छत्तीसगढ़ / सुकमा
नक्सली कमांडर हिड़मा और देवा बारसे का घर टूटा, सवालों के घेरे में घटना
सुकमा । जिले के पूवर्ती गांव में स्थित नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी के सदस्य माड़वी हिड़मा और बटालियन नंबर-1 के कमांडर देवा बारसे का घर खंडहर में बदल गया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, गांव में सुरक्षाबलों का कैंप खुलने के बाद से हिड़मा अपनी मां को लेकर गांव छोड़ चुका है। खाली पड़ा घर अब खंडहर बन गया था, जिसे पड़ोसी गांव के लोगों ने आकर तोड़ दिया।
हिड़मा और देवा बारसे के घर को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं
घर को तोड़ने में ग्रामीणों की भूमिका: क्या घर वास्तव में ग्रामीणों ने अपनी मर्जी से तोड़ा है?
पुलिस या प्रशासन की भूमिका: क्या सुरक्षाबलों या पुलिस ने घर तोड़ने का निर्देश दिया?
नक्सलियों की भूमिका: क्या यह घर खुद नक्सलियों ने किसी रणनीति के तहत तुड़वाया?
इन सवालों के जवाब अभी तक स्पष्ट नहीं हो सके हैं।
सुरक्षाबलों का कैंप और हिड़मा की मां का पलायन
इसी वर्ष पूवर्ती गांव में सुरक्षाबलों का कैंप स्थापित किया गया था। कैंप की स्थापना के दिन हिड़मा की मां अपने घर में मौजूद थी और इस दौरान एसपी किरण चव्हाण ने उनसे मुलाकात भी की थी। धीरे-धीरे गांव में सुरक्षाबलों की उपस्थिति बढ़ने के साथ हिड़मा की मां गांव से गायब हो गई।
गांव में फोर्स की बढ़ती पैठ
सुरक्षाबलों ने कैंप स्थापित करने के बाद पूवर्ती गांव और आसपास के क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति मजबूत कर ली है। यह क्षेत्र पहले नक्सलियों का प्रभाव क्षेत्र माना जाता था। कैंप खुलने के बाद से नक्सलियों की गतिविधियों में कमी आई है, लेकिन उनके समर्थकों और उनके बचे हुए ठिकानों पर कार्रवाई जारी है।
घर टूटने की घटना पर असमंजस
घर टूटने के पीछे की मंशा और इसके वास्तविक कारणों पर फिलहाल स्थिति अस्पष्ट बनी हुई है। एसपी और अन्य अधिकारी इस घटना पर किसी भी भूमिका से इनकार कर रहे हैं। वहीं, ग्रामीणों के बयान भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं।
यह घटना नक्सली गतिविधियों और सुरक्षाबलों के बीच चल रही रणनीतिक लड़ाई का हिस्सा मानी जा रही है। प्रशासन ने मामले की जांच के संकेत दिए हैं।
गृह मंत्री शाह के दौरे से पहले बड़ी कार्रवाई: 9 नक्सली गिरफ्तार, 5 ने किया आत्मसमर्पण
सुकमा । छत्तीसगढ़ में गृह मंत्री अमित शाह के बस्तर दौरे से पहले नक्सल प्रभावित इलाकों से तीन बड़ी खबरें सामने आई हैं। सुकमा के जगरगुंडा इलाके में सुरक्षा बलों ने 9 नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नक्सली इन विस्फोटकों का उपयोग सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के लिए करने की योजना बना रहे थे।
दंपति सहित 5 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
सुकमा से ही दूसरी बड़ी खबर है, जहां 5 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें एक दंपति भी शामिल है। जानकारी के अनुसार, दो नक्सलियों पर 8-8 लाख रुपये का इनाम था और सभी का कुल इनाम 25 लाख रुपये था। ये नक्सली धर्मावरम और टेकलगुड़ा कैंप पर हुए हमले में शामिल थे। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने एसपी किरण चव्हाण के सामने सरेंडर किया।
कांकेर में IED बरामद, जवान घायल
कांकेर जिले के हेटारकसा इलाके में सुरक्षाबलों ने एक आईईडी बरामद किया। डिफ्यूज करने के दौरान एक जवान घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल जवान की हालत स्थिर बताई जा रही है।
अमित शाह का दौरा: बस्तर में सुरक्षा पर फोकस
गृह मंत्री अमित शाह आज बस्तर ओलंपिक के समापन समारोह में शामिल होंगे। इसके बाद वह बस्तर के एक पुलिस कैंप में रात गुजारेंगे और सुरक्षा बलों के साथ बातचीत करेंगे। शाह सरेंडर करने वाले नक्सलियों से भी मुलाकात कर सकते हैं।
नक्सल मुक्त बस्तर की दिशा में बड़ी प्रगति
छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर को नक्सल मुक्त करने की दिशा में पिछले एक साल में 200 से अधिक नक्सलियों को ढेर किया है। इसके साथ ही सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाते हुए कई नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं।
गृह मंत्री का दौरा बस्तर में चल रही सुरक्षा और विकास की योजनाओं को गति देने का संकेत देता है।
शासकीय नवीन महाविद्यालय कोंटा में आयुष विभाग ने लगाया स्वास्थ्य शिविर
सुकमा । देश की प्रकृति परीक्षण अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को शासकीय नवीन महाविद्यालय कोंटा में विद्यार्थियों एवं कार्यालयीन स्टाफ का शारारिक एवं मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशानुसार जिले में स्वास्थ्य विभाग के द्वारा नागरिकों को स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में आयुष विभाग के द्वारा महाविद्यालय के शैक्षणिक, गैर शैक्षणिक स्टाफ एवं विद्यार्थियों का शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य का परीक्षण आयुष मंत्रालय भारतीय चिकित्सा पद्धति के मोबाईल एप्लीकेशन के माध्यम से किया गया। इस अवसर पर आयुष चिकित्सक डॉ. वीरेन्द्र कुमार पुरोहित कोण्टा, डॉ. सुधांशु शेखर पण्डा मरईगुड़ा, डॉ. आशुतोष मित्रा एर्राबोर ने विद्यार्थियों को शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण किये एवं तंदरूस्त रखने के लिये संतुलित भोजन, योग, ध्यान और प्राणायाम को अपने दिनचर्या में नियमित रूप से अपनाने संबंधी परामर्श दिये। इस स्वास्थ्य परीक्षण कार्यकम में सभी विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कलेक्टर ने किया शैक्षणिक संस्थानों का औचक निरीक्षण
सुकमा । कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने शुक्रवार को सुकमा विकासखंड के अंतर्गत ग्राम सोनाकूकानार तातीपारा, भंडाररास और कोम्टीगुड़ा में स्थित विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्रावास और राशन दुकान में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया।
स्कूल का निरीक्षण
कलेक्टर ध्रुव ने प्राथमिक शाला कोम्टीगुड़ा में निरीक्षण के दौरान संस्था में बिजली की व्यवस्था और बच्चों के बैठने के लिए डेस्क की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही दिव्यांग बच्चों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करमें निर्देशित किया गया। प्रधान पाठक महेंद्र कुराम व मुकेश ठाकूर के द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की गई।
छात्रावास का निरीक्षण
बालक आश्रम तातीपारा, शासकीय कन्या आश्रम भंडाररास, शासकीय कन्या आश्रम सोनाकूकानार का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ध्रुव ने छात्रावास में रह रहे बच्चों से रूबरू होकर संवाद किया। उन्होंने बच्चों से कुछ सवाल भी पूछे जिसका बच्चों ने सही सही जवाब दिया। इससे कलेक्टर प्रसन्न हुए और छात्रों की प्रशंसा की। उन्होंने छात्रों से उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। इसके अलावा उन्होंने छात्रावास में भोजन, पेयजल, बिजली और साफ़-सफाई की व्यवस्था को दुरूस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षकों की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने और बच्चों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं प्रदान करने के निर्देश दिए।
पीडीएस दूकान
उचित मूल्य के दूकान का निरीक्षण करते हुए ध्रुव ने दुकान में स्वच्छता रखने के निर्देश दिए। राशन को घुन लगने और चूहे से बचाने के लिए आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पीडीएस दुकान में चना की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कौशल उन्नयन कार्य
