छत्तीसगढ़ / बिलासपुर
पंचायत सचिव मालती लोनिया सेवा से बर्खास्त
बिलासपुर, 1 सितंबर 2026
जिला पंचायत बिलासपुर की सामान्य प्रशासन समिति द्वारा पारित प्रस्ताव के परिपालन में तत्कालीन पंचायत सचिव जनपद पंचायत तखतपुर कु. मालती लोनिया को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। जिला पंचायत बिलासपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। कु. मालती लोनिया के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण में न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध पाए जाने के बाद उनके विरुद्ध पंचायत सेवा नियमों के तहत कार्रवाई की गई। जिला पंचायत की सामान्य प्रशासन समिति की बैठक में पारित प्रस्ताव के आधार पर उन्हें सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
डॉक्टरों की अनुपस्थिति की खबर पर कलेक्टर गंभीर, सीएमएचओ से तत्काल मंगाया जांच रिपोर्ट
लापरवाही मिलने पर दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई
बिलासपुर, 1 सितंबर 2026
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवरीखुर्द में डॉक्टरों की अनुपस्थिति संबंधी सूचना को कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को मामले की तत्काल जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि 31 अगस्त को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवरीखुर्द में चिकित्सकों की अनुपस्थिति और मरीजों को उपचार के लिए इंतजार करने संबंधी खबर प्रमुखता से प्रकाशित हुआ था। मामले को संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा संबंधित प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को स्पष्टीकरण जारी किया गया है।कलेक्टर श्री अग्रवाल ने स्पष्ट किया है कि शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की समय पर उपस्थिति तथा मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। जांच में यदि किसी प्रकार की लापरवाही अथवा अनियमितता सामने आती है तो संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान : टीबी मरीजों को पोषण आहार का वितरण
बिलासपुर, 01 सितंबर 2026
प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान अंतर्गत आज कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी परिसर में उपचाररत टीबी मरीजों को पोषण आहार का वितरण किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सीएमएचओ डॉ. शुभा गरेवाल एवं जिला क्षय अधिकारी डॉ. रक्षित जोगी के निर्देशन में किया गया। इस अवसर पर मरीजों को घी, तेल, चना दाल, अरहर दाल, चावल, खजूर, भुना चना, सोयाबीन बड़ी सहित विभिन्न पौष्टिक खाद्य सामग्री प्रदान की गई। यह पोषण आहार डीआरवीए संस्थान, गुजरात द्वारा भारत सरकार की इकाई एनबीसीसी के सीएसआर मद से उपलब्ध कराया गया है।
जिला क्षय अधिकारी डॉ. रक्षित जोगी ने बताया कि वर्तमान में जिले में लगभग 1600 टीबी मरीज उपचाररत हैं। डीआरवीए संस्थान द्वारा जिले के 200 टीबी मरीजों को लगातार छह माह तक पोषण आहार उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं जिले के शेष उपचाररत मरीजों को एसईसीएल एवं अन्य सहयोगी संस्थाओं के माध्यम से पोषण आहार का लाभ प्रदान किया जा रहा है।
कार्यक्रम में डीपीसी ए. सरिता, एसटीएस गीता सक्सेना, माखन लाल भारती, जीवन महंत, टीबीएचव्ही सरस्वती साहू, भूपेंद्र श्रीवास, सरस्वती यादव तथा डीआरवीए संस्थान से योगिता बोरकर एवं अनी भूषण राय उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने जनदर्शन में सुनी लोगों की समस्याएं
अधिकारियों को दिए त्वरित निराकरण के निर्देश
बिलासपुर, 1 सितम्बर 2026
कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने आज जिला कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में लोगों की समस्याएं सुनी। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने उनसे मिलकर निजी एवं सामुदायिक शिकायत संबंधी आवेदन दिया। उन्होंने अधिकांश मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश कुमार सर्वे एवं जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल ने भी लोगों की समस्याएं सुनी।
