छत्तीसगढ़ / सारंगढ़-बिलाईगढ़
बिलाईगढ़ में हुआ पोषण पुनर्वास केंद्र का शुभारंभ
सारंगढ़ बिलाईगढ़, । बिलाईगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 10 बिस्तरीय पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) का शुभारंभ कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू, विधायक कविता प्राण लहरे और संजय भूषण पांडये ने फीता काटकर किया। इस पोषण पुनर्वास केंद्र में जिले के कुपोषित बच्चों को चिन्हांकित कर उनका उपचार, नियमित स्वास्थ्य जांच एवं पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाएगा।
जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर के नेतृत्व एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में जिले के तीनों विकासखंडों में 10-10 बिस्तर के पोषण पुनर्वास केंद्र स्थापित किए गए हैं। इस तरह जिले में कुल 30 बिस्तरों की एनआरसी केंद्र की सुविधा उपलब्ध हो गई है।
15 दिनों तक विशेषज्ञों की निगरानी में होगा उपचार
सीएमएचओ डॉ. पुष्पेंद्र कुमार वैष्णव ने बताया कि पोषण पुनर्वास केंद्र में कुपोषित बच्चों को लगभग 15 दिनों तक भर्ती रखकर उपचार एवं पोषण संबंधी देखभाल की जाएगी। इस दौरान बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच के साथ उन्हें पौष्टिक आहार दिया जाएगा। बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण की स्थिति में सुधार के लिए स्वास्थ्यकर्मी लगातार निगरानी करेंगे।
कुपोषित बच्चों को मिलेगा निःशुल्क उपचार
कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने कहा कि पोषण पुनर्वास केंद्र के माध्यम से कुपोषित बच्चों को चिन्हांकित कर उन्हें यहां लाकर निःशुल्क उपचार एवं पोषण की सुविधा दी जाएगी। जिला अस्पताल तक दूर- दराज के क्षेत्रों से कुपोषित बच्चों को लाना कई बार कठिन होता था। इसी को ध्यान में रखते हुए बिलाईगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एनआरसी की शुरुआत की गई है, जिससे बिलाईगढ़ क्षेत्र के बच्चों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सकेगी। इस केंद्र में बच्चों के लिए मनोरंजन की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही बच्चों के साथ रहने वाली माताएं एनआरसी की किचन में अपने बच्चों के लिए भोजन भी तैयार कर सकती हैं। कलेक्टर ने कहा कि जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
बिलाईगढ़ क्षेत्र के बच्चों को मिलेगा सीधा लाभ
बिलाईगढ़ में एनआरसी शुरू होने से क्षेत्र के कुपोषित बच्चों को उपचार के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर उपचार, पौष्टिक आहार और नियमित निगरानी की सुविधा मिलने से बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार लाने और कुपोषण की दर कम करने में मदद मिलेगी।
विधायक कविता प्राण लहरे ने कहा कि बिलाईगढ़ में पोषण पुनर्वास केंद्र की शुरुआत क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण पहल है। इससे कुपोषित बच्चों को समय पर उपचार एवं पोषण संबंधी सुविधाएं मिलेंगी और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में प्रभावी कार्य किया जा सकेगा।कार्यक्रम में एसडीएम प्रफुल्ल रजक, गणमान्य नागरिक ज्योति लाल पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, जिला पंचायत सदस्य तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी- कर्मचारी उपस्थित रहे।
शिक्षिका सुनीता यादव को शाल श्रीफल भेंटकर कलेक्टर एसपी ने किया सम्मानित
सारंगढ़ बिलाईगढ़, । राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान 2026 के लिए सारंगढ़- बिलाईगढ़ जिले की शिक्षिका सुनीता यादव का छत्तीसगढ़ से एकमात्र चयन होने पर कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू और एसपी सुनील शर्मा ने कलेक्ट्रेट सभागार में शाल श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। कलेक्टर और एसपी ने शिक्षिका सुनीता यादव को इस सम्मान के लिए चयन होने पर बधाई और शुभकामनायें दिए। कलेक्टर ने उनके सामाजिक कार्यों की तारीफ की और निरंतर अपने शिक्षिकीय दायित्वों के साथ अन्य सामाजिक कार्यों को करने के लिए प्रोत्साहित की। इस अवसर पर शिक्षिका सुनीता यादव की पुत्री सृजना यादव भी उपस्थित थीं। उल्लेखनीय है कि बरमकेला ब्लॉक के शासकीय प्राथमिक स्कूल खिचरी की शिक्षिका सुनीता यादव को वर्ष 2025 का साहित्य के क्षेत्र में पंडित मुकुटधर पांडे स्मृति अलंकरण से नवाजा गया। वहीं वर्ष 2024 में राज्य शिक्षक सम्मान से सम्मानित भी हुई हैं।
