छत्तीसगढ़ / गौरेला पेंड्रा मरवाही
जिले में बीजों की पर्याप्त उपलब्धता, किसानों को 3649 क्विंटल बीज वितरित
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 08 जुलाई 2026
खरीफ वर्ष 2026 में किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज समय पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा जिले में बीजों के भंडारण एवं वितरण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। विभाग द्वारा सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को आवश्यकतानुसार बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई सुचारु रूप से संपन्न हो सके। जिले में अब तक 4,656.50 क्विंटल बीज का भंडारण उपलब्ध है। अब तक किसानों को 3,649.42 क्विंटल बीज का वितरण किया जा चुका है तथा 1,007.08 क्विंटल बीज का स्टॉक शेष है। कृषि विभाग द्वारा बीजों की उपलब्धता एवं वितरण की नियमित समीक्षा की जा रही है ताकि जिले के किसी भी किसान को बीज की कमी का सामना नही करना पड़े। किसानों से अपील की गई है कि वे केवल अधिकृत विक्रय केंद्रों से प्रमाणित बीज प्राप्त करें तथा समय पर खरीफ फसलों की बुवाई कर बेहतर उत्पादन सुनिश्चित करें।
जिला पंचायत सीईओ ने भदौरा और सधवानी पंचायत का किया निरीक्षण, प्रधानमंत्री आवासों को शीघ्र पूर्ण करने
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 08 जुलाई 2026
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकेश रावटे ने आज गौरेला विकासखंड के ग्राम पंचायत भदौरा और सधवानी का भ्रमण कर प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन एवं अप्रारंभ आवासों की प्रगति का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि निर्माणाधीन आवासों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्वक पूर्ण कराया जाए तथा जिन आवासों का निर्माण अभी प्रारंभ नहीं हुआ है, उन्हें शीघ्र शुरू कर हितग्राहियों को योजना का लाभ सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने हितग्राहियों से चर्चा कर आवास निर्माण की प्रगति की जानकारी ली तथा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नियमित मॉनिटरिंग करने जनपद सीईओ को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना शासन की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके माध्यम से पात्र परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
भ्रमण के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने हाई स्कूल सधवानी का भी निरीक्षण किया। उन्होंने शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति, अध्ययन-अध्यापन व्यवस्था तथा विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों का अवलोकन किया। विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्होंने नियमित अध्ययन, अनुशासन एवं लक्ष्य निर्धारित कर मन लगाकर पढ़ाई करने विद्यार्थीयों को प्रेरित किया। निरीक्षण के दौरान जनपद पंचायत गौरेला के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जीआर भगत सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
जिले में उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण, किसानों को उपलब्ध कराया जा रहा समय पर खाद
. गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 08 जुलाई 2026
चालू खरीफ मौसम के दौरान जिले के किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा भंडारण एवं वितरण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। जिले में उर्वरकों की उपलब्धता पर सतत निगरानी रखते हुए आवश्यकतानुसार भंडारण एवं वितरण किया जा रहा है। जिले मे अब तक 5,201.42 टन उर्वरक का भंडारण किया गया है। अब तक किसानों को 2,800.87 टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका है, जबकि 2,400.56 टन उर्वरक का स्टॉक शेष है। गतवर्ष जिले को कुल 4,214.115 टन उर्वरक प्राप्त हुआ था। कृषि विभाग द्वारा सहकारी समितियों एवं अधिकृत विक्रेताओं के माध्यम से किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी आवश्यकता के अनुसार अधिकृत केंद्रों से ही उर्वरक प्राप्त करें तथा खरीफ फसलों की बुवाई के लिए समय पर कृषि कार्य पूर्ण करें।
जिले की पहचान बने विष्णुभोग चावल से मंत्री गुरु खुशवंत साहेब का किया गया सम्मान
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 6 जुलाई 2026

कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के जिला आगमन पर कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने उन्हें जिले की विशिष्ट पहचान एवं स्थानीय आजीविका का प्रतीक विष्णुभोग चावल का पैकेट भेंट कर सम्मानित किया।इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. देवांगन ने मंत्री श्री साहेब को बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा विष्णुभोग चावल का उत्पादन, प्रसंस्करण एवं विपणन किया जा रहा है। अपनी विशिष्ट सुगंध, उत्कृष्ट गुणवत्ता और पारंपरिक पहचान के कारण विष्णुभोग चावल जिले की एक विशेष पहचान बन चुका है तथा इससे ग्रामीण महिलाओं की आजीविका को भी मजबूती मिल रही है।
विष्णुभोग चावल के संबंध में जानकारी प्राप्त कर मंत्री श्री खुशवंत साहेब ने इसकी सराहना करते हुए कहा कि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही का विष्णुभोग चावल जिले की समृद्ध कृषि परंपरा और महिला स्व-सहायता समूहों की मेहनत का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थानीय उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाने और बाजार उपलब्ध कराने के प्रयासों को निरंतर बढ़ावा दिया जाना चाहिए, जिससे किसानों और महिला समूहों की आय में वृद्धि हो तथा जिले की विशिष्ट पहचान प्रदेश और देशभर में स्थापित हो सके।
कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने हरिभूमि एवं आईएनएच के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी को भी विष्णुभोग चावल का पैकेट भेंट कर सम्मानित किया तथा जिले की इस विशिष्ट कृषि उपज और आजीविका गतिविधियों की जानकारी साझा की। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री मनोज खलारी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकेश रावटे सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
जीपीएम जिले में 58 हजार 694 हेक्टेयर लक्ष्य के विरुध्द 4,771 हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 6 जुलाई 2026
खरीफ वर्ष 2026 की प्रगति रिपोर्ट के अनुसार जिले में अब तक 4,770.80 हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई पूरी हो चुकी है। कृषि विभाग ने इस वर्ष 58 हजार 694.129 हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों का लक्ष्य निर्धारित किया है, जबकि पिछले खरीफ सीजन में जिले में 57 हजार 604.049 हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हुई थी।
उप संचालक कृषि श्री सत्यजीत कंवर ने बताया कि विकासखंड पेंड्रा में 16 हजार 715.893 हेक्टेयर लक्ष्य के विरुद्ध 3,508 हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हो चुकी है। इसी तरह गौरेला विकासखण्ड में 17 हजार 774.236 हेक्टेयर लक्ष्य के विरुध्द 872.80 हेक्टेयर क्षत्र में और मरवाही विकासखण्ड में 24 हजार 204 हेक्टेयर लक्ष्य के विरुद्ध 390 हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि मानसून की प्रगति के साथ आगामी दिनों में बुवाई का रकबा तेजी से बढ़ने की संभावना है। कृषि विभाग द्वारा किसानों को समय पर बीज, उर्वरक और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा किया जा सके।
पीएम किसान सम्मान निधि योजना में जीपीएम जिले ने हासिल की 80 प्रतिशत प्रगति
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही 6 जुलाई 2026
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत जीपीएम जिले में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। 30 जून 2026 की स्थिति में जिले के कुल 40 हजार 850 किसानों में से 33 हजार 59 किसानों का पंजीयन किया जा चुका है, जिनमें से 32 हजार 865 किसान योजना से लाभान्वित हो चुके हैं। इस प्रकार जिले में योजना के क्रियान्वयन की 80 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना भारत सरकार की एक प्रमुख किसान कल्याणकारी योजना है, जिसके अंतर्गत पात्र किसान परिवारों को कृषि कार्यों एवं आवश्यक कृषि निवेश के लिए प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की वित्तीय सहायता तीन समान किस्तों में सीधे उनके बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से प्रदान की जाती है।
उप संचालक कृषि श्री सत्यजीत कंवर ने बताया कि शेष पात्र किसानों का पंजीयन, ई-केवाईसी, आधार एवं बैंक खाते के सत्यापन की प्रक्रिया निरंतर जारी है, ताकि अधिक से अधिक पात्र किसानों को योजना का लाभ सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने बताया कि शेष 20 प्रतिशत में ऐसे प्रकरण शामिल हैं, जिनमें शासकीय सेवक, आयकरदाता, मृत किसान अथवा अन्य अपात्र श्रेणी के मामले तथा लंबित पंजीयन शामिल हैं। जिला प्रशासन द्वारा जिले के सभी पात्र किसानों से अपील की गई है कि जिन्होंने अभी तक योजना में पंजीयन नहीं कराया है अथवा ई-केवाईसी एवं आवश्यक दस्तावेजों का अद्यतन नहीं कराया है, वे शीघ्र ही संबंधित कृषि विभाग, जनपद पंचायत अथवा लोक सेवा केंद्र के माध्यम से आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कराएं, ताकि वे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभ से वंचित नहीं रहें।
पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम ने जीपीएम जिले की कानून-व्यवस्था एवं पुलिसिंग की समीक्षा की
निर्माणाधीन पुलिस अधीक्षक कार्यालय एवं अत्याधुनिक पुलिस नियंत्रण कक्ष का किया निरीक्षण, कोटमी लूटकांड का खुलासा करने वाली टीम की सराहना
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 5 जुलाई 2026
पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम ने जिले के आकस्मिक प्रवास के दौरान कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण एवं प्रभावी पुलिसिंग की व्यापक समीक्षा की। जिले में आगमन पर कलेक्टर डॉ संतोष कुमार देवांगन, पुलिस अधीक्षक श्री मनोज कुमार खिलारी एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके पश्चात पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित संयुक्त समीक्षा बैठक में कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों के साथ जिले की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति, लंबित प्रकरणों के निराकरण, महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित अपराधों की समीक्षा, मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई, सड़क सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, सामुदायिक पुलिसिंग, डॉयल-112 की कार्यप्रणाली तथा विभिन्न अभियानों की प्रगति की समीक्षा की गई। पुलिस महानिदेशक ने अधिकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए प्रत्येक शिकायत पर त्वरित कार्रवाई, आम नागरिकों के प्रति संवेदनशील एवं सम्मानजनक व्यवहार, प्रभावी गश्त, मुखबिर तंत्र को सुदृढ़ करने, आदतन अपराधियों की सतत निगरानी तथा तकनीकी संसाधनों के अधिकतम उपयोग के निर्देश दिए।
पुलिस महानिदेशक ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर में निर्माणाधीन नवीन पुलिस अधीक्षक कार्यालय भवन एवं अत्याधुनिक पुलिस नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रगति का अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि आधुनिक पुलिस अधोसंरचना से पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ेगी तथा आम नागरिकों को त्वरित एवं बेहतर सेवाएं उपलब्ध होंगी।
इसके बाद उन्होंने जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों एवं विवेचकों की विशेष बैठक लेकर वैज्ञानिक एवं साक्ष्य-आधारित विवेचना, घटनास्थल संरक्षण, भौतिक एवं डिजिटल साक्ष्यों के प्रभावी संकलन, अभियोजन की सफलता बढ़ाने, लंबित अपराधों के शीघ्र निराकरण तथा न्यायालयीन प्रकरणों की प्रभावी मॉनिटरिंग के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि थाना स्तर पर नियमित जनसुनवाई, बीट प्रणाली को सक्रिय किया जाए तथा ग्राम रक्षा समितियों, जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों के साथ सतत संवाद बनाए रखा जाए। साथ ही साइबर अपराधों एवं ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने तथा महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों एवं कमजोर वर्गों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।
बैठक के दौरान पुलिस महानिदेशक ने हाल ही में चर्चित कोटमी लूटकांड का अल्प समय में सफल खुलासा करने वाली पुलिस टीम की सराहना करते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि समन्वित टीमवर्क, वैज्ञानिक अनुसंधान एवं पेशेवर पुलिसिंग के कारण इस गंभीर अपराध का सफलतापूर्वक खुलासा संभव हो सका है। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास ही पुलिस की सबसे बड़ी पूंजी है। प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी को ईमानदारी, संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के साथ आम नागरिकों के प्रति सहयोगात्मक एवं मानवीय व्यवहार को पुलिसिंग की पहचान बताते हुए जिले के पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बेहतर कार्यों के लिए शुभकामनाएं दीं।
कच्चे आवास से पक्के आवास तक : सरिता बैगा के जीवन में आई खुशियों की नई सुबह
गौरेला पेंड्रा मरवाही, 5 जुलाई 2026
सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त व्यक्ति तक पहुँचें तो जीवन में बड़ा बदलाव संभव है।इस बात की गवाह है गौरेला विकासखंड के ग्राम पंडरीपानी की श्रीमती सरिता बैगा के चेहरे की मुस्कान। सरिता बताती हैं कि पहले उनका परिवार कच्चे घर में रहता था। बरसात के मौसम में छत से पानी टपकता था और खपरैल को बार-बार बदलना पड़ता था। हर वर्ष बारिश उनके परिवार के लिए चिंता और परेशानी लेकर आती थी। लेकिन पीएम जनमन आवास योजना के तहत उन्हें पक्का आवास मिला, जिससे उनके जीवन में नई उम्मीदों का संचार हुआ। अब उनका परिवार सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक वातावरण में रह रहा है। बारिश का डर खत्म हो गया है और बच्चों सहित पूरा परिवार सुकून के साथ अपना जीवन बिता रहा है।
सरिता को हर माह महतारी वंदन योजना की राशि भी नियमित रूप से प्राप्त हो रही है। इस आर्थिक सहयोग से घर-परिवार के छोटे-बड़े खर्च पूरे करने में सहूलियत मिल रही है और परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है। सरिता बैगा ने अपने जीवन में आए इस सकारात्मक बदलाव के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं ने उनके परिवार को नया जीवन और नई खुशियां दी हैं।
डॉयल-112 की त्वरित कार्रवाई से सर्पदंश पीड़िता युवती की बची जान
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 5 जुलाई 2026
जिला पुलिस की डॉयल-112 सेवा ने तत्परता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सर्पदंश की शिकार एक युवती को समय पर अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार रात्रि लगभग 3:45 बजे डॉयल-112 गौरेला फालकन-1 को ग्राम धनौली से एक युवती के सर्पदंश का सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही डॉयल-112 टीम में तैनात आरक्षक वीरेंद्र गर्ग एवं चालक लुपेंद्र कुमार तत्काल मौके पर पहुंचे। वहां अनीता खुसरो 18 वर्ष, निवासी तेंदुआपारा कोटा जिला बिलासपुर जो अपने रिश्तेदारों के यहां मेहमान के रूप में आई हुई थीं, रात्रि में जमीन पर सोने के दौरान जहरीले सर्प के काटने से गंभीर रूप से प्रभावित मिलीं। डॉयल-112 टीम ने बिना समय गंवाए युवती को परिजनों के साथ तत्काल जिला अस्पताल गौरेला पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने तुरंत उपचार प्रारंभ किया। समय पर उपचार मिलने से युवती की स्थिति अब सामान्य है तथा वह खतरे से बाहर बताई गई है।
जिला पुलिस ने वर्षा ऋतु में सर्पदंश की घटनाओं की आशंका को देखते हुए नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों से जमीन पर सोने के बजाय चारपाई या बिस्तर का उपयोग करने, मच्छरदानी लगाने तथा सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय न गंवाकर तत्काल डॉयल-112 अथवा निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने का आग्रह किया गया है। समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होने से सर्पदंश पीड़ितों का जीवन सुरक्षित किया जा सकता है।
ग्राम पंचायत सचिव किशन राठौर निलंबित
गौरेला–पेंड्रा–मरवाही, 04 जुलाई 2026
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने गौरेला विकासखंड के ग्राम पंचायत सेमरा के तत्कालीन एवं वर्तमान में ग्राम पंचायत तरईगांव के सचिव श्री किशन राठौर को गंभीर प्रशासनिक अनियमितताओं, शासकीय आदेशों की अवहेलना तथा अनुशासनहीनता के आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
जारी आदेश के अनुसार जांच में शासकीय प्राथमिक शाला भवन के ध्वस्तीकरण एवं पुनर्निर्माण कार्य में नियमों के उल्लंघन, शासकीय संपत्ति के दुरुपयोग, न्यायालय एवं विभागीय आदेशों की अवहेलना, राजनीतिक गतिविधियों में संलिप्तता तथा मनरेगा कार्यों में मशीनों के अवैध उपयोग संबंधी आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए गए। कारण बताओ सूचना पत्र के जवाब में प्रस्तुत स्पष्टीकरण भी संतोषजनक नहीं पाया गया। इन तथ्यों के आधार पर छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा अनुशासन तथा अपील नियम, 1999 के तहत श्री राठौर को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जनपद पंचायत मरवाही निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
डी.डी. अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर एवं आईसीयू वार्ड सील, पंजीयन अस्थायी रूप से निरस्त
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 04 जुलाई 2026