जनदर्शन में ग्राम पंचायत कड़ार के सरपंच ब्रजेश दुबे ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत मुक्तिधाम में सामुदायिक शौचालय निर्माण की मांग की। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत कड़ार के मुक्तिधाम में सामुदायिक शौचालय निर्माण के लिए नक्शा, खसरा, प्रस्ताव एवं ग्राम पंचायत की 15वें वित्त की सहमति सहित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए गए हैं। उन्होंने कलेक्टर से कार्य की स्वीकृति एवं आवश्यक कार्यवाही करने का आग्रह किया। मस्तूरी विकासखंड के ग्राम पंधी (रॉक) के शाला विकास समिति के सदस्य जोहन वस्त्रकार द्वारा ग्राम के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी विद्यालय में अंग्रेजी विषय के व्याख्याता की व्यवस्था करने की बात कहीं गई। उन्होंने बताया कि वर्तमान में स्कूल में अंग्रेजी व्याख्याता का पद रिक्त है। उन्होंने छात्र संख्या को देखते हुए विद्यालय में तत्काल अंग्रेजी विषय के व्याख्याता की पदस्थापना किए जाने का अनुरोध किया है।
ग्राम उसलापुर, वार्ड क्रमांक 03 निवासी प्रमोद कुमार टण्डन ने भारी बारिश के कारण कच्चा मकान गिर जाने का उल्लेख करते हुए आपदा प्रबंधन सहायता कोष से मकान निर्माण के लिए सहायता राशि स्वीकृत करने की मांग की। आवेदन में बताया गया कि बारिश के कारण उनका मकान गिर गया है, जिससे परिवार को निवास की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने शासन से नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह किया। जनदर्शन में कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने एवं समस्याओं का निराकरण करने के निर्देश दिए।
हलषष्ठी पर्व पर 2 सितंबर को बिलासपुर जिले में स्थानीय अवकाश
बिलासपुर, 1 सितंबर 2026
हलषष्ठी पर्व के अवसर पर कल 2 सितंबर 2026 को बिलासपुर जिले में स्थानीय अवकाश रहेगा। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री संजय अग्रवाल द्वारा वर्ष 2026 के लिए घोषित तीन स्थानीय अवकाशों में हलषष्ठी पर्व भी शामिल है। जारी आदेश के अनुसार इसके अलावा जिले में 19 अक्टूबर 2026 को महाष्टमी तथा 11 नवंबर 2026 को दीपावली भाई दूज के अवसर पर भी स्थानीय अवकाश रहेगा। उल्लेखनीय है कि बैंक एवं कोषालय में स्थानीय अवकाश के नियम लागू नहीं होंगे।
प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से अनिता शर्मा के घर फैली सौर ऊर्जा की रोशनी, बिजली बिल हुआ शून्य
बिलासपुर । प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना आम नागरिकों के लिए बिजली की बचत के साथ-साथ अतिरिक्त आय का एक प्रभावी माध्यम बन रही है। शहर के रामा ग्रीन सिटी निवासी अनिता शर्मा ने भी इस योजना का लाभ उठाकर अपने घर में सोलर पैनल स्थापित कराया है। सोलर पैनल लगने के बाद उनके घर की बिजली संबंधी जरूरतें अब सौर ऊर्जा से पूरी हो रही हैं और बिजली बिल शून्य हो गया है।
अनिता शर्मा बताती हैं कि पहले हर महीने बिजली बिल के रूप में एक निश्चित राशि खर्च करनी पड़ती थी। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत घर की छत पर सोलर पैनल लगवाने के बाद बिजली का बिल अब शून्य हो गया है। सौर ऊर्जा संयंत्र से घर की आवश्यकता से अधिक बिजली का उत्पादन होने पर अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजी जाती है। इस तरह अनिता शर्मा के लिए सोलर पैनल केवल बिजली बचत का साधन नहीं, बल्कि अतिरिक्त आय का जरिया भी बन गया है। वे बताती हैं कि योजना के माध्यम से अपने घर की छत का उपयोग स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के लिए कर पाना उनके लिए बेहद संतोषजनक अनुभव है। उन्होंने अन्य नागरिकों से भी अपील की कि वे अपने घरों में सौर ऊर्जा को अपनाने के लिए प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की जानकारी लें और इसका लाभ उठाएं।
केंद्र सरकार द्वारा इस योजना में 30 हजार रूपये से लेकर 78 हजार रूपये तक अनुदान और राज्य सरकार द्वारा 30000 तक अनुदान दिया जा रहा है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए उपभोक्ता पीएम सूर्यघर डॉट जीओव्ही डॉट इन वेब पोर्टल अथवा पीएम सूर्यघर एप्प में पंजीयन करा सकते हैं।
सहकारी समिति की मतदाता सूची पर दावा आपत्ति 2 सितम्बर तक
बिलासपुर, 31 अगस्त 2026
एटमासफियर रेसिडेंशियल को आपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड लिंगियाडीह की मतदाता सूची का प्रथम प्रकाशन किया गया है। सूची के संबंध में दावा आपत्ति 2 सितम्बर 2026 तक सोसाइटी कार्यालय या कार्यालय उप पंजीयक बिलासपुर में सप्रमाण लिखित में प्रस्तुत कर सकते है। प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का निराकरण सोसाइटी कार्यालय मंण 3 सितम्बर को दोपहर 2 बजे से किया जाएगा। सूची का अवलोकन सोसाइटी कार्यालय, कार्यालय उप पंजीयक सहकारी संस्थायें बिलासपुर, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्या. मुख्य शाखा के सूचना पटल पर किया जा सकता है।
आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती : आवेदन 16 सितम्बर तक
बिलासपुर, 31 अगस्त 2026
एकीकृत बाल विकास परियोजना बिलासपुर शहरी अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र क्र. 59 गणेशनगर चुचुहियापारा एवं क्र. 54 पुराना टंकी के पास तारबहार में आंगनबाड़ी सहायिका के रिक्त पदों के लिए 16 सितम्बर 2026 तक ऑनलाईन आवेदन किये जा सकते है। इच्छुक आवेदिका ई-भर्ती ऑनलाईन लिंकhttps://aww.e-bharti.in/
में जाकर अनिवार्य दस्तावेजों की फाइल अपलोड करते हुए आवेदन कर सकती है
प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से अनिता शर्मा के घर फैली सौर ऊर्जा की रोशनी, बिजली बिल हुआ शून्य
बिलासपुर, 31 अगस्त 2026
प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना आम नागरिकों के लिए बिजली की बचत के साथ-साथ अतिरिक्त आय का एक प्रभावी माध्यम बन रही है। शहर के रामा ग्रीन सिटी निवासी श्रीमती अनिता शर्मा ने भी इस योजना का लाभ उठाकर अपने घर में सोलर पैनल स्थापित कराया है। सोलर पैनल लगने के बाद उनके घर की बिजली संबंधी जरूरतें अब सौर ऊर्जा से पूरी हो रही हैं और बिजली बिल शून्य हो गया है।
अनिता शर्मा बताती हैं कि पहले हर महीने बिजली बिल के रूप में एक निश्चित राशि खर्च करनी पड़ती थी। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत घर की छत पर सोलर पैनल लगवाने के बाद बिजली का बिल अब शून्य हो गया है। सौर ऊर्जा संयंत्र से घर की आवश्यकता से अधिक बिजली का उत्पादन होने पर अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजी जाती है। इस तरह अनिता शर्मा के लिए सोलर पैनल केवल बिजली बचत का साधन नहीं, बल्कि अतिरिक्त आय का जरिया भी बन गया है। वे बताती हैं कि योजना के माध्यम से अपने घर की छत का उपयोग स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के लिए कर पाना उनके लिए बेहद संतोषजनक अनुभव है। उन्होंने अन्य नागरिकों से भी अपील की कि वे अपने घरों में सौर ऊर्जा को अपनाने के लिए प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की जानकारी लें और इसका लाभ उठाएं।
केंद्र सरकार द्वारा इस योजना में 30 हजार रूपये से लेकर 78 हजार रूपये तक अनुदान और राज्य सरकार द्वारा 30000 तक अनुदान दिया जा रहा है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए उपभोक्ता पीएम सूर्यघर डॉट जीओव्ही डॉट इन वेब पोर्टल अथवा पीएम सूर्यघर एप्प में पंजीयन करा सकते हैं।
बिलासपुर बवाल में पुलिस का शिकंजा, दोनों पक्षों के 11 आरोपी गिरफ्तार
बिलासपुर । न्यायधानी बिलासपुर में 28-29 अगस्त की दरमियानी रात हुए पथराव और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। 50 से अधिक लोगों के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद अब दोनों पक्षों से कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
दोनों पक्षों से 11 गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक अपराध क्रमांक 488/2026 में 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें मौला बक्स उर्फ जुब्बू, शेख अजरूद्दीन उर्फ अज्जू, मोहम्मद जाहिद खान, सफीक अहमद उर्फ राजा खान, शकीर उर्फ सोनू, मोहम्मद लाईक, रेहान अली उर्फ ईरानी और मो. जुनैद शामिल हैं। ये आरोपी खपरगंज, तालापारा, जूनी लाइन और सरकंडा क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं।
वहीं अपराध क्रमांक 489/2026 में तीन आरोपियों राजू यादव उर्फ नान, राकेश यादव उर्फ रिंकु और छत्रपाल साहू को गिरफ्तार किया गया है। राजू यादव और राकेश यादव कुंदरापारा, जबकि छत्रपाल साहू डबरीपारा का निवासी है।
बवाल में वाहन और दुकान क्षतिग्रस्त
पुलिस के अनुसार, हिंसक बवाल के दौरान तोड़फोड़ की घटनाएं भी हुईं। इसमें 8 वाहनों और एक दुकान को नुकसान पहुंचाया गया। क्षतिग्रस्त वाहनों में 6 चार पहिया वाहन, एक ई-रिक्शा और एक बाइक शामिल हैं। पथराव के कारण एक मकान की खिड़कियों के कांच भी टूट गए।
पथराव में 9 पुलिसकर्मी घायल
उपद्रव को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस टीम भी पथराव की चपेट में आ गई। घटना में तारबाहर थाना प्रभारी रविशंकर तिवारी समेत 9 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। टीआई के सिर में गंभीर चोट आने की जानकारी सामने आई है। सभी घायल पुलिसकर्मियों का उपचार कराया गया।
350 अतिरिक्त जवानों की तैनाती
घटना के बाद खपरगंज, तेलीपारा रोड, मध्यनगरी चौक, सिम्स चौक और करोना चौक समेत संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। स्थानीय पुलिस बल के साथ दूसरे जिलों से करीब 350 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को बुलाकर तैनात किया गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार पैदल मार्च और पेट्रोलिंग की जा रही है।
एहतियात के तौर पर इलाके में धारा 163 लागू की गई है। पुलिस-प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने और किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा नहीं करने की अपील की है।
CCTV और ड्रोन से आरोपियों की पहचान
पुलिस अब बवाल में शामिल अन्य लोगों की पहचान में जुटी है। इसके लिए घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। साथ ही ड्रोन के जरिए भी संवेदनशील इलाकों की निगरानी और संदिग्धों की पहचान की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के साथ ही अन्य आरोपियों की तलाश और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
बिलासपुर में गौ-माता पर कथित टिप्पणी से भड़का विवाद, 50 से ज्यादा पर FIR
पथराव-तोड़फोड़ में 9 पुलिसकर्मी घायल
सोशल मीडिया पर गौ-माता को लेकर की गई कथित टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद शुक्रवार रात बिलासपुर में हिंसक झड़प और पथराव में बदल गया। खपरगंज, तेलीपारा रोड और 24 खोली क्षेत्र में दोनों पक्षों के बीच जमकर हंगामा, तोड़फोड़ और पथराव हुआ। स्थिति संभालने पहुंची पुलिस पर भी भीड़ ने पथराव किया, जिसमें तारबाहर टीआई समेत 9 पुलिसकर्मी घायल हो गए। मामले में दोनों पक्षों के खिलाफ दंगे समेत विभिन्न धाराओं में FIR दर्ज की गई है और 50 से अधिक लोगों को नामजद किया गया है। तनाव को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में धारा 144 लागू कर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
आपसी रंजिश से जुड़ रही विवाद की कड़ी
पुलिस और स्थानीय जानकारी के अनुसार, मौजूदा विवाद के पीछे आपसी रंजिश की पृष्ठभूमि भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि मुंगेली के बामपारा निवासी 19 वर्षीय नरेश साहू सरकंडा के चिंगराजपारा स्थित गणेश चौक में रहता था और निजी नौकरी करता था। वह हिंदू संगठन से भी जुड़ा हुआ था।
