छत्तीसगढ़ / रायपुर
मंत्रिपरिषद की बैठक 09 सितम्बर को
रायपुर, 07 सितम्बर 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 09 सितम्बर 2026 को पूर्वान्ह 11: 30 बजे से मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित की गई हैं। यह बैठक मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद कक्ष एम-5/20 में होगी।
सीएम हेल्पलाइन में शिकायत से मनोज एक्का की जॉब कार्ड संबंधी समस्या का हुआ समाधान
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण और शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इसी दिशा में संचालित सीएम हेल्पलाइन आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम बन रही है। सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत मोहनपुर निवासी मनोज एक्का की जॉब कार्ड संबंधी समस्या का समाधान सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराने के बाद किया गया।
स्थान बदला तो जॉब कार्ड की आई समस्या
मनोज एक्का ने बताया कि वे पूर्व में ग्राम सोनपुर कला में निवास करते थे, जहां उनका जॉब कार्ड बना हुआ था। बाद में वे मोहनपुर में घर-जमाई के रूप में रहने लगे। निवास स्थान बदलने के बाद मोहनपुर में उनका जॉब कार्ड उपलब्ध नहीं था। इसके कारण उन्हें वर्तमान निवास क्षेत्र में ग्रामीण रोजगार से जुड़ी प्रक्रिया का लाभ लेने में कठिनाई हो रही थी।
स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों से जुड़ने के लिए जॉब कार्ड आवश्यक होने के कारण एक्का ने अपनी समस्या के निराकरण के लिए सीएम हेल्पलाइन का सहारा लिया।
शिकायत दर्ज होते ही शुरू हुई कार्रवाई
मनोज एक्का ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कर मोहनपुर में जॉब कार्ड बनाए जाने का अनुरोध किया। शिकायत संबंधित विभाग के संज्ञान में आने के बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी की गई। इसके पश्चात मोहनपुर में श्री एक्का का जॉब कार्ड तैयार कर जारी कर दिया गया।
जॉब कार्ड जारी होने से अब श्री एक्का अपने वर्तमान निवास क्षेत्र में ग्रामीण रोजगार से संबंधित अवसरों से जुड़ सकेंगे। इससे उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार प्राप्त करने में सुविधा होगी और परिवार की आजीविका को भी सहारा मिलेगा।
समस्या का समाधान होने पर जताया आभार
लंबे समय से बनी समस्या का समाधान होने पर मनोज एक्का ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि मोहनपुर में जॉब कार्ड नहीं होने के कारण उन्हें परेशानी हो रही थी। सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराने के बाद उनकी समस्या का समाधान हुआ और अब उनका जॉब कार्ड बनकर जारी हो चुका है।
श्री एक्का ने समस्या के निराकरण के लिए शासन-प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं को सुनने और उनका समाधान करने की व्यवस्था से उन्हें प्रत्यक्ष लाभ मिला है।
जनसमस्याओं के निराकरण का प्रभावी माध्यम
सीएम हेल्पलाइन शासन और नागरिकों के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके जरिए नागरिक विभिन्न विभागों एवं शासकीय योजनाओं से संबंधित अपनी समस्याएं और शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। शिकायत प्राप्त होने के बाद संबंधित विभाग द्वारा प्रकरण का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाती है।
मनोज एक्का का जॉब कार्ड जारी होना इस बात का उदाहरण है कि नागरिकों की स्थानीय स्तर की समस्याओं के निराकरण के लिए सीएम हेल्पलाइन प्रभावी भूमिका निभा रही है। समस्या के समाधान से जहां एक्का को राहत मिली है, वहीं अब वे अपने वर्तमान निवास क्षेत्र में ग्रामीण रोजगार के अवसरों से जुड़ने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।
युवा किसान अंकित ने मछली-मुर्गी पालन और बागवानी को जोड़कर तैयार किया एकीकृत कृषि मॉडल
रायपुर । खेती में बदलाव केवल नई तकनीक से नहीं, बल्कि नई सोच से भी आता है। जशपुर जिले के ग्राम रतबा के युवा किसान अंकित लकड़ा ने इस बात को अपनी मेहनत और नवाचार से साबित किया है। कभी केवल बारिश के भरोसे धान की खेती करने वाले अंकित ने आज अपने खेत को मछली पालन, मुर्गी पालन, बागवानी और बहुफसली खेती से जोड़कर आय के कई स्रोत तैयार कर लिए हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानों को कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय के अवसर बढ़ाने के लिए संचालित योजनाओं का लाभ अंकित को भी मिला है। योजनाओं से मिली सहायता और अपनी मेहनत के बल पर उन्होंने पारंपरिक खेती को आधुनिक और बहुआयामी कृषि मॉडल में बदलने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
धान की खेती से शुरू हुआ सफर, अब खेत में कई गतिविधियां
अंकित लकड़ा बताते हैं कि पहले वे मुख्य रूप से बरसात के मौसम में धान की खेती करते थे। खेती से होने वाली आय को बढ़ाने के लिए उन्होंने कृषि और मत्स्य विभाग से जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने अपने खेत में दो तालाब तैयार कराए और मछली पालन शुरू किया।
तालाब बनने के बाद उनके खेत की तस्वीर ही बदल गई। तालाब के पानी का उपयोग गर्मी के मौसम में सिंचाई के लिए होने लगा। इससे वे अब वर्षा ऋतु के अलावा गर्मी में भी खेती कर पा रहे हैं। साथ ही खेत में आम और लीची सहित विभिन्न फलदार पौधे लगाए गए हैं, जिससे आने वाले समय में बागवानी भी उनकी अतिरिक्त आय का माध्यम बनेगी।