बच्चो से संवाद के अलावा बच्चो को कौशल विकास, मानसिक-बौद्धिक विकास, चित्रकला, खेल कूद के विषय मे भी अधीक्षकों से विस्तार से चर्चा किया गया। कलेक्टर ध्रुव ने बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बालक आश्रम में छात्र की मौत से मचा हड़कंप, परिजनों में दहशत
सुकमा। आदिवासी विकास विभाग द्वारा संचालित कोयाबेकूर बालक आश्रम में एक सात वर्षीय छात्र की बीमारी के चलते मौत हो गई। माड़वी दुला नामक यह छात्र, जो पहली कक्षा में पढ़ता था, ने बुधवार-गुरुवार की रात मेडिकल कॉलेज डिमरापाल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। सिर दर्द की शिकायत पर 1 दिसंबर को उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से हालत गंभीर होने पर जगदलपुर रेफर किया गया।
घटना का क्रम
आश्रम अधीक्षक बंशराज के अनुसार, बच्चा 29 नवंबर को सिर दर्द की शिकायत के बाद केरलापाल स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था। जांच में किसी गंभीर बीमारी का पता नहीं चला, और उसे आश्रम वापस भेज दिया गया। हालांकि, दो दिन बाद, 1 दिसंबर की रात उसकी तबीयत अचानक बिगड़ी, जिसके बाद उसे पहले सुकमा अस्पताल और फिर मेडिकल कॉलेज डिमरापाल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया।
आश्रम में अन्य बच्चे भी बीमार
इस घटना के बाद कोयाबेकूर आश्रम के तीन अन्य छात्रों—माड़वी नागेश, माड़वी अरुण, और एमला नंदा—की भी तबीयत खराब हो गई। इन बच्चों का इलाज सुकमा जिला अस्पताल में जारी है। घटना के बाद डर के चलते आश्रम के 13 बच्चों को उनके परिजन घर ले गए हैं।
अव्यवस्थाओं का आरोप
एआईएसएफ के प्रदेश अध्यक्ष महेश कुंजाम ने आश्रम प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मृतक छात्र कई दिनों से बीमार था, लेकिन समय पर इलाज नहीं किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि आश्रम में अव्यवस्था का आलम है। 50-सीटर आश्रम में 47 बच्चे रह रहे हैं, लेकिन केवल 24 पलंग उपलब्ध हैं।
स्वास्थ्य परीक्षण पर उठे सवाल
सहायक आयुक्त शरतचंद्र शुक्ला ने कहा कि चिरायु योजना के तहत हाल ही में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया था, जिसमें मृतक छात्र माड़वी दुला की रिपोर्ट सामान्य आई थी। हालांकि, अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत के बाद यह सवाल उठ रहा है कि समय पर और पर्याप्त इलाज क्यों नहीं हो सका।
परिजनों में आक्रोश और दहशत
मृतक छात्र के गांव केरलापेंदा से कोयाबेकूर आश्रम में पढ़ रहे 17 बच्चों के परिजन अब चिंतित हैं। मौत के बाद परिजनों में दहशत का माहौल है। संबंधित विभाग से घटना की विस्तृत जांच और आश्रम में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग की जा रही है।
आयुष्मान कार्ड योजना के तहत पंजीयन कार्य तेज़ी से जारी
सुकमा। कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कपिल देव कश्यप के मार्गदर्शन में सुकमा जिले में आयुष्मान कार्ड और वय वंदना कार्ड योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार और पंजीयन कार्य तेजी से चल रहा है। इस अभियान का उद्देश्य नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इन योजनाओं के माध्यम से लाभार्थियों को मुफ्त चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा रही है, जिससे जिले में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हुआ है। सुकमा जिले में आयुष्मान कार्ड और वय वंदना कार्ड के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुगम और सुलभ बनाया जा रहा है। इन योजनाओं से जरूरतमंदों को मुफ्त इलाज मिलने के साथ ही उनके स्वास्थ्य और जीवन स्तर में भी सुधार हो रहा है।
सभी स्वास्थ्य केंद्रों में पंजीयन सुविधा
सुकमा जिले के समस्त उप स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला चिकित्सालयों में आयुष्मान कार्ड पंजीयन की सुविधा प्रदान की जा रही है। पंजीयन के लिए लाभार्थियों को राशन कार्ड, आधार कार्ड और मोबाइल नंबर के साथ संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों में पंजीयन करा सकते है।