जानकारी के मुताबिक, नरेश का सोहेल खान और उसके एक साथी से विवाद हुआ था। आरोप है कि रास्ते में रोककर उसके साथ गाली-गलौज और धमकी दी गई थी। नरेश ने इसकी शिकायत पुलिस से भी की थी। बाद में वह अपने घर मुंगेली चला गया, जहां उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया था और पुलिस ने सोहेल खान के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। पुलिस अब इस पुरानी घटना को मौजूदा तनाव की पृष्ठभूमि से जोड़कर भी जांच कर रही है।
सोशल मीडिया कमेंट के बाद आमने-सामने आए दोनों पक्ष
मौजूदा विवाद की शुरुआत सड़कों पर घूमने वाले आवारा मवेशियों और गौ-माता को लेकर सोशल मीडिया पर की गई कथित टिप्पणी से बताई जा रही है। टिप्पणी को लेकर हिंदूवादी संगठनों से जुड़े लोगों ने आपत्ति जताई और विरोध किया।
विरोध के दौरान दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। एक पक्ष ने आरोप लगाया कि टिप्पणी का विरोध करने पर दूसरे पक्ष के लोगों ने लाठी से हमला किया। वहीं दूसरे पक्ष ने पूरे विवाद को व्यक्तिगत रंजिश से जुड़ा बताया।
पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया टिप्पणी के बाद शुरू हुआ विवाद धीरे-धीरे दो गुटों के बीच तनाव में बदल गया। पुलिस पोस्ट और उससे जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
पथराव और तोड़फोड़ से मचा हड़कंप
शुक्रवार रात विवाद बढ़ने के बाद खपरगंज से लेकर तेलीपारा रोड तक कई जगह पथराव और तोड़फोड़ हुई। सड़क किनारे खड़े वाहनों को निशाना बनाया गया और 12 से अधिक बाइक-स्कूटर में तोड़फोड़ की जानकारी सामने आई है।
24 खोली इलाके में कुछ घरों पर भी पथराव किया गया, जिससे खिड़कियों के शीशे टूट गए। एक दुकान में आग लगाने की कोशिश किए जाने की बात भी सामने आई, जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया।
घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और संवेदनशील क्षेत्रों में पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई।
उग्र भीड़ को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस टीम को भी पथराव का सामना करना पड़ा। इस दौरान तारबाहर टीआई समेत 9 पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और अतिरिक्त बल की मदद से स्थिति को नियंत्रित किया गया।
50 से ज्यादा नामजद, 12 से अधिक हिरासत में
घटना के बाद सिटी कोतवाली थाने में दोनों पक्षों के खिलाफ दंगे समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। घायल पुलिसकर्मियों की शिकायत पर भी कार्रवाई की गई है।
FIR में 50 से अधिक लोगों को नामजद किया गया है, जबकि अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच चल रही है। शनिवार रात तक दोनों पक्षों से 12 से अधिक लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई थी। पुलिस की अलग-अलग टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं।
ड्रोन और CCTV से उपद्रवियों की पहचान
पुलिस ने घटना के दौरान की गई वीडियोग्राफी, CCTV फुटेज और ड्रोन कैमरों के रिकॉर्ड खंगालने शुरू कर दिए हैं। मौके पर मौजूद लोगों के वीडियो और सोशल मीडिया पर उपलब्ध डिजिटल सामग्री को भी जांच में शामिल किया जा रहा है।
पुलिस का फोकस पथराव, तोड़फोड़ और हिंसा में शामिल लोगों की पहचान करने पर है। पहचान होने के बाद उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
खपरगंज समेत संवेदनशील इलाकों में धारा 144
हिंसक घटनाओं के बाद खपरगंज और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में धारा 144 लागू कर दी गई है। शनिवार को इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा। एएसपी और सीएसपी स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में अलग-अलग स्थानों पर जवानों की तैनाती की गई।
विशेष शाखा और एलआईबी की टीमें भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रमुख प्रवेश और निकास मार्गों पर निगरानी बढ़ाई गई है। पुलिस की लगातार गश्त के चलते शनिवार को किसी बड़ी नई घटना की सूचना नहीं मिली।
कलेक्टर-एसएसपी ने संभाली स्थिति