कलेक्टर एवं पर्यवेक्षी प्राधिकारी डॉ. संतोष कुमार देवांगन द्वारा डी.डी. अस्पताल सेमरा गौरेला के विरुद्ध गंभीर चिकित्सीय लापरवाही पाए जाने पर नर्सिंग होम एक्ट के प्रावधानों के तहत कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर एवं आईसीयू वार्ड को सील करने तथा अस्पताल का पंजीयन (लायसेंस) अस्थायी एवं सशर्त रूप से निरस्त करने के आदेश जारी किए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि 22 जून 2026 को गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल से सिम्स बिलासपुर रेफर की गई प्रसूता ज्योति सोनवानी को बीच रास्ते से वापस लाकर डी.डी. अस्पताल में भर्ती किया गया था। वहां उपचार के दौरान लापरवाही के आरोप लगे तथा बाद में सिम्स बिलासपुर में उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद परिजनों एवं नागरिकों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया, जिसके पश्चात प्रशासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में गंभीर मरीज भर्ती होने के बावजूद चिकित्सकों एवं दक्ष नर्सिंग स्टाफ की अनुपस्थिति, गंभीर मरीजों के उपचार हेतु आवश्यक संसाधनों की कमी तथा आयुष्मान भारत योजना के हितग्राहियों से अतिरिक्त शुल्क लिए जाने संबंधी शिकायतें सामने आईं। जांच दल ने उपचार में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर अस्पताल को सील किए जाने की अनुशंसा की। इसके उपरांत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा सिविल सर्जन-सह-मुख्य अस्पताल अधीक्षक द्वारा पुनः निरीक्षण में पाया गया कि एक्लेम्प्सिया जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीज का उपचार आवश्यक विशेषज्ञों एवं पर्याप्त चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में किया गया।अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ, एनेस्थेटिस्ट तथा पोस्ट ऑपरेटिव देखभाल के लिए चिकित्सकों एवं प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की उपलब्धता नहीं होने के बावजूद गंभीर मरीजों का उपचार किया जा रहा था, जो गंभीर लापरवाही की श्रेणी में पाया गया।
प्रकरण में अस्पताल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। प्राप्त जवाब एवं जांच प्रतिवेदन का परीक्षण करने पर यह भी पाया गया कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा प्रस्तुत कई तथ्य जांच में सही नहीं पाए गए तथा नर्सिंग होम एक्ट एवं छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन अधिनियम, 2020 के प्रावधानों का उल्लंघन किया गया है। जांच के दौरान एक अन्य गंभीर प्रसूता के उपचार मंय भी लापरवाही के तथ्य सामने आए। समस्त तथ्यों एवं जांच प्रतिवेदनों के आधार पर कलेक्टर एवं पर्यवेक्षी प्राधिकारी ने डी.डी. अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर एवं आईसीयू वार्ड को तत्काल प्रभाव से सील करने तथा अस्पताल का पंजीयन अस्थायी एवं सशर्त रूप से निरस्त करने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही आदेश की प्रतिलिपि स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित की गई है।
कलेक्टर ने राजस्व विभाग के काम-काज की समीक्षा की
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 3 जुलाई 2026
कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने कलेक्ट्रेट के अरपा सभा कक्ष में राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय कार्यों की तहसीलवार समीक्षा की। उन्होंने स्वामित्व योजना, वनाधिकार पत्र, नक्शा बटांकन, सीमांकन, भूमि आबंटन सहित सभी राजस्व प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण और लंबित मामलों में तेजी लाने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में एग्रीस्टेक पोर्टल पर किसान पंजीयन की जिले में बेहतर प्रगति पर कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग का मूल कार्य सीमांकन, नामांतरण, फौती नामांतरण, बंटवारा, त्रुटि सुधार तथा किसान किताब से जुड़े मामलों का त्वरित निराकरण करना है। उन्होंने बताया कि विभागीय कार्यों में सुधार हुआ है और सीमांकन, फौती नामांतरण, बंटवारा तथा त्रुटि सुधार से संबंधित आवेदनों के निपटारे में गति आई है।
कलेक्टर ने अविवादित एवं विवादित नामांतरण तथा बंटवारा प्रकरणों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि अविवादित नामांतरण और अविवादित बंटवारे का कोई भी प्रकरण लंबित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने आधार प्रविष्टि, अभिलेख शुद्धता, आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र, भू-अर्जन मामलों में मुआवजा वितरण, बकाया राजस्व वसूली, अतिक्रमण हटाने, आरबीसी 6-4 के तहत आर्थिक सहायता, उच्च न्यायालय में लंबित प्रकरणों तथा लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत मामलों की भी समीक्षा कर समयसीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे, एसडीएम पेंड्रारोड विक्रांत अंचल, एसडीएम मरवाही देवेन्द्र सिरमौर, डिप्टी कलेक्टर अमित बेक सहित जिले के सभी तहसीलदार, नायब तहसीलदार, अधीक्षक भू-अभिलेख और राजस्व निरीक्षक उपस्थित रहे।
