छत्तीसगढ़ / मनेन्द्रगढ़ – चिरिमिरी – भरतपुर
त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन : 662 कर्मचारियों को 25 मास्टर ट्रेनर्स ने दिया प्रशिक्षण
एमसीबी । आगामी पंचायत निर्वाचन 2025 के सफल संचालन हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देशानुसार मास्टर ट्रेनरों द्वारा मतदान दलों का विकासखंड स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी स्कूल मनेंद्रगढ़ में सुबह 11ः00 बजे से प्रारंभ किया गया। जिसमें विकासखंड मनेंद्रगढ़ के मतदान दलों सहित रिज़र्व दलों के 166 दलों के 662 कर्मचारियों को 25 मास्टर ट्रेनरों द्वारा प्रशिक्षण दिया गया।
पंचायत निर्वाचन की प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए मास्टर ट्रेनरों ने मतदान और मतगणना से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षण सत्र में बताया गया कि पंचायत चुनाव की खासियत यह है कि मतदान और मतगणना दोनों एक ही दिन और एक ही मतदान केंद्र पर होते हैं। मतदान समाप्त होते ही मतदान दल को मतगणना दल में परिवर्तित कर दिया जाता है और उसी स्थान पर मतगणना कर अभ्यर्थियों को प्राप्त मतों की संख्या घोषित कर दी जाती है। इसलिए मतदान दल के सभी सदस्यों को मतदान के साथ-साथ मतगणना की प्रक्रिया का भी संपूर्ण ज्ञान होना आवश्यक है।
मास्टर ट्रेनरों ने बताया कि मतगणना के समय पीठासीन अधिकारी को प्राधिकृत अधिकारी की भूमिका निभानी होती है, जबकि सभी मतदान अधिकारी मतगणना सहायक के रूप में कार्य करते हैं। मतदान और मतगणना की प्रक्रिया पूरी तरह से सामूहिक उत्तरदायित्व का कार्य है, इसलिए दल के प्रत्येक सदस्य को अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाना होगा। यदि मतदान के दौरान कोई त्रुटि होती है, तो उसका प्रभाव मतगणना में दिखेगा, इसलिए सभी को अत्यधिक सतर्कता और सावधानी बरतनी होगी। प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि ग्रामीण निकाय चुनावों में प्रत्येक मतदान केंद्र पर चार अलग-अलग पदों के लिए मतदान होता है।
इनमें जिला पंचायत सदस्य के लिए गुलाबी, जनपद पंचायत सदस्य के लिए पीला, ग्राम पंचायत सरपंच के लिए नीला और ग्राम पंचायत पंच के लिए सफेद रंग का मतपत्र निर्धारित होता है। यदि किसी ग्राम पंचायत में 10 वार्डों के पंच पदों के लिए मतदान हो रहा हो, तो उस मतदान केंद्र पर 13 प्रकार के मतपत्र हो सकते हैं। इसलिए मतदान प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए प्रत्येक मतदान दल में पीठासीन अधिकारी के अलावा चार मतदान अधिकारी होते हैं। मास्टर ट्रेनरों ने बताया कि पंचायत चुनावों में मतपत्र और मतपेटी के माध्यम से मतदान संपन्न कराया जाता है। सभी मतपत्रों की स्पष्ट पहचान के लिए मतदान दल को दो विशेष सुभेदक सील दी जाती हैं। इनमें से एक सील का उपयोग जिला पंचायत और जनपद पंचायत सदस्य पद के मतपत्रों के लिए, जबकि दूसरी सील सरपंच और पंच पद के मतपत्रों के लिए किया जाता है।
प्रशिक्षण में यह भी स्पष्ट किया गया कि सामान्यतः मतदान का समय सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक निर्धारित होता है, लेकिन सभी मतदान कर्मियों को अपने नियुक्ति आदेश में दिए गए समय का कड़ाई से पालन करना होगा। मतदान समाप्त होने के बाद सभी आवश्यक अभिलेख तैयार किए जाते हैं और तत्पश्चात मतदान केंद्र पर ही मतगणना की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है। मतगणना के बाद सभी अभिलेखों को संकलित कर मतपत्रों और अन्य सामग्रियों को सुरक्षित रूप से सील किया जाता है, जिसके बाद मतदान दल निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुरक्षित रूप से लौटता है।
मास्टर ट्रेनरों ने कहा कि पंचायत निर्वाचन की यह प्रणाली चुनावी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुचारू बनाती है। सभी मतदान कर्मियों को अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाने का निर्देश दिया गया, ताकि चुनाव निष्पक्ष और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।
