाएगा।
मंडल के अनुसार वर्ष 2024-25 से लेकर वर्तमान तक प्रदेश में 9 लाख 17 हजार 738 निर्माण श्रमिकों का पंजीयन किया जा चुका है। इसी अवधि में 6 लाख 13 हजार 930 श्रमिकों के पंजीयन का नवीनीकरण भी किया गया है। निर्माण श्रमिकों की सुविधा के लिए पंजीयन की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन बनाया गया है। श्रमिक लोक सेवा केंद्र, श्रम संसाधन केंद्र, जिला श्रम कार्यालय अथवा ’’श्रमेव जयते मोबाइल एप’ के माध्यम से आसानी से आवेदन कर सकते हैं।
मंडल ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार ई-केवाईसी अभियान भी निरंतर संचालित किया जा रहा है। अब तक 93 हजार 433 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 65 हजार 894 प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है। शेष आवेदनों की नियमानुसार जांच की जा रही है। साथ ही जिन श्रमिकों ने अभी तक अपने पंजीयन का नवीनीकरण नहीं कराया है, उन्हें भी लगातार प्रेरित किया जा रहा है ताकि वे योजनाओं का लाभ निर्बाध रूप से प्राप्त कर सकें।
मंडल ने जानकारी दी कि 17 सितंबर 2024 से सभी पात्र श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं की सहायता राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सीधे उनके आधार लिंक बैंक खातों में भेजी जा रही है। मुख्यमंत्री साइकिल सहायता योजना, औजार सहायता योजना, सिलाई सहायता योजना तथा सुरक्षा उपकरण सहायता योजना सहित सामग्री आधारित योजनाओं के माध्यम से अब तक 1 लाख 99 हजार 626 श्रमिकों को लाभान्वित किया जा चुका है।
इसके अतिरिक्त महतारी जतन योजना, नौनीहाल छात्रवृत्ति योजना, मेधावी शिक्षा सहायता योजना, मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना, श्रमिक सियान सहायता योजना, बच्चों के लिए निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक-कॉपी सहायता, आवास सहायता तथा पेंशन सहायता जैसी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी लगातार पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जा रहा है। वर्ष 2024-25 से अब तक 14 लाख 44 हजार 870 निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों को डीबीटी के माध्यम से सहायता राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है।
मंडल ने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्माण श्रमिकों के पंजीयन, नवीनीकरण और ई-केवाईसी की प्रक्रिया बंद नहीं हुई है। ऑनलाइन पोर्टल पर यदि किसी प्रकार की तकनीकी समस्या आती है तो उसका त्वरित निराकरण किया जाता है। जिन पंजीकृत श्रमिकों की ई-केवाईसी लंबित है, उनके आवेदन लगातार स्वीकार किए जा रहे हैं और ई-केवाईसी पूर्ण होते ही पात्रता के अनुसार संबंधित योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाएगा।
मंडल ने निर्माण श्रमिकों से अपील की है कि वे समय पर अपना पंजीयन एवं नवीनीकरण कराएं, ई-केवाईसी पूर्ण करें तथा शासन द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं।
चिरायु योजना ने एक मासूम बच्चे के जीवन में फिर से सुनने की खुशियां लौटाई
रायपुर । राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं मुख्यमंत्री चिरायु योजना ने एक मासूम बच्चे के जीवन में फिर से सुनने की खुशियां लौटाई हैं। राजनांदगांव जिले के मयंक ने करीब डेढ़ वर्ष की उम्र में अपनी सुनने की क्षमता खो दी थी। परिवार के लिए यह स्थिति बेहद कठिन थी, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की तत्परता और शासकीय योजनाओं के प्रभावी समन्वय से मयंक को उपचार की नई उम्मीद मिली। आरबीएसके टीम ने बच्चे की स्थिति का परीक्षण करने के बाद आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी की और परिवार से समन्वय करते हुए बिना समय गंवाए मयंक को देश की प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्था एम्स में उपचार के लिए रिफर किया। वहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में मयंक का कोक्लियर इम्प्लांट ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया।
ऑपरेशन के बाद वह भावुक क्षण आया, जिसका इंतजार मयंक के माता-पिता लंबे समय से कर रहे थे। जब पहली बार कोक्लियर इम्प्लांट मशीन को चालू किया गया, तो मयंक ने अपने माता-पिता की आवाज पहली बार सुनी। अपने बच्चे के चेहरे पर सुनने की प्रतिक्रिया देखकर माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू छलक उठे। यह भावुक पल मुख्यमंत्री चिरायु योजना की सफलता और स्वास्थ्य विभाग की तत्परता की जीवंत मिसाल बन गया।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऑपरेशन के बाद मयंक के स्वास्थ्य की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद उसे आगे के उपचार एवं पुनर्वास के लिए सीआरसी (क्षेत्रीय पुनर्वास केन्द्र) भेजा गया है। यहां विशेषज्ञों की देखरेख में मयंक को स्पीच एवं हियरिंग थेरेपी दी जा रही है, ताकि वह आवाजों को बेहतर ढंग से समझ सके और सामान्य बच्चों की तरह बोलना सीख सके। मयंक की कहानी यह बताती है कि समय पर पहचान, उचित मार्गदर्शन और शासकीय स्वास्थ्य योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किसी बच्चे के जीवन में कितना बड़ा बदलाव ला सकता है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम और मुख्यमंत्री चिरायु योजना के माध्यम से मिला उपचार मयंक के लिए केवल चिकित्सा सुविधा नहीं, बल्कि उसकी खामोश दुनिया में जिंदगी के सुरों की नई शुरूआत है।
तिरंगा यात्रा में लोगों ने राष्ट्रीय एकता, अखंडता और देशप्रेम का संदेश दिया
रायपुर । हर घर तिरंगा’ अभियान एवं भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर जांजगीर-चांपा जिला मुख्यालय में आज भव्य ‘हर घर तिरंगा यात्रा’ का आयोजन किया गया। शहीद स्मारक, कचहरी चौक जांजगीर से पीएम श्री स्वामी आत्मानंद शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जांजगीर तक निकली तिरंगा यात्रा में जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों, विद्यार्थियों, खिलाड़ियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। हाथों में तिरंगा लेकर देशभक्ति के नारों के साथ आगे बढ़ते लोगों ने राष्ट्रीय एकता, अखंडता और देशप्रेम का संदेश दिया।
शहीदों और विभाजन पीड़ितों को दी श्रद्धांजलि
तिरंगा यात्रा के शुभारंभ से पहले कचहरी चौक स्थित शहीद स्मारक पर देश के अमर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर वर्ष 1947 के विभाजन के दौरान पीड़ा झेलने वाले तथा अपने प्राणों का बलिदान देने वाले नागरिकों को भी स्मरण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि विभाजन की त्रासदी देश के इतिहास का एक पीड़ादायक अध्याय है। नई पीढ़ी को इससे सीख लेते हुए आपसी भाईचारा, सामाजिक सद्भाव, राष्ट्रीय एकता और अखंडता को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
सांसद ने दिलाई तिरंगा एवं राष्ट्रीय एकता की शपथ
कार्यक्रम के दौरान सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े ने उपस्थित जनसमुदाय को तिरंगा प्रतिज्ञा एवं राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई। उन्होंने राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं संप्रभुता की रक्षा तथा देशहित में सदैव योगदान देने का संकल्प दिलाया। उन्होंने नागरिकों से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत अपने घरों में तिरंगा फहराने और राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान एवं गौरव की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया।