रक्षाबंधन के पहले खाद्य एवं औषधि प्रशासन टीम होटलों में कर रही नकली मिठाई की जांच
सारंगढ़ बिलाईगढ़, । आगामी रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए जिले में नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य शासन के निर्देशानुसार 17 अगस्त से 23 अगस्त तक ‘बने खाबो-बने रहिबो 2.0’ जांच अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के मार्गदर्शन में शहर के विभिन्न मिठाई दुकानों, डेयरी, होटल, किराना दुकानों सहित अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं स्वच्छता की जांच की जा रही है।
अभियान के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम द्वारा सारंगढ़ क्षेत्र के विभिन्न दुकानों, होटलों और गुमटी से बेसन लड्डु, मिनी पेड़ा, कुंदा, पेड़ा , नरियल बर्फी, सोनपापड़ी, चाकलेट, घी, पनीर आदि का नमूना लिया गया तथा निरीक्षण किया गया। विभाग द्वारा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ-साथ प्रतिष्ठानों में स्वच्छता एवं खाद्य सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने खाद्य प्रतिष्ठान संचालकों को खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता संबंधी आवश्यक सावधानियों का पालन करने के निर्देश दिए। संचालकों को साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने, पीने योग्य पानी को ढककर रखने, खाद्य पदार्थों को छानने के लिए उपयोग किए जाने वाले तेल का बार-बार इस्तेमाल न करने तथा खाद्य सामग्री की पैकिंग के लिए अखबारी कागज का उपयोग नहीं करने के लिए समझाइश दी गई। इसके साथ ही खाद्य पदार्थों के निर्माण में अखाद्य रंगों का उपयोग नहीं करने, तथा मिठाइयों में निर्धारित मात्रा से अधिक रंगों का उपयोग नहीं करने के निर्देश दिए गए।
खाद्य प्रतिष्ठान संचालकों को खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए आवश्यक पंजीयन/लाइसेंस प्राप्त कर ही व्यवसाय संचालित करने के लिए भी निर्देशित किया गया। ‘बने खाबो-बने रहिबो 2.0’ थीम पर इस अभियान का उद्देश्य त्योहारों के दौरान बाजार में नकली एवं मिलावटी खाद्य सामग्री की रोकथाम के साथ आम नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है। अभियान के दौरान खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, भंडारण एवं निर्माण प्रक्रिया की सतत निगरानी की जा रही है। अधिकारियों ने खाद्य दुकान संचालकों को खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आम नागरिकों को खाद्य सामग्री खरीदते समय उसकी गुणवत्ता, पैकेजिंग एवं साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने समझाइश दी गई है। इस कार्यवाही में अभिहित अधिकारी भारत भूषण पटेल, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी नेमीचन्द पटेल, खाद्य सुरक्षा अधिकारी वरुण पटेल शामिल थे।
बीजेपी जिला NGO प्रकोष्ट के सह संयोजक बने किशन शर्मा
सरसिंवा । भारतीय जनता पार्टी ने NGO प्रकोष्ट की जिला कार्यकरणियों की चयनित नामों की सूची जारी कर दी है। पार्टी के 16 कार्यकर्ताओं को इस लिस्ट के आधार पर जिम्मेदारी दी है।
सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले की नई तहसील सरसिंवा जहां के युवा नेता किशन शर्मा जिन्होंने हमेशा युवा नेतृत्व करते आया है उन्हें भी एक जिम्मेदारी दी है। किशन शर्मा को जिले के NGO सह संयोजक बनाया गया है। इस मौके पर शर्मा ने पार्टी के उच्च शीर्ष नेताओं और मंत्रियों को आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया है और कहा है कि उन्हें जो जिम्मेदारी पार्टी ने दी है। जिम्मेदारी पूर्वक पार्टी को आगे बढ़ाने पूरी निष्ठा से कार्य किया जाएगा।