डायरिया मुक्त जिले के लिए दो माह का विशेष अभियान शुरू
1 जुलाई से 31 अगस्त तक घर-घर पहुंचेगी स्वास्थ्य टीम, बच्चों को डायरिया से बचाव के उपाय बताए जाएंगे
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 2 जुलाई 2026
वर्षा ऋतु में बच्चों को डायरिया एवं अन्य जलजनित बीमारियों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जिले में 1 जुलाई से 31 अगस्त 2026 तक श्डायरिया रोको अभियानश् संचालित किया जा रहा है। ष्स्वच्छ जल, समुचित उपचारदृडायरिया से बचें हर बारष् थीम पर आधारित इस अभियान के माध्यम से पाँच वर्ष तक के बच्चों वाले प्रत्येक परिवार तक स्वास्थ्य सेवाएं एवं जागरूकता संदेश पहुंचाए जाएंगे।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा ने बताया कि अभियान के दौरान मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर डायरिया से बचाव एवं उपचार के संबंध में जानकारी देगी। परिवारों को हाथ धोने की सही विधि, ओआरएस घोल बनाने की प्रक्रिया, ओआरएस एवं जिंक के नियमित उपयोग, दस्त होने पर भी बच्चे को स्तनपान जारी रखने तथा शौचालय के उपयोग के प्रति जागरूक किया जाएगा।
डॉ. शर्मा ने बताया कि जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों के ओपीडी एवं आईपीडी में ओआरएस-जिंक कॉर्नर स्थापित किए गए हैं। साथ ही जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए पेयजल स्रोतों की स्वच्छता सुनिश्चित करने, संक्रमण रोकने हेतु क्लोरीन टैबलेट वितरित करने तथा आवश्यक दवाओं एवं ओआरएस-जिंक की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ महिला एवं बाल विकास, नगरीय प्रशासन एवं विकास, स्कूल शिक्षा तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग समन्वित रूप से कार्य करेंगे। आंगनबाड़ी केंद्रों में डायरिया प्रभावित बच्चों की पहचान, विद्यालयों में क्विज एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं के माध्यम से जागरूकता, स्वच्छता अभियान, सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता तथा कचरा प्रबंधन जैसी गतिविधियों का व्यापक स्तर पर संचालन किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जिलेवासियों से अपील की है कि बच्चों में दस्त होने पर तत्काल ओआरएस का घोल पिलाएं, जिंक की दवा का पूरा कोर्स कराएं तथा निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता, स्वच्छता और समय पर उपचार से डायरिया जैसी बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। सभी विभागों एवं नागरिकों के सहयोग से जिले को डायरिया मुक्त बनाने की दिशा में यह अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा की
स्टॉप डायरिया अभियान, टीबी मुक्त अभियान, आयुष्मान एवं वय वंदना कार्ड के शत-प्रतिशत लक्ष्य पर दिया जो
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 2 जुलाई 2026
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा ने आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पेंड्रा में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा बैठक ली। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, आवश्यक दवाओं के भंडारण तथा शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में डॉ. शर्मा ने निर्देश दिए कि जिले में संचालित स्टॉप डायरिया अभियान का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए तथा सभी स्वास्थ्य संस्थानों में ओआरएस एवं जिंक की पर्याप्त उपलब्धता हर समय बनी रहे, ताकि डायरिया से प्रभावित मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने वर्षा ऋतु में सर्पदंश की संभावित घटनाओं को देखते हुए सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में एंटी स्नेक वेनम की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की समय पर पहचान एवं नियमित मॉनिटरिंग पर विशेष जोर देते हुए कहा कि गर्भवती महिलाओं को समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
समीक्षा बैठक में टीबी मुक्त अभियान को मिशन मोड में संचालित करने, पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान भारत कार्ड एवं वय वंदना कार्ड का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने तथा सभी स्वास्थ्य योजनाओं के लक्ष्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र नागरिक तक पहुंचाना स्वास्थ्य विभाग की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी चिकित्सा अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों से पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए आमजन को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तथा विभागीय योजनाओं में शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