आयुष्मान कार्ड के लिए तय लक्ष्य
राज्य नोडल एजेंसी द्वारा जिले को 81,511 परिवारों का पंजीयन लक्ष्य दिया गया है। जिसमें सुकमा 18491, छिंदगढ़ 29995 एवं कोंटा 33025 शामिल है। इसके अतिरिक्त, वय वंदना कार्ड योजना के तहत जिले को 5,811 वरिष्ठ नागरिकों के पंजीयन किया जाना है।
उपलब्धि और लाभार्थियों की संख्या
अब तक जिले में कुल 21,850 आयुष्मान कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। विभिन्न केंद्रों पर मुफ्त इलाज प्राप्त करने वाले लाभार्थियों की संख्या में जिला अस्पताल 16520, उप एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 18646, सुकमा 4977 छिंदगढ़ 8428 एवं कोंटा 5241 शामिल है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष अपील
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कश्यप ने 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों से अपील की है कि वे अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर आधार कार्ड और मोबाइल नंबर के साथ वय वंदना कार्ड पंजीयन करवाएं। उन्होंने योजना का लाभ उठाने के लिए ई-केवाईसी करना अनिवार्य बताया।
उल्लेखनीय है कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत, देश के सभी 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से आयुष्मान वय वंदना कार्ड योजना शुरू की गई है। राज्य सरकार ने इस योजना को सफल बनाने के लिए सुकमा जिले के सभी वरिष्ठ नागरिकों तक इसका लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
मानवचलित बुवाई यंत्र द्वारा सरसों फसल बुवाई का जीवंत प्रदर्शन
सुकमा। कृषि विज्ञान केन्द्र, सुकमा के वरिष्ठ वैज्ञानिक एच.एस.तोमर के मार्गदर्शन में डॉ. परमानंद साहू (विशेषज्ञ, कृषि अभियांत्रिकी) द्वारा केन्द्र के प्रक्षेत्र में विकासखण्ड सुकमा के ग्राम मुरतोंडा, पाइकपारा, रामपुरम, सोनाकुकानार व मोदीपुरम के 30 से 35 महिला कृषकों को मानवचलित बुवाई यंत्र (हैंड पुश सीडर) का प्रायोगिक अभ्यास के माध्यम से सरसों की कतार बोनी बीज से बीज की दूरी 15 सेंटीमीटर व कतार से कतार की दूरी 45 सेंटीमीटर हेतु प्रशिक्षण दिया गया। इस कार्यक्रम में डॉ.योगेश कुमार सिदार (विशेषज्ञ, कीट विज्ञान), डॉ. संजय सिंह राठौर (विशेषज्ञ, मत्स्य विज्ञान), ज्योतिष कुमार व परमेश सिंह उपस्थित थे।
इस दौरान उन्होंने मानवचलित बुवाई यंत्र (हैंड पुश सीडर) की विशेषताएं बताई। उन्होंने बताया कि यह यंत्र भारत में सबसे अच्छे कृषि उपकरणों में से एक है। यह सीडर मशीन किसानों के काम को आसान बनाएगी और खेत की उत्पादकता को बढ़ाएगी।
इस यंत्र का उपयोग बडे़ और छोटे कृषि क्षेत्र में बीज बोने में किया जा सकता है।
इसका उपयोग सभी अनाज वाली फसलों, दलहनी व तिलहनी फसलें जैसे मक्का, अरहर, सरसों, सेम, मूंगफली, कपास, सूरजमुखी के बीज आदि की बुवाई में की जा सकती है।
सब्जी और फूलों के बीज लगाने के लिए भी इसका उपयोग किया जा सकता है। यह यंत्र बीज बुवाई के साथ ही खाद देने का कार्य भी कर सकती है और बीजों के बीच एक समान दूरी बनाए रख सकती है, जो बीज को तेजी से और स्वस्थ अंकुरित करने में मदद करती है। यह बहुत हल्का और संचालित करने में आसान यंत्र है। इस यंत्र की कीमत 6 से 8 हजार के बीच है।
सुकमा में IED ब्लास्ट, डीआरजी जवान घायल
सुकमा। सुकमा जिले में नक्सलियों के लगाए IED की चपेट में डीआरजी का जवान आ गया। इस घटना में जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पूरा मामला चिंतलनार इलाके का है।
मिली जानकारी के अनुसार नवीन स्थापित कैम्प रायगुडा DRG की पार्टी एरिया डोमिनेशन के लिए निकले थे। जवानों को नुकसान पहुंचाने के लिए माओवादियों ने इस इलाके में माओवादियों ने पहले से ही IED प्लांट कर रखा था। जवान पोड़ियम विनोद इसकी चपेट में आ गया। फिलहाल घायल जवान पोडियम विनोद का इलाज चल रहा है। बताया जा रहा है कि जवान अभी खतरे से बाहर है। इलाके में जवानों ने सर्चिंग तेज कर दी है। बस्तर आईजी पी. सुंदरराज ने इसकी पुष्टि की है।
