छत्तीसगढ़ / बस्तर
लोहंडीगुड़ा में किशोरी बालिकाओं ने ली स्वच्छता शपथ, निकाली तिरंगा रैली
जगदलपुर, 13 अगस्त 2025
जिले के जनपद लोहंडीगुड़ा में बुधवार को किशोरी बालिकाओं के बीच स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर किशोरी बालिकाओं को सेनेटरी नेपकिन वितरित किए गए, साथ ही उन्होंने स्वच्छता शपथ ली। कार्यक्रम में एक भव्य तिरंगा रैली का भी आयोजन किया गया, जिसमें हर घर स्वच्छता का संदेश दिया गया।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में किशोरी बालिकाओं को मासिक धर्म स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूक करना और उन्हें आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने स्वच्छता के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला और व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने के लाभों पर चर्चा की। साथ ही स्थानीय समुदाय में जागरूकता बढ़ाने के लिए तिरंगा रैली के माध्यम से प्रतिभागियों ने पूरे लोहंडीगुड़ा जनपद में देशभक्ति और स्वच्छता का संदेश भी दिया।a
मछली बीज उत्पादन में आत्मनिर्भरता की राह पर बस्तर
रिकॉर्ड उत्पादन और किसानों को मिल रहा भरपूर लाभ
जगदलपुर । बस्तर जिले में मछली पालन विभाग द्वारा संचालित शासकीय मत्स्य बीज प्रक्षेत्रों और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से मछली पालन के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हासिल की गई है। इससे स्थानीय मछुआरों और किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त भी किया जा रहा है। बस्तर जिला मछली बीज उत्पादन में भी आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रहा है।
जिले में मछली पालन विभाग द्वारा मछली बीज उत्पादन के लिए दो प्रमुख केंद्र संचालित हैं। मत्स्य बीज प्रक्षेत्र बालेंगा और मोती तालाब मत्स्य बीज प्रक्षेत्र जगदलपुर। इन दोनों इकाइयों ने मत्स्य बीज उत्पादन में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
वर्ष 2024-25 में, बालेंगा केंद्र ने 8 करोड़ स्पान मछली बीज का उत्पादन करके अपने लक्ष्य को शत-प्रतिशत प्राप्त किया। इसके साथ ही 60 लाख 32 हजार स्टैंडर्ड फ्राय का भी उत्पादन किया गया, जो लक्ष्य 60 लाख से अधिक रहा। यह उत्पादित मछली बीज जिले के मत्स्य पालकों को उनके तालाबों में पालन के लिए वितरित किया गया। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी बालेंगा हैचरी ने शानदार प्रदर्शन जारी रखा है, जिसमें 8 करोड़ 32 लाख स्पान का उत्पादन किया गया है, जबकि लक्ष्य 9 करोड़ था। इसके अलावा, 2 लाख 32 हजार स्टैंडर्ड फ्राय का भी वितरण किया गया है।
मोती तालाब मत्स्य बीज प्रक्षेत्र जगदलपुर ने भी वर्ष 2024-25 में 2 करोड़ 06 लाख 2 हजार 860 स्टैंडर्ड फ्राय का उत्पादन और वितरण करके अपने लक्ष्य 1 करोड़ 80 लाख को पार कर लिया। वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी इस केंद्र से मछली बीज वितरण का कार्य प्रगति पर है और अब तक 60 लाख स्टैंडर्ड फ्राय वितरित किए जा चुके हैं। फिंगरलिंग मत्स्य बीज संचयन योजना के तहत भी मत्स्य पालकों को प्रक्षेत्रों से मछली बीज का वितरण लगातार जारी है।
किसानों को सशक्त बनाने वाली योजनाएं
मछली पालन विभाग विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों और मछुआरों को मछली पालन के लिए प्रोत्साहित कर रहा है, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो रही है।
मौसमी तालाबों में मत्स्य बीज संवर्धन योजना
यह योजना निजी मत्स्य बीज उत्पादन को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। विभाग मौसमी तालाबों में मछली बीज उत्पादन के लिए किसानों को शत-प्रतिशत अनुदान पर स्पान (मछली बीज) और अनुपूरक आहार सामग्री प्रदान करता है। इससे किसानों को अपने तालाबों में मछली बीज तैयार कर उन्हें बेचकर आर्थिक लाभ कमाने का अवसर मिलता है। वर्ष 2024-25 में 15 कृषकों को इस योजना से लाभ हुआ था, और इस वित्तीय वर्ष में 17 कृषकों को लाभान्वित किया गया है, जो योजना की बढ़ती लोकप्रियता और प्रभावशीलता को दर्शाता है।
मत्स्य अंगुलिका क्रय कर संचयन पर आर्थिक सहायता योजना
इस महत्वपूर्ण योजना के तहत, सभी वर्गों के मछुआरे जो निजी या पट्टे पर लिए गए 1.00 हेक्टेयर से 10.00 हेक्टेयर तक के तालाबों में मत्स्य बीज अंगुलिका संचयन कर अधिक मत्स्य उत्पादन करना चाहते हैं, उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। प्रति हितग्राही को आगामी पांच वर्षों तक प्रति वर्ष चार हजार रुपए के व्यय पर दो हजार रुपए का अनुदान दिया जाता है, जबकि दो हजार रुपए कृषक का अंशदान होता है। इस योजना में कृषक को पैकिंग सहित पांच हजार नग मत्स्य बीज प्रदान किए जाते हैं। वर्ष 2024-25 में 796 मत्स्य पालकों को 1 करोड़ 5 लाख 96 हजार मछली बीज प्रदान किया गया। इस वित्तीय वर्ष में एक है हजार इकाई मत्स्य बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जो दर्शाता है कि विभाग अधिक से अधिक मत्स्य पालकों तक पहुंच बना रहा है।
इन सफलताओं के साथ बस्तर जिला मछली पालन के क्षेत्र में एक अग्रणी भूमिका निभा रहा है, जिससे न केवल खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
बस्तर में हर घर तिरंगा अभियान: बिहान समूह की दीदियों ने संभाली कमान
जगदलपुर । देश की आजादी की 79 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे आजादी का अमृत महोत्सव के तहत बस्तर जिले में हर घर तिरंगा अभियान का आगाज हो चुका है। कलेक्टर हरिस एस और जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन के आह्वान पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) समूह की दीदियों ने इस राष्ट्रीय अभियान में बढ़-चढ़कर भागीदारी सुनिश्चित की है।
जिले के बस्तर, बकावंड, लोहंडीगुड़ा, जगदलपुर, दरभा, तोकापाल और बास्तानार ब्लॉकों में 2 अगस्त से 15 अगस्त तक चलने वाले इस हर घर तिरंगा अभियान की शुरुआत बिहान की दीदियों द्वारा तिरंगा फहराकर की गई। इस अवसर पर उन्होंने जिलेवासियों और ग्रामवासियों को अभियान में उत्साहपूर्वक शामिल होने का संदेश दिया। यह अभियान केवल ध्वज फहराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य देश प्रेम, राष्ट्रीय गौरव और नागरिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है। बिहान स्वयं सहायता समूह की दीदियों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर तिरंगा लहराकर अभियान की औपचारिक शुरुआत की। उन्होंने जोर दिया कि तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि हमारी आजादी का प्रतीक है, जिसे घर पर फहराकर हम अपने देश के प्रति कृतज्ञता और समर्पण व्यक्त कर सकते हैं।
बिहान समूह की दीदियों ने हर घर तिरंगा अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया है। इस दिशा में वे रंगोली बनाने और रैलियां निकालने जैसे रचनात्मक तरीकों का उपयोग कर संदेश प्रसारित कर रही हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इस राष्ट्रीय पर्व का हिस्सा बन सकें।
स्वच्छता जागरूकता अभियान में शामिल हुए स्वास्थ्य मंत्री
जगदलपुर। नगर पालिक निगम जगदलपुर में विगत 22 दिनों से चलाए जा रहे स्वच्छता जागरूकता अभियान में मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल शामिल हुए। उन्होंने लोगों से गीला व सूखा कचरा अलग-अलग डस्टबिन में ही रखने की अपील की। उन्होंने व्यावसायियों एवं नागरिकों को समझाईश दी कि वे अपने प्रतिष्ठानों से निकलने वाले गीले एवं सूखे कचरे को अलग-अलग डस्टबिन में रखें और समय पर आने वाली कचरा गाड़ी में ही कचरा डालें।
उल्लेखनीय है कि शहर में स्वच्छता को लेकर एक नई क्रांति की शुरुआत 14 जुलाई से हुई थी, जब महापौर संजय पाण्डे ने स्वच्छता जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया था। यह अभियान अब केवल एक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि जन आंदोलन का रूप ले चुका है। इस अभियान में नगर निगम की टीम के साथ-साथ पार्षदगण, जनप्रतिनिधि, स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर तथा शहर के गणमान्य नागरिक भी बढ़-चढ़कर भागीदारी निभा रहे हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल शामिल हुए और अनुपमा चैक के पास दुकानदारों और नागरिकों को गीला और सूखा कचरा अलग रखने का महत्व बताया।
महापौर पाण्डे ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल स्वच्छता रैंकिंग में नंबर वन आना नहीं है, बल्कि शहरवासियों को स्वच्छता के लिए जिम्मेदार और सजग बनाना है। जब तक जन सहभागिता नहीं होगी, तब तक स्थायी स्वच्छता संभव नहीं। लेकिन जिस तरह से जनता जुड़ रही है, वह संकेत है कि हम जल्द ही बड़ा परिवर्तन देखने वाले हैं। नगर निगम आयुक्त प्रवीण कुमार वर्मा ने भी अभियान की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छता एक आदत है, जिसे अपनाने में समय लगता है, लेकिन जगदलपुरवासी जिस तरह इस अभियान को अपना रहे हैं, वह निश्चित ही प्रेरणादायी है। नगर निगम अध्यक्ष, एमआईसी सदस्य, पार्षदगण और स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर के संयुक्त प्रयासों से यह अभियान दिन-प्रतिदिन सशक्त होता जा रहा है। अब यह केवल नगर निगम का कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि हर घर, हर गली, हर बाजार की आवाज बन चुका है। लोगों से अपील की गई है कि वे स्वच्छता को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और एक स्वस्थ, स्वच्छ और सुंदर जगदलपुर के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं। स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री के साथ छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष दीपक महस्के, नगर निगम अध्यक्ष खेमसिंह देवांगन, एमआईसी सदस्य लक्ष्मण झा, निर्मल पाणिग्रही, संजय विश्वकर्मा, सुरेश गुप्ता, संग्राम सिंह राणा, त्रिवेणी रंधारी, कलावती कसेर, पार्षद हरीश पारेख, रोशन सिसोदिया, आशा साहू, उर्मिला यादव, पूनम सिन्हा, गायत्री बघेल, स्वच्छता एंबेसडर रामनरेश पांडे, विधु शेखर झा, नलिन शुक्ला, कोटेश्वर नायडू, आदि उपस्थित रहे।
तुरेनार में फिश फीड मिल, स्थानीय रोजगार और सस्ती फीड का स्रोत
जगदलपुर । प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजनांतर्गत जगदलपुर के तुरेनार गांव में एक अत्याधुनिक मत्स्य आहार इकाई मत्स्य पालकों और पशुपालकों को उचित दरों पर मछली और पशु आहार उपलब्ध करा रही है। इससे उनकी उत्पादकता बढ़ रही है और किसानों की आय में इजाफा हो रहा है। इसके अतिरिक्त इस मिल ने स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा किए हैं। बस्तर निवासी शिवदुलारी द्वारा तुरेनार में स्थापित यह फीड मिल एक सफल उदाहरण है कि कैसे विभागीय योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त कर सकती हैं।
उत्पादन और आय में वृद्धि
तुरेनार की फीड मिल वर्तमान में प्रति माह 50 टन फ्लोटिंग फिश फीड का उत्पादन कर रही है। बाजार में प्रतिस्पर्धा के बावजूद, मिल फीड की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दे रही है। मछली आहार के अलावा, यह इकाई बड़ी मात्रा में पशु आहार और कुक्कुट आहार का भी उत्पादन कर रही है, जिससे जिले के पशुपालक किसानों की जरूरतों को पूरा किया जा रहा है। अब तक इस मिल ने 200 टन मत्स्य आहार, 20 टन पशु आहार और 25 टन कुक्कुट आहार का उत्पादन और विक्रय किया है। इससे मत्स्य आहार से 76 लाख रुपए, पशु आहार से 5 लाख 20 हजार रुपए और कुक्कुट आहार से 8 लाख रुपए की उल्लेखनीय आय हुई है। उत्पादित फीड जिले के भीतर और बाहर के मत्स्य पालकों, पशुपालकों और संबंधित सरकारी संस्थाओं को बेची जा रही है, जो इस पहल की व्यापक पहुंच और सफलता को दर्शाता है।
भारत सरकार और राज्य सरकारों द्वारा संयुक्त रूप से संचालित प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना मछली पालन क्षेत्र में किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य के साथ महत्वपूर्ण प्रगति कर रही है। वर्ष 2020-21 में शुरू की गई यह योजना मछली पालन को प्रोत्साहित करने और नवीनतम तकनीकों को अपनाने में किसानों की मदद करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करती है। इस योजना के तहत केंद्र सरकार 60 प्रतिशत और राज्य सरकार 40 प्रतिशत वित्तीय सहायता देती है।
योजना के तहत अब तक जिले में 986 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया है, जिससे मछली उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और किसानों की आय बढ़ी है। इन लाभार्थियों ने निजी भूमि पर तालाब निर्माण, बायो-फ्लॉक पद्धति से मछलीपालन, खुदरा मछली बिक्री के लिए मोटरसाइकिल-सह-आइसबॉक्स, फिश फीड मिल की स्थापना और सजावटी मछली संवर्धन जैसी नवीन तकनीकों को अपनाया है। बचत सह-राहत योजना ने भी मछुआरों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान की है। प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत इन नवीन पहलों से मछलीपालन क्षेत्र में न केवल उत्पादन बढ़ रहा है, बल्कि किसानों की आय में भी महत्वपूर्ण वृद्धि हो रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिल रहा है।
रामलला दर्शन के लिए बस्तर जिले के 87 तीर्थ यात्री रवाना
जगदलपुर । छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित श्रीरामलला दर्शन (अयोध्या धाम) योजना के तहत 5 अगस्त की शाम को बस्तर जिले के कुल 87 तीर्थ यात्रियों को टाउन हॉल के सामने बस से रवाना किया गया। जिला पंचायत प्रतीक जैन ने श्रीरामलला दर्शन योजना के यात्रियों को पुष्प भेंट कर सुखद यात्रा की शुभकामनाएं दी। जिले में श्रीरामलला दर्शन योजना समिति के सदस्य रामाश्रय सिंह एवं अन्य अधिकारियों के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में हरी झंड़ी दिखाकर रवाना किया गया है. जिले से विगत वर्ष से अब तक 609 तीर्थ यात्रियों को अयोध्या धाम यात्रा से लाभान्वित किया जा चुका है। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, अति. कार्यपालन अधिकारी बीरेंद्र बहादुर सहित जिला पंचायत कार्यालय के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने चित्रकोट जलप्रपात के अद्भुत सौंदर्य का लिया आनंद
जगदलपुर। मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने चित्रकोट जलप्रपात के अद्भुत सौंदर्य का आनंद लिया। उन्होंने X पोस्ट में कहा, आज बस्तर प्रवास के दौरान प्रकृति की अनुपम धरोहर चित्रकोट जलप्रपात के अद्भुत सौंदर्य का आनंद लिया।
