छत्तीसगढ़ / बस्तर
जगदलपुर में बनेंगे दो पिंक शौचालय
जगदलपुर । जगदलपुर नगर निगम की मेयर इन काउंसिल बैठक में महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दो नए पिंक शौचालयों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की। इसके लिए संजय मार्केट और शहीद पार्क को उपयुक्त स्थान के रूप में चुना गया है। आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह निर्माण कार्य कार्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) गतिविधियों के तहत छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेज कार्पोरेशन लिमिटेड करेगा।
महापौर ने कहा कि, महिलाओं के लिए स्वच्छ और सुरक्षित शौचालयों की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि निर्माण के लिए राशि स्टेट बेवरेज कार्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी के माध्यम से प्राप्त होगी,जिसके लिए उन्होंने धन्यवाद प्रकट किया। महापौर ने कहा कि, संजय मार्केट और शहीद पार्क में महिला श्रमिकों, यात्रियों और आम नागरिकों की अधिक आवाजाही को देखते हुए यह निर्णय बेहद उपयोगी सिद्ध होगा। शहरी विकास एवं महिला सुरक्षा के लिए सार्थक कदम है। महापौर ने कहा कि यह पहल न केवल स्वच्छता को बढ़ावा देगी,बल्कि सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा,सुविधा और सम्मान को भी मजबूत करेगी। दोनों स्थानों पर निर्माण कार्य शीघ्र ही प्रारंभ होगा।
संजय मार्केट और शहीद पार्क में बनेगा
नगर निगम ने 2025-26 के लिए पिंक शौचालय निर्माण का प्रस्ताव स्टेट बेवरेज कार्पोरेशन को भेजा है,जिसके अंतर्गत सीएसआर गतिविधियों से संजय मार्केट और शहीद पार्क में महिला-अनुकूल,सुरक्षित एवं स्वच्छ पिंक शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। महापौर ने इस स्वीकृति को शहरी स्वच्छता, महिला सम्मान और आधुनिक नगरीय सुविधाओं की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी के प्रति आभार व्यक्त किया तथा कहा कि निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ कर महिलाओं को बेहतर सार्वजनिक सुविधा प्रदान की जाएगी।
बस्तर ओलम्पिक 2025 : अबूझमाड़ ओरछा की बेटियाँ संभाग स्तरीय खो-खो प्रतियोगिता में नारायणपुर का करेंगी प्रतिनिधित्व
जिला स्तर पर प्रथम स्थान जीतकर रबिना और टीम ने संभागीय मंच तक बनाई शानदार जगह
बस्तर ओलंपिक ने सुदूर क्षेत्रों की प्रतिभाओं को दिया बड़ा अवसर, खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति जताया आभार
बस्तर, 5 दिसंबर 2025

बस्तर के सुदूर अंचलों में दबी पड़ी खेल प्रतिभाओं को एक मजबूत मंच देने के लक्ष्य के साथ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा प्रारंभ किए गए बस्तर ओलंपिक ने अबूझमाड़ के युवाओं के जीवन में नई उमंग और नई दिशा जगाई है। 2024 में पहली बार आयोजित हुए इस महोत्सव की अभूतपूर्व सफलता के बाद, इस वर्ष पुनः भव्य रूप में बस्तर ओलंपिक 2025 का आयोजन किया जा रहा है। 11 से 13 दिसंबर तक जगदलपुर में होने वाली संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश भर की नजरें अबूझमाड़–ओरछा की बेटियों पर टिकी हैं।

जिला स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए रबिना पोटाई के नेतृत्व वाली नारायणपुर की जूनियर खो-खो टीम ने संभाग स्तरीय प्रतियोगिता के लिए क्वालिफाई किया है। ओरछा की शांत-पहाड़ी गलियों से निकलकर प्रदेश स्तर के मंच तक पहुंची यह टीम अब अपने जिले के लिए नए कीर्तिमान बनाने को तैयार है।
बस्तर ओलंपिक ने हमें बड़ा मंच दिया, अब संभाग स्तर पर पूरी तैयारी के साथ उतरेंगे — रबिना
अबूझमाड़ ओरछा की रबिना पोटाई ने बताया कि बचपन से ही उसका मन खेल में लगता था। मेरे माता-पिता नहीं और हम लोग 4 भाई-बहन हैं वे हमेशा मेरा हौसला बढ़ाते हैं। पहले हमारे क्षेत्र में न तो अच्छे अभ्यास के साधन थे और न ही बड़े प्रतियोगिताओं का अनुभव मिल पाता था इसलिए हमारी प्रतिभा अक्सर दिख नहीं पाती थी। जब से बस्तर ओलंपिक शुरू हुआ है तब से हमें वह मंच मिला जिसकी हमें वर्षों से आवश्यकता थी। मैंने पिछले साल भी इसमें भाग लिया था और संभाग स्तर तक पहुँचकर दूसरा स्थान प्राप्त किया था। उस अनुभव ने मुझे और मजबूत किया। इस बार हमने और कड़ी मेहनत की है। हमारा एक ही लक्ष्य है कि नारायणपुर जिले को खो-खो में प्रथम स्थान दिलाना है। मैं चाहती हूँ कि मेरा गाँव, मेरा स्कूल और मेरा जिला मुझ पर और मेरे पुरे टीम के ऊपर गर्व महसूस करे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी का इस पहल के लिए मैं हृदय से आभार व्यक्त करती हूँ। यह आयोजन हमें बड़े मंचों तक पहुँचने का मौका दे रहा है और हम सभी अपनी पूरी क्षमता दिखाएँगे।
रबिना के साथ खेलने वाली खिलाड़ी हैं सलोनी कोवाची, सुंदरी पोटाई, रोशनी कुमेटी, सनिता, सरीता मंडावी, शिवानी कचलाम, अंजु रावल, कविता पद्दा, ममता वड्डे, मनिषा पोटाई और सुनिता उसेंडी। इन खिलाड़ियों ने सीमित संसाधनों के बावजूद अनुशासन और निरंतर अभ्यास से जिला स्तर पर श्रेष्ठता साबित की है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा बस्तर ओलंपिक की शुरूआत ने सुदूर व घने जंगलों में रहने वाली पीढ़ियों के नजरिये में बदलाव लाया है। पहले जहां प्रतिभा नजरअंदाज होती थी वहाँ अब संरचित मंच और प्रतिस्पर्धा के अवसर उपलब्ध हैं। रबिना और उनकी टीम की यह उपलब्धि सिर्फ खेल की जीत नहीं है यह सामाजिक बदलाव आत्मविश्वास और मेहनत की जीत भी है।
बस्तर में उल्लास महापरीक्षा की तैयारी जोरों पर
जगदलपुर । जिला पंचायत शिक्षा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान उल्लास साक्षरता महापरीक्षा की तैयारी सहित शिक्षा से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस बैठक का मुख्य केंद्र आगामी 7 दिसंबर को आयोजित होने वाली महापरीक्षा की तैयारियों पर रहा। बैठक में अवगत कराया गया कि बस्तर जिले में 7 दिसंबर को कुल 36 हजार परीक्षार्थी उल्लास केंद्र के माध्यम से इस महापरीक्षा में सम्मिलित होंगे, जिसके लिए जिलेभर में 771 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। महापरीक्षा के सफल आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए यह निर्णय लिया गया कि जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता से सभी परीक्षार्थियों को उनके परीक्षा केंद्र तक लाने हेतु विशेष प्रयास किए जाएंगे।