तिरंगा यात्रा के दौरान पूरे मार्ग में देशभक्ति के नारों से वातावरण राष्ट्रप्रेम से सराबोर रहा। बड़ी संख्या में शामिल विद्यार्थियों और नागरिकों ने उत्साह के साथ तिरंगा लहराते हुए राष्ट्रीय एकता एवं देशभक्ति का संदेश दिया। यात्रा ने स्वतंत्रता दिवस के उत्सव को जनभागीदारी का स्वरूप देते हुए जिले में राष्ट्रप्रेम और सामाजिक सद्भाव की भावना को और मजबूत किया।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह, पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री नारायण चंदेल, जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रेखा देवा गढ़ेवाल, उपाध्यक्ष श्री मोहन यादव, कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे, पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पांडेय, सहित पार्षदगण, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, अधिकारी कर्मचारी, खिलाड़ी, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और नागरिक उपस्थित रहे।
शिविरों में ऑन-द-स्पॉट बन रहे आयुष्मान, आधार और वय वंदन कार्ड हजारों ग्रामीणों को मिल रहा सीधा लाभ
रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल और वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशों के परिपालन में सुकमा जिले के दूरस्थ जनजातीय गांवों में चलाए जा रहे ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिल रही है। जिन छोटी-छोटी सरकारी सेवाओं के लिए पहले ग्रामीणों को ब्लॉक या जिला मुख्यालय का चक्कर लगाना पड़ता था, अब वे सभी सुविधाएं सीधे उनके गांव तक पहुंच रही हैं।
277 आदि सेवा केंद्रों में तीन दिवसीय शिविर
कलेक्टर सुकमा श्री अमित कुमार के निर्देशन में सुकमा जिले के सभी 277 आदि सेवा केंद्रों में 13 से 15 अगस्त तक तीन दिवसीय जनसुनवाई एवं सेवा-संतृप्ति शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों में ग्रामीणों की समस्याओं की सुनवाई कर कई मामलों का मौके पर ही निपटारा किया जा रहा है।
2,600 से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी
14 अगस्त शाम 4 बजे तक शिविरों में ही 2,600 से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। आयुष्मान कार्ड के साथ-साथ आधार कार्ड और वय वंदन कार्ड जैसी अति-आवश्यक सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। अब तक सरकारी योजनाओं से छूटे हुए पात्र हितग्राहियों की पहचान कर मौके पर ही उनके दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों का समय और धन दोनों बच रहा है।
आदि सेवा स्वयंसेवकों की सराहनीय भूमिका और डिजिटल मॉनिटरिंग
इस अभियान को सफल बनाने में 'आदि सेवा स्वयंसेवक' महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वे घर-घर जाकर ग्रामीणों को शिविरों की जानकारी दे रहे हैं और उन्हें संबंधित स्टॉल तक पहुंचाने में मदद कर रहे हैं। वहीं, व्यवस्था को पारदर्शी और प्रभावी बनाए रखने के लिए अधिकारियों द्वारा शिविरों की लगातार डिजिटल मॉनिटरिंग की जा रही है।
15 अगस्त को होगा ध्वजारोहण
15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिले के सभी आदि सेवा केंद्रों में ध्वजारोहण, राष्ट्रगान और सामुदायिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिससे गांवों तक सेवा के साथ राष्ट्रभक्ति का संदेश भी पहुंचेगा। आदि कर्मयोगी अभियान सुकमा के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में शासन और आम जनता के बीच विश्वास का एक मजबूत सेतु साबित हो रहा है।
भारी बारिश के बीच 500 मीटर लंबे तिरंगे के साथ निकली भव्य तिरंगा यात्रा, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े हुईं शामिल
रायपुर । स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर चलाए जा रहे ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत सूरजपुर जिला मुख्यालय में भारी बारिश के बीच भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। महिला एवं बाल विकास मंत्री तथा भटगांव विधायक श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े इस तिरंगा यात्रा में शामिल हुईं। 500 मीटर लंबे विशाल तिरंगे के साथ निकली यात्रा में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, युवा, महिलाएं, बुजुर्ग, एनसीसी कैडेट, स्कूली एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थी तथा नागरिक उत्साहपूर्वक शामिल हुए।