यह दृश्य न केवल आंखों को आनंदित करता है, बल्कि बस्तर की सांस्कृतिक समृद्धि और पर्यटन की अपार संभावनाओं को भी दर्शाता है।
इस दौरान साथ में महापौर संजय पाण्डे, CGMSC के चेयरमैन दीपक म्हस्के , विभाग के अध्यक्ष अमित कटारिया सहित पदाधिकारीगण, कार्यकर्ता साथी एवं स्टाफ के साथियों के साथ यादगार पल को कैमरे में कैद किया।
समस्याओं के निदान में मददगार साबित हो रहा 'आमचो बस्तर पोर्टल'
जगदलपुर। कलेक्टर हरिस एस के मार्गदर्शन में बस्तर जिले में अभिनव पहल डिजिटल जन शिकायत निवारण पोर्टल “आमचो बस्तर” की शुरुआत की गई है, जो अब जन सुविधाओं को बेहतर बनाने सहित समस्याओं के निदान में मददगार साबित हो रही है। यह पोर्टल ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को सीधे जिला प्रशासन से जुड़ने का अवसर प्रदान कर रहा है और उन्हें विभिन्न सेवाओं से सम्बंधित शिकायतों, मांग एवं समस्याओं को समाधान करने के लिए कारगर सिद्ध हो रहा है। इसी क्रम में आमचो बस्तर ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से विकासखण्ड बस्तर अंतर्गत घाटकवाली (जुनापारा) के निवासी पदमनाग कश्यप द्वारा ग्राम में स्थापित सोलर ड्यूल पम्प संयंत्र अकार्यशील होने की शिकायत की गई थी। उक्त प्राप्त शिकायत पर क्रेडा जिला कार्यालय बस्तर द्वारा क्रेडा के सीईओ राजेश सिंह राणा के निर्देशानुसार त्वरित कार्यवाही करते हुए अकार्यशील संयंत्र को संबंधित कलस्टर टेक्नीशियन के माध्यम से तकनीकी समस्या को दुरूस्त किया गया जिसके तहत एक नग नवीन पैनल स्थापित, केबल, स्ट्रक्चर में सुधार इत्यादि की स्थापना कर सयंत्र को गत 28 जुलाई 2025 को सुचारू रूप से कार्यशील किया गया।
इसी तरह विकासखण्ड जगदलपुर के तुसेल (जुनापारा) में जल जीवन मिशन योजना अंतर्गत स्थापित सोलर ड्यूल पम्प संयंत्र अकार्यशील होने की सूचना प्राप्त हुई थी। जिस पर क्रेडा जिला कार्यालय बस्तर द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए अकार्यशील संयंत्र में तकनीकी समस्या को दुरूस्त किया गया। इस सयंत्र में नवीन केबल, एमसीबी, स्वीच इत्यादि की स्थापना कर संयंत्र को बीते 03 अगस्त 2025 को कार्यशील किया गया है। इन दोनों सोलर ड्यूल पम्पों का मरम्मत एवं सुधार हो जाने से ग्रामवासियों के वर्षाकाल में शुद्ध पेयजल संकट का निदान हुआ है और अब ग्रामवासी उत्साहित होकर उक्त त्वरित पहल के जरिए समस्या समाधान होने के फलस्वरूप सरकार को धन्यवाद दे रहे हैं।
आमचो बस्तर में शिकायतें, मांग या सुझाव आसानी से कर सकते हैं दर्ज
कलेक्टर के मार्गदर्शन में शुरू इस डिजिटल जन शिकायत निवारण पोर्टल “आमचो बस्तर” में आम नागरिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप या ग्राम सचिवालयों में उपलब्ध क्यूआर कोड को स्कैन कर भूमि, राजस्व, पेंशन, राशन जैसी विभिन्न सेवाओं से संबंधित अपनी शिकायतें, मांग या सुझाव आसानी से दर्ज कर सकते हैं और उनकी स्थिति को रियल-टाइम में ट्रैक कर सकते हैं। इस पोर्टल की सबसे खास बात है ‘सेव ड्राफ्ट’ सुविधा, जिससे नेटवर्क न होने पर भी आवेदन भरकर बाद में सबमिट किया जा सकता है। आमचो बस्तर जनदर्शन शिविर, राजस्व पखवाड़ा और सार्वजनिक डैशबोर्ड से भी जुड़ा है, जिससे समाधान पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध रहता है।
डिजिटल जन शिकायत निवारण पोर्टल पहल बस्तर में जवाबदेह, समावेशी और तकनीक-सक्षम प्रशासन का नया युग शुरू कर रही है, हर गांव-हर परिवार की आवाज को शासन तक पहुंचाना’ के संकल्प के साथ। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी निवासियों को सीधे प्रौद्योगिकी का उपयोग करके प्रशासन के साथ जोड़ना है, और यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक शिकायत, मांग या सुझाव को एक पारदर्शी, जवाबदेह और समय-सीमा पर संबंधित विभागों के द्वारा निराकरण किया जाना है, उस निराकरण को ट्रैक करना भी है कि समाधान सही हुआ या नहीं। यह मंच केवल एक शिकायत पोर्टल नहीं है बल्कि यह एक केंद्रीकृत, बहु-चैनल और बहु-मॉड्यूल पर आधारित पोर्टल है, जो पूरे जिले के लिए सार्वजनिक शिकायत निवारण, विशेष प्रशासनिक ड्राइव, परियोजना निगरानी और सूचना प्रसार को एकीकृत करता है। अधिक जानकारी के लिए ंउबीवइंेजंतण्पद पर जाएं या गूगल प्ले स्टोर से आमचो बस्तर ऐप डाउनलोड किया जा सकता है ।
आमचो बस्तर पोर्टल में आवेदनों के निराकरण हेतु ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, सम्बंधित विभाग, एसडीएम, तहसीलदार, अन्य राजस्व अधिकारी, सुपर एडमिन, जनदर्शन शाखा और ब्लड बैंक को रखा गया है। इसके अलावा डैशबोर्ड में राजस्व पखवाड़ा डैशबोर्ड, जनदर्शन डैशबोर्ड, ग्राम सचिवालय प्रबंधन, सार्वजनिक आवेदन, समय सीमा प्रबन्धन और ब्लड बैंक मॉड्यूल्स को रखा गया है ।