बैठक के दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष एवं शिक्षा समिति के सभापति श्री बलदेव मंडावी द्वारा सभी उपस्थित सदस्यों को उल्लास शपथ भी दिलाई गई। साथ ही एजेंडावार समीक्षा की गई और निःशुल्क सरस्वती सायकल योजनांतर्गत साइकिल वितरण, शाला प्रबंधन समिति के निर्णयों का क्रियान्वयन, मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम का सुचारु संचालन और स्कूल भवन निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की प्रगति पर चर्चा हुई। वहीं आश्रम-छात्रावासों के प्रबंधन की समीक्षा कर विशेष रूप से ठंडे मौसम को देखते हुए आश्रम-छात्रावासों में कंबल एवं चादर की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा सभी कक्षाओं सहित विशेष तौर पर 10 वीं और 12 वीं बोर्ड परीक्षाओं के लिए परीक्षार्थियों को बेहतर तैयारी करवाने पर जोर दिया गया। बैठक में जिला पंचायत सदस्य श्री वनवासी मौर्य, शकुंतला कश्यप, सुश्री ललिता कश्यप, बिंदु साहू तथा जिला शिक्षा अधिकारी श्री बीआर बघेल, सहायक संचालक आदिवासी विकास सुश्री तनुजा नाग, जिला मिशन समन्वयक श्री अशोक पांडे, जिला नोडल अधिकारी उल्लास महापरीक्षा श्री राकेश खापर्डे और जिले में पदस्थ सभी खंड शिक्षा अधिकारी सहित खंड स्रोत समन्वयक, सहायक खंड शिक्षा अधिकारी एवं मंडल संयोजक उपस्थित थे।
बस्तर में शांति और विकास की नई इबारत
नक्सल प्रभावित इलाकों में वानिकी कार्य बना रोजगार का नया जरिया
रायपुर, 05 दिसम्बर 2025

वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देश पर बस्तर जिले के सुदूर गांव चांदामेटा, मुण्डागढ़, छिन्दगुर और तुलसी डोंगरी जो पहले नक्सल गतिविधियों के गढ़ माने जाते थे, अब शांति और विकास की नई पहचान बन रहे हैं। जहां कभी नक्सलियों की ट्रेनिंग हुआ करती थी, वहीं आज वन विभाग स्थानीय युवाओं को वानिकी कार्यों का प्रशिक्षण देकर उन्हें स्व-रोजगार दे रहा है।

रोजगार की उपलब्ध से आर्थिक स्थिति भी हो रही है मजबूत
लंबे समय तक नक्सलियों के प्रभाव और कानूनों की गलत व्याख्या के कारण ग्रामीण विकास के रास्ते से भटक गए थे। शासन के प्रति अविश्वास का माहौल बना दिया गया था, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। ग्रामीणों ने इन असामाजिक तत्वों की असल मंशा समझ ली है और वे अब भटकने के बजाय विकास में सहभागी के लिए तैयार हैं। वन विभाग के अधिकारियों द्वारा लगातार संवाद, जागरूकता और विश्वास निर्माण के प्रयासों से ग्रामीणों का नजरिया बदला है। वानिकी कार्यों में स्थानीय लोगों को घर के पास ही रोजगार उपलब्ध कराकर उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा रहा है तथा सामाजिक रूप से भी वे सशक्त हुए हैं।
बांस वन प्रबंधन से आर्थिक लाभ
मुण्डागढ़ के आसपास स्थित बांस वनों में इस वर्ष वैज्ञानिक तरीके से वन-उपचार किया गया। इस काम में ग्रामीणों को लगभग 20 लाख रुपये का तत्काल रोजगार मिला, जो सीधे उनके बैंक खातों में जमा होगा। अगले तीन वर्षों में लगभग एक करोड़ 37 लाख रुपये के अतिरिक्त रोजगार की संभावना है। इस क्षेत्र से प्राप्त 566 नोशनल टन बांस के उत्पादन का पूरा लाभ वन प्रबंधन समिति के माध्यम से ग्रामीण विकास में ही खर्च किया जाएगा।
क्षेत्रीय वानिकी उपचार बढ़ाएगा रोजगार
छिन्दगुर और चांदामेटा के पहाड़ी क्षेत्रों में प्रवरण सह सुधार कार्य के तहत बीमार, पुराने और मृत वृक्षों को हटाकर जंगल का उपचार किया जा रहा है, इससे ग्रामीणों को 32 लाख रुपये का तत्काल रोजगार मिल रहा है। काष्ठ उत्पादन से प्राप्त आय का 20 प्रतिशत भी गांव की समिति को मिलेगा। अगले छह वर्षों में लगभग 43 लाख रुपये का अतिरिक्त रोजगार इसी उपचार कार्य से मिलेगा। वन विभाग ग्रामीणों की जरूरतों का भी ध्यान रख कर ठंड से बचाव के लिए कंबल वितरण तथा समिति सदस्यों को टी-शर्ट उपलब्ध कराने जैसी आवश्यकताएं तुरंत पूरी की जा रही हैं।
हिंसा छोड शांति, आजीविका और आत्मनिर्भरता की ओर
वन मंडलाधिकारी श्री उत्तम गुप्ता ने कहा कि जो इलाके पहले भय और हिंसा से पहचाने जाते थे, वे आज शांति, आजीविका और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं। वानिकी कार्यों के माध्यम से जल, जंगल और जमीन का संरक्षण करते हुए ग्रामीणों को स्थायी आजीविका दी जा रही है। बस्तर के नक्सल मुक्त गांव यह साबित कर रहे हैं कि जब विश्वास और विकास साथ आते हैं, तब बदलाव होना निश्चित है।
साईगुड़ा सिंचाई योजना के लिए 12.98 करोड़ रुपये स्वीकृत
छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा बस्तर जिले के विकासखण्ड-दरभा के साईगुड़ा व्यपवर्तन योजना के कार्यों केे लिए 12 करोड़ 98 लाख 19 हजार रुपये स्वीकृत किये गये है। योजना से 180 हेक्टेयर में खरीफ और 70 हेक्टेयर में रबी की फसलों के लिए सिंचाई सुविधा मिलेगी। योजना के निर्माण कार्यों को पूर्ण कराने के लिए जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से मुख्य अभियंता गोदावरी कछार जल संसाधन विभाग जगदलपुर को प्रशसकीय स्वीकृति दी गई है।
चक्रवाती तूफान ‘दितवाह’ का असर: बस्तर में बारिश के आसार
बस्तर । बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान ‘दितवाह’ का असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर भी दिखने लगा है। इसके प्रभाव से बस्तर संभाग में हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है, जबकि अधिकांश क्षेत्रों में बादल छाए रहने के आसार हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, चक्रवात के कारण फिलहाल ठंड बढ़ने की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। पूर्वी और दक्षिणी हवाओं के सक्रिय रहने से प्रदेश में नमी का स्तर भी बढ़ेगा।