पीएम किसान सम्मान निधि योजना से किसान एवन सिंह और नरेश को मिला संबल, खेती बनी अधिक सशक्त
गौरेला पेंड्रा मरवाही, 01 जुलाई 2026

ग्राम पंचायत सारबहरा के किसान श्री एवन सिंह एक मेहनती किसान हैं। उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत 23वीं किस्त की राशि प्राप्त हुई है। इस राशि का उपयोग वे समय पर बीज, उर्वरक एवं अन्य कृषि कार्यों में कर रहे हैं। उनका कहना है कि योजना से मिलने वाली आर्थिक सहायता खेती के महत्वपूर्ण कार्यों में काफी उपयोगी साबित होती है, जिससे खेती का खर्च कुछ हद तक कम हो जाता है और समय पर कृषि कार्य पूरे हो पाते हैं। इसी ग्राम पंचायत के किसान श्री नरेश यादव लगभग 4 एकड़ भूमि में खेती करते हैं। वे भी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे हैं। उनका कहना है कि योजना के माध्यम से मिलने वाली सहायता किसानों के लिए बड़ी राहत है। इस राशि से खेती के लिए आवश्यक सामग्री खरीदने में सुविधा मिलती है, जिससे किसानों को आर्थिक सहयोग प्राप्त होता है और वे बेहतर तरीके से खेती कर पाते हैं। श्री नरेश यादव बताते हैं कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना ने छोटे और मध्यम किसानों का आत्मविश्वास बढ़ाया है। समय पर मिलने वाली सहायता से किसान खेती की तैयारी बेहतर ढंग से कर रहे हैं तथा कृषि उत्पादन बढ़ाने की दिशा में भी सकारात्मक प्रयास कर रहे हैं।
पीपरडोल में 26 किसानों को मूंगफली बीज का वितरण
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 01जुलाई 2026
कृषि विभाग द्वारा राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन योजना के अंतर्गत किसानों को तिलहनी फसलों के उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने के उद्देश्य से ग्राम पीपरडोल में मूंगफली बीज का वितरण किया गया। कार्यक्रम के दौरान 12 हेक्टेयर क्षेत्र में मूंगफली की खेती हेतु कुल 26 कृषकों को उन्नत गुणवत्ता का मूंगफली बीज वितरित किया गया। कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को मूंगफली की वैज्ञानिक खेती, समय पर बुवाई, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, खरपतवार नियंत्रण तथा फसल संरक्षण संबंधी आवश्यक तकनीकी जानकारी भी प्रदान की। साथ ही किसानों से योजना का अधिकतम लाभ उठाते हुए उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाने और अधिक उत्पादन प्राप्त करने की अपील की गई। विभाग का उद्देश्य तिलहनी फसलों का रकबा एवं उत्पादन बढ़ाकर किसानों की आय में वृद्धि करना तथा प्रदेश को खाद्य तेल उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी योगदान देना है।
नएमईओ योजना के तहत 43 किसानों को मूंगफली बीज का वितरण
19 हेक्टेयर रकबे में उन्नत खेती को मिलेगा बढ़ावा
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 30 जून 2026
राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन (एनएमईओ) योजना के अंतर्गत पेंड्रा विकासखंड की ग्राम पंचायत कोडगार में किसानों को तिलहनी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मूंगफली बीज का वितरण किया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री समीरा पैकरा की उपस्थिति में कोडगार ग्राम पंचायत क्षेत्र के 43 किसानों को कुल 19 हेक्टेयर रकबे में खेती के लिए उन्नत किस्म के मूंगफली बीज उपलब्ध कराए गए।
कृषि विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराकर तिलहनी फसलों का उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाना, खेती की लागत को संतुलित करना तथा किसानों की आय में वृद्धि करना है। उप संचालक कृषि श्री सत्यजीत कंवर ने बताया कि किसानों को मूंगफली की वैज्ञानिक खेती, समय पर बुवाई, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, खरपतवार नियंत्रण तथा फसल संरक्षण के संबंध में आवश्यक तकनीकी जानकारी भी प्रदान की। किसानों से शासन की विभिन्न कृषि योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने तथा आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर उत्पादन बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एनएमईओ योजना के माध्यम से जिले में तिलहनी फसलों का रकबा बढ़ाने के साथ-साथ किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे।