छत्तीसगढ़ / बीजापुर
शासकीय पालीटेक्निक, बीजापुर में अंतिम राऊंड के प्रवेश हेतु रजिस्ट्रेशन प्रांरम्भ
बीजापुर 03 सितम्बर 2026
राज्य की पालीटेक्निक संस्थाओं में प्रवेश हेतु संचालनालय तकनीकी शिक्षा, छ0ग0 शासन के अधीन शासकीय पालीटेक्निक, बीजापुर में प्रवेश हेतु अंतिम एवं पांचवें राऊंड के प्रवेश के लिए रजिस्ट्रेशन 03 सितम्बर 2026 से 06 सितम्बर 2026 तक किया जाना है। वहीं 07 सितम्बर 2026 को मेरिट सूची जारी की जाएगी, तत्पश्चात् प्रवेश की कार्यवाही 08 एवं 09 सितम्बर 2026 को होगी। जिला बीजापुर में संचालित पालीटेक्निक में सिविल, मैकेनिकल एवं इलेक्ट्रिकल में तीन वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित हो रहे है। काउंसिलिंग/रजिस्ट्रेशन की सम्पूर्ण प्रक्रिया एवं प्रवेश संबंधी विस्तृत जानकारी हेतु इच्छुक अभ्यर्थी मोबाइल नम्बर 95848 46620, 93999 71057 पर सम्पर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते है या अभ्यर्थी स्वयं संस्था में उपस्थित होकर मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।
पाताकुटरू में मोबाइल टॉवर से बदली संचार की तस्वीर, ग्रामीणों को मिली डिजिटल कनेक्टिविटी की सौगात
बीजापुर । - जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र स्थित पाताकुटरू गांव में नए मोबाइल टॉवर का निर्माण एवं संचालन शुरू होने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। ग्राम पंचायत मंगापेठा के अंतर्गत आने वाले पिताकुटरू में लंबे समय से मोबाइल नेटवर्क की समस्या बनी हुई थी। अब टॉवर के शुरू होने से ग्रामीणों को मोबाइल नेटवर्क एवं इंटरनेट की बेहतर सुविधा मिलने लगी है। घने जंगलों और दूरस्थ भौगोलिक क्षेत्र में स्थित होने के कारण पाताकुटरू के ग्रामीणों के लिए संचार सुविधा हमेशा एक बड़ी चुनौती रही है। मोबाइल नेटवर्क की कमी के चलते जरूरी फोन कॉल करने के लिए भी लोगों को कई बार ऊंचे स्थानों या नेटवर्क उपलब्ध होने वाले दूसरे क्षेत्रों तक जाना पड़ता था। इंटरनेट सुविधा नहीं होने से ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग भी ग्रामीणों के लिए मुश्किल था। नए मोबाइल टॉवर के संचालन से अब ग्रामीणों को मोबाइल कॉल और इंटरनेट कनेक्टिविटी की सुविधा उपलब्ध होगी। इसका सबसे अधिक लाभ गांव के विद्यार्थियों और युवाओं को मिलेगा। विद्यार्थी ऑनलाइन पढ़ाई और शैक्षणिक सामग्री का उपयोग कर सकेंगे, वहीं युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, ऑनलाइन आवेदन एवं रोजगार से जुड़ी जानकारियां आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध होने से ग्रामीणों के लिए डिजिटल बैंकिंग, यूपीआई भुगतान, ऑनलाइन सरकारी सेवाओं और विभिन्न शासकीय योजनाओं से संबंधित कार्य भी आसान होंगे। अब कई जरूरी डिजिटल कार्यों के लिए ग्रामीणों को दूर-दराज के कस्बों तक जाने की आवश्यकता कम होगी।
आपात स्थिति में भी मिलेगी त्वरित संपर्क सुविधा
दूरस्थ वनांचल क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क की उपलब्धता आपातकालीन परिस्थितियों में भी बेहद महत्वपूर्ण है। बीमारी, दुर्घटना या अन्य किसी आकस्मिक स्थिति में ग्रामीण अब स्वास्थ्य केंद्र, प्रशासन, पुलिस या अपने परिजनों से जल्द संपर्क स्थापित कर सकेंगे। इससे जरूरत के समय सहायता प्राप्त करने में सुविधा होगी। ग्रामीणों का कहना है कि मोबाइल नेटवर्क आज के समय में केवल बातचीत का माध्यम नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, रोजगार और सरकारी सेवाओं से जुड़ने का महत्वपूर्ण साधन बन चुका है। गांव में मोबाइल टॉवर शुरू होने से अब पत्ताकुटरू के लोगों का बाहरी दुनिया से संपर्क और मजबूत होगा।
ग्रामीणों ने मोबाइल टॉवर की सुविधा मिलने पर खुशी व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड (USOF) के सहयोग से दूरस्थ क्षेत्र में स्थापित यह टॉवर संचार सुविधा के विस्तार के साथ-साथ ग्रामीणों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगा। पत्ताकुटरू में मोबाइल टॉवर का संचालन शुरू होना दूरस्थ वनांचल क्षेत्र में डिजिटल कनेक्टिविटी की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे ग्रामीणों को आधुनिक संचार सुविधाओं का लाभ मिलेगा और आने वाले समय में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार तथा डिजिटल सेवाओं की पहुंच को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।
युवा उड़ान 2026 से बीजापुर में गूंजा युवाओं के सामर्थ्य और संकल्प का संदेश
बीजापुर । - छत्तीसगढ़ के युवाओं में नई ऊर्जा, सकारात्मक सोच और नेतृत्व क्षमता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित “युवा उड़ान 2026” कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ बीजापुर जिले के नवोदय विद्यालय परिसर में हुआ। छत्तीसगढ़ युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय तोमर की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में जिलेभर से हजारों की संख्या में युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को देश, प्रदेश और समाज के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका से अवगत कराया गया। कार्यक्रम में निर्धारित केन्द्र एवं राज्य सरकार की उपलब्धियों (युवाओं के लिए हो रहे कार्य), एक देश एक चुनाव, विकसित छत्तीसगढ़-विकसित भारत में युवाओं की भूमिका विषयों पर विशेषज्ञ वक्ताओं ने युवाओं से संवाद किया। युवाओं ने संवाद के दौरान अपने विचार साझा किए तथा विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछकर विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त किया।
सकारात्मक सोच और ऊर्जा के साथ आगे बढ़ें युवा
छत्तीसगढ़ युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय तोमर ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं को अपनी ऊर्जा और सामर्थ्य को सकारात्मक दिशा में लगाते हुए लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने युवाओं से कहा कि अपनी सोच, ताकत, प्रतिभा और ज्ञान का सदैव राष्ट्रहित में उपयोग करें।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत /2047 के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने युवाओं को अपने परिवार, समाज, देश और भारतीय संस्कृति पर गर्व करने तथा अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।
माओवाद प्रभावित जिले से नई पहचान की ओर बढ़ रहा बीजापुर
कलेक्टर विश्वदीप ने कहा कि बीजापुर जिला अब नई सोच, नई ऊर्जा और नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। लंबे समय तक माओवाद की चुनौती से प्रभावित रहे जिले ने आज विकास और बदलाव की नई राह पकड़ी है। जिले में शांति और विकास का वातावरण मजबूत हुआ है तथा युवाओं के लिए शिक्षा, खेल और रोजगार के नए अवसर सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीजापुर के युवाओं में अद्भुत प्रतिभा और क्षमता है। जिले के युवाओं ने शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और खेल के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर नई पहचान बनाई है। हाल ही में जिले के युवा का आईपीएस के रूप में चयन होना, विद्यार्थियों का छम्म्ज् जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता हासिल करना तथा बीजापुर के खिलाड़ियों का राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन करना इसका उदाहरण है।
कलेक्टर ने युवाओं से कहा कि वे अपनी प्रतिभा को पहचानें, निरंतर मेहनत करें और अपने सपनों को लक्ष्य में बदलते हुए आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि बीजापुर का युवा अब केवल चुनौतियों की पहचान नहीं, बल्कि संभावनाओं और उपलब्धियों की नई कहानी लिख रहा है।
नशे और साइबर अपराध के खिलाफ युवा बनें जागरूक प्रहरी
पुलिस अधीक्षक उमेश प्रसाद गुप्ता ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा देश और समाज के भविष्य के निर्माता हैं। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए चलाए जा रहे जागरूकता अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि नशे के दुष्प्रभाव से व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरा परिवार और समाज प्रभावित होता है। इसलिए युवाओं को स्वयं जागरूक रहते हुए अपने आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना चाहिए।
पुलिस अधीक्षक ने युवाओं को साइबर अपराधों के प्रति सजग रहने की अपील करते हुए कहा कि डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा की जानकारी प्रत्येक युवा के लिए आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से साइबर अपराध रोकने के लिए चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों में बढ़-चढ़कर भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
युवाओं से संवाद और सुझावों का हुआ आदान-प्रदान
“युवा उड़ान 2026” में युवाओं को अपनी बात रखने और सुझाव देने के लिए विशेष अवसर प्रदान किया गया। कार्यक्रम में युवाओं ने सुझाव पत्र के माध्यम से अपने विचार एवं सुझाव प्रस्तुत किए। कार्यक्रम स्थल पर युवा आयोग की वेबसाइट एवं माय भारत एप से संबंधित QR कोड की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई, ताकि युवा विभिन्न गतिविधियों और अवसरों से जुड़ सकें। कार्यक्रम में नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती गीता सोम पुजारी एवं वरिष्ठ नागरिक घासी राम नाग ने भी युवाओं को संबोधित करते हुए उन्हें जीवन में सकारात्मक सोच, अनुशासन, मेहनत और सामाजिक जिम्मेदारियों के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर राज्य अलंकरण प्राप्त एवं उत्कृष्ट खिलाड़ियों को जिला खेल अधिकारी उत्तम सिंह पंचारी सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में जिले के युवा उपस्थित रहे।सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य मैथियस कुजूर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चौबे, संयुक्त कलेक्टर जागेश्वर कौशल, संयुक्त कलेक्टर एवं
कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम् राष्ट्रगान एवं राज्यगीत के साथ हुआ पूरे कार्यक्रम के दौरान युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला और उन्होंने विकसित छत्तीसगढ़ एवं विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
नारी सम्मान कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं एवं अधिकारियों का सम्मान
बीजापुर । - छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग, रायपुर द्वारा पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर के अटल बिहारी वाजपेयी नवीन सभागार में नारी सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि विधानसभा अध्यक्ष द्वारा कार्यक्रम की अध्यक्षता किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को लैंगिक समानता, विधिक संरक्षण एवं साइबर सुरक्षा सहित महिला अधिकारों से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी प्रदान करना है। साथ ही महिलाओं की सुरक्षा एवं संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं संस्थाओं को सम्मानित किया गया जिसमें बीजापुर जिले से जिला संरक्षण अधिकारी (नवा बिहान योजना) श्रीमती शीला भारद्वाज शामिल रही।
पाताकुटरू में मोबाइल टॉवर से बदली संचार की तस्वीर, ग्रामीणों को मिली डिजिटल कनेक्टिविटी की सौगात
ग्राम पंचायत मंगापेठा के दूरस्थ क्षेत्र में शुरू हुई मोबाइल नेटवर्क सुविधा, शिक्षा और ऑनलाइन सेवाओं का मिलेगा लाभ
बीजापुर अगस्त 2026
जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र स्थित पाताकुटरू गांव में नए मोबाइल टॉवर का निर्माण एवं संचालन शुरू होने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। ग्राम पंचायत मंगापेठा के अंतर्गत आने वाले पिताकुटरू में लंबे समय से मोबाइल नेटवर्क की समस्या बनी हुई थी। अब टॉवर के शुरू होने से ग्रामीणों को मोबाइल नेटवर्क एवं इंटरनेट की बेहतर सुविधा मिलने लगी है। घने जंगलों और दूरस्थ भौगोलिक क्षेत्र में स्थित होने के कारण पाताकुटरू के ग्रामीणों के लिए संचार सुविधा हमेशा एक बड़ी चुनौती रही है। मोबाइल नेटवर्क की कमी के चलते जरूरी फोन कॉल करने के लिए भी लोगों को कई बार ऊंचे स्थानों या नेटवर्क उपलब्ध होने वाले दूसरे क्षेत्रों तक जाना पड़ता था। इंटरनेट सुविधा नहीं होने से ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग भी ग्रामीणों के लिए मुश्किल था। नए मोबाइल टॉवर के संचालन से अब ग्रामीणों को मोबाइल कॉल और इंटरनेट कनेक्टिविटी की सुविधा उपलब्ध होगी। इसका सबसे अधिक लाभ गांव के विद्यार्थियों और युवाओं को मिलेगा। विद्यार्थी ऑनलाइन पढ़ाई और शैक्षणिक सामग्री का उपयोग कर सकेंगे, वहीं युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, ऑनलाइन आवेदन एवं रोजगार से जुड़ी जानकारियां आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध होने से ग्रामीणों के लिए डिजिटल बैंकिंग, यूपीआई भुगतान, ऑनलाइन सरकारी सेवाओं और विभिन्न शासकीय योजनाओं से संबंधित कार्य भी आसान होंगे। अब कई जरूरी डिजिटल कार्यों के लिए ग्रामीणों को दूर-दराज के कस्बों तक जाने की आवश्यकता कम होगी।
आपात स्थिति में भी मिलेगी त्वरित संपर्क सुविधा
दूरस्थ वनांचल क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क की उपलब्धता आपातकालीन परिस्थितियों में भी बेहद महत्वपूर्ण है। बीमारी, दुर्घटना या अन्य किसी आकस्मिक स्थिति में ग्रामीण अब स्वास्थ्य केंद्र, प्रशासन, पुलिस या अपने परिजनों से जल्द संपर्क स्थापित कर सकेंगे। इससे जरूरत के समय सहायता प्राप्त करने में सुविधा होगी। ग्रामीणों का कहना है कि मोबाइल नेटवर्क आज के समय में केवल बातचीत का माध्यम नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, रोजगार और सरकारी सेवाओं से जुड़ने का महत्वपूर्ण साधन बन चुका है। गांव में मोबाइल टॉवर शुरू होने से अब पत्ताकुटरू के लोगों का बाहरी दुनिया से संपर्क और मजबूत होगा।
ग्रामीणों ने मोबाइल टॉवर की सुविधा मिलने पर खुशी व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड (USOF) के सहयोग से दूरस्थ क्षेत्र में स्थापित यह टॉवर संचार सुविधा के विस्तार के साथ-साथ ग्रामीणों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगा। पत्ताकुटरू में मोबाइल टॉवर का संचालन शुरू होना दूरस्थ वनांचल क्षेत्र में डिजिटल कनेक्टिविटी की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे ग्रामीणों को आधुनिक संचार सुविधाओं का लाभ मिलेगा और आने वाले समय में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार तथा डिजिटल सेवाओं की पहुंच को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।
युवा उड़ान 2026 से बीजापुर में गूंजा युवाओं के सामर्थ्य और संकल्प का संदेश
नवोदय विद्यालय परिसर में हजारों युवाओं ने लिया हिस्सा, विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का किया संकल्प
युवा आयोग अध्यक्ष श्री विश्व विजय तोमर ने युवाओं को सकारात्मक सोच, ऊर्जा और राष्ट्रहित में ज्ञान के सदुपयोग के लिए किया प्रेरित
बीजापुर अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ के युवाओं में नई ऊर्जा, सकारात्मक सोच और नेतृत्व क्षमता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित “युवा उड़ान 2026” कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ बीजापुर जिले के नवोदय विद्यालय परिसर में हुआ। छत्तीसगढ़ युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय तोमर की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में जिलेभर से हजारों की संख्या में युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को देश, प्रदेश और समाज के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका से अवगत कराया गया। कार्यक्रम में निर्धारित केन्द्र एवं राज्य सरकार की उपलब्धियों (युवाओं के लिए हो रहे कार्य), एक देश एक चुनाव, विकसित छत्तीसगढ़-विकसित भारत में युवाओं की भूमिका विषयों पर विशेषज्ञ वक्ताओं ने युवाओं से संवाद किया। युवाओं ने संवाद के दौरान अपने विचार साझा किए तथा विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछकर विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त किया।
सकारात्मक सोच और ऊर्जा के साथ आगे बढ़ें युवा
छत्तीसगढ़ युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय तोमर ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं को अपनी ऊर्जा और सामर्थ्य को सकारात्मक दिशा में लगाते हुए लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने युवाओं से कहा कि अपनी सोच, ताकत, प्रतिभा और ज्ञान का सदैव राष्ट्रहित में उपयोग करें।
उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत /2047 के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने युवाओं को अपने परिवार, समाज, देश और भारतीय संस्कृति पर गर्व करने तथा अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।
माओवाद प्रभावित जिले से नई पहचान की ओर बढ़ रहा बीजापुर
कलेक्टर श्री विश्वदीप ने कहा कि बीजापुर जिला अब नई सोच, नई ऊर्जा और नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। लंबे समय तक माओवाद की चुनौती से प्रभावित रहे जिले ने आज विकास और बदलाव की नई राह पकड़ी है। जिले में शांति और विकास का वातावरण मजबूत हुआ है तथा युवाओं के लिए शिक्षा, खेल और रोजगार के नए अवसर सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीजापुर के युवाओं में अद्भुत प्रतिभा और क्षमता है। जिले के युवाओं ने शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और खेल के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर नई पहचान बनाई है। हाल ही में जिले के युवा का आईपीएस के रूप में चयन होना, विद्यार्थियों का छम्म्ज् जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता हासिल करना तथा बीजापुर के खिलाड़ियों का राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन करना इसका उदाहरण है।
कलेक्टर ने युवाओं से कहा कि वे अपनी प्रतिभा को पहचानें, निरंतर मेहनत करें और अपने सपनों को लक्ष्य में बदलते हुए आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि बीजापुर का युवा अब केवल चुनौतियों की पहचान नहीं, बल्कि संभावनाओं और उपलब्धियों की नई कहानी लिख रहा है।
नशे और साइबर अपराध के खिलाफ युवा बनें जागरूक प्रहरी
पुलिस अधीक्षक श्री उमेश प्रसाद गुप्ता ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा देश और समाज के भविष्य के निर्माता हैं। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए चलाए जा रहे जागरूकता अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि नशे के दुष्प्रभाव से व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरा परिवार और समाज प्रभावित होता है। इसलिए युवाओं को स्वयं जागरूक रहते हुए अपने आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना चाहिए।
पुलिस अधीक्षक ने युवाओं को साइबर अपराधों के प्रति सजग रहने की अपील करते हुए कहा कि डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा की जानकारी प्रत्येक युवा के लिए आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से साइबर अपराध रोकने के लिए चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों में बढ़-चढ़कर भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
युवाओं से संवाद और सुझावों का हुआ आदान-प्रदान
“युवा उड़ान 2026” में युवाओं को अपनी बात रखने और सुझाव देने के लिए विशेष अवसर प्रदान किया गया। कार्यक्रम में युवाओं ने सुझाव पत्र के माध्यम से अपने विचार एवं सुझाव प्रस्तुत किए। कार्यक्रम स्थल पर युवा आयोग की वेबसाइट एवं माय भारत एप से संबंधित QR कोड की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई, ताकि युवा विभिन्न गतिविधियों और अवसरों से जुड़ सकें। कार्यक्रम में नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती गीता सोम पुजारी एवं वरिष्ठ नागरिक श्री घासी राम नाग ने भी युवाओं को संबोधित करते हुए उन्हें जीवन में सकारात्मक सोच, अनुशासन, मेहनत और सामाजिक जिम्मेदारियों के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर राज्य अलंकरण प्राप्त एवं उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य श्री मैथियस कुजूर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चौबे, संयुक्त कलेक्टर श्री जागेश्वर कौशल, संयुक्त कलेक्टर एवं जिला खेल अधिकारी श्री उत्तम सिंह पंचारी सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में जिले के युवा उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम् राष्ट्रगान एवं राज्यगीत के साथ हुआ पूरे कार्यक्रम के दौरान युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला और उन्होंने विकसित छत्तीसगढ़ एवं विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
नारी सम्मान कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं एवं अधिकारियों का सम्मान
बीजापुर अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग, रायपुर द्वारा पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर के अटल बिहारी वाजपेयी नवीन सभागार में नारी सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि विधानसभा अध्यक्ष द्वारा कार्यक्रम की अध्यक्षता किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को लैंगिक समानता, विधिक संरक्षण एवं साइबर सुरक्षा सहित महिला अधिकारों से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी प्रदान करना है। साथ ही महिलाओं की सुरक्षा एवं संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं संस्थाओं को सम्मानित किया गया जिसमें बीजापुर जिले से जिला संरक्षण अधिकारी (नवा बिहान योजना) श्रीमती शीला भारद्वाज शामिल रही।
महतारी वंदन योजना से रितिका ने रची स्वावलंबन की कहानी
बीजापुर । कहते हैं, मुश्किलें इंसान को तोड़ने आती हैं, लेकिन हौसला उन्हें अवसर में बदल देता है। ग्राम चंदूर की रितिका दोरिवार ने विपरीत परिस्थितियों के बीच संघर्ष करते हुए आज आत्मनिर्भरता की ऐसी कहानी लिखी है, जो दूसरी बहनों के लिए भी प्रेरणा बन रही है।