बीतें दिनों सुरक्षाबलों ने एक बड़ी मुठभेड़ में 10 नक्सलियों को मार गिराया था। सुरक्षाबलों को सूचना मिली थी कि भेज्जी थाना क्षेत्र के कोराजुगुड़ा और भंडारपदर गांव के जंगलों में नक्सलियों की गतिविधियां बढ़ी हैं। इस इनपुट के आधार पर डीआरजी और सीआरपीएफ की टीमों को इलाके में सर्च ऑपरेशन के लिए भेजा गया। शुक्रवार सुबह लगभग 9 बजे माओवादियों ने अचानक फोर्स पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके की तलाशी ली, जिसमें तीन महिला माओवादियों सहित कुल 10 नक्सलियों के शव बरामद किए गए थे।
खेल प्रतिभाओं को निखारने, 10 नवंबर से विकासखंड स्तरीय होगा आयोजन
सुकमा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के पहल पर बस्तर क्षेत्र के युवाओं को रचनात्मक और खेल प्रतिभा के माध्यम से मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से बस्तर संभाग में ‘बस्तर ओलंपिक 2024’ का आयोजन किया जाएगा। इसी क्रम में कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशन में, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नम्रता जैन के मार्गदर्शन में यह आयोजन सुकमा, छिन्दगढ़, और कोण्टा विकासखंडों में निर्धारित तिथियों 10 नवंबर से 15 नवंबर 2024 पर आयोजन किया जाएगा। इसमें कबड्डी, बॉलीबॉल, खो-खो, एथलेटिक्स, लंबी कूद, ऊंची कूद, रस्साकसी (महिला), बैडमिंटन, कराटे, फुटबॉल, तावा फेंक, गोला फेंक, भाला फेंक और तीरंदाजी जैसे खेल शामिल होंगे।
प्रमुख आयोजन स्थल और तिथियाँ
विकासखंड सुकमा में 10 नवंबर 2024 को सुकमा, गोगला, झापरा, पुसपल्ली, भेलवापाल, बुड़दी,कोकरपाल में। 11 नवंबर 2024 को केरलापाल, रामाराम, चिकपाल, गोलाबेकुर, कोयाबेकुर, पोंगाभेज्जी, बडेसट्टी, सिरसट्टी, फुलबगड़ी में। 12 नवंबर 2024 को सोनाकुकानार, नीलावरम, मुरतोण्डा, रामपुरम, नागारास, जीरमपाल में।13 नवंबर 2024 को गादीरास, चिंगावरम, डोडपाल, मारोकी, कोर्रा, पोरदेम, गुफडी, गोंदपल्ली, गोण्डेरास में किया जाएगा ।
विकासखंड छिन्दगढ़ में 10 नवम्बर 2024 को छिन्दगढ़ गुडरा, धोबनपाल, उरमापाल, पतिनाईकरास, रोकेल, बकुलाघाट, गंजेनार, कांजीपानी, मुर्रेपाल, पोदुम, चिपुरपाल. बिरसठपाल, राजामुण्डा, केरातोंग, पाकेला में। 11 नवंबर 2024 को कूकानार , बोदारास, बोकड़ओडर, इड़जेपाल, गोरली, पेंदलनार, अधिकारीरास, कुन्दनपाल, कुन्ना, मिचवार, पुसगुन्ना डब्बा, पेदारास, डोलेरास, टांगररास में । 12 नवंबर 2024 को तोगपाल, मारेंगा, टाहकवाडा, पेरमारास, हमीरगढ़. लेदा, जैमेर, सगुनघाट, कनकापाल, चिड़पाल, पालेम, कवराकोपा, कुमाकोलेंग, चिउरवाडा़ में।
13 नवंबर 2024ु को पुसपाल, किन्दराडा, चितलनार, कोडरीपाल, मेखावाया, तालनार, ओलेर, किकिरपाल, नेतानार, गुम्मा, कोडरीपाल-2, कवासीरास, सौउतनार में आयोजन किया जाएगा।
विकासखंड कोण्टा अंतर्गत 10 नवंबर 2024 को कोंटा, बण्डा, ढोढरा, इंजराम, मेहता, सिंगाराम, दरभागुढ़ा, एर्राबोर, मुलाकिसोली, मराईगुडा (रा), मनिकोण्टा, टेटराई, आरगटटा, मेडवाही, गगनपल्ली में , 11 नम्बर 2024 को दोरनापाल, मिसमा, दुब्बाटोटा, पुनपल्ली, सामसट्टी,बगडेगुडा, गोगुण्डा, गोरगुण्डा, नागलगुण्डा,पोलमपल्ली में।12 नवम्बर 2024 को जगरगुण्डा, कुन्देड़, सिलगेर, कोण्डासावली, तारलागुड़ा, गुमोड़ी, चिमलीपेन्टा, कामाराम, गोदपल्ली में।13 नवम्बर 2024 को मराईगुड़ा, किस्टाराम, गोलापल्ली, गंगलेर. पालाचलमा, पोटकपल्ली, करीगुडम में।14 नवम्बर 2024 को भेज्जी, कोत्ताचेरू, बुर्कलंका, रेगडगट्टा, डब्बाकोण्टा, पालामड़गू, पेंटापाड़ में।15 नवम्बर 2024 को चिंतलनार, मुकरम, केरलापेंदा, नागाराम, एलमपल्ली, मिलमपल्ली,मोरमपल्ली, सुरपनगुडा, दुलेड़, कोर्रापाड़, चिंतागुफा, कांकेरलंका, कामाराम में आयोजन किया जाएगा।