इस प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर टी. विजय गोपाल राव, नारायण प्रसाद तिवारी, सुरेंद्र कुमार जायसवाल, जसवंत डहरिया, गणेश यादव, अमूलचंद झा, विनोद सोनी, गौरव त्रिपाठी, लवकुश कुमार गुप्ता, श्रीकांत लांजेवार, विवेक सिन्हा, पारसमणि, कमरुद्दीन अंसारी, देवेंद्र साहू, भीमसेन भगत, रामचंद्र नामदेव, नसीमा बेगम, स्मृति अग्रवाल, सुशील तिवारी, रामशरण सिंह, मुकेश चौहान, सुशील छात्रे, अश्विनी कुमार दुबे, शुभम अग्रवाल सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।
नगर पंचायत खोंगापानी के मतदाताओं को दिया गया ईवीएम का प्रशिक्षण
एमसीबी । आगामी नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन 2025 को ध्यान में रखते हुए नगर पंचायत खोंगापानी के वार्ड क्रमांक 05 एवं वार्ड क्रमांक 10 में मास्टर ट्रेनर के द्वारा मतदाताओं को ईवीएम मशीन का प्रशिक्षण दिया । यह प्रशिक्षण कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी के आदेशानुसार आयोजित किया गया, जिसमें मतदाताओं को ईवीएम मशीन की प्रक्रिया से अवगत कराया गया।
इस जागरूकता अभियान के तहत नागरिकों को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की सही उपयोग और मतदान प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम का संचालन सुचारू रूप से किया गया, जिसमें उपस्थित अधिकारियों ने मतदाताओं के संदेह को दूर किया और उन्हें निष्पक्ष एवं निर्भीक होकर मतदान करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर कमरूदीन अंसारी (सी.ए.सी.), गणेश यादव (सी.ए.सी.) और कार्यालय सहायक रामसिया उपस्थित थे।
एमसीबी जिले में 28 मार्च तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर प्रतिबंध
एमसीबी। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल ने 9 दिसम्बर 2024 को हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी की मुख्य परीक्षा वर्ष 2025 की समय-सारणी जारी कर दी है। इसके अनुसार 1 से 28 मार्च तक परीक्षा का आयोजन होगा।
इस दौरान विद्यार्थियों के अध्ययन में व्यवधान न हो इस हेतु कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के तहत जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में जिला दण्डाधिकारी डी. राहुल वेंकट ने आदेश जारी किया है कि सम्पूर्ण जिले में 30 जनवरी से 28 मार्च की अवधि में (अधिनियम की धारा 13 (1)उल्लेखित) अवसरों को छोड़कर अधिनियम की धारा 2 क, ख, एवं ग के अंतर्गत परिभाषित कोलाहल एवं समस्त ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर पूर्ण समय के लिए प्रतिबंध रहेगा।
उक्त आदेश का उल्लंघन अधिनियम की धारा 15 के अधीन दंडनीय है। उपरोक्तानुसार अधिनियम की धारा-2 घ की शक्तियों का प्रयोग करते हुए अधिनियम की धारा (7) के प्रयोजन के लिए उपयुक्त अवसरों पर सीमित अवधि के लिए अनुज्ञा देने हेतु अनुविभागीय दण्डाधिकारी को स्थानीय क्षेत्राधिकारी के अंतर्गत निहित अधिकारों की शक्तियों का प्रयोग करने हेतु सशक्त किया है। उक्त आदेश स्थानीय निर्वाचन (नगरीय निकाय एवं ग्रामीण) के रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा जारी चुनावी प्रचार-प्रसार की अनुमति के आदेश पर लागू नहीं होगा।
शहीदों की स्मृति में जिले भर में रखा गया दो मिनट का मौन
भारत की आज़ादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीदों की स्मृति में मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में शहीद दिवस मनाया गया। सामान्य प्रशासन विभाग और भारत सरकार के गृह मंत्रालय के स्थायी निर्देशों के तहत, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डी. राहुल वेंकट के निर्देशानुसार विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में श्रद्धांजलि दी गई।