पेट दर्द और उल्टी से स्टूडेंट की मौत
जगदलपुर । बस्तर जिले के चिंतलनार स्थित बालक आश्रम में एक छात्र की अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजनों का आरोप है कि छात्र को सही समय पर अस्पताल नहीं ले जाया गया और इलाज में देरी के कारण उसकी मौत हो गई। छात्र को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत थी।
स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। वहीं शिक्षा विभाग की ओर से भी प्राथमिक जांच शुरू कर दी गई है। छात्र की मौत से आश्रम परिसर में शोक और आक्रोश का माहौल है।
निक्षय मित्रों ने टीबी मरीजों को वितरित किए फूड बास्केट किट
जगदलपुर । कलेक्टर एवं रेडक्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष हरिस एस के मार्गदर्शन में शुक्रवार को जनपद पंचायत लोहंडीगुड़ा सभागार में टीबी मरीजों को रेडक्रॉस निक्षय मित्रों ने जनभागीदारी से प्रदत्त फूड बास्केट किट वितरित किए।
यह किट वितरण कार्यक्रम जिला पंचायत सदस्य चंद्रभान कश्यप एवं उपाध्यक्ष बसंत कश्यप के हाथों किया गया। इस कार्यक्रम में कुल 60 टीबी मरीजों को फूड बास्केट किट वितरित की गई। ये मरीज विकासखंड के अंतर्गत विभिन्न ग्रामों के निवासी थे, जिन्हें जनभागीदारी से एकत्र की गई सामग्री से तैयार की गई पोषण किट प्रदान की गई।
रेडक्रॉस सोसाइटी का यह प्रयास टीबी मरीजों को पोषण सहायता प्रदान करने और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ में मदद करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
बस्तर की बहनों ने 1001 राखी भेजकर सैनिकों को दिया सम्मान और प्रेम का भावनात्मक संदेश
जगदलपुर, 30 जुलाई 2025/
बस्तर जिले की स्काउट्स और गाइड्स बहनों ने एक राखी सैनिक भाइयों के नाम अभियान के तहत 1001 राखियाँ बनाकर देश की सेवा में जुटे सैनिकों के प्रति अपना प्रेम और सम्मान व्यक्त किया है। यह पहल सांसद और भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष श्री बृजमोहन अग्रवाल, राज्य मुख्य आयुक्त डॉ. सोमनाथ यादव तथा राज्य सचिव कैलाश सोनी के आह्वान पर की गई थी।
जिला मुख्य आयुक्त और महापौर श्री संजय पाण्डे के साथ ही जिला आयुक्त और जिला शिक्षा अधिकारी श्री बीआर बघेल के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न विद्यालयों में गाइड कैप्टन और रेंजर लीडर के नेतृत्व में गाइड और रेंजर बहनों ने इन राखियों का निर्माण किया। बस्तर जिले के विद्यालयों ने इस मुहिम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और कुल 1001 राखियाँ तैयार कीं, जिन्हें बुधवार 29 जुलाई को जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपा गया। जिला शिक्षा अधिकारी ने इन राखियों को स्काउट गाइड शाखा के जिला संगठन आयुक्त श्री दशरूराम यादव और जिला प्रशिक्षण आयुक्त श्री जेपी पाठक को सौंपा। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी ने देश की सेवा में लगे सिपाहियों के लिए बच्चियों द्वारा दिए जा रहे इस भावनात्मक संदेश की सराहना की। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हमारी बच्चियां आगे आ रही हैं, निश्चित ही यह हमारे विकसित भारत की बदलती तस्वीर है। उन्होंने सभी गाइड्स, रेंजर बहनों और उनके लीडर्स को शुभकामनाएं दीं, जिन्होंने छात्राओं को इस नेक कार्य के लिए प्रोत्साहित किया। यह अभियान सैनिकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का एक सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करता है, साथ ही युवाओं में देशभक्ति की भावना को भी सुदृढ़ करता है।
एव्हीएफओ पद पर भर्ती हेतु 11 अगस्त तक आवेदन आमंत्रित
जगदलपुर, 30 जुलाई 2025
कार्यालय संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं जगदलपुर के द्वारा बस्तर जिले के अंतर्गत सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों के रिक्त 15 पदों पर एकमुश्त मासिक मानदेय पर भर्ती हेतु आवेदन पत्र मूल प्रमाण पत्रों की सत्यापित छायाप्रति सहित पंजीकृत डाक के माध्यम से आगामी 11 अगस्त 2025 तक आमंत्रित किए गए हैं। उक्त पद हेतु आवश्यक शैक्षणिक योग्यता के तहत मान्यता प्राप्त संस्था से बायोलॉजी विषय में 12 वीं उत्तीर्ण एवं वेटनरी पॉलीटेक्निक डिप्लोमाधारी होना चाहिए। इन पदों पर एक वर्ष की अवधि के लिए मासिक मानदेय पर भर्ती किया जाएगा। कृत्रिम गर्भाधान कार्य में दक्षता रखने वाले एवं बस्तर जिले के मूल निवासी अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