वर्ष 2019 रितिका के जीवन का सबसे कठिन दौर था, जब उनके पति ने उनका साथ छोड़ दिया। परिवार की जिम्मेदारी अचानक उनके कंधों पर आ गई। ऐसे समय में उनकी मां ने उनका हाथ थामा, हिम्मत दी और आगे बढ़ने का भरोसा दिलाया। मां के इसी संबल और अपनी मेहनत को रितिका ने अपनी ताकत बनाया।
विष्णु भैया का भेजा 1000 रुपये बना आत्मनिर्भरता का सहारा :
छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना रितिका के जीवन में उम्मीद की नई किरण लेकर आई। योजना के तहत मिलने वाली प्रतिमाह 1000 रुपये की राशि को उन्होंने खर्च करने के बजाय धीरे-धीरे बचाना शुरू किया। छोटी-छोटी बचत से तैयार हुई यही राशि आगे चलकर उनकी आत्मनिर्भरता की पूंजी बनी। रितिका ने इसी बचत के सहारे अपनी छोटी-सी किराना दुकान शुरू की। आज दुकान से होने वाली आमदनी उनके परिवार के जीवन-यापन का सहारा बनी हुई है। अब रितिका किसी पर निर्भर नहीं हैं, बल्कि स्वयं अपने परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। रितिका भावुक होकर कहती हैं, “वो 1000 रुपये मेरे लिए सिर्फ पैसे नहीं हैं। जब घर में जरूरत बढ़ जाती है, बच्चों की पढ़ाई या राशन की जरूरत होती है, तो विष्णु भैया का भेजा यही 1000 रुपये मेरा सहारा बनता है।
इसी राशि को बचाकर मैंने दुकान शुरू करने की हिम्मत जुटाई।” रितिका की कहानी बताती है कि महतारी वंदन योजना की आर्थिक सहायता केवल मासिक सहयोग नहीं, बल्कि महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की शुरुआत भी बन सकती है। सही सोच, बचत और मेहनत से छोटी-सी सहायता को भी स्थायी आय के साधन में बदला जा सकता है। आज रितिका आत्मविश्वास के साथ अपने परिवार की जिम्मेदारी निभा रही हैं। उनकी सफलता इस बात का उदाहरण है कि जब सरकार का सहयोग, परिवार का संबल और महिला का हौसला एक साथ मिलता है, तो परिस्थितियां भी बदलने लगती हैं। बहनों की तरक्की ही परिवार की शान है, और यही विष्णु भैया का अभिमान है।
महतारी वंदन योजना से पनारापारा की कुमारी दीदी को मिला स्वावलंबन का संबल
बीजापुर । “हर बहन के चेहरे पर मुस्कान, विष्णु भैया का यही अरमान।” यह भाव आज उन महिलाओं के जीवन में दिखाई दे रहा है, जिन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए शासन की योजनाएं सहारा दे रही हैं। बीजापुर के पनारापारा आंगनबाड़ी केंद्र की हितग्राही 45 वर्षीय कुमारी त्रिपाल की कहानी भी संघर्ष से स्वावलंबन तक के सफर की प्रेरणादायी मिसाल है।
पति स्वर्गीय जनक त्रिपाल के निधन के बाद कुमारी त्रिपाल के सामने परिवार चलाने की बड़ी चुनौती थी। उनकी एक बेटी है, जिसका विवाह हो चुका है। घर में कमाने वाला कोई अन्य सदस्य नहीं होने के बावजूद उन्होंने परिस्थितियों के आगे हार नहीं मानी। उन्होंने मेहनत को अपना सहारा बनाया और छोटी-सी सब्जी की दुकान शुरू की।
कुमारी त्रिपाल की दिनचर्या सुबह करीब 4 बजे शुरू होती है। वे मंडी जाकर सब्जियां खरीदती हैं और उन्हें अपनी दुकान तक लाकर दिनभर बिक्री करती हैं। सीमित आमदनी और बढ़ती महंगाई के बीच घर का खर्च चलाना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने मेहनत जारी रखी। इसी संघर्ष के बीच महतारी वंदन योजना उनके लिए आर्थिक संबल बनकर आई। योजना के तहत उन्हें हर महीने 1000 रुपये की राशि सीधे बैंक खाते में प्राप्त हो रही है। इस राशि का उपयोग वे सब्जी खरीदने और व्यवसाय को सुचारू रूप से चलाने में कर रही हैं। कुमारी त्रिपाल भावुक होकर कहती हैं, “पति के जाने के बाद लगा था कि अब कोई सहारा नहीं है। लेकिन विष्णु भैया ने बड़े भाई की तरह साथ दिया। हर महीने मिलने वाले 1000 रुपये मेरे लिए बहुत बड़ा सहारा हैं। इससे मैं दुकान के लिए सब्जी ला पाती हूं और कुछ राशि बचा भी लेती हूं। इससे मुझे सम्मान के साथ अपना जीवन चलाने की हिम्मत मिली है।” आज कुमारी त्रिपाल अपनी मेहनत से सब्जी का व्यवसाय चला रही हैं और किसी के आगे हाथ फैलाए बिना आत्मसम्मान के साथ जीवन यापन कर रही हैं। महतारी वंदन योजना से मिली आर्थिक सहायता ने उनके संघर्ष को मजबूती दी है और उन्हें स्वावलंबन की राह पर आगे बढ़ने का अवसर दिया है। कुमारी त्रिपाल की कहानी यह संदेश देती है कि छोटी-सी आर्थिक सहायता भी यदि सही दिशा में उपयोग की जाए तो वह आत्मनिर्भरता की बड़ी शुरुआत बन सकती है। उनका संघर्ष और हौसला अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा है।
“राखी का धागा, भरोसे का साथ-विष्णु भैया संग विकास की बात।” यही भाव महतारी वंदन योजना से जुड़ी उन महिलाओं की कहानियों में दिखाई देता है, जो अपने संघर्ष को अपनी ताकत बनाकर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। “बहनों की तरक्की, परिवार की शानकृविष्णु भैया का यही अभियान।”
गाजरघास के खिलाफ बीजापुर में जागरूकता की मुहिम, स्कूलों से खेतों तक चला उन्मूलन अभियान
बीजापुर । गाजरघास यानी पार्थेनियम हिस्टेरोफोरस ( Parthenium hysterophorus) एक अत्यंत हानिकारक एवं तेजी से फैलने वाला खरपतवार है, जो फसलों की उत्पादकता प्रभावित करने के साथ-साथ मनुष्यों और पशुओं के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इसके नियंत्रण एवं उन्मूलन के लिए कृषि विज्ञान केंद्र ( KVK ) बीजापुर द्वारा 16 से 22 अगस्त 2026 तक विशेष “गाजरघास जागरूकता एवं उन्मूलन सप्ताह” का आयोजन किया गया।
गाजरघास मुख्य रूप से सड़क किनारे, खाली भूमि, खेतों की मेड़ों, चरागाहों तथा परती भूमि में तेजी से फैलता है। इसका एक पौधा लगभग 40 से 50 हजार महीन बीज पैदा कर सकता है और एक वर्ष में तीन बार तक अपना जीवन चक्र पूरा कर लेता है। इसके बीज लंबे समय तक मिट्टी में जीवित रह सकते हैं। यही कारण है कि समय रहते गाजरघास का नियंत्रण एवं उन्मूलन बेहद जरूरी है।
फसल उत्पादन में 20 से 30 प्रतिशत तक गिरावट :
बीजापुर जिले में गाजरघास का प्रकोप फसलों की पैदावार में 20 से 30 प्रतिशत तक की गिरावट का कारण बन सकता है। यह मिट्टी की उर्वरता को प्रभावित करने के साथ पशुओं के लिए भी विषैला है। इसके संपर्क में आने से ग्रामीणों में त्वचा संबंधी एलर्जी और सांस से जुड़ी बीमारियां भी फैल सकती हैं।
स्कूलों में पहुंचा जागरूकता का संदेश :
कृषि विज्ञान केंद्र बीजापुर के विषय वस्तु विशेषज्ञ SMS के नेतृत्व में आयोजित सप्ताह के दौरान जिले के विभिन्न स्कूलों में विद्यार्थियों को गाजरघास के दुष्प्रभावों और इसके सुरक्षित उन्मूलन की जानकारी दी गई। अभियान के तहत केंद्रीय विद्यालय बीजापुर, स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम स्कूल बीजापुर, शासकीय कन्या विद्यालय ज्ञानगुड़ी, पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय बीजापुर और केंद्रीय विद्यालय बीजापुर का भ्रमण कर विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। इस अभियान में युवा पीढ़ी को प्रमुख भागीदार बनाया गया, ताकि विद्यार्थी स्वयं जागरूक होने के साथ अपने परिवार और आसपास के ग्रामीणों तक भी गाजरघास के दुष्प्रभावों की जानकारी पहुंचा
जिले में अब तक 1062.1 मिमी. वर्षा दर्ज
बीजापुर । कलेक्टर कार्यालय भू अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के सभी तहसीलों में एक जून से अब तक 1062.1 मिमी. औसत वर्षा दर्ज की गई है।
इस दौरान सर्वाधिक 1320.1 मिमी वर्षा बीजापुर में दर्ज की गई है। इसी तरह 1264.1 मिमी. वर्षा भैरमगढ़ में, 1199.8 मिमी वर्षा कुटरू में, 997.1 मिमी. वर्षा भोपालपटनम में, 902.3 मिमी. वर्षा गंगालूर में एवं उसूर में 689.1 मिमी. वर्षा दर्ज की गई है।
पक्के मकान ने बदली गंगा आलम की जिंदगी, वर्षों पुराना सपना हुआ साकार
बीजापुर । नगरीय क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 04 में रहने वाली विधवा महिला गंगा आलम पति स्व. आलम पेंटैया के लिए पक्के मकान का सपना अब हकीकत बन चुका है। कृषि मजदूरी कर अपने दो बच्चों का पालन-पोषण करने वाली गंगा आलम पहले एक छोटे से कच्चे मकान में रहती थीं। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकने सहित उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री आवास योजना के बीएलसी घटक अंतर्गत ‘मोर जमीन मोर मकान’ योजना की जानकारी नगर पंचायत भोपालपटनम के अधिकारियों एवं प्रधानमंत्री आवास योजना की टीम द्वारा उन्हें दी गई। इसके बाद उनका आवेदन तैयार कर शासन को भेजा गया। आवास स्वीकृत होने के पश्चात आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने परिवार का भरण-पोषण करते हुए धीरे-धीरे अपने मकान का निर्माण पूरा किया।
आज गंगा आलम अपने पक्के मकान में सुरक्षित और सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर रही हैं। वर्षों तक कच्चे मकान में रहने के बाद पक्के आवास की सुविधा मिलने से उनके चेहरे पर खुशी और आत्मविश्वास साफ झलकता है। वे अपने इस सपने को साकार करने के लिए नगर पंचायत भोपालपटनम, राज्य शासन एवं प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करती हैं।
बस्तर के दूरस्थ क्षेत्र भोपालपट्टनम पहुंचे कमिश्नर, विभिन्न दफ्तरों में कार्यालयीन व्यवस्थाओं का लिया जायजा
बीजापुर । कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह ने संभाग के दूरस्थ क्षेत्र भोपालपट्टनम पहुंचकर एसडीएम एवं तहसील सहित अन्य कार्यालयों का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यालयीन व्यवस्थाओं, राजस्व प्रकरणों के निराकरण तथा विभिन्न अभिलेखों के संधारण की स्थिति का जायजा लिया। कमिश्नर ने अधिकारियों को राजस्व प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कमिश्नर सिंह ने तहसील के रिकॉर्ड रूम का अवलोकन करते हुए अभिलेखों के व्यवस्थित रख-रखाव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने रिकॉर्ड रूम को निर्वाचन के स्ट्रांग रूम की तर्ज पर सुरक्षित एवं व्यवस्थित रूप से तैयार करने को कहा, ताकि भू-स्वामियों के रिकार्ड एवं अन्य महत्वपूर्ण राजस्व अभिलेखों का सुरक्षित संधारण सुनिश्चित हो सके।
कमिश्नर ने प्रस्तावित भू-अर्जन क्षेत्र में भूमि क्रय-विक्रय पर नियमानुसार प्रतिबंध की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन भू-अर्जन प्रकरणों में अवार्ड पारित हो चुके हैं, उनमें राजस्व अभिलेखों का आवश्यक दुरुस्तीकरण समय पर किया जाए। उन्होंने राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के प्रकरणों को संवेदनशीलता के साथ त्वरित निस्तारण कर पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने के निर्देश दिए।