30 जनवरी 1948 को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि होती है। वही शहीद दिवस साल में दो बार मनाया जाता है, पहला 23 मार्च 1931 को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी दी गई थी। 23 मार्च को अमर शहीद दिवस मनाते हैं। इस दिन इन तीनों शहीदों की शहादत को याद किया जाता है। और दूसरा 30 जनवरी को यह दोनों दिन उन वीरों को श्रद्धांजलि देने के लिए मनाया जाता है, जिन्होंने देश की आजादी और समृद्धि में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। इस अवसर पर कलेक्टर न्यायालय सहित जनसम्पर्क विभाग, खनिज विभाग, निर्वाचन शाखा, महिला एवं बाल विकास विभाग, विपणन विभाग, राज्य खाद्य आपूर्ति निगम, खाद्य विभाग, उद्योग विभाग, आबकारी विभाग, आदिम जाति विभाग, सांख्यिकी विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग और उच्च शिक्षा विभाग समेत अन्य शासकीय कार्यालयों में दो मिनट का मौन रखा गया। सुबह 11 बजे पूरे जिले में दो मिनट के लिए सभी शासकीय एवं अशासकीय कार्यालयों की गतिविधियाँ रोक दी गईं । इस दौरान मौन की शुरुआत और समाप्ति की सूचना सायरन के माध्यम से दी गई।
इस कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों ने शहीदों को नमन किया और राष्ट्र के प्रति उनकी अप्रतिम सेवा और बलिदान को याद किया। शहीद दिवस के इस अवसर पर सभी ने देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया।
PCC संयुक्त महामंत्री ने महापौर पद के लिए निर्दलीय भरा नामांकन
मनेंद्रगढ़ । पीसीसी की संयुक्त महामंत्री और वरिष्ठ नेत्री बबीता सिंह ने चिरमिरी से निर्दलीय महापौर प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया है। बबीता सिंह पिछले दो दशक से कांग्रेस में सक्रिय हैं और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत की करीबी मानी जाती हैं। उनकी जेठानी स्व. सुभाषिनी सिंह चिरमिरी की पहली महापौर रह चुकी हैं।
पिछले चुनाव में भी बबीता महापौर पद की दावेदार थीं, लेकिन तत्कालीन विधायक विनय जायसवाल ने अपनी पत्नी को महापौर बनवा दिया था। पार्टी द्वारा पूर्व विधायक डॉ. विनय जायसवाल को टिकट दिए जाने से नाराज बबीता ने कहा कि, कांग्रेस में कार्यकर्ताओं का सम्मान नहीं है।
चिरमिरी कांग्रेस एक व्यक्ति विशेष के इर्द-गिर्द सीमित हो गई
वरिष्ठ नेत्री बबीता सिंह ने आरोप लगाया कि, चिरमिरी कांग्रेस एक व्यक्ति विशेष के इर्द-गिर्द सीमित हो गई है। पहले विधायक फिर उनकी पत्नी को महापौर और अब फिर पूर्व विधायक को महापौर का टिकट देना अन्य कार्यकर्ताओं का अपमान है। बबीता ने यह भी आरोप लगाया कि, भाजपा ने जायसवाल का रास्ता साफ करने के लिए डमी उम्मीदवार खड़ा किया है। 2028 में भी कांग्रेस जायसवाल दंपति को ही विधानसभा प्रत्याशी बनाएगी।
समस्त कार्यालयों में मनाया जाएगा राष्ट्रीय मतदाता दिवस
एमसीबी । प्रति वर्ष 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस का आयोजन किया जाता है। निर्वाचन आयोग के द्वारा इस वर्ष 15 वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस 25 जनवरी को प्रातः 11 बजे प्रत्येक कार्यालय शपथ ग्रहण किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है।
आयोग द्वारा दिये गये निर्देशानुसार राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर शपथ ग्रहण कार्यक्रम 24 जनवरी एवं जिन कार्यालय में शनिवार को अवकाश नहीं है उन कार्यालयों में 25 जनवरी को कार्यरत समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी द्वारा पूर्वाह्न 11 बजे शपथ लेने की कार्यवाही कर फोटोग्राफ्स जिला कार्यालय में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों से कार्यक्रम में समय पर उपस्थित होने की अपील की है। राष्ट्रीय मतदाता दिवस लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने और नागरिकों को अपने मताधिकार के उपयोग के प्रति प्रोत्साहित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
भूमि अधिग्रहण-विक्रय व रकबा सुधार के लिए दावा आपत्ति 6 फरवरी तक
एमसीबी। न्यायालय अतिरिक्त तहसीलदार उप तहसील नागपुर जिला एमसीबी के पत्र क्र./फ/अति.तह./वाचक/2025 नागपुर 03 जनवरी 2025, अनावेदक सुभाषचंद पिता गोकुल निवासी ग्राम-सरोला, उप. तहसील नागपुर जिला एमसीबी के द्वारा ग्राम सरोला प.ह.नं. 06 में स्थित भूमि खसरा नंबर 108/1, रकबा 0.5260 है। उप तहसील नागपुर द्वारा प्राप्त पत्र में उल्लेखित नागपुर चिरमिरी रोड हाल्ट 17 कि.मी. रेल परियोजना के विस्तार हेतु भूमि अधिग्रहण कर कार्यवाही जारी है, जिसमें हल्का पटवारी नं.-06 के द्वारा प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया है कि अधिग्रहित भूमि ग्राम सरोला के 4 खसरों में जिनके वर्तमान एवं मिसल वर्ष 1944-45 के रकबे में भिन्नता पाई गई है तथा उक्त प्रतिवेदन के आधार पर रकबा में सुधार किया जाना है।