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर और एसएसपी स्तर के अधिकारियों ने घटनाक्रम की जानकारी ली और संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त बल तैनात रखने के निर्देश दिए।
एसएसपी रजनेश सिंह के मुताबिक, विवाद की शुरुआत दो गुटों के युवकों के बीच पुरानी रंजिश से हुई थी और इसे अनावश्यक रूप से सामुदायिक रंग दिया गया। उन्होंने कहा कि तनाव के बाद पथराव की स्थिति बनी, जिसमें पुलिसकर्मी भी घायल हुए।
पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल इलाके में शांति बनाए रखने के साथ-साथ वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हिंसा में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करना है।
बिलासपुर में पुराने विवाद ने लिया हिंसक रूप, पथराव-तोड़फोड़ के बाद धारा 144 लागू
बिलासपुर । शहर के सिटी कोतवाली चौक और खपरगंज इलाके में पुराने विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। कोतवाली, मसानगंज, खपरगंज और गोल बाजार क्षेत्र में जमकर पथराव और तोड़फोड़ हुई। स्थिति को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस टीम पर भी उपद्रवियों ने पथराव कर दिया, जिसमें थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में धारा 144 लागू कर दी है और सुरक्षा के लिए 300 से 400 अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं।
पत्थरबाजी से रणक्षेत्र बना इलाका
जानकारी के मुताबिक, विवाद की शुरुआत दो लोगों के बीच पुराने झगड़े को लेकर हुई। इसी दौरान एक व्यक्ति ने दूसरे पर पत्थर से हमला कर दिया। घायल व्यक्ति ने फोन कर अपने समर्थकों को मौके पर बुलाया। इसके बाद खपरगंज क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग जुट गए और देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच पथराव शुरू हो गया।
दोनों ओर से ईंट-पत्थर चलने लगे, जिसके चलते सिटी कोतवाली चौक समेत आसपास का इलाका कुछ समय के लिए रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस बल ने उपद्रवियों को खदेड़कर हालात पर काबू पाने की कोशिश की।
दोनों पक्षों के तीन लोग घायल, पुलिसकर्मी भी चोटिल
बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के मुताबिक, झड़प में दोनों पक्षों के तीन लोग घायल हुए हैं। वहीं, स्थिति को नियंत्रित करने के दौरान तोरवा और तारबाहर थानों के टीआई समेत कुछ पुलिसकर्मी भी पथराव की चपेट में आकर घायल हुए हैं।
बवाल के दौरान सड़क किनारे खड़े वाहनों को भी निशाना बनाया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दो दर्जन से अधिक वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। दोनों पक्षों के कई लोगों को चोटें आने की भी जानकारी सामने आई है।
300 से 400 अतिरिक्त जवान तैनात
शहर की कानून-व्यवस्था को देखते हुए जिले के अलग-अलग थानों से करीब 300 से 400 अतिरिक्त पुलिस जवान बुलाकर संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किए गए हैं। कोतवाली, मसानगंज, खपरगंज और गोल बाजार क्षेत्र में पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई है।
प्रशासन और पुलिस अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि दोबारा किसी तरह का तनाव या हिंसा न हो।
CCTV और ड्रोन से रखी जा रही नजर
पुलिस अब उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन कैमरों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को खंगाल रही है। एसएसपी रजनेश सिंह ने स्पष्ट किया है कि वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।
उन्होंने दोटूक कहा कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
सोशल मीडिया पर भी पुलिस की नजर
बवाल के बाद पुलिस ने सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों ने लोगों को भड़काऊ, आपत्तिजनक या विवाद को बढ़ावा देने वाली पोस्ट और संदेश प्रसारित नहीं करने की चेतावनी दी है। ऐसी किसी भी गतिविधि के सामने आने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों, वीडियो फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। घटनाक्रम को लेकर एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया भी जारी है।