शैक्षणिक योग्यता एवं अनुभव के आधार पर आवेदकों का चयन किया जाएगा। शैक्षणिक योग्यता के प्राप्तांक एवं अनुभव के आधार पर कुल अंक 100 होंगे, अधिकतम 10 अंक अनुभव पर 90 अंकों की गणना निर्धारित शैक्षणिक अर्हता के प्राप्तांक के आधार पर की जाएगी। अनुभव की गणना प्रत्येक पूर्ण वर्ष के लिए 2 अंक होंगे, जो अधिकतम 10 अंकों तक देय होगा। अनुभव का लाभ शासकीय कार्य में नियुक्ति आदेश में लागू होगा। अभ्यर्थियों की आयु 01 जनवरी 2025 की स्थिति में 18 से 35 वर्ष के मध्य होना चाहिए। वर्गवार रिक्त पदों के अंतर्गत अनारक्षित वर्ग में 03 पद मुक्त एवं एक पद महिला के लिए, अनुसूचित जनजाति वर्ग में 07 पद मुक्त एवं 02 पद महिला हेतु तथा अन्य पिछड़ा वर्ग में 02 पद मुक्त के लिए निर्धारित किया गया है। अभ्यर्थी आवेदन सम्बन्धी पत्राचार कार्यालय सयुंक्त संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं चांदनी चैक, जगदलपुर जिला- बस्तर ( छत्तीसगढ़ ) पिन 494001 के पते पर कर सकते हैं। भर्ती सम्बन्धी विस्तृत जानकारी बस्तर जिले की अधिकारिक वेबसाइट bastar.gov.in पर देखी जा सकती है।
बस्तर जिला को स्वर्ण और तोकापाल ब्लॉक को मिला कांस्य पदक
आकांक्षी जिला और ब्लॉक का संपूर्णता अभियान सम्मान समारोह टाउन हॉल में आयोजित
जगदलपुर । आकांक्षी जिला और ब्लॉक का संपूर्णता अभियान सम्मान समारोह का आयोजन शहर के श्यामा प्रसाद मुखर्जी सभागार (टाउन हॉल) में बुधवार को किया गया। कार्यक्रम में महापौर संजय पाण्डेय ने आकांक्षी जिला और आकांक्षी ब्लॉक संपूर्णता अभियान के लिए काम करने वाले सभी अधिकारियों को बधाई दी। साथ ही उन्होंने स्वच्छता अभियान में सभी को सहयोग करने की अपील की।
कार्यक्रम में संपूर्णता अभियान को सफल बनाने में सहयोग देने वाले विभाग स्वास्थ्य, शिक्षा, समग्र शिक्षा, कृषि विभाग, महिला एवं बाल विकास और पंचायत विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को अतिथियों द्वारा प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। आकांक्षी ब्लॉक तोकापाल विकासखंड को कांस्य पदक दिया गया जिसे सीईओ जनपद पंचायत के नेतृत्व में विकासखंड के अन्य अधिकारियों ने सामूहिक रूप से ग्रहण किया। बस्तर जिले को आगामी 2 अगस्त को रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में आकांक्षी जिला का राज्य स्तरीय गोल्ड पदक प्रदान किया जाएगा।
कार्यक्रम में कलेक्टर हरिस एस ने बताया कि नीति आयोग के द्वारा आकांक्षी जिला एवं आकांक्षी विकासखण्ड के अंतर्गत सम्पूर्णता अभियान 4 जुलाई से 30 सितम्बर 2024 संचालित किया गया था। जिसका मुख्य उददेश्य 6 सूचकांकों में सम्पूर्णता प्राप्त करना था। स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कृषि, महिला सशक्तिकरण के अंतर्गत 6 इंडिकेटर में शत-प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त करना था। इस सम्पूर्णता अभियान के सफल संचालन के लिए सकारात्मक परिणाम के साथ हमने बस्तर जिले में महत्वपूर्ण चरण को पूरा किया है। इस अवधि मंे सभी 6 इंडिकेटर पर कार्य करते हुए ग्रामीण एवं अंदरूनी क्षेत्र मे लाभार्थियों को सेवा प्रदान किया गया। इस दौरान महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमलों ने गर्भवती महिलाओं का पंजीयन, शिशु टीकाकरण, पोषण योजना से जोड़ने का काम किए। कृषि विभाग द्वारा स्वाईल हेल्थ कार्ड का समय पर जांच कर किसानों को जानकारी दी गई। शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालयों में पाठ्य पुस्तकों का वितरण, बच्चों का नियमित स्कूलों में उपस्थिति सुनिश्चित किया गया। पंचायत विभाग ने कार्यो के क्रियान्वयन करवाने प्रमुख भूमिका निभाई। सभी विभागों के प्रयास से और जनभागीदारी से लक्ष्य को प्राप्त किया गया है और यह निरंतर जारी रहेगा। बस्तर जिला को आकांक्षी जिला के तहत् राज्य में गोल्ड तथा आकांक्षी ब्लाॅक के तहत तोकापाल को कांस्य पदक मिला है। कार्यक्रम में सभापति खेमसिंह देवांगन, जन प्रतिनिधि वेद प्रकाश पांडेय ने भी संबोधित किया। इसके अलावा एमआईसी के सदस्य, अन्य पार्षदगण, पंचायत पदाधिकारियों सहित उप संचालक पंचायत बीरेंद्र बहादुर, जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल सहित अन्य अधिकारी और सम्मान प्राप्त कर रहे कर्मचारी उपस्थित थे।
सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी पद के लिए आवेदन 11 अगस्त तक
जगदलपुर । कार्यालय संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं जगदलपुर के द्वारा बस्तर जिले के अंतर्गत पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों के रिक्त पदों पर एकमुश्त मासिक मानदेय के आधार पर भर्ती हेतु आवेदन पत्र मूल प्रमाण पत्रों की सत्यापित छायाप्रति सहित पंजीकृत डाक के माध्यम से 11 अगस्त तक आमंत्रित किए गए हैं।