इसके पश्चात कमिश्नर डोमन सिंह ने जनपद पंचायत भोपालपट्टनम का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यालय में संचालित विभिन्न कार्यों की जानकारी लेते हुए ई-ऑफिस के संचालन की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों को कार्यालयीन कार्यों को अधिक व्यवस्थित एवं समयबद्ध तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय एवं खंड स्रोत समन्वयक कार्यालय का निरीक्षण कर विभागीय गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने ई-ऑफिस के संचालन की स्थिति की समीक्षा करने के साथ ही विभिन्न पंजियों, अभिलेखों एवं दस्तावेजों के संधारण का अवलोकन किया। उन्होंने सभी पंजियों एवं दस्तावेजों को अद्यतन एवं व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए, ताकि आवश्यक जानकारी तत्काल उपलब्ध हो सके। उन्होंने लक्षित स्कूली बच्चों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकों एवं गणवेश की उपलब्धता सहित मध्यान्ह भोजन एवं न्यौता भोज के बारे में जानकारी ली। कमिश्नर ने एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय का निरीक्षण कर लक्षित बच्चों एवं माताओं को समेकित बाल विकास सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कमिश्नर डोमन सिंह ने अधिकारियों से कहा कि कार्यालयीन व्यवस्थाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता बनाए रखते हुए शासन की योजनाओं एवं विभागीय कार्यों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने आम जनता से जुड़े प्रकरणों के निराकरण को प्राथमिकता देने तथा उन्हें बेहतर लोक सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। इस दौरान एसडीएम बीजापुर जागेश्वर कोशल, एसडीएम भोपालपट्टनम यशवंत नाग समेत सीईओ जनपद पंचायत, तहसीलदार और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
बस्तर मुन्ने के तहत शत-प्रतिशत सैचुरेशन सुनिश्चित करें : कमिश्नर डोमन सिंह
बीजापुर । बस्तर संभाग के कमिश्नर डोमन सिंह ने बीजापुर प्रवास के दौरान इंद्रावती सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर जिले में संचालित शासकीय योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने ‘बस्तर मुन्ने’ के तहत शत-प्रतिशत सैचुरेशन सुनिश्चित करने तथा सभी पात्र हितग्राहियों की पोर्टल में एंट्री पूर्ण करने के निर्देश दिए।
कमिश्नर सिंह ने कहा कि शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी पात्र हितग्राहियों को राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, बीवीजी रामजी कार्ड, श्रम कार्ड, प्रधानमंत्री आवास सहित बस्तर मुन्ने के अंतर्गत चिन्हित सभी 31 सेवाओं से शत-प्रतिशत लाभान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से सैचुरेशन में आ रही कठिनाइयों की जानकारी लेते हुए उनके निराकरण के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया।
राजस्व प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश :
बैठक में कमिश्नर ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर विशेष जोर देते हुए जाति एवं निवास प्रमाण पत्र, वनाधिकार पत्र प्रदाय स्थिति एवं वनाधिकार मान्यता पत्रों का फौती नामांतरण तथा अवैध अतिक्रमण पर कार्रवाई सहित अन्य राजस्व मामलों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले से बाहर प्रवासित बीजापुर के नागरिक यदि वापस जिले में लौटते हैं, तो उनकी पात्रता के अनुसार उन्हें शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जाए, ताकि उन्हें पुनः मुख्यधारा से जोड़ते हुए शासन की योजनाओं का प्रभावी लाभ मिल सके।
विकास कार्यों की प्रगति का प्रस्तुतिकरण :
कलेक्टर विश्वदीप ने जिले में संचालित विभिन्न विकास कार्यों एवं योजनाओं की प्रगति का पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने समीक्षा बैठक में प्राप्त निर्देशों के अनुरूप कार्यों में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
बैठक में सीईओ जिला पंचायत नम्रता चौबे, संयुक्त कलेक्टर जागेश्वर कौशल सहित जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारी, सभी अनुभागों के एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार, जनपद पंचायतों के सीईओ एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
गांव-गांव डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ाने VLE को दिया जा रहा आवासीय प्रशिक्षण
बीजापुर । ग्राम पंचायत स्तर पर डिजिटल एवं वित्तीय सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अटल डिजिटल सुविधा केंद्र ( ADSK ) के VLE के लिए 18 अगस्त से 24 अगस्त 2026 तक RSETI, बीजापुर में 6 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण में जिले के 35 अटल डिजिटल सुविधा केंद्र VLE सहभागिता कर रहे हैं।
प्रशिक्षण के तृतीय दिवस आयोजित बैंकिंग प्रशिक्षण सत्र में CEO , जिला पंचायत बीजापुर की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने सभी VLE को ग्राम पंचायत स्तर पर CSC की विभिन्न सेवाओं का प्रभावी संचालन करते हुए ग्रामीण नागरिकों तक डिजिटल एवं वित्तीय सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विशेष रूप से Kiosk Banking एवं सेवा सेतु जैसी सेवाओं का ग्राम पंचायत स्तर पर विस्तार करने पर जोर दिया।
CEO महोदया ने कहा कि अटल डिजिटल सुविधा केंद्र ग्रामीण नागरिकों को उनके गांव और पंचायत के समीप ही बैंकिंग सहित विभिन्न डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने VLE को जिम्मेदारी, सक्रियता एवं सेवा भावना के साथ कार्य करते हुए अधिक से अधिक ग्रामीणों को CSC की सेवाओं से जोड़ने के लिए प्रेरित किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य कार्यालय से प्रशिक्षक प्रदीप कुमार एवं रविकांत साहू उपस्थित रहकर VLE को विभिन्न CSC एवं बैंकिंग सेवाओं का प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं। इसके साथ ही DPM NRLM भी प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित रहीं।
प्रशिक्षण के प्रथम तीन दिनों में VLE को लेबर रजिस्ट्रेशन, Agristack Registration, DigiPay एवं बैंकिंग सेवाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