फिलहाल अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जा रहा है।
20 कोर्ट मैनेजर की नियुक्ति, 19 भृत्य पदों पर भी चयन
बिलासपुर । छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के रिटायरमेंट से ठीक पहले 20 कोर्ट मैनेजरों की नियुक्ति का आदेश जारी किया गया है। इसके साथ ही आकस्मिकता निधि से वेतन पाने वाले 19 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भृत्य के पद पर नियुक्त किया गया है। हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव ने 25 अगस्त को नियुक्ति आदेश जारी किया। सभी नियुक्तियां तीन वर्ष की परिवीक्षावधि के अधीन रहेंगी।
हाई कोर्ट ने कोर्ट मैनेजर और आकस्मिकता निधि से वेतन पाने वाले कर्मचारियों के रिक्त पदों के लिए कुछ महीने पहले आवेदन आमंत्रित किए थे। प्राप्त आवेदनों की जांच के बाद पात्र अभ्यर्थियों की परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा में सफल उम्मीदवारों की चयन सूची जारी होने के बाद अब नियुक्ति आदेश जारी किया गया है।
20 कोर्ट मैनेजरों की अलग-अलग जिलों में पोस्टिंग
जारी आदेश के अनुसार, अंकित कुमार झा को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में कोर्ट मैनेजर के पद पर पदस्थ किया गया है। वहीं अन्य चयनित अभ्यर्थियों को प्रदेश के अलग-अलग जिला न्यायालयों में जिम्मेदारी दी गई है।
उदयन दुबे को दुर्ग, संयोगिता सिंह को कमर्शियल कोर्ट रायपुर, रमाकांत पटेल को अंबिकापुर, विरज कुमार देवांगन को कोरबा, राहुल वर्मा को कोरिया, अभिजीत रथ को महासमुंद, प्रवीण कुमार को रामानुजगंज, आशुतोष कुमार को बेमेतरा, निधि नागवंशी को बिलासपुर और ऋचा पाठक को धमतरी जिला न्यायालय में पदस्थ किया गया है।
इसी तरह विजय कुमार साहू को कवर्धा, मनोज कुमार सिंह को रायपुर, प्रतिभा लकड़ा को कांकेर, बाम्पी दुबे को राजनांदगांव, कोमल भोई को जगदलपुर, शैलेन्द्र सिंह भास्कर को दंतेवाड़ा, कमलेश कुमार गोरकर को कोंडागांव, देवेंद्र भगत को सूरजपुर और गोपाल सिंह नेताम को जशपुर जिला न्यायालय में कोर्ट मैनेजर बनाया गया है।
19 भृत्य पदों पर भी नियुक्ति
आकस्मिकता निधि से भर्ती किए जाने वाले दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के रिक्त पदों के लिए 19 अभ्यर्थियों को भृत्य के पद पर नियुक्ति दी गई है। चयनित उम्मीदवारों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत पदभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। नियुक्ति से संबंधित विस्तृत जानकारी हाई कोर्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है।
तीन साल की परिवीक्षा, कई शर्तें लागू
नियुक्त किए गए कोर्ट मैनेजरों के लिए तीन वर्ष की परिवीक्षा अवधि निर्धारित की गई है। यदि कोई अभ्यर्थी परिवीक्षा अवधि सफलतापूर्वक पूरी नहीं करता है तो इसे एक वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है। स्थायी नियुक्ति होने तक कर्मचारी परिवीक्षा पर ही माने जाएंगे।
परिवीक्षा के दौरान सेवाएं बिना कारण बताए समाप्त की जा सकती हैं। कर्मचारी स्वयं सेवा छोड़ना चाहते हैं तो उन्हें एक महीने की पूर्व सूचना देनी होगी अथवा इसके बदले एक महीने का वेतन जमा करना होगा। इसी तरह नियोक्ता की ओर से सेवा समाप्त किए जाने पर भी एक महीने की सूचना या उसके बदले एक महीने का वेतन देने का प्रावधान रखा गया है।
3 सितंबर तक ज्वाइन करना अनिवार्य
चयनित कोर्ट मैनेजरों को 3 सितंबर 2026 तक अपने निर्धारित पदस्थापना स्थल पर अनिवार्य रूप से कार्यभार ग्रहण करना होगा। निर्धारित समय सीमा में ज्वाइन नहीं करने और अतिरिक्त समय की अनुमति नहीं मिलने पर नियुक्ति के लिए उनकी पात्रता समाप्त की जा सकती है।
कार्यभार ग्रहण करते समय मुख्य चिकित्सा अधिकारी से जारी स्वास्थ्य प्रमाण पत्र और शैक्षणिक एवं अन्य प्रमाण पत्रों की मूल प्रतियां प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। पुलिस सत्यापन या चिकित्सा प्रमाण पत्र प्रतिकूल पाए जाने की स्थिति में नियुक्ति आदेश निरस्त किया जा सकता है।