अतः उपरोक्त वर्णित भूमि के संबंध में जिस किसी भी व्यक्ति को कोई दावा आपत्ति पेश करना है, तो दिनांक 06 फरवरी 2025 तक पेश कर सकता है। निर्धारित तिथि के पश्चात् प्राप्त किसी भी प्रकार की आपत्ति अथवा दावा स्वीकार नहीं किया जावेगा। इसी तरह एक और न्यायालय कलेक्टर एवं दण्डाधिकारी जिला एमसीबी छत्तीसगढ़ के पत्र क्रमांक 240/वाचक/कले./2025, दिनांक 10 जनवरी 2025, मनेन्द्रगढ़ के अनुसार, अनावेदिका श्रीमती सुनीता बुनकर पिता रामवृक्ष राम, निवासी ग्राम मनेन्द्रगढ़, तहसील मनेन्द्रगढ़, जिला एमसीबी द्वारा ग्राम मनेन्द्रगढ़ के पटवारी हल्का नंबर 14 में स्थित भूमि खसरा नंबर 312/58, रकबा 0.0170 हेक्टेयर के विक्रय की अनुमति हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया है।
न्यायालय में प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन के अनुसार, उक्त भूमि के खसरा नंबर 312/58 के रकबे में वृद्धि पाई गई है। मूल खसरा नंबर 312/58 के राजस्व निरीक्षक के जांच प्रतिवेदन के आधार पर उक्त भूमि के रकबे में सुधार किया जाना है। इस संबंध में, जिस किसी भी व्यक्ति को कोई दावा या आपत्ति प्रस्तुत करनी हो, वह 6 फरवरी 2025 तक प्रस्तुत कर सकता है। निर्धारित तिथि के पश्चात प्राप्त किसी भी प्रकार की आपत्ति या दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा।
निगम आयुक्त ने यात्री प्रतिक्षालय, सुलभ शौचालय का किया मुआयना
एमसीबी । गुरुवार सुबह नगर निगम चिरमिरी के आयुक्त रामप्रसाद आचला नगर निगम टीम के साथ गुरुवार की सुबह शहर के यात्री प्रतीक्षालय सुलभ शौचालय गौठान सहित अन्य सुविधाओं का मुआयना किया।
आयुक्त आचला ने वार्ड क्रमांक 05 गोकुल नगर के एसएलआरएम सेंटर, यात्री प्रतीक्षालय, गौठान सहित सुलभ शौचालय का औचक निरीक्षण किया, निरीक्षण के दौरान शौचालय के स्नानागार सुलभ शौचालय में उपस्थित कर्मचारियों को समझाइस दी गयी। आयुक्त ने कहा कि शौचालय परिषद के अंदर कूड़ा कचरा और गंदगी का अंबार नहीं होना चाहिए, शौचालय में सफ़ाई होने से आमजनों को सुविधा प्राप्त होगी। इससे स्थानीय जनों एवं राहगीरों को भी सुलभ शौचालय में शौच के लिए सुविधाओं का लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि नगर निगम की राशि से सुलभ शौचालय को चुस्त दुरुस्त कर बेहतर किया जाएगा।
वही यात्री प्रतीक्षालय को भी बेहतर किया जाएगा। जिससे दूर-दराज से आने-जाने वाले यात्रियों को ठहरने एवं बैठने सहित अन्य सुविधाए बहाल की जाएगी। गोकुल नगर के एसएलआरएम सेंटर गौठान का भी निरीक्षण के दौरान आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान स्वच्छता प्रभारी उमेश तिवारी, सहायक अभियंता विजय बधावन, जिला समन्वयक (पीआईयू) प्रवीण सिंह मौजूद रहे।
मनेन्द्रगढ़ जिले का लोकप्रिय पर्यटन स्थल है रमदहा जलप्रपात
एमसीबी । उत्तर छत्तीसगढ़ में स्थित रमदहा जलप्रपात वास्तव में एक आकर्षक पर्यटन स्थल है। यह जलप्रपात घने जंगल से घिरा हुआ है, जो इसकी सुंदरता को और भी बढ़ाता है। यह जलप्रपात पिछले कुछ वर्षों में सैलानियों के बीच काफ़ी लोकप्रिय हुआ है और यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण ने इसे एक आदर्श पर्यटन स्थल बना दिया है।
रमदहा जलप्रपात की सुंदरता न केवल इसके जलप्रपात में है, बल्कि इसके आसपास के क्षेत्र में भी फैली हुई है। यहाँ के घने जंगल, हरे-भरे मैदान और शांत वातावरण इसे एक आदर्श स्थल बनाते हैं। जहाँ लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ आराम कर सकते हैं और प्रकृति की सुंदरता का आनंद ले सकते हैं। यह जलप्रपात छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से करीब 350 किलोमीटर की दुरी में स्थित है, जो इसे एक आसानी से पहुँच योग्य स्थल बनाता है। जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के अंतर्गत पड़ने वाले ब्लॉक जनकपुर मुख्यालय से लगभग 45 किलोमीटर की दूरी पर बहरासी वन परिक्षेत्र का करवा बीट पड़ता है। जहां के ग्राम पंचायत धोवाताल के बरेल नाम के जंगल से बनास नदी का उद्गम होता है।