इस 6 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य VLE की क्षमता एवं दक्षता में वृद्धि करते हुए ग्राम पंचायत स्तर पर CSC सेवाओं, Kiosk Banking, सेवा सेतु एवं अन्य डिजिटल सेवाओं का व्यापक विस्तार करना है, ताकि ग्रामीण नागरिकों को आवश्यक डिजिटल एवं वित्तीय सेवाएं सहज रूप से अपने निकट ही उपलब्ध हो सकें।
इन्द्रावती टाइगर रिजर्व में वन्यजीव शिकार पर बड़ी कार्रवाई, 6 आरोपी गिरफ्तार
बीजापुर । इन्द्रावती टाइगर रिजर्व, बीजापुर में वन्यजीव संरक्षण एवं अवैध शिकार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत वन विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वन्यजीव शिकार के मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीवन) एवं क्षेत्रीय निदेशक, इन्द्रावती टाइगर रिजर्व, जगदलपुर तथा उप निदेशक, इन्द्रावती टाइगर रिजर्व, बीजापुर के मार्गदर्शन में की गई।
मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने परिक्षेत्र पासेवाड़ा के अंतर्गत ग्राम नीतिकाकलेर क्षेत्र में कार्रवाई की। इस दौरान वन्यजीव शिकार से संबंधित मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान मौके से वन्यप्राणी के मांस (संभावित नीलगाय) सहित शिकार में प्रयुक्त अन्य सामग्री भी बरामद की गई। वन विभाग की टीम ने 19 अगस्त 2026 को की गई कार्रवाई के दौरान आरोपियों को गिरफ्तार कर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। न्यायालय द्वारा आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। वन विभाग के अनुसार यह कार्रवाई उच्चाधिकारियों के उचित मार्गदर्शन, मैदानी अमले की सतत निगरानी, त्वरित सूचना तंत्र और सक्रियता का परिणाम है। मानसून के दौरान लगातार बारिश के कारण नदी-नालों में जलस्तर बढ़ने और आवागमन की कठिन परिस्थितियों के बावजूद वन विभाग के अधिकारी एवं मैदानी कर्मचारी लगातार पैदल गश्त कर वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं।
इन्द्रावती टाइगर रिजर्व, बीजापुर द्वारा सूचना तंत्र को मजबूत करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने का कार्य लगातार किया जा रहा है। वन विभाग ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वन अपराध या वन्यजीवों के शिकार से संबंधित किसी भी गतिविधि की जानकारी तत्काल निकटतम वन विभाग कार्यालय को दें। वन्यजीव संरक्षण में स्थानीय निवासियों की सहभागिता को महत्वपूर्ण बताते हुए विभाग ने कहा कि वन्यजीवों की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और अवैध शिकार के विरुद्ध कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी। इस कार्रवाई के दौरान अधीक्षक इन्द्रावती टाइगर रिजर्व, बीजापुर, परिक्षेत्र अधिकारी फरसेगढ़/पासेवाड़ा, परिक्षेत्र अधिकारी सेण्ड्रा, परिक्षेत्र अधिकारी कुटरू बफर, परिक्षेत्र अधिकारी कुटरू कोर, परिक्षेत्र अधिकारी मद्देड़ बफर सहित इन्द्रावती टाइगर रिजर्व, बीजापुर का मैदानी अमला मौजूद रहा।
राष्ट्रपति भवन की खास मेहमान बनीं बीजापुर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चंदना तिपनपल्ली
बीजापुर । नीति आयोग की बासागुड़ा परियोजना के तहत बीजापुर जिले के सेक्टर धर्मारम स्थित आंगनबाड़ी केंद्र धर्मारम-1 में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चंदना तिपनपल्ली ने जिले के साथ-साथ पूरे छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। उनके उत्कृष्ट सेवाभाव और जमीनी स्तर पर किए गए कार्यों को देखते हुए उन्हें स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। चंदना 15 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति भवन में आयोजित विशेष कार्यक्रम में शामिल हुईं। छत्तीसगढ़ से एकमात्र आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में उनका चयन होना पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। दुर्गम क्षेत्र में रहकर बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण एवं शिक्षा के क्षेत्र में उनके समर्पित कार्यों को इस सम्मान के माध्यम से राष्ट्रीय पहचान मिली।
राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के साथ लंच का मिला अवसर- सम्मान समारोह के अगले दिन 16 अगस्त को चंदना को भारत की राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के साथ लंच करने का दुर्लभ अवसर प्राप्त हुआ। उनके लिए यह पल बेहद खास और जीवन की अविस्मरणीय स्मृतियों में शामिल हो गया। राष्ट्रपति भवन में देश के शीर्ष नेतृत्व के साथ समय बिताने का यह अवसर उनके सेवाभावी कार्यों के लिए मिले सम्मान को और विशेष बनाता है।
दिल्ली के ऐतिहासिक स्थलों का किया भ्रमण- कार्यक्रम के तहत 17 अगस्त को चंदना को दिल्ली के प्रमुख ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया गया। इसके बाद 18 अगस्त को वे ट्रेन से दिल्ली से रवाना हुईं और 20 अगस्त को सकुशल बीजापुर वापस पहुंचीं।
दुर्गम क्षेत्र में सेवाभाव को मिला राष्ट्रीय सम्मान- चंदना तिपनपल्ली ने बासागुड़ा परियोजना क्षेत्र के दुर्गम इलाकों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में निरंतर समर्पण के साथ कार्य किया है। बच्चों के पोषण, महिलाओं के स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा और शासन की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है। उनके कार्यों की इसी प्रतिबद्धता ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान दिलाई। चंदना की यह उपलब्धि बीजापुर जिले के लिए गौरव के साथ ही जिले की अन्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए भी प्रेरणा का संदेश है। उन्होंने यह साबित किया है कि समर्पण और सेवाभाव से किया गया जमीनी कार्य देश के सर्वाेच्च मंच तक पहचान बना सकता है।