संयुक्त जिला कार्यालय से प्रारंभ हुई तिरंगा यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए रंगमंच मैदान पहुंची। यात्रा के दौरान ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के जयघोष से पूरा सूरजपुर राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग गया। तेज बारिश के बावजूद नागरिकों का उत्साह कम नहीं हुआ और हाथों में तिरंगा लिए बड़ी संख्या में लोग यात्रा में शामिल रहे।
इस अवसर पर मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने वीर शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए कहा कि तिरंगा देश की आन, बान और शान के साथ-साथ एकता, संप्रभुता और अखंडता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि तिरंगा हमें उन वीर जवानों की शहादत की याद दिलाता है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने और अपनी प्रतिभा एवं ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग देश की प्रगति के लिए करने का आह्वान किया।
तिरंगा यात्रा में विधायक श्री भूलन सिंह मरावी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणि पैकरा, पूर्व विधायक श्रीमती रजनी रविशंकर त्रिपाठी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती रेखा राजलाल राजवाड़े, जनपद अध्यक्ष श्रीमती स्वाति सिंह, कलेक्टर श्रीमती रेना जमील, पुलिस अधीक्षक श्री योगेश पटेल तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विजेंद्र सिंह पाटले सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और अधिकारी उपस्थित रहे।
महतारी वंदन योजना: रक्षाबंधन से पहले मिली महतारी वंदन की सौगात, महिलाओं के चेहरे खिले
रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से महतारी वंदन योजना का संचालन किया जा रहा है। मुंगेली जिले की अनेक महिलाएं इस राशि का उपयोग स्वरोजगार एवं परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में कर रही हैं। इसी कड़ी में रक्षाबंधन के पहले मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा योजना की 30वीं किस्त के रूप में पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 01 हजार रूपए की राशि अंतरित की गई। योजना के तहत अब तक प्रत्येक पात्र महिला को 30 किस्तों में कुल 30 हजार रूपए की आर्थिक सहायता मिल चुकी है। त्योहार से पहले खाते में राशि पहुंचने से महिलाओं में विशेष खुशी का माहौल है।
जिले के लोरमी तहसील अंतर्गत ग्राम झाफल निवासी श्रीमती मंजू राजपूत ने बताया कि योजना के माध्यम से नियमित रूप से मिलने वाली राशि परिवार के लिए आर्थिक संबल बनी है। श्रीमती मंजू राजपूत इस राशि का उपयोग खेती-किसानी से जुड़े कार्यों में करती हैं, जिससे कृषि कार्यों में आवश्यक खर्च पूरा करने में परिवार को मदद मिलती है। महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि ने महिलाओं को अपनी जरूरतों के साथ-साथ परिवार की आर्थिक आवश्यकताओं में योगदान देने का अवसर दिया है। नियमित आर्थिक सहायता से खेती-किसानी के कार्यों में सहयोग मिलता है और परिवार के खर्चों का बोझ भी कुछ हद तक कम होता है।
महतारी वंदन योजना महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ उनके आत्मविश्वास और आर्थिक भागीदारी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना की राशि का उपयोग महिलाएं अपनी जरूरतों, परिवार के खर्च और आजीविका से जुड़े कार्यों में कर रही हैं। इससे परिवार की आर्थिक व्यवस्था में महिलाओं की भूमिका और भागीदारी को भी मजबूती मिल रही है। श्रीमती मंजू राजपूत ने योजना का लाभ मिलने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रक्षाबंधन जैसे पर्व से पहले खाते में राशि मिलना खुशी की बात है। नियमित रूप से मिलने वाली यह सहायता उनके परिवार के लिए उपयोगी साबित हो रही है और खेती-किसानी के कार्यों में भी सहयोग दे रही है।
देश के रक्षको को नन्हे नन्हे बच्चों ने भेजा रक्षा सूत्र