बनास नदी के उद्गम स्थल से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर जिले का यह प्रसिद्ध रमदाह जलप्रपाप हैै। जहां पर जाकर यह नदी अपनी सुंदरता को 50 मीटर चौड़ाई और 100 फीट नीचे गिरते हुए बिखेरती है। इस दौरान जलप्रताप का बहता पानी एक अलग ही खूबसूरती को बयां करता है। जिसे देखने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य के साथ-साथ मध्य प्रदेश से लेकर उत्तर प्रदेश तक के पर्यटक इसकी सुंदरता को निहारने के लिए यहां पहुंचते हैं। यह जलप्रपात न सिर्फ उत्तर छत्तीसगढ़ बल्कि पड़ोसी प्रांत मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में भी प्रसिद्धि हो चुका है। दिसंबर और जनवरी के महीने के दौरान यहां लोग पहले पिकनिक मनाने के लिए आते थे। वर्तमान में प्रत्येक दिन सैलानियों का यहां आना-जाना लगा रहता है। यह जलप्रपात पूरी तरह से प्राकृतिक रूप से विकसित है, जो वर्षा के दिनों में अपनी सौंदर्य बिखेरता है।
यह जलप्रपात पूरी तरह से प्राकृतिक है। बनास नदी का पानी ऊंचाई से जब नीचे गिरता है, तो नीचे से ऐसा प्रतीत होता है मानों धुंध ने समूचे स्थल को घेर लिया है। झरने से गिरता पानी आगे चलकर बनास नदी का विराट स्वरूप ले लेता है। बारिश के दिनों में जलप्रपात की सुंदरता वास्तव में अद्भुत होती है। पानी की धारा तेज होती है और जलप्रपात की आवाज़ सुनने में बहुत ही सुखद लगती है। यह जलप्रपात अपनी अनोखी सुंदरता के लिए जाना जाता है, जो पर्यटकों को आकर्षित करता है। यह जलप्रपात की सुंदरता कुछ ऐसी है कि इसे हर कोई अपने कैमरे में कैद करना चाहता है।
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अवसर पर जिले में वाहन चालकों को किया गया जागरूक
एमसीबी । राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2025 के अंतर्गत जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के कोतवाली मनेंद्रगढ़ में 11 जनवरी 2025 को एक विशेष बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक का आयोजन पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन सिंह के निर्देशन में किया गया, जिसमें पुलिस अनुविभागीय अधिकारी अलेक्सियुस टोप्पो, उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय), श्रीमती तरसीला टोप्पो और कोतवाली प्रभारी उप निरीक्षक सुनील तिवारी ने भाग लिया। बैठक में लगभग 70 से 80 टैक्सी, ऑटो और बस चालक उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान सड़क सुरक्षा से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। वाहन चालकों को मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए वाहन न चलाने, गति सीमा का पालन करने और सीट बेल्ट व हेलमेट का उपयोग अनिवार्य रूप से करने के लिए कहा गया।
उन्हें ओवरस्पीडिंग और मादक पदार्थों का सेवन कर वाहन न चलाने की सख्त हिदायत दी गई। मालवाहक वाहनों में सवारियों के परिवहन और सवारी वाहनों में क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने से बचने के निर्देश भी दिए गए। सड़क सुरक्षा नियमों और संकेतों का पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
चालकों को यह बताया गया कि सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों की सहायता करने वाले गुड सेमेरिटन को पुलिस, अस्पताल और अदालत की प्रक्रियाओं से सुरक्षित रखा जाएगा। बैठक में दुर्घटनाओं में सिर की चोटों को मृत्यु का प्रमुख कारण बताते हुए हेलमेट के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।
सभी वाहन चालकों को रॉन्ग साइड में वाहन न चलाने, अपने वाहनों में सुरक्षा रिफ्लेक्टर और नंबर प्लेट लगाने के निर्देश दिए गए।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (डव्त्ज्भ्) द्वारा नागरिकों को सड़क सुरक्षा और यातायात अनुशासन के प्रति जागरूक करने के प्रयासों का उल्लेख भी किया गया
संयुक्त टीम ने जब्त किया अवैध धान