एक ही संसाधन से मछली और मुर्गी पालन का नवाचार
अंकित ने अपने दोनों तालाबों के ऊपर मुर्गी पालन के लिए शेड तैयार किया है। शेड की क्षमता करीब 1,000 से 1,200 मुर्गियों की है। उन्होंने मुर्गी पालन और मछली पालन को आपस में जोड़कर संसाधनों का बेहतर उपयोग करने का तरीका अपनाया है।
मुर्गियों से निकलने वाला अपशिष्ट तालाब में पहुंचकर मछलियों के लिए प्राकृतिक आहार के रूप में उपयोगी होता है। इससे मछली पालन में बाहरी आहार पर होने वाला खर्च कम करने में मदद मिलती है। इस तरह एक ही स्थान पर संचालित दो गतिविधियां एक-दूसरे को सहारा देती हैं और किसान को अतिरिक्त आय के अवसर उपलब्ध कराती हैं।
तालाब की मेड़ पर फलदार पौधे, दोहरा लाभ
अंकित ने तालाब की मेड़ों पर आम सहित अन्य फलदार पौधे भी लगाए हैं। तालाब के पानी से इन पौधों की सिंचाई की जाती है। उनका कहना है कि मेड़ पर पेड़ लगाने से मिट्टी को मजबूती मिलती है और मेड़ के कटाव को रोकने में भी मदद मिलती है। वहीं आम और लीची जैसे फलदार पौधे भविष्य में अतिरिक्त आमदनी का जरिया बनेंगे।
इस प्रकार अंकित ने खेत के प्रत्येक हिस्से का उपयोग उत्पादन और आय बढ़ाने के लिए किया है। तालाब उनके लिए केवल मछली पालन का साधन नहीं, बल्कि सिंचाई, बागवानी और मुर्गी पालन से जुड़ी गतिविधियों का आधार बन गया है।
8 लाख रुपये की अनुदान सहायता से मिला नवाचार को विस्तार
अंकित को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मत्स्य पालन के लिए शासकीय सहायता मिली। मत्स्य विभाग से उन्हें करीब 8 लाख रुपये की अनुदान राशि प्राप्त हुई। इसके साथ पॉन्ड लाइनर, पॉलीथिन, बोर, मोटर और मछली आहार जैसी आवश्यक सामग्री की सुविधा भी मिली।
शासकीय योजना से मिली सहायता ने उनके लिए मछली पालन को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने का रास्ता आसान किया। अंकित बताते हैं कि विभागीय अधिकारियों से मिली जानकारी और मार्गदर्शन से उन्हें आधुनिक तरीके से मत्स्य पालन करने में काफी मदद मिली।
बहुफसली खेती से बढ़े आमदनी के अवसर
अंकित अब अपने खेत को केवल एक फसल तक सीमित नहीं रखते। मछली पालन और मुर्गी पालन के साथ वे अलग-अलग मौसम में विभिन्न फसलों की खेती और बागवानी कर रहे हैं। तालाब के पानी की उपलब्धता ने उन्हें गर्मी में भी खेती करने का अवसर दिया है।
इस बहुआयामी मॉडल से उन्हें सालभर अपने खेत से उत्पादन प्राप्त करने और आय के अलग-अलग स्रोत विकसित करने का अवसर मिल रहा है। उनके खेत में कृषि के साथ पशु एवं मत्स्य आधारित गतिविधियों का समन्वय ग्रामीण क्षेत्रों में एकीकृत कृषि प्रणाली की उपयोगिता को भी दर्शाता है।
युवाओं के लिए खेती बना रहे हैं आकर्षक विकल्प
अंकित लकड़ा की कहानी उन ग्रामीण युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो खेती को केवल पारंपरिक तरीके से करने के बजाय इसे आधुनिक व्यवसाय के रूप में अपनाना चाहते हैं। उनका अनुभव बताता है कि उपलब्ध भूमि और पानी जैसे संसाधनों का बेहतर नियोजन, शासकीय योजनाओं की जानकारी और मेहनत के साथ खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।
अंकित की पहल यह संदेश देती है कि खेती में नवाचार, योजनाओं का सही उपयोग और विभिन्न कृषि गतिविधियों का समन्वय किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में प्रभावी कदम साबित हो सकता है। उनका खेत अब सिर्फ फसल उत्पादन की जगह नहीं, बल्कि ग्रामीण उद्यमिता और आत्मनिर्भरता की एक प्रेरक मिसाल बन गया है।
आत्मनिर्भरता की नई मिसाल- खेतों से मशरूम उत्पादन तक मिथिला दीदी ने लिखी सफलता की नई कहानी
स्व-सहायता समूह के सहयोग से 1.5 लाख की पूंजी से शुरू किया काम, अब हर महीने कमा रही हैं 50 हजार रुपये
रायपुर, 07 सितम्बर 2026

पारंपरिक कृषि पर निर्भरता से निकलकर आत्मनिर्भरता की राह पकड़ने वाली ग्रामीण महिलाओं की सूची में अब सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत खोरीगांव की मिथिला नायक दीदी का नाम भी जुड़ गया है। अपनी कड़ी मेहनत, सूझबूझ और शासकीय योजनाओं के सही क्रियान्वयन के बदौलत मिथिला दीदी ने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को पूरी तरह बदल दिया है।
सीमित आय से आर्थिक मजबूती की ओर’
महिलाओं में आत्मनिर्भरता की जो लहर उठ रही हैए उसका एक प्रेरणादायक उदाहरण बरमकेला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत खोरीगांव की मिथिला नायक दीदी हैए जिनके लिए मशरूम उत्पादन की खेती वरदान साबित हुई है। शुरुआत में परिवार की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए केवल पारंपरिक खेती पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे घर का खर्च चलाना कठिन हो रहा था। इस चुनौती से निपटने के लिए मिथिला दीदी ने अन्नपूर्णा स्व-सहायता समूह से जुड़ने का फैसला किया। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें सखी क्लस्टर संगठन, बुदेली के माध्यम से वित्तीय सहयोग प्राप्त हुआ।
’1 लाख 50 हजार रूपए की शुरुआती पूंजी से सफर का आगाज’