मौसम विभाग ने बताया कि अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान 1 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है। इसके बाद तापमान में फिर गिरावट दर्ज होगी और शीतलहर का प्रभाव बढ़ सकता है। पिछले 24 घंटों में राज्य का सबसे अधिक तापमान 30.8°C दुर्ग में और सबसे कम 8.0°C अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया।
इधर, स्वास्थ्य विभाग ने तापमान में उतार-चढ़ाव को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने चेतावनी दी है कि मौसम में अचानक बदलाव से हाइपोथर्मिया, सर्दी-जुकाम और वायरल फीवर के मामले बढ़ सकते हैं। लोगों से अपील की गई है कि शीतलहर के दौरान अनावश्यक बाहर न निकलें, आवश्यकता होने पर ही यात्रा करें और बाहर जाते समय गरम कपड़ों का पूरा उपयोग करें।
बस्तर पंडुम 2026 : उच्चस्तरीय बैठक का हुआ आयोजन
उपमुख्यमंत्री सहित वन मंत्री एवं संस्कृति मंत्री बैठक में हुए शामिल
बस्तर । छत्तीसगढ़ की समृद्ध आदिवासी संस्कृति को जीवंत बनाने के लिए ‘बस्तर पंडुम 2026' के आयोजन के लिए शनिवार को उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के रायपुर स्थित निवास पर उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल बैठक में शामिल हुए। इस महोत्सव में बस्तर संभाग की अनूठी लोककला, संस्कृति, रीति-रिवाज और पारंपरिक जीवनशैली को मंच देने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर पंडुम का आयोजन न केवल बस्तर की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का प्रयास है, बल्कि इस क्षेत्र के प्रतिभाशाली कलाकारों को मंच देने और उनकी कला को प्रोत्साहन प्रदान करने का सुनहरा अवसर भी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में इसका सफल आयोजन हेतु सभी विभागों को मिलकर समन्वय के साथ कार्य करना है। वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर पंडुम अपने आप में अनूठा अवसर है जो बस्तर के युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विविधता और उसकी खूबसूरती एक बड़े मंच पर दिखाने का मौका प्रदान करती है।
संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि बस्तर पंडुम का आयोजन राज्य की संस्कृति का परिचायक है। इसके लिए राज्य शासन के द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां तय समय सीमा में पूर्ण करनी होंगी। 05 जनवरी-05 फरवरी 2026 तक होने वाले ‘बस्तर पंडुम 2026’ में 12 प्रमुख विधाओं में बस्तर के पारंपरिक नृत्य-गीत, रीति-रिवाज, जनजातीय नृत्य, वाद्ययंत्र, शिल्प, पारंपरिक व्यंजन, जनजातीय गीत, वेशभूषा, चित्रकला, आंचलिक साहित्य, जनजातीय नाट्य, जनजातीय आभूषण, पेय पदार्थ एवं वन-औषधी के प्रदर्शन पर आधारित प्रतियोगिताएं होंगी। ये प्रतियोगिताओं क्रमशः जनपद, जिला और संभाग स्तर पर आयोजित की जाएंगी।
प्रतियोगिता का पहला चरण 05 से 15 जनवरी 2026 तक जनपद स्तर पर होगा, दूसरा चरण 20 से 25 जनवरी 2026 तक जिला स्तर पर और अंतिम चरण 01 से 05 फरवरी 2026 तक संभाग स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन होगा। प्रत्येक चरण के विजेताओं को पुरस्कार राशि और प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बस्तर पण्डुम में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रसारित किये जाने हेतु जनजातीय बाहुल्य राज्यों के जनप्रतिनिधियों, केन्द्रीय मंत्री, विदेशी राजनयिकों, राजदूतों एवं बस्तर क्षेत्र के स्थानीय विषय विशेषज्ञ, पद्म विभूषित गणमान्य नागरिकों, बस्तर क्षेत्र के विभिन्न कार्य क्षेत्रों उपलब्धि प्राप्त विशिष्ट जनों को बस्तर की विशिष्ट संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए आमंत्रित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही बस्तर के समस्त समाज प्रमुख, सिरहा, मांझी, चालकी को भी आमंत्रित करने को कहा।
सभी ने एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को साकार करते हुये देश के समस्त राज्यों के कलाकारों को जनजातीय लोक कला नृत्यों के प्रदर्शन एवं प्रस्तुति हेतु आमंत्रित करने के निर्देश दिए। बस्तर पंडुम में संभाग के 07 जिलों के 1885 ग्राम पंचायत, 32 जनपद पंचायत, 08 नगर पालिका, 12 नगर पंचायत तथा 01 नगर निगम क्षेत्र के प्रतिभागी शामिल होंगे। इस अवसर पर संस्कृति विभाग के सचिव रोहित यादव, संचालक विवेक आचार्य, बस्तर पंडुम के नोडल अधिकारी युगल किशोर एवं मंत्री राजेश अग्रवाल के ओएसडी जितेंद्र सिंह उपस्थित रहे।
बस्तर ओलंपिक: संभाग स्तरीय प्रतियोगिता 11 से 13 दिसम्बर तक
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और अरुण साव ने तैयारियों की समीक्षा की
बस्तर । उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और अरुण साव ने बस्तर ओलंपिक-2025 के संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं के आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की। संभागीय मुख्यालय जगदलपुर में 11 से 13 दिसम्बर तक इसका आयोजन किया जाएगा। बस्तर ओलंपिक के जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं के तीन हजार विजेता खिलाड़ी संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे। करीब 500 नक्सल पीड़ित और पुनर्वासित नक्सली भी इन स्पर्धाओं में हिस्सेदारी करेंगे। उपमुख्यमंत्री शर्मा के रायपुर के सिविल लाइन स्थित निवास कार्यालय में हुई बैठक में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार भी शामिल हुए। संभागायुक्त डोमन सिंह और पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. के साथ बस्तर संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायतों के सीईओ तथा खेल अधिकारी बैठक में वर्चुअली शामिल हुए।
उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने बैठक में कहा कि बस्तर ओलंपिक केवल खेलों का आयोजन नहीं है, बल्कि विकास और खेल का संगम है। यह बस्तर के युवाओं के सशक्तीकरण और उनमें नेतृत्व के विकास की पहल है। राज्य सरकार बस्तर के युवाओं को खेल, संस्कृति और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना चाहती है। उन्होंने संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं के सफल और उत्कृष्ट आयोजन के लिए सभी विभागों को परस्पर समन्वय के साथ पुख्ता तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रतिभागियों के लिए की जा रही व्यवस्थाओं में किसी भी तरह की कमी या खामी नहीं छोड़ते हुए आयोजन स्थलों, खेल प्रबंधन, आवास, साफ-सफाई, भोजन, परिवहन, सुरक्षा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों इत्यादि के लिए उत्कृष्ट व्यवस्थाएं बनाने को कहा। साव ने कहा कि बस्तरवासियों के साथ ही देश और दुनिया में बस्तर ओलंपिक का बहुत अच्छा और सकारात्मक संदेश जाना चाहिए।
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने बस्तर ओलंपिक के आयोजन से जुड़े सभी विभागों और अधिकारियों को इसे यादगार बनाने अपनी-अपनी भूमिका और कार्यों के अनुरूप दायित्वों का गंभीरता व सक्रियता से वहन करने के निर्देश दिए। उन्होंने बस्तर के युवाओं को खेलों से जोड़ने तथा उनकी ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों में लगाने के लिए प्रेरित करने स्थानीय लोगों के साथ ही ज्यादा से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय खिलाड़ियों को बस्तर ओलंपिक के संभाग स्तरीय आयोजन से जोड़ने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को पिछले बस्तर ओलंपिक के विजेताओं और इस बार के विजेताओं को यूथ-आइकॉन बनाकर ज्यादा से ज्यादा गतिविधियों में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा जिससे अन्य लोग भी प्रेरित हों।
बस्तर जिले के प्रभारी खेल अधिकारी ऋषिकेश तिवारी ने बैठक में बताया कि बस्तर ओलंपिक में भाग लेने के लिए संभाग के सभी 32 विकासखंडों के कुल तीन लाख 91 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने अपना पंजीयन कराया था। विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिताओं के दस हजार से अधिक विजेता खिलाड़ियों ने जिला स्तरीय स्पर्धाओं में भागीदारी की। जिला स्तरीय आयोजनों के करीब तीन हजार विजेता संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे। संभाग स्तरीय स्पर्धाओं में लगभग 500 नक्सल पीड़ित और पुनर्वासित नक्सली भी हिस्सेदारी करेंगे। 11 खेलों एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, कराटे, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल और रस्साखींच में ये अपना खेल कौशल दिखाएंगे।
तिवारी ने बताया कि बस्तर ओलंपिक के संभाग स्तरीय आयोजन के दौरान जगदलपुर के सिटी ग्राउंड में फुटबॉल, व्हॉलीबॉल, कराटे, वेटलिफ्टिंग एवं बैडमिंटन स्पर्धाएं होगी। पंडरीपानी स्थित खेलो इंडिया सेंटर में हॉकी के मैच होंगे। वहीं धरमपुरा स्थित क्रीड़ा परिसर में कबड्डी, खो-खो, आर्चरी, एथलेटिक्स और रस्साकसी की प्रतियोगिताएं होंगी। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनूजा सलाम, उप संचालक श्रीमती रश्मि ठाकुर एवं अन्य विभागीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।
कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह ने स्कूल शिक्षा विभाग की ली संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक
हाईस्कूल एवं हायर सेकंडरी बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट नतीजे हासिल करने पर करें ध्यान केन्द्रित- कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह
जगदलपुर, 28 नवम्बर 2025
बस्तर संभाग के कमिश्नर श्री डोमन सिंह ने कहा है कि हाईस्कूल एवं हायर सेकंडरी बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट नतीजे हासिल करने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए विद्यालय स्तर पर ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। इस दिशा में शिक्षकों की अध्यापन के साथ ही सुविधा की उपलब्धता के आधार पर ऑनलाइन टीचिंग मटेरियल तथा ई-विद्या का बेहतर उपयोग कर बच्चों की पढ़ाई पर फोकस करें। साथ ही विषय विशेषज्ञ के तौर पर स्वेच्छा से सेवाएं देने वाले अधिकारियों सहित मैदानी कर्मचारियों को बच्चों की पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। वर्तमान में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देकर निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने हेतु बूथ लेवल आफिसर्स को आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाए। इस दिशा में बीईओ, बीआरसी और संकुल समन्वयकों को भी जिम्मेदारी सौंपकर कम प्रगति वाले बूथों पर सहायता प्रदान किया जाए। कमिश्नर बस्तर गुरुवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए स्कूल शिक्षा विभाग की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान उक्त निर्देश दिए।
कमिश्नर श्री सिंह ने समीक्षा बैठक में कहा कि बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर परिणाम तभी संभव हैं जब विद्यालयों में नियमित कक्षाएं, विषय-विशेष प्रशिक्षण, मॉडल परीक्षा, टेस्ट सीरीज और कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष मार्गदर्शन पर जोर दिया जाए। उन्होंने स्कूलों में पढ़ाई के वातावरण को और अधिक अनुकूल बनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने शिक्षकों से अपेक्षा की कि वे विद्यार्थियों के सीखने के स्तर का सतत मूल्यांकन करें और जहां आवश्यकता हो, अतिरिक्त कक्षाएं संचालित करें। कमिश्नर ने यह भी कहा कि शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन के समन्वय से विद्यार्थियों के लिए आवश्यक संसाधन और अध्ययन सामग्री समय पर उपलब्ध कराई जाए। विद्यालयीन शिक्षण की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए सुविधा की उपलब्धता के आधार पर ऑनलाइन टीचिंग मटेरियल और ई-विद्या प्लेटफॉर्म का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि डिजिटल संसाधन आज की शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं, ऐसे में इनका प्रभावी उपयोग छात्रों की सीखने की क्षमता को कई गुना बढ़ा सकता है।