एमसीबी । केल्हारी तहसीलदार करमचंद जाटवर के जानकारी अनुसार विगत दिवस छेरता धार पसौरी बेरियर में सायं 8:45 बजे निरीक्षण के दौरान राजस्व निरीक्षक राम प्रताप सिंह के द्वारा मध्य प्रदेश से सीमा अनिल चक्रधारी पिता भण्डारी लाल चक्रधारी निवासी बंधवा टोला तहसील कोतमा जिला अनूपपुर के द्वारा ट्रैक्टर क्रमांक एमपी 65 ए ए 1683 में 108 बोरी बिना अनुमति के अवैध धान परिवहन करने पर जब्ती की कार्यवाही की गयी। जिसका पंचनामा तैयार कर जब्त की गयी धान को धान खरीदी केन्द्र डोडकी प्रभारी के सुपुर्द किया गया। इस जब्ती की कार्यवाही में राजस्व एवं पुलिस के संयुक्त टीम द्वारा कार्यवाही की गई। तहसीलदार के सी. जाटवर, थाना प्रभारी टिकेश्वर यादव, राजस्व निरीक्षक राम प्रताप सिंह, प्रधान आरक्षक ललित यादव एवं पटवारी सूरज किस्पोट्टा का विशेष योगदान रहा।
संयुक्त टीम ने जब्त किया अवैध धान
एमसीबी । केल्हारी तहसीलदार करमचंद जाटवर के जानकारी अनुसार विगत दिवस छेरता धार पसौरी बेरियर में सायं 8:45 बजे निरीक्षण के दौरान राजस्व निरीक्षक राम प्रताप सिंह के द्वारा मध्य प्रदेश से सीमा अनिल चक्रधारी पिता भण्डारी लाल चक्रधारी निवासी बंधवा टोला तहसील कोतमा जिला अनूपपुर के द्वारा ट्रैक्टर क्रमांक एमपी 65 ए ए 1683 में 108 बोरी बिना अनुमति के अवैध धान परिवहन करने पर जब्ती की कार्यवाही की गयी। जिसका पंचनामा तैयार कर जब्त की गयी धान को धान खरीदी केन्द्र डोडकी प्रभारी के सुपुर्द किया गया। इस जब्ती की कार्यवाही में राजस्व एवं पुलिस के संयुक्त टीम द्वारा कार्यवाही की गई। तहसीलदार के सी. जाटवर, थाना प्रभारी टिकेश्वर यादव, राजस्व निरीक्षक राम प्रताप सिंह, प्रधान आरक्षक ललित यादव एवं पटवारी सूरज किस्पोट्टा का विशेष योगदान रहा।
मनेन्द्रगढ़ में मोतियाबिंद ऑपरेशन शुरू, 17 लोगों को मिली नेत्र ज्योति
एमसीबी । राष्ट्रीय अंधत्व एवं अल्प दृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य मंत्री के प्रयासों से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनेंद्रगढ़ में मोतियाबिंद ऑपरेशन प्रारंभ हो गया है। डॉ. अविनाश खरे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य आधिकारी मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर के निर्देशन एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक व डॉ. पुष्पेंद्र सोनी, डॉ. एस. एस. सिंह बीएमओ के मार्गदर्शन में सोमवार को 17 लोगों का मोतियाबिंद ऑपरेशन डॉ. आर.एस. सेंगर नेत्र विशेषज्ञ द्वारा किया गया ।
ज्ञात हो कि विगत जुलाई माह में बारिश के कारण ऑपरेशन थियेटर में नमी आ जाने के कारण ऑपरेशन को बंद किया गया था। ओटी की रिपेयरिंग कराने के बाद कल्चर नेगेटिव आने के बाद ओटी में ऑपरेशन शुरू हो गया है। स्वास्थ्य मंत्री के द्वारा डॉ. मनोज सिंह आई सर्जन बिलासपुर और डॉ. श्रीमति उमा खापर्डे अपनी सेवाएं जिला चिकित्सालय में दे रहे हैं। अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनेंद्रगढ़ में ऑपरेशन लगातार जारी रहेगा, इसके साथ ही आवश्यक दवाई संसाधन की व्यवस्था भी की जा रही हैं। नेत्र ऑपरेशन में डॉ. सेंगर के अलावा आर. डी. दीवान सहायक नोडल अधिकारी (अंधत्व), किरण वर्मा, अल्पना पटेल, प्रियंका साहू, दशरथ राम, रामकरण साहू, रजनीश कुमार एवं गिरधारी ने सफल नेत्र ऑपरेशन में सहयोग दिया।
खनिज विभाग की कार्यवाही पैनारी में स्टोन क्रशर को किया सीलबंद
एमसीबी । कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देशन में विगत 03 को खनिज एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम के द्वारा ग्राम पैनारी तहसील खड़गवां स्थित खसरा क्रमांक 1067 रकबा 0.40 हेक्टेयर क्षेत्र में गजरूप सिंह पिता रामसिंग निवासी पैनारी के पक्ष में स्वीकृत खनिज साधारण पत्थर खदान का जांच किया गया।
जिसमें उत्खनीपट्टाधारी के द्वारा पट्टा क्षेत्र से लगे बड़े झाड़ के जमीन खसरा क्रमांक 1080 में अवैध खनन किया जाना पाया गया और इसके साथ ही साथ खदान को दर्शाने वाली सीमा स्तंभ भी नहीं लगा पाया गया।
उत्खनन योजना अनुसार खनन किया जाना नहीं पाया गया, आवक जावक रजिस्टर एवं अभिवहन पास नहीं पाया गया। साथ ही पर्यावरणीय नियमों का भी पालन नहीं किया गया है।