प्रत्युषा फाउंडेशन रायपुर छत्तीसगढ़ रॉयल कॉन्वेंट हाई स्कूल दीनदयाल उपाध्याय नगर रायपुर के संयुक्त तत्वाधान में बच्चों द्वारा इस रक्षाबंधन पर देश की सीमा में भारत माता की रक्षा में तैनात हमारे जाबाज़ सैनिकों को अपने हाथों से बहुत ही सुंदर -सुंदर राखियाँ अपने हाथों से बनाकर और साथ ही तिलक करने के लिए देश की मिट्टी ,अक्षत, रोली , और मुंह मीठा करने के लिए चॉकलेट का पैकेट तैयार करके बच्चों ने प्रत्युषा फाउंडेशन को सौपा। गर्व का विषय है कि बच्चों ने यह सब अपने जेब खर्च से तैयार किया, और उनके नाम संदेश और धन्यवाद ज्ञापित किया कि आप हमारी रक्षा के लिए त्योहारों में भी परिवार के साथ नहीं बल्कि सीमाओं पर पहरा दे रहे होते है और आप सभी फौजी भाइयों की वजह से हम सभी को अपने घरों में त्योहारों की खुशियां मिलती है ये सभी संदेश फौजी भाइयों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी प्रत्युषा फाउंडेशन की संस्थापिका प्रीति दास मिश्रा ने ली है।
उप मुख्यमंत्री साव के नेतृत्व में 14 गांवों में निकली भव्य तिरंगा यात्रा, गूंजा देशभक्ति का जयघोष
रायपुर । उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के नेतृत्व में लोरमी क्षेत्र के कई गांवों में मोटर साइकिल से तिरंगा यात्रा निकाली। गांवों की सड़कों और चौक-चौराहों से गुजरती यात्रा में देशभक्ति का गजब का उत्साह दिखाई दिया। भारत माता की जय और वंदे मातरम् के जयघोष से गांव गूंज उठे।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने लोरमी के पुराना बस स्टैंड तहसील चौक झंझपुरी से अनेक गांव होते हुए दाऊकापा तक तिरंगा यात्रा निकाली, जो ग्राम डोंगरिया, उरईकछार, अखरार, सारिसताल, धनियाडोली, अमलडीही, गोड़खाम्ही और बोड़तराकला होते हुए आगे बढ़ी। गांवों की गलियों और ग्रामीण रास्तों पर लहराते तिरंगे ने देशभक्ति का संदेश दिया। ग्रामीणों ने उत्साह के साथ यात्रा का स्वागत किया।
यात्रा हरदी, खेकतरा और खैरवार होते हुए दाऊकापा पहुंची। जगह-जगह तिरंगे के प्रति सम्मान और देशप्रेम का भाव दिखाई दिया। तिरंगे की शान में बढ़ता हर कदम देश की एकता और अखंडता का संदेश दे रहा था।
दाऊकापा में तिरंगा यात्रा का समापन हुआ। इस दौरान देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में हर नागरिक की भागीदारी का संकल्प लिया।
लोरमी में गूंजा विजयी विश्व तिरंगा प्यारा
उप मुख्यमंत्री श्री साव के नेतृत्व में लोरमी में भी मातृभूमि के प्रेम से सराबोर तिरंगा यात्रा निकली। मानस मंच से शुरू हुई यात्रा नगर के मुंगेली चौक, हटरी चौक, नया बस स्टैंड, गुरुद्वारा चौक, पुराना बस स्टैंड से होकर गुजरी। इस दौरान भारत माता की जय और वंदे मातरम् के जयघोष से पूरा नगर गूंज उठा। नगरवासियों ने उत्साह के साथ यात्रा में सहभागिता की। हर ओर तिरंगे के प्रति सम्मान और देश के प्रति गर्व का भाव दिखाई दिया।
वीर शहीदों के सपनों का भारत बनाने का लिया संकल्प
श्री साव ने कहा कि तिरंगा यात्रा वीर शहीदों को नमन करने और उनके बलिदान को याद करने का अवसर है। यह भारत माता के सम्मान और घर-घर देशभक्ति का संदेश पहुंचाने का संकल्प है। वीर शहीदों के सपनों को साकार करने की जिम्मेदारी हम सभी की है। आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में हर नागरिक को योगदान देना है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। हमें भी कदम से कदम मिलाकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी है। एक नागरिक एक कदम आगे बढ़ाएगा, तो देश 140 करोड़ कदम आगे बढ़ेगा।
तिरंगा यात्रा में लोरमी नगर पालिका के अध्यक्ष श्री सुजीत वर्मा, जनपद अध्यक्ष श्रीमती वर्षा सिंह, जिला पंचायत सदस्य सुश्री रत्ना काटले, श्रीमती अनिता साहू, श्री धनीराम यादव और श्री ज्योतिनंदन दुबे सहित पार्षदगण, एल्डरमैन, स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए।
राष्ट्र, समाज और सनातन संस्कृति के प्रति दिलीप सिंह जूदेव का समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा:मुख्यमंत्री साय
रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में श्रद्धेय स्वर्गीय श्री दिलीप सिंह जूदेव जी की पुण्यतिथि पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया और राष्ट्र एवं समाज के प्रति उनके योगदान का स्मरण किया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि श्रद्धेय दिलीप सिंह जूदेव जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्र, समाज और सनातन संस्कृति के प्रति समर्पित रहा। जनजातीय समाज के हितों की रक्षा, उनके स्वाभिमान और सामाजिक जागरण के लिए उन्होंने आजीवन कार्य किया। समाज के अंतिम व्यक्ति के प्रति उनकी संवेदनशीलता और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने उन्हें जन-जन के हृदय में विशिष्ट स्थान दिलाया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री जूदेव जी का छत्तीसगढ़ की माटी और यहां के लोगों से गहरा आत्मीय जुड़ाव था। विशेष रूप से जनजातीय अंचलों में उन्होंने समाज को संगठित करने, लोगों में आत्मविश्वास जगाने और उनकी आवाज को मजबूती देने का महत्वपूर्ण कार्य किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री जूदेव जी का जीवन राष्ट्रसेवा, सामाजिक सरोकार और अपनी संस्कृति एवं परंपराओं के प्रति अटूट निष्ठा का प्रेरक उदाहरण है। उनके विचार और आदर्श आने वाली पीढि़यों को समाज एवं राष्ट्र के लिए समर्पित भाव से कार्य करने की प्रेरणा देते रहेंगे।इस अवसर पर श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती प्रियंवदा सिंह जूदेव, प्रसिद्ध निर्माता-निर्देशक डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी तथा छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा उपस्थित थे।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आवश्यक स्वतंत्र भारत के मशालवाहक
श्री सी. पी. राधाकृष्णन
भारतीय इतिहास, संस्कृति और साहित्य को जन-जन तक पहुंचाने में डॉ. द्विवेदी का योगदान उल्लेखनीय:सीएम साय
रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में प्रसिद्ध निर्माता-निर्देशक एवं अभिनेता पद्मश्री डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने डॉ. द्विवेदी का शॉल एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर आत्मीय अभिनंदन किया। इस दौरान दोनों के बीच भारतीय इतिहास, संस्कृति, साहित्य तथा सिनेमा सहित विभिन्न विषयों पर आत्मीय चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारतीय सिनेमा और टेलीविजन ने हमारी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने अपने सृजन के माध्यम से भारतीय इतिहास, संस्कृति और साहित्य को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से जन-जन तक पहुंचाया है। उनके द्वारा ऐतिहासिक और साहित्यिक विषयों को गंभीर शोध, संवेदनशीलता और सशक्त प्रस्तुति के साथ पर्दे पर उतारने का कार्य उल्लेखनीय है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने दूरदर्शन के लोकप्रिय धारावाहिक ‘चाणक्य’ का उल्लेख करते हुए कहा कि आचार्य चाणक्य के व्यक्तित्व, उनके राष्ट्रबोध और राजनीतिक दर्शन को डॉ. द्विवेदी ने जिस प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया, उसने देशभर के दर्शकों पर अमिट छाप छोड़ी। उन्होंने कहा कि इतिहास और संस्कृति से जुड़ी ऐसी रचनाएं नई पीढ़ी को अपनी सभ्यता, विरासत और राष्ट्रीय मूल्यों से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम बनती हैं।
डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने मुख्यमंत्री श्री साय के आत्मीय स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया। चर्चा के दौरान छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराओं, साहित्य और ऐतिहासिक विरासत का उल्लेख हुआ। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और जनजातीय परंपराएं प्रदेश की विशिष्ट पहचान हैं। राज्य की लोककला, लोकसाहित्य और गौरवशाली विरासत में सृजन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती प्रियंवदा सिंह जूदेव तथा श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव उपस्थित थे।