कमिश्नर श्री सिंह ने कहा कि स्मार्टफोन, प्रोजेक्टर और इंटरनेट आधारित सामग्री के जरिए छात्र कठिन विषयों को भी सरलता से समझ सकते हैं। इसके लिए शिक्षकों को उपलब्ध संसाधनों की जानकारी होना आवश्यक है। उन्होंने विद्यालयों में ई-विद्या पोर्टल, वीडियो लेक्चर्स और डिजिटल लेसन प्लान को नियमित कक्षाओं में शामिल करने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षाओं की तैयारियों की नियमित मॉनिटरिंग कर यह सुनिश्चित करें कि हर विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिले और बस्तर संभाग बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर प्रदेश में अपनी पहचान बनाए।
निःशुल्क गणवेश एवं पाठ्य पुस्तकों के वितरण को सराहा
कमिश्नर ने बस्तर संभाग के सभी लक्षित बच्चों को निःशुल्क गणवेश प्रदाय सहित पाठ्य पुस्तकों की उपलब्धता को सराहनीय निरूपित किया। छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम से अब तक प्राप्त 29 लाख 50 हजार पुस्तकों में से आवश्यकता के अनुरूप 28 लाख 90 हजार से अधिक पुस्तकें प्रदाय के बाद शेष गणवेश एवं पुस्तकों को वर्तमान में दूरस्थ ईलाके में पुनः खोले गए स्कूलों के बच्चों को जरूरत के आधार पर वितरित किए जाने के निर्देश दिए। साथ ही निःशुल्क सरस्वती सायकल योजनांतर्गत अब तक आबंटित सायकलों को जल्द से जल्द लक्षित बालिकाओं को वितरित किए जाने कहा। वहीं लक्षित वर्ग के स्कूली बच्चों को जाति प्रमाण पत्र सहित निवास एवं आय प्रमाण पत्र प्रदाय में अद्यतन प्रगति लाकर पूर्ण करने के लिए राजस्व विभाग के साथ समन्वय सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।
जनसहभागिता से न्यौता भोज आयोजन करने पर जोर
कमिश्नर श्री डोमन सिंह ने सभी प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर के बच्चों को नियमित तौर पर स्कूल से जोड़ने एवं उन्हें पौष्टिक आहार मुहैया करवाने के लिए जनसहभागिता से न्यौता भोज आयोजन करने पर जोर देते हुए कहा कि न्यौता भोज के लिए ग्राम पंचायतों का सहयोग लिया जाए। वहीं जिला एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारियों और मैदानी अमले को एक-दूसरे के साथ मिलकर न्यौता भोज देने प्रोत्साहित करें। इसके साथ ही न्यौता भोज आयोजन में जनप्रतिनिधियों तथा प्रमुख व्यक्तियों की सहभागिता के लिए पहल किया जाए। उन्होंने मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम को भी सुचारू रूप से संचालित किए जाने सहित नियमित तौर पर मॉनिटरिंग कर इसे बच्चों के सुरुचिपूर्ण बनाने पर बल दिया। बैठक में स्कूल भवन निर्माण एवं अन्य लघु निर्माण कार्यों, स्कूल भवनों में विद्युतीकरण एवं विद्यात कनेक्शन प्रदाय, अपार आईडी तथा लंबित पेंशन प्रकरणों के निराकरण स्थिति की भी समीक्षा की गई। बैठक में डिप्टी कमिश्नर गीता रायस्त, संयुक्त संचालक स्कूल शिक्षा श्री एचआर सोम, जिला शिक्षा अधिकारी बस्तर श्री बीआर बघेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। वहीं अन्य जिलों के शिक्षा विभाग के अधिकारी वर्चुअल रूप से जुड़े रहे।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति ने शहीद गुण्डाधुर कृषि महाविद्यालय में किया मशरूम उत्पादन इकाई का उद्घाटन
जगदलपुर, 27 नवम्बर 2025
जेडी एजुकेशन के निरीक्षण के दौरान पीएमश्री सेजेस माकड़ी में अनुपस्थित मिले 06 शिक्षकों की वेतन कटौती
जगदलपुर, 27 नवम्बर 2025
संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बस्तर जगदलपुर श्री एचआर सोम ने गत दिवस कोंडागांव जिले में पीएमश्री सेजेस माकड़ी का आकस्मिक निरीक्षण किया और कर्तव्य से अनुपस्थित 06 शिक्षकों का एक दिवस का वेतन कटौती करने के निर्देश दिए। उन्होंने बगैर पूर्व सूचना के कार्य से अनुपस्थित शिक्षकों को शो-काज नोटिस जारी कर सम्बंधितों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही किए जाने कहा। जेडी एजुकेशन श्री सोम द्वारा पीएमश्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय माकड़ी का निरीक्षण कर प्रार्थना में भी सहभागिता की गई। उन्होंने प्रार्थना स्थल पर सभी छात्र-छात्राओं को नियमित रूप से उपस्थित रहने, अर्धवार्षिक परीक्षा की तैयारी एवं परीक्षा में शामिल होने हेतु प्रोत्साहित किया, साथ ही कक्षा 10 वीं एवं 12 वीं कक्षा के एक-एक कालखण्ड का अध्यापन कार्य किया।
उन्होंने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल के बोर्ड परीक्षा 2025 की समय-सारणी से अवगत कराते हुए परीक्षा की नियमित तैयारी, उत्तर कैसे लिखा जाये बोर्ड परीक्षा के दौरान तनावमुक्त कैसे रहा जाए तथा परीक्षा में अधिक से अधिक अंक किस तरह लाया जा सकता है इन बिंदुओं पर छात्र-छात्राओं से सार्थक संवाद किया। इस निरीक्षण के दौरान पीएमश्री स्वामी आत्मानन्द उत्कृष्ट विद्यालय माकडी में कुल दर्ज 590 विद्यार्थियों में से 493 विद्यार्थी उपस्थित रहे। इसी प्रकार मिडिल स्कूल स्तर पर कुल दर्ज 53 विद्यार्थियों में से 46 विद्यार्थी उपस्थित थे।
प्राचार्य सहित प्रधान अध्यापक और अन्य सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को विद्यार्थियों की विद्यालय में नियमित उपस्थिति एवं ठहराव हेतु किए जा रहे प्रयासों में निरंतर वृद्धि कर अच्छे परीक्षा परिणाम लाने हेतु मार्गदर्शन प्रदान किया गया। वहीं माध्यमिक शाला के बच्चों को न्यौता भोज से लाभान्वित करने पर जोर देते हुए ग्राम पंचायत सहित स्थानीय प्रमुख व्यक्तियों तथा मैदानी अधिकारियों-कर्मचारियों के सहयोग से न्यौता भोज का आयोजन किए जाने कहा गया।
सरदार पटेल का योगदान अविस्मरणीय -वन मंत्री श्री केदार कश्यप
बस्तर में 15 किलोमीटर की एकता मार्च का समापन
बस्तर, 26 नवम्बर 2025

लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150 वीं जयंती के उपलक्ष्य में बस्तर जिले में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित 15 किलोमीटर लंबी एकता मार्च (यूनिटी मार्च) का सोमवार को जगदलपुर टाउन क्लब में भव्य समापन हुआ। यह पदयात्रा विकासखण्ड बकावंड के करीतगांव से आरंभ हुई, जिसमें जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं, एनसीसी और एनएसएस कैडेट्स सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने एकता, भाईचारे और राष्ट्रीय एकजुटता का संदेश दिया।

यूनिटी मार्च देश की एकता को मजबूत करने की प्रेरणा देता है
वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिक भारत के निर्माण में सरदार वल्लभ भाई पटेल का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने अपनी अद्भुत संगठन क्षमता और दूरदर्शिता से देश की रियासतों को एकजुट कर भारत को एक मजबूत राष्ट्र के रूप में स्थापित किया। मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि सरदार पटेल की 150 वीं जयंती पर आयोजित यह यूनिटी मार्च उनके आदर्शों को अपनाने और देश की एकता को मजबूत करने की प्रेरणा देता है, विशेषकर युवा पीढ़ी को उनके विचारों से सीख लेने की आवश्यकता है।
सरदार पटेल ने 562 रियासतों को एकता के सूत्र में पिरोया
बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप ने सरदार पटेल के राष्ट्रनिर्माण में दिए गए ऐतिहासिक योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने 562 रियासतों को एकता के सूत्र में पिरोकर अखंड भारत का निर्माण किया। सांसद श्री कश्यप ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में आयोजित इस अभियान को पटेल के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने की महत्वपूर्ण पहल बताया। कार्यक्रम में सभी ने आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ने और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने का संकल्प लिया।
मंदिर परिसर स्वच्छता अभियान चलाया और किया वृक्षारोपण
खेल एवं युवा कल्याण विभाग के प्रभारी अधिकारी श्री ऋषिकेश तिवारी ने बताया कि पदयात्रा करीतगांव से आरंभ होकर मालगांव पहुँचने पर प्रतिभागियों ने मंदिर परिसर में स्वच्छता अभियान और वृक्षारोपण किया। इसके बाद यात्रा दंतेश्वरी मंदिर के समीप रूद्रप्रताप देव टाउन क्लब प्रांगण में आयोजित सभा के साथ संपन्न हुई। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रूपसिंह मंडावी, पूर्व विधायक डॉ. सुभाऊ कश्यप नगर पालिक निगम के सभापति श्री खेमसिंह देवांगन सहित अनेक स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
आकांक्षी कार्यक्रम के नोडल अधिकारी श्री शोभित जैन ने बस्तर में की कार्यक्रम की विस्तृत समीक्षा
बस्तर, 21 नवंबर 2025

नीति आयोग द्वारा नियुक्त बस्तर जिले के नोडल अधिकारी एवं संयुक्त सचिव श्री शोभित जैन ने गुरुवार को बस्तर आकांक्षी जिला और ब्लॉक कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा बैठक जिला कार्यालय के आस्था सभाकक्ष में ली। बैठक में कलेक्टर श्री हरिस एस ने जिले और ब्लॉक में आकांक्षी कार्यक्रम के अंतर्गत योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी और समस्याओं के संबंध में भी अवगत करवाया।
संयुक्त सचिव श्री जैन ने आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत निर्धारित जिला एवं ब्लॉक स्तरीय चयनित इंडिकेटर्स की वर्तमान स्थिति, क्रियान्वयन और प्रगति पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कृषि, आधारभूत संरचना और वित्तीय समावेशन सहित सभी प्रमुख क्षेत्रों के लक्ष्यों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि इंडिकेटर्स की प्रगति में तेजी लाते हुए जमीनी स्तर पर योजनाओं का अधिक प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही डेटा की जानकारी देते समय आंकड़ों का आंकलन और जांच कर भरा जाए। उन्होंने कहा कि आकांक्षी जिला कार्यक्रम का उद्देश्य विकास कार्यों को गति देते हुए नागरिकों तक योजनाओं एवं सेवाओं को पहुंचाना है, इसलिए विभागीय समन्वय और नियमित निगरानी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
बैठक में ब्लॉक स्तर पर चल रही गतिविधियों, उपलब्धियों, चुनौतियों तथा सुधार की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को लक्ष्य आधारित कार्यवाही करने और प्रत्येक इंडिकेटर की प्रगति रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करने निर्देश दिए। इस दौरान अति. मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बीरेन्द्र बहादुर, आकांक्षी कार्यक्रम से संबंधित विभागों के अधिकारी, शाखा प्रभारी उपस्थित रहे ।
आकांक्षी कार्यक्रम के बस्तर जिला प्रभारी अधिकारी ने दरभा विकासखंड में विकासात्मक गतिविधियों का लिया जायजा
बस्तर, 21 नवम्बर 2025



भारत सरकार युवा कल्याण एवं खेल मंत्रालय के संयुक्त सचिव तथा नीति आयोग के आकांक्षी कार्यक्रम के बस्तर जिला प्रभारी अधिकारी श्री शोभित जैन के द्वारा शुक्रवार को दरभा विकासखंड में आकांक्षी जिला कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित विकासात्मक गतिविधियों का विस्तृत निरीक्षण किया।
संयुक्त सचिव ने सबसे पहले तीरथगढ़ पंचायत में आईएफसी की दीदियों के साथ बैठक में हिस्सा लिया, इस दौरान दीदियों द्वारा बताया गया कि सोलर लिफ्ट इरिगेशन के माध्यम से सब्जियों की जैविक खेती कर रही हैं। इसके साथ ही जैविक खाद का स्वयं उत्पादन कर उसे एफपीओ के माध्यम से बाजार तक पहुँचाने की व्यवस्था की भी जानकारी दी। उन्होंने इस प्रयास की सराहना करते हुए उत्पादन बढ़ाने, बेहतर पैकेजिंग और बाजार विस्तार के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
संयुक्त सचिव श्री जैन ने इसके पश्चात डिलमिली में उद्यानिकी विभाग एवं उद्यानिकी महाविद्यालय द्वारा लगाए गए कॉफी प्लांटेशन का साइट विजिट किया गया। निरीक्षण के दौरान उद्यानिकी विभाग के अधिकारी ने विभाग द्वारा किए जा रहे कॉफी उत्पादन से संबंधित कार्यों, पौधों की वर्तमान स्थिति, सिंचाई एवं रख-रखाव की प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई।