मशरूम उत्पादन का व्यवसाय शुरू करने के लिए उन्होंने सखी क्लस्टर संगठन से ऋण 1 लाख 20 हजार रूपए, अपनी व्यक्तिगत बचत से 30 हजार रूपए इस प्रकार कुल शुरुआती लागतरू 1 लाख 20 हजार रूपए से मशरूम उत्पादन का कार्य शुरू की। शुरुआती दौर में यह कार्य नया था, लेकिन सीखने की ललक और निरंतर प्रयासों से जल्द ही मशरूम उत्पादन एक सफल आजीविका गतिविधि में बदल गया। शुरुआती दौर में तापमान नियंत्रण, मार्केटिंग और तकनीकी जानकारी की कमी जैसी कई समस्याएं सामने आईं। लेकिन मिथिला दीदी ने प्रशिक्षण लेकर और आपसी सहयोग से इन सभी चुनौतियों को अवसर में बदल दिया।
’हर माह 50 हजार रूपए की आय और प्रेरणादायक पहल’
बेहतर गुणवत्ता और उत्पादन के चलते स्थानीय बाजारों में मशरूम की मांग तेजी से बढ़ी। वर्तमान में मिथिला दीदी अपने घर से ही मशरूम उत्पादन कर स्थानीय बाजार में बेचती हैं और प्रतिमाह लगभग 50 हजार रूपए की आमदनी अर्जित कर रही हैं। उनकी यह सफलता आज क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन गई है।
’सुशासन नीति और बेहतर मॉनिटरिंग का परिणाम’
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जिला प्रशासन की सतत् मॉनिटरिंग और जमीनी स्तर पर मार्गदर्शन से सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुँच रहा है, जिससे ग्रामीण महिलाएं स्वरोजगार के नए अवसर गढ़ रही हैं। आज आत्मनिर्भर भारत की सोच को जमीन पर उतारते हुए यह संदेश दे रही है कि छोटे कदम भी बड़े बदलाव ला सकते हैं।
तीज के रंग में रंगा रायपुर प्रेस क्लब, श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने रैंप वॉक कर बढ़ाया महिला पत्रकारों का उत्साह
श्रीमती भावना बोहरा और श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने भी साझा कीं तीज की खुशियां
रायपुर, 7 सितंबर 2026

रायपुर प्रेस क्लब में रविवार को आयोजित महिला पत्रकारों का तीज महोत्सव पारंपरिक उल्लास, उमंग और आत्मीयता के रंगों से सराबोर रहा। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने शामिल होकर महिला पत्रकारों का उत्साह बढ़ाया और तीज की खुशियों में सहभागी बनीं। उन्होंने महिला पत्रकारों के साथ विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लेने के साथ पारंपरिक छत्तीसगढ़ी अंदाज में रैंप वॉक भी किया। उनका सहज, आत्मीय और सादगीपूर्ण अंदाज आयोजन के प्रमुख आकर्षणों में रहा।

तीज महोत्सव में राज्यसभा सदस्य श्रीमती लक्ष्मी वर्मा और विधायक श्रीमती भावना बोहरा भी विशेष रूप से शामिल हुईं। श्रीमती भावना बोहरा ने महिला पत्रकारों के साथ रैंप वॉक कर कार्यक्रम की रौनक बढ़ाई, वहीं श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने भी रैंप पर अपनी प्रस्तुति देकर महिला पत्रकारों के साथ तीज की खुशियां साझा कीं। जनप्रतिनिधियों की इस आत्मीय सहभागिता से महिला पत्रकारों का उत्साह और बढ़ा।
पारंपरिक परिधानों में दिखा सादगी और आत्मविश्वास
महोत्सव का सबसे खास आकर्षण रैंप वॉक रहा। महिला पत्रकारों ने पारंपरिक परिधानों में सादगी, सौंदर्य और आत्मविश्वास के साथ रैंप पर अपनी प्रस्तुति दी। वहीं श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े का सिर पर पल्लू लेकर पारंपरिक छत्तीसगढ़ी अंदाज में रैंप पर उतरना विशेष रूप से सराहा गया। इस दौरान पूरे परिसर में उत्साह और तालियों की गूंज सुनाई दी।
खेल-प्रतियोगिताओं और मनोरंजन ने बढ़ाई महोत्सव की रौनक
तीज महोत्सव के दौरान महिला पत्रकारों के लिए विभिन्न मनोरंजक खेल और प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। महिला पत्रकारों ने उत्साहपूर्वक इनमें हिस्सा लिया और हंसी-मजाक तथा मस्ती के बीच आयोजन का आनंद लिया। प्रतियोगिताओं के दौरान प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया गया और उनकी प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया गया।
महिला पत्रकारों के योगदान की श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने की सराहना
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि तीज छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और महिलाओं के उल्लास से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। रायपुर प्रेस क्लब द्वारा महिला पत्रकारों के लिए तीज महोत्सव का आयोजन सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि महिलाएं पत्रकारिता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते हुए समाज की आवाज को मजबूती से सामने रखने का कार्य कर रही हैं। ऐसे आयोजन उन्हें व्यस्त कार्यदायित्वों के बीच आपसी संवाद, आत्मीयता और उत्सव का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने सभी महिला पत्रकारों को तीज पर्व की शुभकामनाएं दीं।
राज्यसभा सदस्य श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने तीज को महिलाओं की खुशियों, आत्मीयता और सांस्कृतिक परंपराओं का पर्व बताते हुए महिला पत्रकारों को शुभकामनाएं दीं। विधायक श्रीमती भावना बोहरा ने कहा कि महिला पत्रकार समाज के महत्वपूर्ण मुद्दों को सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। ऐसे आयोजन महिलाओं को साथ मिलकर खुशियां साझा करने और आपसी सहभागिता को मजबूत करने का अवसर देते हैं।
महिला पत्रकारों को दिए गए रिटर्न गिफ्ट