खेल का आयोजन होने वाले मैदान विकासखण्ड सुकमा में कबड्डी, बॉलोबॉल, खो खो, ऐथलंटिक्स., लंबी कूद. उच्ची कूद, रास्सा कसी (महिला) मिनी स्टेडियम सुकमा में, बैडमिंटन एवं कराटे इंदौर बैडमिंटन स्टेडियम में, फुटबॉल कुम्हाररास मैदान में, तावा फेक, गोला फेक, भाला फेक, तीरंदाजी हड़मा आउटडोर स्टेडियम सुकमा में आयोजन किया जाएगा।
विकासखण्ड छिन्दगढ़ में कबड्डी, बॉलीबॉल, खो-खो, ऐथलेटिक्स, लंबी कूद, उच्ची कूद, फुटबॉल, तावा फेक, गोला फेक, भाला फेंक, तीरंदाजी., रास्सा कस्सी (महिला) मिनी स्टेडियम छिन्दगढ़ में, बैडमिटन एवं कराटे, इंडोर बैडमिटन स्टैडियम छिन्दगढ़ में आयोजन किया जाएगा। इसी प्रकार विकासखण्ड कोंटा में कबड्डी, बॉलीबॉल, खो-खो, ऐथलेटिक्स, लंबी कूद, उच्ची कूद, रास्सा कस्सी (महिला) मिनी स्टैडियम कोंटा में, बैडमिटन, कराटे, फुटबॉल, तावा फक, गोला फेक, भाला फेक, तीरंदाजी कन्या शाला समीप खेल मैदान में आयोजन किया जाएगा।
बस्तर ओलंपिक, खेल प्रेमियों के लिए सुनहरा अवसर
जिला खेल अधिकारी विरूपाक्ष पौराणिक ने बताया कि विकास खण्ड स्तरीय आयोजन में सभी खिलाडी शामिल होंगे। जिनकी पंजीयन नहीं हुआ है वे तत्काल पंजीयन कराकर भाग ले सकेगे। बस्तर ओलंपिक के माध्यम से युवाओं को अपनी खेल प्रतिभा को दिखाने का अवसर मिलेगा, साथ ही उन्हें प्रेरणा भी मिलेगी। इस आयोजन से बस्तर क्षेत्र में खेलों को बढ़ावा मिलेगा और नई प्रतिभाओं का उभरने का मौका मिलेगा।
कलेक्टर ने लिया ज़िला स्तरीय राज्योत्सव की तैयारियो का जायजा
सुकमा। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय के मिनी स्टेडियम सुकमा में आगामी 05 नवम्बर को जिला स्तरीय राज्योत्सव समारोह का आयोजन किया जा रहा है। राज्योत्सव का आयोजन पूर्ण गरिमा के साथ किया जाएगा। राज्योत्सव में स्थानीय स्कूली बच्चों द्वारा भी शानदार प्रस्तुति दी जाएगी। राज्योत्सव में विभिन्न विभागों द्वारा विकास पर आधारित प्रदर्शनी लगाई जाएगी। जहॉ विकास की झलक दिखेगी। इसके अलावा अन्य संस्थानों द्वारा भी अपने उत्पादों की बिक्री या प्रदर्शन के लिए स्टॉल लगाये जा रहे है।
कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने आज मिनी स्टेडियम सुकमा पहुंचकर राज्योत्सव की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा विकास पर आधारित लगाई जा रही जीवंत विकास प्रदर्शनी के संबंध में आवश्यक निर्देश दिये। उन्होने कहा कि स्टॉल राज्योत्सव के गरिमा के अनुरूप होनी चाहिए।
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग को बच्चों एवं महिलाओं के सुपोषण के लिए पौष्टिक व्यंजनों पर आधारित स्टॉल लगाने कहा । लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को जल जीवन मिशन के कार्याे पर आधारित स्टॉल लगाने के निर्देश दिये जहां जल जीवन मिशन के झलक दिखेगा। जनसंपर्क विभाग की विकास आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी भी लगायी जाएगी।
कलेक्टर ध्रुव ने राज्योत्सव सफल, सुव्यवस्थित आयोजन के लिए ज़िला अधिकारियों को दायित्व सौपें है। उन्होंने मंच, बैठक व्यवस्था, बैरिकेटिंग, यातायात व्यवस्था, विद्युत, पेयजल, साफ-सफाई और सजावट आदि के संबंध में जानकारी प्राप्त की और संबंधितों को आवश्यक निर्देश दिये। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ नम्रता जैन, सीईओ जनपद पंचायत सुकमा मधु तेता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे।
सुकमा के बाजार में जवानों पर हमला, दो जवान घायल
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले के जगरगुंडा साप्ताहिक बाजार में नक्सलियों ने सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात जवानों पर हमला किया। जानकारी के अनुसार, यह हमला नक्सलियों की स्मॉल एक्शन टीम द्वारा किया गया, जिसमें दो जवान घायल हो गए।
घायल जवानों में से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है, और उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए जगरगुंडा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल में घायल जवानों का इलाज जारी है, और डॉक्टर उनकी स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं।