इसी क्रम में केंद्रीय प्रभारी अधिकारी श्री जैन ने कॉफी प्रोसेसिंग पूर्ण होने के बाद उसे बाजार तक पहुँचाने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि स्थानीय किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त हो सके। उन्होंने पौधों की वृद्धि एवं भविष्य की संभावनाओं का मूल्यांकन करते हुए कॉफी उत्पाद के मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग एवं मार्केट लिंक तैयार करने पर विशेष जोर दिया। संयुक्त सचिव श्री जैन ने निरीक्षण में यूनेस्को की पर्यटन सूची में शामिल धुरमारास गाँव का अवलोकन किया। उन्होंने पर्यटन स्थल में बैम्बू राफ्टिंग, होम-स्टे संचालन करने वाले पर्यटन समिति के सदस्यों के साथ चर्चा की।
चर्चा में स्थानीय पर्यटन को सशक्त बनाने, होम-स्टे, पर्यटकों के लिए सुविधाओं का विस्तार करने एवं बैम्बू राफ्टिंग को सुरक्षित और आकर्षक बनाने संबंधी दिशा-निर्देश दिए। आकांक्षी जिला कार्यक्रम के अंतर्गत यह भ्रमण ग्रामीण आजीविका संवर्धन, कृषि-आधारित उद्यम, पर्यटन विकास एवं स्थानीय समुदायों की आर्थिक स्थिरता को बढ़ाने की दिशा में किया गया। इस दौरान दरभा जनपद पंचायत सीईओ श्री बीरेंद्र बहादुर, आकांक्षी कार्यक्रम के जिला प्रभारी और आकांक्षी कार्यक्रम के फेलो भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 'पंडुम कैफे' का किया शुभारंभ
पंडुम कैफे का शुभारंभ बस्तर में नक्सल उन्मूलन की दिशा में हो रहे सकारात्मक परिवर्तन का प्रेरक प्रतीक – मुख्यमंत्री श्री साय
बस्तर, 17 नवम्बर 2025

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तर में सामाजिक-आर्थिक बदलाव के नए अध्याय की शुरुआत करते हुए आज जगदलपुर में ‘पंडुम कैफ़े’ का शुभारंभ किया। यह कैफ़े नक्सली हिंसा के पीड़ितों और समर्पण कर चुके सदस्यों के पुनर्वास हेतु छत्तीसगढ़ सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसने हिंसा का मार्ग छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वालों को सम्मानजनक और स्थायी आजीविका प्रदान करने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया है। यह अनूठी पहल संघर्ष से सहयोग तक के प्रेरणादायक सफर को दर्शाती है।‘पंडुम कैफ़े’ जगदलपुर के पुलिस लाइन परिसर में स्थित है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ‘पंडुम कैफे’ में कार्यरत नारायणपुर की फगनी, सुकमा की पुष्पा ठाकुर, बीरेंद्र ठाकुर, बस्तर की आशमती और प्रेमिला बघेल के साथ सौहार्दपूर्ण बातचीत की। उन्होंने नई शुरुआत के लिए उनका हौसला बढ़ाया और ‘पंडुम कैफ़े’ के बेहतर संचालन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं भी दीं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि पंडुम कैफ़े का शुभारंभ बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में हो रहे सकारात्मक परिवर्तन का एक प्रेरक प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने श्री साय ने कहा कि पंडुम कैफे आशा, प्रगति और शांति का उज्ज्वल प्रतीक है। कैफे में कार्यरत युवा, जो नक्सली हिंसा के पीड़ित तथा हिंसा का मार्ग छोड़ चुके सदस्य हैं, अब शांति के पथ पर अग्रसर हो चुके हैं। जिला प्रशासन और पुलिस के सहयोग से उन्हें आतिथ्य सेवाओं, कैफ़े प्रबंधन, ग्राहक सेवा, स्वच्छता मानकों, खाद्य सुरक्षा और उद्यमिता कौशल का गहन प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
हिंसा का मार्ग छोड़कर शांति के पथ पर लौटे और कैफ़े में कार्यरत एक महिला ने इस अवसर पर भावुक होकर इस पुनर्वास पहल से हुए बदलाव की बात दोहराई। एक पूर्व माओवादी कैडर ने कहा कि,“हमने अपने अतीत में अंधेरा देखा था। आज हमें समाज की सेवा करने का यह अवसर मिला है, यह हमारे लिए एक नया जन्म है। बारूद की जगह कॉफी परोसना और अपनी मेहनत की कमाई से जीना—यह एहसास हमें शांति और सम्मान दे रहा है।”
एक अन्य सहयोगी ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि,“पहले हम अपने परिवार को सम्मानजनक जीवन देने का सपना भी नहीं देख सकते थे। अब हम अपनी मेहनत से कमाए पैसों से घर के सदस्यों का भविष्य संवार सकते हैं। यह सब प्रशासन और इस कैफ़े की वजह से संभव हुआ है।”
एक अन्य सदस्य ने समुदाय के सहयोग पर जोर देते हुए कहा कि,“हमें लगा था कि मुख्यधारा में लौटना आसान नहीं होगा, लेकिन पुलिस और जिला प्रशासन ने हमें प्रशिक्षण दिया और हमारा विश्वास जीता। सबसे बड़ी बात यह है कि हम अब पीड़ितों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, जिससे हमें अपने अतीत के अपराधों को सुधारने और शांति स्थापित करने का अवसर मिला है।”
उन्होंने यह भी बताया कि ‘पंडुम’ बस्तर की सांस्कृतिक जड़ों को दर्शाता है, और इसकी टैगलाइन “जहाँ हर कप एक कहानी कहता है” इस बात का प्रतीक है कि यहाँ परोसी गई कॉफी सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि साहस, संघर्ष पर विजय और एक नई शुरुआत की कहानी भी अपने साथ लेकर आती है।
इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, सांसद श्री महेश कश्यप, जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव, चित्रकोट विधायक श्री विनायक गोयल, बेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्री श्रीनिवास राव मद्दी, अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रूपसिंह मंडावी, जगदलपुर महापौर श्री संजय पांडे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप, संभागायुक्त श्री डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक श्री सुन्दरराज पी., कलेक्टर श्री हरिस एस., पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारीगण भी उपस्थित थे।
पहले दिन अपने धान की बिक्री करने का अवसर मिलने पर प्रसन्नचित हुआ किसान सावंत राम साहू
खरीदी केन्द्र की व्यवस्थाओं की सराहना की, धान खरीदी योजना को बताया किसानों के लिए अत्यंत हितकारी
बालोद, 15 नवंबर 2025