कार्यक्रम के समापन पर सभी महिला पत्रकारों को रिटर्न गिफ्ट प्रदान किए गए। उपहार पाकर महिला पत्रकारों में खासा उत्साह देखने को मिला। तीज के पारंपरिक रंग, रैंप वॉक की आकर्षक प्रस्तुतियां, खेल-प्रतियोगिताएं और आत्मीय मेलजोल ने पूरे प्रेस क्लब परिसर को उत्सव के माहौल में बदल दिया।
कार्यक्रम में रायपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष श्री मोहन तिवारी, महासचिव श्री गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष श्री दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष श्री दिनेश यदु, संयुक्त सचिव श्रीमती निवेदिता साहू एवं श्री भूपेश जांगड़े सहित आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाने वाली श्रीमती अमृता शर्मा, श्रीमती प्रियंका कौशल, श्रीमती मीनल शर्मा, श्रीमती आकांक्षा दुबे, श्रीमती विनीता मंडल, श्रीमती सोनल भारद्वाज, श्रीमती सुजाता साहा, श्रीमती अंबिका मिश्रा सहित बड़ी संख्या में महिला पत्रकार एवं प्रेस क्लब सदस्य उपस्थित रहे।
प्रदेश के शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार मिलने पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने दी बधाई
रायपुर । शिक्षक दिवस के अवसर पर महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी के करकमलों से छत्तीसगढ़ के शिक्षकों को ‘राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026’ से सम्मानित किए जाने पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि प्रदेश के शिक्षकों का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होना छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। यह सम्मान शिक्षकों की निष्ठा, समर्पण, नवाचार और शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों का प्रमाण है। शिक्षकों ने अपने ज्ञान, संस्कार और प्रयासों से विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने के साथ प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 से सम्मानित शिक्षकों की उपलब्धि प्रदेश के अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणास्रोत है। उन्होंने सभी सम्मानित शिक्षकों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में इसी तरह उत्कृष्ट कार्य करते रहने के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
ग्रामीण अंचलों और सार्वजनिक स्थलों पर रात के अंधेरे से मिलेगी मुक्ति, सुरक्षा एवं नागरिक सुविधाओं में होगा विस्तार - राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा
मंत्री श्री टंक राम वर्मा की पहल से रोशन होंगे बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र के 43 गांव
2.06 करोड़ रुपये की हाई मास्ट लाइट योजना को प्रशासकीय स्वीकृति जारी
रायपुर, 07 सितंबर 2026
राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा की अनुशंसा पर बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में हाई मास्ट लाइट (High Mast Light) स्थापना हेतु 2 करोड़ 6 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
ग्रामीण अंचल में बुनियादी सुविधाओं और रात्रि में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों की सड़कों, चौराहों और सार्वजनिक स्थलों को रात्रि के समय बेहतर प्रकाश व्यवस्था से आच्छादित करने की दिशा में यह एक बड़ी पहल है।
मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने इस संबंध में कहा कि बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक गांव में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। हाई मास्ट लाइट लगने से ग्रामीण अंचलों में सुरक्षा और सुविधा का नया वातावरण निर्मित होगा। मुख्य चौराहों और प्रमुख स्थलों पर हाई मास्ट लाइट लगने से रात्रि के समय आवागमन सुगम होगा, असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगेगा और गांव की सुंदरता में भी वृद्धि होगी।
’बलौदाबाजार जनपद के 13 गांवों में जगमगाएंगी हाई मास्ट लाइटें’
प्रशासकीय स्वीकृति आदेश के अनुसार जनपद पंचायत बलौदाबाजार के अंतर्गत आने वाले प्रमुख ग्रामों एवं सार्वजनिक स्थलों में हाई मास्ट लाइट की स्थापना की जाएगी। जिसमें ग्राम देवरी, लिमाही, भद्रापाली स्थल-1 और 2, गैतरा, भरसेली, सरकीपार, कोकड़ी, भाटागांव और ग्राम चरोटी प्रत्येक गांव के लिए अलग अलग 5 लाख रुपए तथा मगरचबा स्थान 1 और 2, छेरछटा और ग्राम मगरचबा स्थान 3 - हलवाई खपरी के लिए 2 लाख रुपए स्वीकृत किए गए है।
’बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र के तिल्दा और सिमगा विकासखंड की 15 -15 ग्राम पंचायतों को 1.50 करोड़ रुपये स्वीकृत’
रायपुर और बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों के लिए कुल 1 करोड़ 50 लाख रुपये की विकास राशि स्वीकृत की गई है। इस बजट से रायपुर जिले के तिल्दा और बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सिमगा विकासखंड के अंतर्गत आने वाली 15 -15 ग्राम पंचायतों के लिए स्वीकृति दी गई है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में 5-5 नग हाई मास्ट लाइट की स्थापना के लिए 5 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
तिल्दा विकासखंड के लाभान्वित ग्राम पंचायतों में सरारीडीह, खपरीकला, मोहगांव, निनवा, खैरखुट, चांपा, जोता, भुरसदा, सड्डू, सिनोधा, कोटा, भिलौनी, छपोरा, टोहडा, सतभाँवा शामिल है। इसी तरह सिमगा विकासखंड के लाभान्वित ग्राम पंचायतो में झीपन, भोथाडीह, हिरमी, शिकारी केशली, भालेसुर, रावन, सुहेला, जरौद, नवापारा, जांगड़ा, सकलोर, मोहभट्टा, खिलौरा, बरडीह, कुकराचुंदा शामिल है।