जिससे मौके पर ही खदान क्षेत्र के भीतर स्थापित क्रशर मशीन को छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भंडारण ) नियम 2009 के तहत कार्यवाही किया जाकर आगामी आदेश पर्यंत सील बंद किया गया है एवं खदान के शर्तों के उल्लंघन के तहत भी कार्यवही की गई है। ऐसी कार्यवाही जिले में निरंतर जारी रहेगी।
जल जीवन मिशन ने बदली सरस्वती बाई की जिंदगी
एमसीबी । मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम पंचायत पाराडोल के हर घर तक जल जीवन मिशन के तहत नल से जल को पहुंचाने का सपना साकार हो चुका है। जल जीवन मिशन के तहत इस बस्ती के लोगों को अब स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की सुविधा मिल रही है। इस ऐतिहासिक और क्रांतिकारी पहल से ग्रामीणों के जीवन में व्यापक बदलाव आया है, और इसकी एक मिसाल ग्राम पंचायत पाराडोल की निवासी श्रीमती सरस्वती बाई की प्रेरणादायक कहानी है।
सरस्वती बाई एक सामान्य ग्रामीण महिला हैं, जिनका जीवन कभी पानी के लिए संघर्ष में बीतता था। अपने परिवार के लिए पानी लाने उन्हें लंबी दूरी तय कर खेतों के रास्ते कुएं तक जाना पड़ता था। यह प्रक्रिया न केवल उनके कीमती समय को बर्बाद करता था, बल्कि उनके परिवार के स्वास्थ्य जीवन पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता था। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य के मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में शुरू हुए जल जीवन मिशन से सरस्वती और उनके परिवार की जिंदगी बदल गई है।
सरस्वती का जीवन और उनके परिवार में आया बदलाव
अब सरस्वती के घर में नल से स्वच्छ और सुरक्षित पानी आता है। इस बदलाव ने न केवल उनके समय की बचत की है, बल्कि उनके परिवार के स्वास्थ्य में भी बड़ा सुधार किया है। सरस्वती बताती हैं कि अब वह समय, जो पानी लाने में व्यर्थ होता था, अब वह नहीं होता है अब कुछ समय अपने परिवार के साथ बिताती हैं और खेती के अलावा अन्य कामों में भी ध्यान लगाती हैं। ग्राम पंचायत पाराडोल में जल जीवन मिशन के अंतर्गत कुल 127 घरों में से 118 घरों में नल कनेक्शन लगकर पूर्ण हो चुका हैं। इसके साथ ही शासन ने इन कनेक्शनों का सत्यापन भी सुनिश्चित किया है, जिससे अब निजी स्रोतों पर निर्भरता पूरी तरह समाप्त हो गई है।
सरस्वती ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री का किया आभार
सरस्वती ने जल जीवन मिशन की सफलता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को आभार व्यक्त किया हैं। उनका कहना है कि इस योजना से ग्रामीण महिलाओं के जीवन को न केवल आसान बनाया है, बल्कि उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर भी दिया है।
जल जीवन मिशन योजना से हो रहा व्यापक प्रभाव
जल जीवन मिशन योजना केवल पानी की आपूर्ति तक सीमित नहीं है। बल्कि यह ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य सुधार और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत कदम है। सरस्वती बाई की कहानी इस मिशन की अनगिनत सफलता की कहानियों में से एक है, जो यह साबित करती है कि जब सरकार और जनता मिलकर काम करते हैं, तो हर चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है। जल जीवन मिशन ने यह साबित कर दिया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और सही दिशा में किए गए प्रयासों से समाज में बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है।
पर्यटन स्थल अमृतधारा में परियोजना निदेशक ने किया श्रमदान
एमसीबी । जिले के बहुचर्चित और रमणीय स्थल अमृतधारा में जिले के अधिकारियों सहित ग्रामीणों आगंतुकों ने स्वच्छता श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया। नये वर्ष के आगमन से अमृतधारा का लुफ्त उठाने हेतु हजारों की संख्या में पर्यटक अमृतधारा पहुंचते है। पिकनिक मनाते हुए जागरूकता के अभाव में जगह-जगह प्लास्टिक की थैलियों एवं बचे हुए अपशिष्ट को स्थल पर ही छोड़ देते है। स्थल पर सामुदायिक स्वच्छता हेतु जहां श्रमदान स्वच्छता की पहल की वही दूसरी और अपना कचरा अपनी जिम्मेदारी हेतु समझाइए भी दी गई। मंदिर समिति के पुजारी के द्वारा अमृतधारा स्थल पर स्वच्छता हेतु माइक के माध्यम से आगंतुकों से गंदगी न करने हेतु भी अनुरोध किया जाता है।