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य को लेकर समूचे छत्तीसगढ़ राज्य सहित बालोद जिले के किसानों में भी सर्वस्व हर्ष व्याप्त है। इसी कड़ी में धान खरीदी के पहले दिन आज 14 नवंबर को धान खरीदी केन्द्र कुसुमकसा में अपने धान की बिक्री करने पहुँचे डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम गिधाली (बकलीटोला) के कृषक श्री सावंत राम साहू पहले दिन ही अपने धान की बिक्री करने का अवसर प्राप्त होने पर बहुत ही प्रसन्नचित नजर आ रहे थे। उन्होंने कहा कि धान की बिक्री हेतु उसका आज ही टोकन कटने के कारण उन्हें धान खरीदी केन्द्र गिधाली में सबसे पहले धान की बिक्री करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। जो कि इनके लिए अत्यंत सौभाग्य की बात है। किसान श्री सावंत राम ने बताया कि उनके पास कुल ढाई एकड़ जमीन है। जिस पर वे खेती-किसानी एवं मेहनत-मजदूरी कर जीवन यापन कर रहे हैं। उन्होेंने बताया कि आज उन्होंने धान खरीदी केन्द्र कुसुमकसा में पहुँचकर कुल 47 क्विंटल 60 पतला धान की बिक्री की है।
किसान श्री सावंत राम साहू ने राज्य सरकार की धान खरीदी योजना को किसानों के लिए अत्यंत कल्याणकारी एवं मददगार बताते हुए इस योजना की भूरी-भूरी सराहना की। उन्होंने कहा कि धान खरीदी योजना के माध्यम से राज्य सरकार के द्वारा समर्थन मूल्य पर उनकी धान की खरीदी के फलस्वरूप मिलने वाली राशि उनके एवं उनके परिवार के लिए मुश्किल वक्त का सहारा बनता है। किसान सावंत राम ने कहा कि पिछले खरीफ विपणन वर्ष में धान बिक्री से प्राप्त राशि का उपयोग बैंक के छोटे-मोटे कर्ज को पटाने के अलावा अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, इलाज तथा अन्य जरूरी कार्य के लिए किया है।
इस योजना के फलस्वरूप समय पर राशि प्राप्त हो जाने से जरूर समय में राशि की प्रबंध करने में किसी भी प्रकार की कठिनाई नही होती। किसान श्री सावंत राम ने बताया कि इस वर्ष से वे धान खरीदी से मिले राशि का उपयोग सहकारी समिति से खाद बीज के लिए ऋण को चुकाने के अलावा बच्चों की पढ़ाई-लिखाई एवं अन्य जरूरी कार्यों में करेंगे। किसान सावंत राम ने राज्य शासन के धान खरीदी योजना को किसानों के लिए अत्यंत कल्याणकारी बताते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाले छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा 3100 रूपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी करने के निर्णय की भूरी-भूरी सराहना की। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाले छत्तीसगढ़ सरकार को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उनके प्रति विनम्र आभार व्यक्त किया है।
कांगेर घाटी में 5 से 7 दिसंबर तक होगा बटरफ्लाई मीट
20 नवंबर तक होंगे प्रतिभागियों के पंजीयन
बस्तर , 13 नवंबर 2025
प्रकृति प्रेमियों और तितली विशेषज्ञों के लिए इस दिसंबर एक अद्भुत अनुभव का अवसर आने वाला है। राज्य शासन द्वारा आयोजित तीन दिवसीय 'कांगेर वैली बटरफ्लाई मीट 2025' का आयोजन 5 से 7 दिसंबर 2025 तक सुरम्य कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में किया जा रहा है।
बस्तर की इस रहस्यमयी घाटी को 'जंगल का जीवित काव्य' कहा जाता है, जहाँ सदियों पुराने वृक्ष समय की कहानियाँ फुसफुसाते हैं और तितलियाँ अपने रंगीन पंखों से प्रकृति के कैनवास पर नई कविताएँ रचती हैं। इस आयोजन में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को जंगल की लय में खो जाने, वन्यजीवों के बीच जीवन की नजदीकी को महसूस करने और तितलियों की अद्भुत विविधता को देखने का सुनहरा मौका मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप इस आयोजन से वन्यजीव प्रेमियों को प्रकृति का लुफ्त उठाने का मौका मिलेगा और बस्तर पर्यटन को भी नया आयाम प्राप्त होगा।
उक्त तीन दिवसीय शिविर का उद्देश्य तितलियों के अध्ययन, पहचान और संरक्षण के महत्व को समझना और प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करना है। इस शिविर के पहले दिन प्रतिभागियों का पंजीकरण जगदलपुर स्थित कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान कार्यालय में किया जाएगा, जिसके बाद उन्हें निर्धारित वन शिविरों में भेजा जाएगा। दूसरे दिन तितलियों की विभिन्न प्रजातियों के प्रलेखन पर केंद्रित फील्ड ट्रेल्स का आयोजन किया जाएगा, जहाँ विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में प्रतिभागी जंगल के रास्तों पर चलते हुए तितलियों की जीवनशैली को नजदीक से देख सकेंगे। अंतिम दिन सभी प्रतिभागी आधार शिविर में अपने अनुभव साझा करने सहित तस्वीरें और डेटा प्रस्तुत करेंगे ।
इस आयोजन में वही लोग भाग ले सकेंगे जो शारीरिक रूप से स्वस्थ हों और जंगल की परिस्थितियों में प्रतिदिन 12 से 15 किलोमीटर पैदल चलने में सक्षम हों। प्रतिभागियों के पास तितलियों की पहचान का बुनियादी ज्ञान होना आवश्यक है, जबकि गंभीर चिकित्सकीय स्थितियों वाले व्यक्तियों को आवेदन न करने की सलाह दी गई है।
पंजीकरण की अंतिम तिथि 20 नवंबर निर्धारित की गई है, वहीं चयनित प्रतिभागियों को 22 नवंबर तक सूचना दी जाएगी। शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि 25 नवंबर होगी। पंजीकरण शुल्क व्यक्तियों के लिए 2000 रूपए और छात्रों के लिए 1500 रूपए रखा गया है, जिसमें आवास और संरक्षण गतिविधियों में योगदान शामिल है। हालांकि यातायात का खर्च प्रतिभागियों को स्वयं वहन करना होगा।
वन विभाग ने प्रतिभागियों के लिए कुछ आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। सभी को जंगल के नियमों का पालन करना होगा, वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखनी होगी और किसी भी प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश नहीं करना होगा। शिविर के दौरान धूम्रपान, शराब और सुगंधित उत्पादों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। दिसंबर के ठंडे मौसम को ध्यान में रखते हुए गर्म कपड़े साथ रखने की भी सलाह दी गई है। प्रकृति और तितलियों के इस अनोखे संगम में भाग लेने के इच्छुक लोग दिए गए क्यूआर कोड या लिंक के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं। किसी भी सहायता के लिए व्हाट्सएप पर +91-84355 62061 या +91-82530 44935 पर संपर्क किया जा सकता है।