छत्तीसगढ़ में अब तक औसतन 926.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज
रायपुर । छत्तीसगढ़ में मानसून की स्थिति फिलहाल संतुलित बनी हुई है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा 6 सितंबर 2026 की स्थिति में जारी वर्षा के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 1 जून से अब तक औसतन 926.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जबकि पिछले 10 वर्षों के औसत के आधार पर इस अवधि में 920.3 मिलीमीटर वर्षा अपेक्षित थी। इस तरह प्रदेश में अब तक सामान्य की तुलना में 100.7 प्रतिशत वर्षा हो चुकी है। प्रदेश में आज औसतन 0.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। पिछले 10 वर्षों के औसत वार्षिक वर्षापात की तुलना में प्रदेश में अब तक की वर्षा 1238.7 मिलीमीटर के मुकाबले उल्लेखनीय स्थिति में है।
जिलेवार स्थिति देखें तो बलरामपुर में अब तक सर्वाधिक 1,438.0 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य वर्षा की तुलना में 179.4 प्रतिशत है। इसके बाद बीजापुर में 1,236.8 मिलीमीटर, नारायणपुर में 1,285.7 मिलीमीटर, दंतेवाड़ा में 1,083.4 मिलीमीटर, कांकेर में 802.8 मिलीमीटर तथा सुकमा में 857.8 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। वहीं बेमेतरा में अब तक सबसे कम 540.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई है।
प्राप्त आंकड़ों के अनुसार सरगुजा में अब तक 573.7 मिमी वर्षा हुई है, जो सामान्य की 81.7 प्रतिशत है। सूरजपुर में 1109.2 मिमी और 118.6 प्रतिशत, बलरामपुर में 1438.0 मिमी और 179.4 प्रतिशत, जशपुर में 764.5 मिमी और 85.5 प्रतिशत तथा कोरिया में 867.1 मिमी और 104.6 प्रतिशत वर्षा दर्ज की गई है। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1103.6 मिमी वर्षा हुई है, जो सामान्य का 131.6 प्रतिशत है।
राजधानी रायपुर में 1 जून से अब तक 1031.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य का 135.7 प्रतिशत है। बलौदाबाजार में 971.3 मिमी और 116.9 प्रतिशत, गरियाबंद में 1077.0 मिमी और 121.1 प्रतिशत तथा महासमुंद में 1076.0 मिमी और 128.6 प्रतिशत वर्षा दर्ज हुई है। धमतरी में 950.4 मिमी वर्षा हुई है, जो सामान्य की 106.4 प्रतिशत है।
बिलासपुर में अब तक 943.5 मिमी वर्षा दर्ज हुई है, जो सामान्य की 104.1 प्रतिशत है। मुंगेली में 956.0 मिमी और 118.9 प्रतिशत, रायगढ़ में 921.8 मिमी और 93.8 प्रतिशत तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 1107.9 मिमी और 155.7 प्रतिशत वर्षा दर्ज की गई है। जांजगीर-चांपा में 1064.6 मिमी वर्षा हुई है, जो सामान्य का 109.9 प्रतिशत है, जबकि सक्ती में 894.1 मिमी और 102.5 प्रतिशत वर्षा दर्ज की गई है।
कोरबा जिले में अब तक 1026.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य का 104.0 प्रतिशत है। गौरेला-पेंड्रा- मरवाही में 867.6 मिमी और 96.5 प्रतिशत, दुर्ग में 700.5 मिमी और 103.1 प्रतिशत तथा कवर्धा में 595.9 मिमी और 86.1 प्रतिशत वर्षा दर्ज हुई है। राजनांदगांव में 752.0 मिमी वर्षा हुई है, जो सामान्य की 98.9 प्रतिशत है।
इसी तरह मोहला- मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 740.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य की 70.6 प्रतिशत है। खैरागढ़- छुईखदान-गंडई में 619.1 मिमी और 93.8 प्रतिशत, बालोद में 931.4 मिमी और 108.9 प्रतिशत तथा बेमेतरा में 540.6 मिमी और 80.0 प्रतिशत वर्षा हुई है। बस्तर में अब तक 884.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य का 77.0 प्रतिशत है।
कोंडागांव में 801.3 मिमी और 78.7 प्रतिशत, कांकेर में 802.8 मिमी और 63.3 प्रतिशत, नारायणपुर में 1285.7 मिमी और 115.7 प्रतिशत तथा दंतेवाड़ा में 1083.4 मिमी और 90.2 प्रतिशत वर्षा दर्ज की गई है। सुकमा में 857.8 मिमी वर्षा हुई है, जो सामान्य की 67.5 प्रतिशत है, जबकि बीजापुर में सर्वाधिक वर्षा वाले जिलों में शामिल होते हुए अब तक 1236.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। बीजापुर में यह सामान्य वर्षा का 75.7 प्रतिशत है।
कहीं सामान्य से अधिक तो कहीं बारिश की कमी
आंकड़ों से स्पष्ट है कि प्रदेश के कई जिलों में वर्षा सामान्य से अधिक हुई है। बलरामपुर में 179.4 प्रतिशत, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 155.7 प्रतिशत, रायपुर में 135.7 प्रतिशत, मनेंद्रगढ़- चिरमिरी- भरतपुर में 131.6 प्रतिशत, महासमुंद में 128.6 प्रतिशत और गरियाबंद में 121.1 प्रतिशत वर्षा दर्ज की गई है। दूसरी ओर कांकेर में 63.3 प्रतिशत, सुकमा में 67.5 प्रतिशत, मोहला-मानपुर- अंबागढ़ चौकी में 70.6 प्रतिशत, बीजापुर में 75.7 प्रतिशत, बस्तर में 77.0 प्रतिशत तथा कोंडागांव में 78.7 प्रतिशत वर्षा सामान्य से कम रही है।