श्रमदान कर परियोजना निदेशक नितेश उपाध्याय ने 2025 में सामुदायिक स्वच्छता हेतु घरेलू गंदे पानी, जल संवर्धन जल संरक्षण हेतु, सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंध, सोर्स सेग्रीगेशन, हेतु स्वच्छता शपथ दिलाई एवं संकल्प पर हस्ताक्षर किए गए। जिसमें जिला खनिज अधिकारी दयानंद तिग्गा, खनिज इंस्पेक्टर आदित्य मानकर, जनपद सीईओ वैशाली सिंह, रतन दास मानिकपुरी, रितेश पाटीदार, सिमेंद्र सिंह के साथ जिला समन्वयक राजेश जैन प्रभा प्यासी सरपंच सोनसाय, सचिव संतलाल साहू एवं स्वच्छग्राही समूह की महिलाएं उपस्थित रही।
स्वच्छता बेरियर बना आजीविका का स्रोत,न्यू ईयर पर 7530 रु मिला स्वच्छता शुल्क
पर्यटन एवं दर्शनीय स्थल अमृतधारा में पर्यटन की नियमित साफ सफाई एवं स्वच्छता हेतु स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण अंतर्गत स्वच्छता बैरियर की शुरुआत की गई है। जिसमें 10 महिलाओं को जोड़ा गया। आगंतुकों से स्वच्छता शुल्क के रूप में 10 एवं 20 रुपये प्रति वाहन लिया जाता है। जिससे संलग्न स्वच्छग्राही महिलाओं को अतिरिक्त आय सृजित हो सके और स्थल पर नियमित रूप से साफ सफाई हो सके।
बिहान योजना से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ी अंजू की प्रेरणादायक कहानी
एमसीबी। छत्तीसगढ़ में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके जीवन में बदलाव लाने की दिशा में बिहान योजना ने अहम भूमिका निभाई है। इस योजना के माध्यम से लाखों महिलाएं आज आत्मनिर्भर बन रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है मनेंद्रगढ़ विकासखंड के चनवारीडांड की रहने वाली अंजू सिंह की है जिन्होंने संघर्ष और मेहनत से खुद को 'लखपति दीदी' के रूप में स्थापित किया।
आर्थिक तंगी और पारिवारिक जिम्मेदारियों से परेशान थी अंजू
अंजू सिंह का जीवन आर्थिक तंगी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बोझ के साथ शुरू हुआ। उनके परिवार के पास आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं था। गरीबी और कठिनाइयों के बीच उन्होंने अपने सपनों को साकार करने का हौसला बनाए रखा। इसी दौरान उन्हें राज्य सरकार की छत्तीसगढ़ ग्रामीण आजीविका मिशन 'बिहान योजना' के बारे में जानकारी मिली। अंजू ने इस योजना से जुड़ने का निर्णय लिया, जो उनके जीवन में बदलाव लाने वाला सबसे बड़ा कदम साबित हुआ।
अंजू सिंह को बिहान योजना से मिली नई उम्मीद
बिहान योजना के तहत अंजू सिंह ने मुर्गीपालन का व्यवसाय शुरू किया। छोटे से कमरे से शुरू हुआ उनका व्यापार मेहनत और लगन के बलबूते धीरे-धीरे बढ़ने लगा। बिहान योजना के सहयोग और अपने दृढ़ संकल्प के चलते अंजू की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ। आज अंजू सिंह की सालाना बचत एक लाख रुपये तक पहुंच गई है। इस सफलता ने न केवल उनके जीवन को बदल दिया है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और सामाजिक प्रतिष्ठा में भी जबरदस्त बढ़ोतरी की है।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को व्यक्त किया आभार
अंजू सिंह ने अपनी सफलता के लिए प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री साय का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाएं महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता देने के लिए हैं। इन योजनाओं का लाभ लेकर हर महिला अपने जीवन को बेहतर बना सकती है।
अंजू अन्य महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा
अंजू सिंह की कहानी अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है। उनकी सफलता ने यह साबित कर दिया है कि अगर इच्छाशक्ति और मेहनत का साथ मिले, तो हर बाधा को पार किया जा सकता है। आज अंजू सिंह सिर्फ 'लखपति दीदी' नहीं बल्कि उन हजारों महिलाओं के लिए एक मार्गदर्शक हैं, जो अपने सपनों को साकार करने का हौसला रखती हैं। बिहान योजना ने यह साबित कर दिया है कि जब महिलाओं को अवसर और सही मार्गदर्शन मिले, तो वे अपने जीवन में अभूतपूर्व बदलाव ला सकती हैं। अगर काम में लगाव हो तो हर चुनौती को मेहनत और धैर्य के साथ जीता जा सकता है। यह कहानी प्रदेश की हर महिला के लिए प्रेरणादायक है।