हमले के बाद बाजार में अफरातफरी का माहौल बन गया। घटना के बाद दहशत में आए स्थानीय लोग बाजार से भागने लगे। नक्सली हमले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने क्षेत्र में सर्चिंग अभियान तेज कर दिया है।
पुलिस ने बताया कि हमले की जांच की जा रही है और हमलावर नक्सलियों की पहचान करने के लिए सुरक्षा बलों द्वारा सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। नक्सली हमले में घायल हुए जवानों के नाम करतम देवा और सोढ़ी कन्ना हैं।
सुकमा में मुठभेड़: एक नक्सली ढेर...
सुकमा। जिले के बुर्कलंका इलाके में DRG जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ चल रही है। सुरक्षाबलों ने एक नक्सली को मार गिराया है। मौके से हथियार और शव बरामद कर लिया गया है। एसपी किरण चौहान के मुताबिक मुठभेड़ में कई नक्सलियों को गोली लगी है। सुबह से ही रुक-रुककर गोलीबारी हो रही है।
सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि नक्सल विरोधी अभियान के तहत डीआरजी की टीम ने इस क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया था। इस दौरान नक्सलियों ने जवानों पर अचानक हमला कर दिया, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई शुरू की।
मुठभेड़ के बाद से इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने जानकारी दी कि जवान नक्सलियों का डटकर मुकाबला कर रहे हैं, और स्थिति पर नियंत्रण बना हुआ है।
सुकमा में 24 लाख के इनामी 6 नक्सलियों ने किया सरेंडर, इनमें एक दंपती भी
सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे पुनर्वास और आत्मसमर्पण नीति के तहत सोमवार को बड़ी सफलता मिली, जब कुल 24 लाख रुपये के इनामी 6 नक्सलियों ने पुलिस और सीआरपीएफ के सामने आत्मसमर्पण किया। इन नक्सलियों में एक दंपती भी शामिल है, जिनमें से प्रत्येक पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था।
आत्मसमर्पण करने वाले इन नक्सलियों को पुनर्वास नीति के तहत शासन की सुविधाओं का लाभ मिलेगा। इन नक्सलियों ने सीआरपीएफ डीआईजी आनंद सिंह और सुकमा एसपी किरण चव्हाण के सामने आत्मसमर्पण किया। अधिकारियों ने इस मौके पर आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास योजनाओं की जानकारी दी और भविष्य में मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रोत्साहित किया।
आत्मसमर्पण से बढ़ी सुरक्षा बलों की हौसलाअफजाई
यह आत्मसमर्पण सुरक्षा बलों के लिए बड़ी उपलब्धि है, जिससे क्षेत्र में शांति बहाली के प्रयासों को नई ताकत मिली है। सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि जिले में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन और पुनर्वास नीति की वजह से नक्सली संगठनों में फूट पड़ रही है, और कई नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं।
सरकार की पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर किया सरेंडर
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लागू की गई पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे वे समाज में अपनी पहचान बना सकें। नीति के अंतर्गत उन्हें विभिन्न आर्थिक और सामाजिक योजनाओं का लाभ मिलता है। अधिकारियों ने बताया कि इन नक्सलियों को अब पुनर्वास योजना के तहत रोजगार, शिक्षा, और सामाजिक सुरक्षा का लाभ दिया जाएगा।
छत्तीसगढ़ के सुकमा में मुठभेड़, कई नक्सलियों के घायल होने की खबर, रुक-रुक फायरिंग जारी
सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के नक्सल प्रभावित कंगालतोंग इलाके में शुक्रवार की सुबह से सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ की खबर आ रही है। खबरों के अनुसार, यह मुठभेड़ डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) जवानों और नक्सलियों के बीच रुक-रुक कर हो रही है, जिसमें कई नक्सलियों के घायल होने की खबर है।