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में सर्वाधिक 2.5 मिमी, बेमेतरा में 1.3 मिमी, दुर्ग और राजनांदगांव में 1.1-1.1 मिमी, सरगुजा में 0.9 मिमी तथा कोरिया में 0.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई। वहीं सूरजपुर, बलरामपुर, जशपुर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, महासमुंद, बिलासपुर, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, सक्ती, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, नारायणपुर, दंतेवाड़ा और बीजापुर सहित कई जिलों में आज वर्षा शून्य दर्ज की गई।
कुल मिलाकर प्रदेश में औसत वर्षा 100.7 प्रतिशत रहने से राज्य स्तर पर मानसून की स्थिति सामान्य बनी हुई है। हालांकि जिलों के बीच वर्षा के वितरण में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है। कुछ जिलों में सामान्य से काफी अधिक बारिश हुई है, जबकि विशेषकर दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ जिलों में अभी भी सामान्य वर्षा की तुलना में कमी दर्ज की गई है।
छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता की सुगबुगाहट तेज़: दुर्ग संभाग से शुरू होगा जन-संवाद
रायपुर । छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code - UCC) लागू करने की दिशा में राज्य सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी गई है। प्रदेश में UCC का प्रारूप (ड्राफ्ट) तैयार करने के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति अब सीधे ज़मीन पर उतरकर सामाजिक और प्रशासनिक समन्वय साधने में जुट गई है। इसी रणनीति के तहत दुर्ग संभाग के सभी जिलों के प्रमुखों, प्रबुद्ध जनों और जनप्रतिनिधियों के साथ आगामी 8 और 9 सितंबर को एक वृहद समूह चर्चा और परिचयात्मक बैठक आयोजित करने जा रही है।
ज्ञात हो कि समान नागरिक संहिता के दूरगामी प्रभावों और प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए यह संवाद प्रक्रिया शुरू की जा रही है। दो दिनों तक चलने वाले इस मंथन में दुर्ग संभाग के अलग-अलग जिलों को केंद्रित करते हुए बैठकें होंगी। आगामी 8 सितंबर को दुर्ग में दोपहर 12 बजे से आयोजित इस बैठक में दुर्ग, बालोद और बेमेतरा जिले के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसी तरह 9 सितंबर को राजनांदगांव में दोपहर 12 बजे से होने वाली बैठक में राजनांदगांव, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले का प्रतिनिधित्व रहेगा।
हर वर्ग की आवाज़ को ड्राफ्ट में मिलेगी जगह
कानून का खाका तैयार करने में समाज के हर तबके की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए समिति ने एक व्यापक रूपरेखा तैयार की है। इन बैठकों में राजनीतिक दलों, सामाजिक व धार्मिक संगठनों, शिक्षाविदों, पद्म श्री सम्मान से अलंकृत हस्तियों, निगम-मंडल व आयोगों के प्रतिनिधियों तथा प्रतिष्ठित व विशिष्ट नागरिकों को खासतौर पर आमंत्रित किया गया है। इस कवायद का मुख्य उद्देश्य एक ऐसा समावेशी ड्राफ्ट तैयार करना है, जो विधिक और सामाजिक दोनों पैमानों पर राज्य के हर नागरिक के हितों का संरक्षण कर सके।
आत्म उत्क्रांति आध्यात्मिक चातुर्मास 2026 काम की बातें भूल जाते हैं, व्यर्थ की बातें याद रहती हैं : साध्वी मंजुलाश्रीजी टॉक शो में बच्चों ने कलयुग से पूछा, उसकी ताकत और कमजोरी
रायपुर। आत्म उत्क्रांति आध्यात्मिक चातुर्मास 2026 के अंतर्गत श्री जिनकुशल जैन दादाबाड़ी में रविवार को अध्यात्म सार ग्रंथ का पठन करते हुए साध्वी मंजुलाश्रीजी म.सा. ने कषायों के स्वरूप और उनके प्रभाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि काम की बातें किसी को याद नहीं रहतीं, लेकिन व्यर्थ की बातें लोगों को पूरी तरह याद रहती हैं। मनुष्य को यह समझने की जरूरत है कि उसका समय और चिंतन किस दिशा में जा रहा है।
*मानव भव केवल भोग- विलास के लिए नहीं,जीवन को सार्थक बनाओ : मुनिश्री संवेगरत्न सागर म.सा.*
आईजीकेवी रायपुर ने जारी किया बी.एससी. कृषि प्रवेश का नया काउंसिलिंग शेड्यूल
7 और 8 सितम्बर को होगा ऑफलाइन वेरिफिकेशन
रायपुर,सितम्बर 2026
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (आईजीकेवी), रायपुर द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए पी.ए.टी. एवं कक्षा 12वीं के अंकों के आधार पर बी.एससी. (ऑनर्स) कृषि पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु काउंसिलिंग कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। विश्वविद्यालय द्वारा पूर्व में निर्धारित ऑनलाइन पंजीयन एवं दस्तावेज अपलोड करने की प्रक्रिया 03 सितम्बर को पूर्ण हो चुकी है, जिसके बाद अब रिक्त सीटों को भरने की तैयारी की जा रही है।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, कुल 1,951 सीटों में से प्रथम चरण एवं स्पॉट काउंसिलिंग के माध्यम से 1,555 सीटों पर प्रवेश पहले ही पूर्ण हो चुका है। अब शेष बची 396 रिक्त सीटों को भरने के लिए कुल 577 पंजीकृत अभ्यर्थियों के बीच आगामी 07 और 08 सितम्बर 2026 को काउंसलिंग आयोजित की जाएगी। इसके लिए पंजीकृत अभ्यर्थियों का ऑफलाइन दस्तावेज सत्यापन कृषि मंडपम, कृषि महाविद्यालय, रायपुर में प्रातः 9ः00 बजे से शाम 5ः30 बजे तक किया जाएगा, जहां अभ्यर्थियों को स्वयं उपस्थित होकर अपने सभी मूल दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