उक्त पद के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता के तहत मान्यता प्राप्त संस्था से बायोलॉजी विषय में 12 वीं उत्तीर्ण एवं वेटनरी पॉलीटेक्निक डिप्लोमा होना चाहिए। इन पदों पर एक वर्ष के लिए मासिक मानदेय पर भर्ती किया जाएगा। कृत्रिम गर्भाधान कार्य में दक्षता एवं बस्तर जिले के मूल निवासी को प्राथमिकता दी जाएगी। शैक्षणिक योग्यता एवं अनुभव के आधार पर आवेदकों का चयन किया जाएगा। शैक्षणिक योग्यता के प्राप्तांक एवं अनुभव के आधार पर कुल अंक 100 होंगे अधिकतम 10 अंक अनुभव पर 90 अंकों की गणना निर्धारित शैक्षणिक अर्हता के प्राप्तांक के आधार पर की जाएगी।
अनुभव की गणना प्रत्येक पूर्ण वर्ष के लिए 2 अंक होंगे। जो अधिकतम 10 अंकों तक देय होगा। अनुभव का लाभ शासकीय कार्य में नियुक्ति आदेश में लागू होगा। अभ्यर्थियों की आयु 01 जनवरी 2025 की स्थिति में 18 से 35 वर्ष के मध्य होना चाहिए। चयन उपरांत अभ्यर्थी को उनके पदस्थापना स्थान में ही निवासरत होकर सेवा प्रदान किया जाना अनिवार्य होगा। उक्त नियुक्तियां कलेक्टर जिला बस्तर द्वारा गठित समिति के माध्यम से किया जाएगा, शासकीय नियंत्रण जिला स्तर पर संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं जिला बस्तर होंगे। अभ्यर्थी आवेदन सम्बन्धी पत्राचार कार्यालय सयुंक्त संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं चांदनी चैक, जगदलपुर जिला-बस्तर ( छत्तीसगढ़ ) पिन 494001 के पते पर कर सकते हैं। भर्ती से सम्बंधित विस्तृत जानकारी बस्तर जिले की अधिकारिक वेबसाइट bastar.gov.in पर देखी जा सकती है।
उद्यानिकी फसलों के लिए फसल बीमा आवेदन 31 जुलाई तक
जगदलपुर । खरीफ फसल सीजन वर्ष 2025-26 हेतु उद्यानिकी फसलों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत बीमा करवाने हेतु इच्छुक कृषक 31 जुलाई तक अपने आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। जिसके टमाटर, बैंगन, मिर्च, अदरक, केला, पपीता तथा अमरूद हेतु किसानों को न्यूनतम 5 प्रतिशत प्रीमियम राशि का भुगतान करना होगा और शेष प्रीमियम राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार द्वारा दिया जाएगा।
टमाटर के लिए प्रति हेक्टेयर एक लाख 20 हजार रुपए की बीमित राशि है, जिसके लिए किसानों को मात्र 06 हजार रुपए का प्रीमियम देना होगा। बैंगन के लिए प्रति हेक्टेयर 77 हजार रुपए की बीमा राशि निर्धारित की गई है, जिसके लिए किसानों को प्रीमियम के तौर पर मात्र तीन हजार 850 रुपए का भुगतान करना होगा। मिर्च की खेती के लिए प्रति हेक्टेयर 68 हजार रुपए की बीमा राशि निर्धारित की गई है, जिसके लिए किसानों को प्रीमियम के तौर पर तीन हजार 400 भुगतान करना होगा। एड ऑन कवरेज हेतु प्रति हेक्टेयर 22 हजार रुपए निर्धारित की गई है, जिसके लिए 1100 रुपए का भुगतान और करना होगा।
अदरक की खेती के लिए एक लाख 50 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर बीमा राशि निर्धारित की गई है, जिसके लिए प्रीमियम की राशि 07 हजार 500 रुपए निर्धारित की गई है। केले की खेती के लिए प्रति हेक्टेयर 85 हजार रुपए बीमा राशि तथा 04 हजार 250 रुपए निर्धारित की गई है। एड ऑन के रूप में प्रति हेक्टेयर 80 हजार रुपए की बीमा राशि तथा 04 हजार रुपए की प्रीमियम राशि और निर्धारित की गई है। पपीते की खेती के लिए 87 हजार रुपए बीमा राशि तथा 04 हजार 350 रुपए प्रीमियम राशि निर्धारित की गई है। एड ऑन के रूप में प्रति हेक्टेयर 38 हजार रुपए बीमा राशि तथा एक हजार 900 रुपए प्रीमियम राशि निर्धारित की गई है। अमरूद की खेती के लिए प्रति हेक्टेयर 45 हजार रुपए बीमा राशि तथा 02 हजार 250 रुपए प्रीमियम राशि निर्धारित की गई है। बीमा कंपनियां 14 स्थानों पर स्थापित स्वचालित मौसम स्टेशनों से प्राप्त मौसम संबंधी आंकड़ों के आधार पर किसानों को बीमा दावा भुगतान करेंगी।
फसल बीमा योजनांतर्गत प्राकृतिक आपदाओं जैसे-कम वर्षा, अधिक वर्षा, बेमौसम वर्षा, कीट एवं व्याधि प्रकोप से अनुमानित उपज में कमी के आधार पर फसल क्षतिपूर्ति का लाभ दिया जाएगा। योजना अंतर्गत लगाए गए फसल का एक ही बार बीमा का लाभ प्राप्त कर सकता है। एक रकबे का एक से अधिक बार बीमा होने की स्थिति में बीमा कंपनी द्वारा ऐसे सभी दावों को निरस्त कर दिया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए बीमा कंपनी, संबंधित बैंक, स्थानीय उद्यानिकी विभाग के ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी अथवा सहायक संचालक उद्यानिकी जिला बस्तर के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। किसानों द्वारा टोल फ्री नंबर 1800-419-0344 पर भी संपर्क किया जा सकता है। यह योजना किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचाने और उनकी आय में स्थिरता लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
तीरथगढ़ मोटल को निजी संस्था को सौंपा, जल्द शुरू होगी पर्यटकों के लिए सुविधा