भेड़ पालन से पशुपालक विद्याधर यादव को प्रतिवर्ष होता है 2 लाख की आमदनी
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । पशुपालन पशुपालक परिवारों के लिए स्वरोजगार का मुख्य हिस्सा है। वह पशु धन को अपने खेती, दिनचर्या और रोजमर्रा जिंदगी में शामिल करते हैं। साथ ही प्रकृति के संवर्धन और संरक्षण में अपना हम अहम भूमिका निभाते हैं। इसी कड़ी में बरमकेला ब्लाक के देवगांव निवासी विद्याधर यादव और उनका परिवार भेड़ और गाय पालन कार्य से स्वरोजगार स्थापित किया है।
पशुधन विभाग के उप संचालक डॉक्टर महेंद्र कुमार पांडेय ने पशुपालक विद्याधर यादव से उनके घर में मुलाकात कर, पशुधन के रखरखाव का अवलोकन किया। पशुपालक यादव ने जानकारी दी कि उनके पास लगभग 70 भेड़ और एक गाय है। इन भेड़ो को चराने के दौरान देखरेख, अन्य कुत्तो और हिंसक पशुओ से रक्षा के लिए दो विदेशी नस्ल के कुत्ते भी पाला है। 1 गाय से दूध उत्पादन होता है। पशुपालन से प्रतिवर्ष 2 लाख की आमदनी हो जाती है, जिसमें 50 हजार का चारा और दो व्यक्ति को सुबह शाम चरवाहा के रूप में रखा है। पशुधन विभाग के कर्मचारी नियमित रूप से पशुओ का टीकाकरण करते हैं।
ग्रामीण अंचलों में आज भी पशुपालक के रूप में स्वरोजगार स्थापित किया जा सकता है। इसके लिए पूरे परिवार की इच्छा शक्ति और पशुधन के प्रति प्रेम होना जरूरी है। साथ ही पशु से संबंधित बीमारी के इलाज और रखरखाव की जानकारी रखना जरूरी है। पशुपालक विद्याधर यादव का पूरा परिवार पशुपालन से उन्नति की ओर निरंतर अग्रसर है।
कलेक्टर ने रामनामी समुदाय के गांव जाकर की मुलाकात
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । बिलाईगढ़ विकासखंड के ग्राम चदलीडीह में कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू एवं जिला पंचायत सीईओ ऋषिकेश तिवारी ने दौरा कर ग्रामीणों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने गांव में संचालित गतिविधियों, मूलभूत सुविधाओं एवं क्षेत्र में आवश्यक विकास कार्यों की जानकारी ली। कलेक्टर ने ग्रामीणों से सीधे संवाद करते हुए उनकी समस्याओं एवं मांगों को सुना तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
इस दौरान कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने चदलीडीह के रामनामी समुदाय के लोगों से भी मुलाकात की। समुदाय के लोगों ने अपनी सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ ही गांव में आने-जाने से जुड़ी समस्याओं के बारे में कलेक्टर को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रामनामी समुदाय की परंपरा और संस्कृति को समझने तथा देखने के लिए देश-विदेश से पर्यटक एवं अन्य लोग चदलीडीह पहुंचते हैं। ऐसे में बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध होना आवश्यक है।
रामनामी समुदाय के लोगों ने बताया कि गांव के नाले पर पुलिया नहीं होने के कारण आवागमन में परेशानी होती है। विशेषकर बारिश के दौरान यहां आने-जाने में दिक्कत बढ़ जाती है। उन्होंने नाले पर फूल पुलिया निर्माण की मांग कलेक्टर के समक्ष रखी, ताकि ग्रामीणों के साथ-साथ बाहर से आने वाले पर्यटकों को भी आवागमन में सुविधा मिल सके।
कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने रामनामी समुदाय एवं ग्रामीणों की बातों को गंभीरता से सुना और उनकी मांगों पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से क्षेत्र की आवश्यकताओं एवं प्रस्तावित विकास कार्यों की जानकारी लेते हुए जनहित में जरूरी कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने के संबंध में चर्चा की।
इस दौरान जिला पंचायत सीईओ ऋषिकेश तिवारी ने भी ग्रामीणों से संवाद कर क्षेत्र की आवश्यकताओं की जानकारी ली। अधिकारियों ने ग्रामीणों को शासन की विभिन्न योजनाओं एवं विकास कार्यों का लाभ लेने के लिए भी प्रेरित किया। चदलीडीह के दौरे के दौरान क्षेत्र में सड़क, आवागमन सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने तथा ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण को लेकर भी चर्चा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को मौके पर प्राप्त मांगों एवं समस्याओं का परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सारंगढ़ कलेक्ट्रेट में सोमवार को होगा कलेक्टर जनदर्शन और समय सीमा की बैठक
सारंगढ़-बिलाईगढ़ । जिला मुख्यालय सारंगढ़ के कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाले कलेक्टर जनदर्शन को इस बार बदला गया है, अब यह आगामी सोमवार 24 अगस्त को आयोजित किया जाएगा। प्रशासनिक कार्यक्रम में परिवर्तन के कारण मंगलवार के स्थान पर सोमवार को जनदर्शन लगाया जाएगा। जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे सोमवार को आयोजित जनदर्शन में उपस्थित होकर अपनी समस्याएं एवं मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत करें।
इस जनदर्शन में कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू जिलेभर से पहुंचे नागरिकों की समस्याएं, मांग और शिकायतें सुनेंगी। इस दौरान आम नागरिक अपनी विभिन्न समस्याओं से संबंधित आवेदन कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत कर सकेंगे। प्राप्त आवेदनों पर संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई एवं निराकरण के निर्देश दिए जाएंगे।
राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित होंगी छत्तीसगढ़ से जिले की शिक्षिका सुनीता यादव
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान 2026 के लिए सारंगढ़- बिलाईगढ़ जिले की शिक्षिका सुनीता यादव का छत्तीसगढ़ से एकमात्र चयन किया गया है। उन्हें शिक्षक दिवस के अवसर पर नईदिल्ली में (प्रशस्ति पत्र, शाल, चेक) से सम्मानित किया जाएगा। बरमकेला ब्लॉक के शासकीय प्राथमिक स्कूल खिचरी की शिक्षिका सुनीता यादव को वर्ष 2025 का साहित्य के क्षेत्र में पंडित मुकुटधर पांडे स्मृति अलंकरण से नवाजा गया। शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशेष उपलब्धियों के लिए उन्हें सम्मान प्राप्त हुआ है। वहीं वर्ष 2024 में राज्य शिक्षक सम्मान से सम्मानित हुई हैं। वे प्रकृति के लिए सीड बाल, सैनिकों के लिए राखी निर्माण जैसे सामाजिक कार्य में भी जुड़ी हैं।
वो कार्य जिसके कारण उन्हें पुरस्कार मिला
शिक्षिका सुनीता यादव एक नवाचारी शिक्षिका के रूप में जानी जाती है। वह कक्षा के अ़ंतिम बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने हेतु प्रयासरत रहती है। साहित्य को शिक्षा से जोड़ कर बच्चों को अनुभव आधारित शिक्षा पर कार्य कर रही हैं। बच्चों को पोषण आहार और उत्तम स्वास्थ्य के लिए स्वयं के व्यय से बच्चों को नियमित दूध वितरण करती है। अधिक से अधिक न्योता भोजन करवा कर बच्चों के पोषण आहार पर भी शिक्षिका कार्य कर रही है। यह जिले की पहली महिला शिक्षिका है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिपेक्ष्य में सारंगढ़- बिलाईगढ के प्राथमिक विद्यालय में आये परिवर्तन पर शोध पत्र लिखा है।
शिक्षिका सुनीता यादव ने अन्यत्र जिला बिलासपुर में भी आदिवासी बच्चों को शासकीय प्राथमिक विद्यालय तिलकडीह में निशुल्क अध्यापन समर कैंप चला कर की है। आईसीटी पर काम करते हुये बच्चों को दीक्षा एप, स्टोरी वीवर से पढा़ती हैं। बच्चों को सीखाने के लिए लघु फिल्म बनाकर शिक्षण देती है, जिसमें बच्चे और शिक्षिका सुनीता यादव अभिनय करते हैं। आडियो बुक, पाडकास्ट, ब्लागिंग, रिपोर्टर, रोजगार मूलक, शिक्षा स्मार्ट क्लास का संचालन कर रही है। इस उल्लेखनीय योगदान के कारण सुनीता यादव को पंडित मुकुटधर पांडे स्मृति अलंकरण पुरस्कार प्राप्त हुआ है।
पारिवारिक पृष्ठभूमि
शिक्षिका सुनीता यादव का जन्म सांकरा जो़ंक जिला महासमुंद के जाने माने उत्कृष्ट शिक्षक पठान नाग यादव व रुपा यादव के घर में हुआ। वे छात्र जीवन से ही मेधावी छात्रा रही हैं। उनकी प्रांरभिक शिक्षा सांकरा जो़ंक जिला महासमुंद में हुई है। स्नातक की पढ़ाई कला महाविद्यालय पिथौरा में की और स्नातकोत्तर अंग्रेजी साहित्य में पं रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर से पूर्ण किया व पं सुंदरलाल शर्मा विवि बिलासपुर से बीएड की। शिक्षिका का विवाह बरमकेला के व्यवसायी नंदकुमार यादव से हुआ। इनकी एकमात्र संतान सृजना यादव जनर्लिज्म और मास मिडिया कम्युनिकेशन की छात्रा है जो गुरु घासीदास विवि में अध्ययनरत है।
फरसवानी गांव में टीबी मुक्त भारत के स्वास्थ्य शिविर का आयोजन
सारंगढ़-बिलाईगढ़, । कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के निर्देशानुसार एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुष्पेंद्र कुमार वैष्णव के मार्गदर्शन में जिले को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से सारंगढ़ विकासखंड के ग्राम फरसवानी में स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों की टीबी संबंधी जांच के साथ जागरूकता भी दी गई।
टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत आयोजित इस शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा ग्रामीणों की जांच की गई तथा आवश्यकतानुसार एक्स-रे कराया गया। शिविर में 57 पुरुषों एवं 74 महिलाओं सहित कुल 131 ग्रामीणों का एक्स-रे किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी के संभावित मरीजों की पहचान कर उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक जांच एवं परामर्श दिया गया।
जिले में टीबी उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा डोर-टू-डोर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव पहुंचकर लोगों में टीबी के लक्षणों की जानकारी दे रही हैं तथा संदिग्ध मरीजों की जांच कर उन्हें उपचार से जोड़ा जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य टीबी के मरीजों की जल्द पहचान कर उनका समय पर उपचार शुरू करना और संक्रमण को फैलने से रोकना है।
सीएमएचओ डॉ. पुष्पेंद्र कुमार वैष्णव ने स्वास्थ्य सुरक्षा के बारे में कहा कि जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर लगाकर लोगों की जांच की जा रही है, ताकि टीबी के संभावित मरीजों की पहचान प्रारंभिक स्तर पर ही हो सके। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि दो सप्ताह या उससे अधिक समय से खांसी, लगातार बुखार, वजन कम होना, भूख कम लगना या रात में पसीना आने जैसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। टीबी का समय पर उपचार पूरी तरह संभव है और मरीज उपचार के दौरान दवाइयों का नियमित सेवन करें।
सारंगढ़ के तेजस कोचिंग, आईटीआई और कालेजों में किया गया जनसंपर्क विभाग की पत्रिकाओं का वितरण
सारंगढ़ बिलाईगढ़, ।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित राज्य शासन की जनकल्याणकारी और महत्वाकांक्षी योजनाओं के क्रियान्वयन एवं समुचित प्रचार- प्रसार हेतु छत्तीसगढ़ के युवाओं, महिलाओं और सभी नागरिकों के लिए जनसंपर्क विभाग के द्वारा विभिन्न पत्र पत्रिकाओं का प्रकाशन किया जा रहा है। आयुक्त जनसंपर्क रजत बंसल के निर्देश पर जनसंपर्क संचालनालय छत्तीसगढ़ द्वारा प्रकाशित पुस्तको को जिला जनसंपर्क कार्यालय सारंगढ़ बिलाईगढ़ को उपलब्ध कराये गए इन पुस्तकों को सारंगढ़ के कोचिंग, आईटीआई और कॉलेजों में वितरण किया गया।
सारंगढ़ में जिला प्रशासन डीएमएफ मद से संचालित तेजस कोचिंग, शासकीय लोचन प्रसाद पांडेय स्नातकोत्तर कॉलेज, शासकीय आईटीआई, कन्या कॉलेज, श्रीराम आदर्श कॉलेज और सीपीएम कॉलेज में जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित पुस्तक मासिक पत्रिका 'छत्तीसगढ़ जनमन', सुशासन के नवीन आयाम, तब और अब, विकसित भारत के बढ़ते कदम, बिल्डिग टूमारों छ.ग. टूडे, अटल निर्माण वर्ष 2 साल (रिपोर्ट कार्ड), पाम्पलेट आदि का वितरण जनसंपर्क विभाग के सहायक सूचना अधिकारी देवराम यादव के द्वारा कराया गया।
कलेक्टर ने की महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक
सारंगढ़-बिलाईगढ़, । कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले के महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत सभी परियोजना अधिकारियों एवं विभागीय अधिकारी - कर्मचारियों की बैठक ली। बैठक में कुपोषण मुक्ति अभियान, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, बाल संदर्भ शिविर एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अटल मॉनिटरिंग पोर्टल की समीक्षा करते हुए बताया कि सारंगढ़- बिलाईगढ़ जिला प्रदेश में 8वें रैंक पर है। उन्होंने अधिकारियों को विभागीय योजनाओं की नियमित निगरानी करते हुए बेहतर कार्य करने के निर्देश दिए।
कुपोषित बच्चों को लेकर कलेक्टर ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सभी परियोजना अधिकारी कुपोषित बच्चों की नियमित निगरानी करें और उन्हें बेहतर पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएं। सभी पात्र बच्चों को बाल संदर्भ शिविर में शामिल कराने तथा गंभीर कुपोषित बच्चों के कार्ड बनाएं। प्रत्येक सेक्टर में बाल संदर्भ शिविर आयोजित करने के लिए भी निर्देशित किया गया।
बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की प्रगति की समीक्षा के दौरान खराब स्थिति पर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर की और अधिकारियों को तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए। इस बैठक में डिप्टी कलेक्टर ऋचा सिंह, राणा विजय, महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी उत्तम साहू सहित जिले के सभी परियोजना अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ के कॉलेजों में 31 अगस्त तक ले सकेंगे प्रवेश
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । कालेजों में दूरस्थ और ग्रामीण अंचलों के कई मेधावी युवा विभिन्न व्यावहारिक कठिनाइयों के कारण समय पर प्रवेश नहीं ले सके थे। ऐसे किसी भी योग्य विद्यार्थी का एक साल खराब हो या वह उच्च शिक्षा से वंचित न हो, छात्रहित को सर्वोपरि रखते हुए छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों को बड़ी राहत देते हुए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कॉलेजों में प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। राज्य के कुछ शासकीय और निजी महाविद्यालयों में अभी भी सीटें रिक्त हैं, वहाँ छात्र अब 31 अगस्त 2026 तक दाखिला ले सकेंगे। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा इस संबंध में विधिवत आदेश जारी कर दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत प्राचार्य स्तर पर प्रवेश की समय सीमा 31 जुलाई तक और कुलपति की अनुमति से 14 अगस्त तक तय की गई थी, लेकिन अंतिम तिथि बीतने के बाद भी कई महाविद्यालयों में सीटें खाली रह गई थीं और दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले कई अभ्यर्थी समय पर आवेदन नहीं कर पाए थे। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए शासन ने तिथि विस्तार का यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
दिशा समिति की बैठक 25 को
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । जिला स्तर पर जिला विकास समन्वय और निगरानी (दिशा) समिति का गठन किया गया है। इस समिति के अध्यक्ष सांसद राधेश्याम राठिया लोकसभा क्षेत्र रायगढ़ और सह अध्यक्ष सासंद कमलेश जांगडे, लोकसभा क्षेत्र जांजगीर- चाम्पा की अध्यक्षता तथा कलेक्टर व जनप्रतिनिधियों, जिला अधिकारियों की उपस्थिति में 25 अगस्त को समय सुबह 11 बजे कार्यालय कलेक्टर सारंगढ़ के सभाकक्ष में दिशा समिति की बैठक निर्धारित है।
सारंगढ़ कलेक्ट्रेट में आगामी सोमवार को होगा कलेक्टर जनदर्शन और समय सीमा की बैठक
सारंगढ़-बिलाईगढ़ । जिला मुख्यालय सारंगढ़ के कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाले कलेक्टर जनदर्शन को इस बार बदला गया है, अब यह आगामी सोमवार 24 अगस्त को आयोजित किया जाएगा। प्रशासनिक कार्यक्रम में परिवर्तन के कारण मंगलवार के स्थान पर सोमवार को जनदर्शन लगाया जाएगा। जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे सोमवार को आयोजित जनदर्शन में उपस्थित होकर अपनी समस्याएं एवं मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत करें।
इस जनदर्शन में कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू जिलेभर से पहुंचे नागरिकों की समस्याएं, मांग और शिकायतें सुनेंगी। इस दौरान आम नागरिक अपनी विभिन्न समस्याओं से संबंधित आवेदन कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत कर सकेंगे। प्राप्त आवेदनों पर संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई एवं निराकरण के निर्देश दिए जाएंगे।
बालक बालिकाओं को बाल विवाह, बाल श्रम, बाल शोषण, पाक्सो एक्ट की दी जा रही जानकारी
सारंगढ़-बिलाईगढ़, । कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के निर्देशानुसार एवं महिला एवं बाल विकास अधिकारी उत्तम प्रसाद के मार्गदर्शन में जिले में बाल संरक्षण एवं बाल अधिकारों तथा बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजनांतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा बाल विवाह, बाल श्रम एवं बाल शोषण जैसी सामाजिक बुराइयों की रोकथाम करना रहा।
इस अगस्त माह में जिले के विभिन्न छात्रावासों एवं स्कूलों में आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों में छात्र-छात्राओं को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006, पॉक्सो अधिनियम, बाल श्रम की रोकथाम, बच्चों के अधिकारों तथा किसी भी प्रकार की समस्या या संकट की स्थिति में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के उपयोग की जानकारी दी जा रही है। साथ ही साइबर सुरक्षा एवं साइबर अपराधों से बचाव, ऑनलाइन धोखाधड़ी तथा सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति भी जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की परियोजना स्तरीय बैठक आयोजित कर उन्हें अपने क्षेत्र में बाल विवाह की रोकथाम के लिए सतर्कता बरतने तथा बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर तत्काल संबंधित विभाग एवं अधिकारियों को सूचित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही फोस्टर केयर एवं दत्तक ग्रहण सेवाओं के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों को उचित देखभाल, संरक्षण एवं पुनर्वास से जोड़ने की जानकारी भी दी गई।
इन जागरूकता कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य बालक बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना, बाल विवाह एवं बाल श्रम जैसी सामाजिक कुरीतियों की रोकथाम तथा बच्चों से संबंधित किसी भी समस्या की समय पर पहचान कर उसका समाधान सुनिश्चित करना है। कार्यक्रमों के माध्यम से समुदाय एवं मैदानी कार्यकर्ताओं को भी जागरूक किया गया। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से बाल विवाह, बाल श्रम, बाल शोषण अथवा बच्चों से संबंधित किसी भी संकट की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित विभाग को सूचित करने अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 का उपयोग करने अपील की है।
लोक कलाकारों से प्रोत्साहन राशि हेतु 31 अगस्त तक आवेदन
सारंगढ़ बिलाईगढ़, | मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना अंतर्गत राज्य के नृत्य-संगीत, लोक नाट्य, लोकगाथा, छत्तीसगढ़ी गीतकार, वाद्ययंत्र वादक, शिल्प कलाकार, छत्तीसगढ़ी पाक कला (पारंपरिक व्यंजन) तथा छत्तीसगढ़ी सौंदर्यकला (श्रृंगार) से जुड़े कलाकार आवेदन कर सकते हैं। आवेदन निर्धारित प्रारूप में पंजीकृत डाक के माध्यम से भेजे जाएंगे। आवेदन प्रपत्र विभाग की वेबसाइट www.cgculture.in पर उपलब्ध हैं तथा संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय, नया रायपुर स्थित कार्यालय से भी प्राप्त किए जा सकते हैं।प्रविष्टियां प्राप्त होने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। आवेदन भेजते समय लिफाफे पर "मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना-2026" स्पष्ट रूप से अंकित करना आवश्यक होगा। प्राप्त प्रविष्टियों का परीक्षण समिति द्वारा किया जाएगा तथा समिति का निर्णय अंतिम एवं मान्य होगा।