दस्तावेज सत्यापन के पश्चात विश्वविद्यालय द्वारा 09 सितम्बर 2026 को दोपहर 3ः00 बजे प्रावीण्य (मेरिट) सूची जारी की जाएगी। इसके बाद सीट आवंटन और निर्धारित प्रवेश शुल्क जमा करने के लिए अभ्यर्थियों को केटेगरी के अनुसार कृषि महाविद्यालय, रायपुर में उपस्थित होना होगा। शेड्यूल के मुताबिक, पंजीकृत पी.ए.टी. उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए 10 सितम्बर, कक्षा 12वीं उत्तीर्ण छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों के लिए 11 सितम्बर तथा अन्य राज्यों के कक्षा 12वीं उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए 12 सितम्बर 2026 की तिथि निर्धारित की गई है।
छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता की सुगबुगाहट तेज़: दुर्ग संभाग से शुरू होगा जन-संवाद
8 और 9 सितंबर को बैठकों का दौर
रायपुर, 06 सितंबर 2026
छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code - UCC) लागू करने की दिशा में राज्य सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी गई है। प्रदेश में UCC का प्रारूप (ड्राफ्ट) तैयार करने के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति अब सीधे ज़मीन पर उतरकर सामाजिक और प्रशासनिक समन्वय साधने में जुट गई है। इसी रणनीति के तहत दुर्ग संभाग के सभी जिलों के प्रमुखों, प्रबुद्ध जनों और जनप्रतिनिधियों के साथ आगामी 8 और 9 सितंबर को एक वृहद समूह चर्चा और परिचयात्मक बैठक आयोजित करने जा रही है।
ज्ञात हो कि समान नागरिक संहिता के दूरगामी प्रभावों और प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए यह संवाद प्रक्रिया शुरू की जा रही है। दो दिनों तक चलने वाले इस मंथन में दुर्ग संभाग के अलग-अलग जिलों को केंद्रित करते हुए बैठकें होंगी। आगामी 8 सितंबर को दुर्ग में दोपहर 12 बजे से आयोजित इस बैठक में दुर्ग, बालोद और बेमेतरा जिले के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसी तरह 9 सितंबर को राजनांदगांव में दोपहर 12 बजे से होने वाली बैठक में राजनांदगांव, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले का प्रतिनिधित्व रहेगा।
हर वर्ग की आवाज़ को ड्राफ्ट में मिलेगी जगह
कानून का खाका तैयार करने में समाज के हर तबके की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए समिति ने एक व्यापक रूपरेखा तैयार की है। इन बैठकों में राजनीतिक दलों, सामाजिक व धार्मिक संगठनों, शिक्षाविदों, पद्म श्री सम्मान से अलंकृत हस्तियों, निगम-मंडल व आयोगों के प्रतिनिधियों तथा प्रतिष्ठित व विशिष्ट नागरिकों को खासतौर पर आमंत्रित किया गया है। इस कवायद का मुख्य उद्देश्य एक ऐसा समावेशी ड्राफ्ट तैयार करना है, जो विधिक और सामाजिक दोनों पैमानों पर राज्य के हर नागरिक के हितों का संरक्षण कर सके।
बस्तर की जनता जैसा विकास चाहेगी, वैसा ही होगा: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
बस्तर में विकास को लेकर भ्रम फैलाने वालों से सावधान रहने की अपील, मुख्यमंत्री ने कहा -स्थानीय जनता की इच्छा और हित सर्वोपरि
प्रदेश की बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरा सौभाग्य, एक भाई के नाते उनकी सेवा और सुरक्षा के लिए सदैव संकल्पित - मुख्यमंत्री श्री साय
रायपुर सितंबर 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि बस्तर के विकास की दिशा वहां की जनता की आकांक्षाओं और अपेक्षाओं के अनुरूप ही तय होगी। बस्तर की जनता को किसी प्रकार के भ्रम में रहने की आवश्यकता नहीं है। सरकार क्षेत्र में कृषि, पर्यटन, पशुपालन सहित स्थानीय संभावनाओं के अनुरूप आजीविका और विकास के अवसरों को आगे बढ़ा रही है। बस्तर के लोग जैसा विकास चाहेंगे, सरकार उसी दिशा में आगे बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने निजी समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में विभिन्न सवालों के जवाब देते हुए बस्तर के विकास, नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता और महिला सशक्तीकरण सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से अपनी बात रखी।
बस्तर से जुड़े एक प्रश्न का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दशकों तक नक्सलवाद के कारण बस्तर विकास की मुख्यधारा से पीछे रहा। आज जब नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई निर्णायक मुकाम पर पहुंची है और क्षेत्र में शांति एवं विकास का नया वातावरण बना है, तब कुछ लोग बस्तर की जनता के बीच यह भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं कि नक्सलवाद को समाप्त करने के पीछे सरकार का उद्देश्य बड़े उद्योगों के लिए रास्ता तैयार करना है। मुख्यमंत्री ने इसे स्पष्ट रूप से खारिज करते हुए कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं है। बस्तर का भविष्य वहां की जनता की आकांक्षाओं और इच्छाओं के अनुरूप ही तय होगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जो लोग नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई में कभी साथ नहीं खड़े हुए अथवा प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से उसका समर्थन करते रहे, वे अब नए नैरेटिव के माध्यम से लोगों में भ्रम पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। बस्तर की जनता जागरूक है और ऐसे भ्रामक प्रयासों को भली-भांति समझती है। हमारी सरकार का उद्देश्य बस्तर की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संभावनाओं को आगे बढ़ाते हुए वहां के लोगों के जीवन में समृद्धि लाना है।
उन्होंने कहा कि बस्तर में कृषि को सशक्त करने, पशुपालन को बढ़ावा देने और पर्यटन की अपार संभावनाओं को अवसरों में बदलने की दिशा में सरकार निरंतर काम कर रही है। शांति स्थापित होने के साथ अब दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास पहुंच रहा है और स्थानीय युवाओं के लिए शिक्षा, रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं। हमारा प्रयास है कि बस्तर अपनी विशिष्ट पहचान और समृद्ध संस्कृति को सहेजते हुए विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचे।
बहनों का ‘भैया’ कहना मेरे लिए सबसे बड़ा सौभाग्य
साक्षात्कार के दौरान प्रदेश की बहनों द्वारा विष्णु भैया नाम से पुकारे जाने और बहनों के मुख्यमंत्री से आत्मीय जुड़ाव को लेकर पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश की बहनें उन्हें ‘भैया’ कहकर पुकारती हैं और अपने परिवार का सदस्य मानती हैं। इससे बड़ा सौभाग्य उनके लिए और क्या हो सकता है ? बहनों से मिलने वाला स्नेह और आशीर्वाद उन्हें जनसेवा के लिए निरंतर प्रेरित करता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एक भाई के नाते प्रदेश की बहनों की सेवा, सुरक्षा और उनके जीवन में खुशहाली लाना उनका संकल्प है। सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के साथ उनके सम्मान, स्वाभिमान और सुरक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि प्रदेश की हर बहन को आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलें और वह आत्मविश्वास के साथ अपने परिवार तथा छत्तीसगढ़ की प्रगति में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता का विश्वास और स्नेह ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। सरकार की प्रत्येक नीति और प्रत्येक निर्णय के केंद्र में छत्तीसगढ़ की जनता का हित है।
बस्तर के विकास से लेकर माताओं-बहनों के सशक्तीकरण तक सरकार का संकल्प स्पष्ट है - विकास ऐसा हो, जिसमें जनता की भागीदारी हो, स्थानीय आकांक्षाओं का सम्मान हो और उसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
उप मुख्यमंत्री साव ने बैडमिंटन प्रतियोगिता के विजेताओं को किया पुरस्कृत
रायपुर । बिलासपुर के डायमंड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में खेले गए वेस्ट जोन इंटर स्टेट बैडमिंटन प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबलों में खिलाड़ियों ने दमदार खेल कौशल का प्रदर्शन किया। तेज स्मैश, शानदार कोर्ट कवरेज और आखिरी अंक तक जीत के लिए संघर्ष ने मुकाबलों को रोमांच से भर दिया। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने कहा कि खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन उनकी मेहनत, अनुशासन और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को दर्शाता है।
उप मुख्यमंत्री साव ने रविवार को डिस्ट्रिक्ट बैडमिंटन एसोसिएशन की ओर से आयोजित प्रतियोगिता के विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ उसे और निखारने का बेहतर अवसर देती हैं। मैदान पर खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और खेल कौशल देखकर स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ में बैडमिंटन की प्रतिभाएं लगातार आगे बढ़ रही हैं।
साव ने विजेता खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि खेल में जीत महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण निरंतर अभ्यास, अनुशासन और बेहतर करने की ललक है। ऐसी प्रतियोगिताओं से खिलाड़ियों को बड़े मुकाबलों का अनुभव मिलता है और वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होते हैं।
अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई कार, महिला की मौत, 3 गंभीर
रायपुर । रायपुर में शनिवार रात एक कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। हादसे में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस की टीम पहुंची और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घटना मंदिर हसौद थाना क्षेत्र की है। बताया जा रहा हैं कि शनिवार की देर रात नया रायपुर से कार क्रमांक CG 04 NW 7718 सवार चार लोग शहर की ओर लौट रहे थे। इस दौरान मंदिर हसौद के छेरीखेड़ी के पास ओवरब्रिज पर अनियंत्रित होकर कार सीधे डिवाइडर से जा टकराई। हादसा इतना जबरदस्त था कि कार के परखच्चे उड़ गए और सवार चारों गंभीर रूप से घायल हो गए।
एक्सीडेंट के बाद राहगीरों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और चारों घायलों को उपचार के लिए निजी अस्पताल पहुंचा गया। डाॅक्टरों ने उपचार के दौरान एक महिला की मौत की पुष्टि की। पुलिस ने मृतिका की पहचान शिवानी ठाकुर के रूप में की है।
वहीं, इस हादसे में अनंत, प्रखर और सेजल गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए रायपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां पर सभी का इलाज जारी है।
पुलिस ने दुर्घटना में क्षतिग्रस्त कार को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। हादसा कैसे हुआ और इसके पीछे का कारण क्या था। इसकी जांच की जा रही है।
नवाचारी गतिविधियों के लिए उद्घोष टीम की वालंटियर शिक्षिका चंचल शुक्ला सम्मानित