सुकमा पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि नक्सल विरोधी अभियान के तहत डीआरजी की टीम ने इस क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया था। इस दौरान नक्सलियों ने जवानों पर अचानक हमला कर दिया, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई शुरू की।
सुकमा में पुलिस को मिली बड़ी सफलता, 24 लाख के इनामी नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे पुनर्वास और आत्मसमर्पण नीति के तहत सोमवार को बड़ी सफलता मिली, जब कुल 24 लाख के इनामी 6 नक्सलियों ने पुलिस और सीआरपीएफ के सामने आत्मसमर्पण किया। इन नक्सलियों में एक दंपत्ति भी शामिल है, जिनमें से प्रत्येक पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण करने वाले इन नक्सलियों को पुनर्वास नीति के तहत शासन की सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
सुरक्षाबलों ने दो इलाकों से तीन विस्फोटक बरामद किए
सुकमा। सुकमा जिले में नक्सलियों के मंसूबों को एक बार फिर सुरक्षाबलों ने नाकाम किया। जहां सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने की नीयत से नक्सलियों के द्वारा पूर्व से तीन अलग-अलग स्थानों पर आईईडी बम को प्लांट किया गया था। उपरोक्त आईईडी बमों को सुरक्षाबलों द्वारा सूझ-बूझ एवं सुरक्षित तरीके से बरामद कर निष्क्रिय किया गया।
इस कार्रवाई को जिला बल, 50 और 217 वाहिनी सीआरपीएफ एवं 208 कोबरा वाहिनी ने संयुक्त रूप से अंजाम दिया। मामले की पुष्टि करते हुए सुकमा एसपी किरण चौहान ने बताया कि सुकमा जिले भर में नक्सल उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है, इसी क्रम में नक्सलियों के द्वारा सुरक्षाबलों को क्षति पहुंचाने के मंसूबे से सुरक्षाबलों के आने-जाने वाले मार्ग में टिफिन आईईडी बम लगाये जाने की सूचना पर थाना किस्टाराम क्षेत्रान्तर्गत कैम्प सलातोंग से 217 वाहिनी सीआरपीएफ, 208 कोबरा वाहिनी एवं जिला बल की संयुक्त पार्टी ग्राम सलातोंग, डकडमगुट्टा व आस-पास जंगल क्षेत्र की ओर आरएसओ ड्यूटी के लिए रवाना हुई।
अभियान के दौरान सलातोंग कैम्प से आगे लगभग 1.1 किमी दक्षिण दिशा एवं 1.5 पूर्व दिशा में अज्ञात नक्सलियों द्वारा सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने की नीयत से दो आईईडी बम (एक टिफिन आईईडी लगभग पांच किग्रा. और एक प्रेशर आईईडी लगभग तीन किग्रा.) को प्लांट किया गया था, जिसे सुरक्षाबलों ने सूझबूझ दिखाते हुए निष्क्रिय कर दिया।
इसी क्रम में थाना चिंतागुफा क्षेत्रान्तर्गत कैम्प डब्बाकोंटा से 50 वाहिनी सीआरपीएफ एवं जिला बल की संयुक्त पार्टी पेट्रोलिंग के लिए ग्राम डब्बाकोंटा, पेंटापाड़ व आस-पास क्षेत्र की ओर रवाना हुई थी कि डब्बाकोंटा व पेंटापाड़ नाला के पास नक्सलियों द्वारा सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने की नीयत से लगाए गए एक टिफिन आईईडी बम को प्लांट किया था, इसे भी सुरक्षा बलों के द्वारा निष्क्रिय कर दिया गया।
नशा मुक्ति अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
सुकमा। कलेक्टर देवेश कुमार धुव के निर्देशानुसार जिले में नशा मुक्ति भारत अभियान के अंतर्गत विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में शहीद बापू राव महाविद्यालय सुकमा में छात्र-छात्राओं के साथ एक नशा मुक्ति कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशा मुक्त रहने की शपथ दिलाई गई और नशे के दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इसके साथ ही, महाविद्यालय की बालिकाओं के साथ पिंक रिबन क्लब के गठन पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर 15 पिंक रिबन क्लब गठित किए गए, जो नशा मुक्ति अभियान के तहत जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य, प्रोफेसर और स्टाफ भी उपस्थित रहे, जिन्होंने विद्यार्थियों को नशा मुक्त समाज की दिशा में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।