योजना के तहत पात्र कलाकारों का चिन्हारी पोर्टल में पंजीयन अनिवार्य होगा। चयनित कलाकारों को प्रतिवर्ष न्यूनतम 12 हजार रुपये से अधिकतम 24 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि ई-पेमेंट के माध्यम से प्रदान की जाएगी। यह राशि एक वित्तीय वर्ष में एक बार प्रदान की जाएगी। योजना का लाभ केवल ऐसे कलाकारों को मिलेगा जिनकी सभी स्रोतों से वार्षिक आय 96 हजार रुपये से अधिक नहीं है। इसके लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण-पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा। आवेदन के साथ बैंक खाते का विवरण, आईएफएससी कोड तथा पैन कार्ड की छायाप्रति भी प्रस्तुत करनी होगी। प्रविष्टियां भेजने का पता, संचालक, संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय,
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल, व्यावसायिक परिसर,
द्वितीय तल, सेक्टर-27, नया रायपुर, अटल नगर (छत्तीसगढ़) – 492018 है।
संचालक संस्कृति डॉ संजय कन्नौजे के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक कला एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और कलाकारों को आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय द्वारा मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना-2026 के अंतर्गत प्रदेश के लोक कलाकारों से प्रविष्टियां आमंत्रित की गई हैं। योजना का उद्देश्य पारंपरिक लोक कलाओं को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करना, कलाकारों का सम्मान बढ़ाना तथा कला दलों के सतत विकास को नई गति प्रदान करना है। मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना प्रदेश की समृद्ध लोक कला परंपराओं के संरक्षण, कलाकारों के सम्मान और आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से लोक कलाकारों को न केवल आर्थिक सहयोग मिलेगा, बल्कि अपनी कला को व्यापक पहचान दिलाने और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का अवसर भी प्राप्त होगा।
पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति नवीनीकरण और नवीन आवेदन
सारंगढ़ बिलाईगढ़, ।शिक्षा सत्र 2026-27 के पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति छात्रवृत्ति के लिए विभागीय पोर्टल पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप डॉट सीजी डॉट एनआईसी डॉट इन https://postmatric-scholarship.cg.nic.in में नवीन आवेदन ऑनलाइन जमा करने के लिए पोर्टल 1 अगस्त से आरम्भ हुआ हैवहीं पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के नवीनीकरण जून से प्रारम्भ है।
प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा के निर्देशन, कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के मार्गदर्शन और सहायक आयुक्त बद्रीश सुखदेवे के नेतृत्व में आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य और देश के अन्य राज्यों में पढ़ाई कर रहे छत्तीसगढ़ के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के अध्ययनरत विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप प्रदान किया जाएगा।
छात्रवृत्ति हेतु पात्रता
अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के पालक की आय सीमा रू. 2.50 लाख और अन्य पिछड़ा वर्ग हेतु आय सीमा 1 लाख रूपये प्रतिवर्ष होना चाहिए। सक्षम अधिकारी द्वारा जारी स्थाई जाति प्रमाण पत्र, छ.ग. का मूल निवास प्रमाण पत्र, विद्यार्थी के अध्ययनरत् पाठ्यक्रम के विगत वर्ष का परीक्षा परिणाम संलग्न करना होगा। पीएफएमएस के माध्यम से आधार आधारित पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति का भुगतान किया जा रहा है। सभी विद्यार्थी ऑनलाईन आवेदन करते समय ध्यान रखे कि उनका बचत खाता एक्टिव हो एवं आधार सीडेड बैंक खाता नम्बर की प्रविष्टि करना सुनिश्चित करें। वर्ष 2026 27 में अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को एनएसपी पोर्टल से ओटीआर (वन टाइम रजिस्ट्रेशन) प्राप्त करना आवश्यक है। इस हेतु राज्य छात्रवृत्ति पोर्टल में प्रदाय निर्देशों का अवलोकन किया जा सकता है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी अपने जिले के कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग कार्यालय कोसीर रोड कालेज के पास सारंगढ़ से प्राप्त की जा सकती है।