जगदलपुर । बस्तर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल तीरथगढ़ जलप्रपात पर स्थित पर्यटन विभाग का वर्षों से बंद पड़ा मोटल अब 30 वर्षों के लिए एक निजी संस्था को लीज पर सौंपा गया है। बस्तर जिले में चित्रकोट की तर्ज पर तीरथगढ़ में भी दस साल पहले पर्यटकों के लिए ठहरने और भोजन की व्यवस्था को लेकर पर्यटन विभाग ने एक बहुप्रतीक्षित योजना बनाई थी। लेकिन निर्माण के दौरान ही यह भवन कुप्रबंधन, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार हो गया। कई सालों से यह मोटल बंद पड़ा था और खंडहर में तब्दील होने की ओर अग्रसर था। अब पर्यटन विभाग ने इसे एक निजी संस्था को लीज पर देकर फिर से शुरू करने के निर्णय से बहुत जल्द ही यह मोटल आबाद हो सकेगा।
चित्रकोट की तर्ज पर पर्यटकों को सुविधाएं देने के उद्देश्य से तीरथगढ़ जलप्रपात पर स्थित पर्यटन विभाग ने एक मोटल बनाया गया था, लेकिन कुप्रबंधन और उदासीनता के चलते कभी सक्रिय नहीं हो सका। वर्तमान में मोटल में रिनोवेशन का कार्य जोरों पर है। भवन की मरम्मत के साथ-साथ परिसर में नई सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं, ताकि कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान आने वाले पर्यटकों को रात्रि विश्राम व भोजन की सुविधा मिल सके। स्थानीय ग्रामीण लिंगराज, हेमवती बघेल, पूर्णिमा का मानना है कि मोटल के चालू होने से न केवल पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी बल्कि स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। अगर निजी संस्था इसे सही तरीके से चलाती है, तो यह कांगेर घाटी सहित तीरथगढ़ के पर्यटन को नई दिशा दे सकता है।
अंदरूनी क्षेत्र नागलसर में लगा शिविर, ग्रामीणों के स्वास्थ्य जांच सहित दी गई स्वास्थ्य शिक्षा
जगदलपुर। जगदलपुर विकासखण्ड अन्तर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नानगुर के अधीन अंदरूनी वनग्राम नागलसर में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा गुरुवार एवं शुक्रवार को स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संजय बसाक द्वारा स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण कर चिकित्सकों और चिकित्सा दल को आवश्यक निर्देश दिए गए। इस अवसर पर खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. जेएल दरियो, जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. एसएस टेकाम एवं स्वास्थ्य विभाग के मैदानी कर्मचारी मौजूद रहे।
स्वास्थ्य शिविर के दौरान गांव के ग्रामीणों से भेंटकर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली गई और उन्हें स्वच्छता एवं साफ-सफाई रखने, शुद्ध पेयजल का उपयोग, गर्म एवं ताजा भोजन का सेवन करने सहित बुखार-मलेरिया एवं उल्टी दस्त से पीड़ित होने पर तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र में उपचार करवाने संबंधी स्वास्थ्य शिक्षा दी गई। इस मौके पर क्षेत्र के सेक्टर सुपरवाइजर शिव भंडारी ने बताया कि ग्राम नागलसर में सोमवार 21 जुलाई को डीएमओ, बीएमओ और सुपरवाइजर द्वारा विजिट किया गया था। इस ग्राम की कुल जनसंख्या 503 और घरों की संख्या 92 है जिसमें 80 घर और 400 की जनसंख्या को एमएमसी 12 के तहत कवर कर लिया गया है। गुरूवार को एमएमसी के दौरान रमेश पिता सुखमन 6 वर्ष भी मलेरिया से पीड़ित पाया गया था जिसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नानगुर में रेफर किया गया। टीम द्वारा शुक्रवार को सर्वे करने पर 2 वर्षीय बालिका ममता पिता मांगेन भी मलेरिया से पीड़ित पाई गई, जिसे जांच के पश्चात तत्काल दवाई की खुराक दी गई। क्षेत्र के अन्य ग्राम मिलकुलवाड़ा, नागलसर एवं कोलावाड़ा में मलेरिया रोधी दवाई का छिड़काव भी पिछले माह किया जा चुका है।
मृतक बालक अमित नाग को शनिवार से हल्का बुखार था उनके माता-पिता के द्वारा ग्राम के सिरहा को दिखाया गया। सोमवार को मितानिन द्वारा जांच करने पर मलेरिया की पुष्टि हुई और सोमवार को ही प्रथम खुराक दी गई। इसके बाद मंगलवार को द्वितीय खुराक दिया गया एवं बुधवार की रात को उल्टी नहीं रुकने और तबीयत बिगड़ने पर मितानिन द्वारा रात 10 बजे एम्बुलेंस बुलवाकर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल डिमरापाल ले जाया गया, जहां पर मेडिकल कॉलेज पहुंचते ही बच्चे की मृत्यु हो गई। गांव के परिवारों के सभी सदस्यों की स्वास्थ्य जांच करने पर किसी भी परिवार के अन्य सदस्यों को बुखार या मलेरिया नहीं पाया गया। ग्राम नागलसर में तीन मितानिन हैं जो स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ मिलकर एमएमसी 12 कार्यक्रम के तहत संपूर्ण ग्राम का मलेरिया जांच कर रही है। चिरायु टीम के द्वारा भी शुक्रवार को ग्राम के सभी स्कूल और हॉस्टल में बच्चों की जांच कर दवाई का वितरण किया गया। वर्तमान में उक्त ग्राम में आगामी एक सप्ताह तक स्वास्थ्य शिविर लगाकर क्षेत्र में सतत निगरानी बनाए रखने की निर्देश सीएमएचओ द्वारा संबंधित चिकित्सकों सहित मैदानी अमले को दिए गए हैं।