नियुक्ति कई कानूनी मामलों के अंतिम फैसले के अधीन
नियुक्ति आदेश में स्पष्ट किया गया है कि चयनित अभ्यर्थी हाई कोर्ट की सेवा अवधि में किसी अन्य विभाग में किसी पद के लिए सीधे आवेदन नहीं कर सकेंगे। बिना पूर्व अनुमति के विद्यालय या महाविद्यालय में अध्ययन करने अथवा परीक्षा में शामिल होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
नियुक्ति को अनन्तिम (Provisional) रखा गया है और जाति एवं जनजाति प्रमाण पत्रों का सत्यापन भी कराया जाएगा। प्रमाण पत्रों में गलत जानकारी सामने आने पर सेवा समाप्त करने के साथ संबंधित कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
इसके अलावा नियुक्तियां सुप्रीम कोर्ट में लंबित S.L.P. (C) No. 19668/2022 तथा छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में विचाराधीन WPS 4341/2026, WPS 4488/2026, WPS 4494/2026 और WPS 4758/2026 में पारित होने वाले अंतिम आदेशों के अधीन रहेंगी।
इन सभी नियुक्तियों पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट सेवाएं (नियुक्ति, सेवा की शर्तें तथा आचरण) नियम, 2017 के प्रावधान भी लागू होंगे।
शराब घोटाला: 110 करोड़ के होटल की कुर्की को चुनौती देने वाली याचिका खारिज
बिलासपुर । छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) को बड़ी कानूनी राहत मिली है। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने ED की कार्रवाई को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की बेंच ने कहा कि जांच एजेंसी के पास कार्रवाई के लिए पर्याप्त सामग्री मौजूद है। हालांकि, कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को ट्रिब्यूनल और सक्षम अथॉरिटी के समक्ष अपना पक्ष रखने की स्वतंत्रता दी है।
मामला गोवा के नॉर्थ गोवा स्थित अंजुना के फाइव स्टार ‘द वेस्टिन होटल’ की कुर्की से जुड़ा है। ED ने छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से कथित तौर पर हासिल 110 करोड़ रुपये की अपराध की आय से होटल खरीदे जाने का दावा करते हुए इसे कुर्क किया था। इसी कार्रवाई के खिलाफ कारोबारी डॉ. राहुल अग्रवाल और उनकी कंपनी मेसर्स पैसिफिका होटल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
110 करोड़ की होटल डील पर विवाद
नई दिल्ली निवासी डॉ. राहुल अग्रवाल और मेसर्स पैसिफिका होटल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने ED के 28 मई 2026 के प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर को रद्द करने की मांग की थी। आदेश के तहत होटल को अपराध की आय से अर्जित संपत्ति मानते हुए कुर्क किया गया था। होटल की कीमत करीब 110 करोड़ रुपये आंकी गई है।
ED का आरोप है कि छत्तीसगढ़ शराब सिंडिकेट से कथित तौर पर जुटाई गई अवैध कमाई में से करीब 110 करोड़ रुपये नकद के रूप में राहुल अग्रवाल के चाचा और दुर्ग निवासी विजय कुमार अग्रवाल तक पहुंचाए गए। जांच एजेंसी के अनुसार, इसी रकम का इस्तेमाल गोवा में वेस्टिन होटल खरीदने में किया गया।
50 करोड़ बैंक से, 60 करोड़ कैश का दावा
ED के मुताबिक, होटल का सौदा मेसर्स सर बायोटेक इंडिया लिमिटेड से हुआ था। इसमें करीब 50 करोड़ रुपये बैंकिंग चैनल के जरिए रजिस्टर्ड सेल डीड के तहत दिए गए, जबकि बाकी 60 करोड़ रुपये नकद भुगतान किए जाने का दावा है।
वहीं, याचिकाकर्ताओं ने हाई कोर्ट में इस दावे का विरोध किया। उनका कहना था कि होटल की खरीदी में इस्तेमाल 60 करोड़ रुपये पूरी तरह वैध कारोबारी आय थी। उन्होंने इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल के आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि आयकर विभाग की जांच में रकम के स्रोत को वैध व्यावसायिक कैश माना गया था और इसे अघोषित आय की श्रेणी में नहीं रखा गया।
विजय अग्रवाल के शराब कारोबार से संबंध पर भी विवाद
याचिकाकर्ताओं की ओर से यह भी दलील दी गई कि 1 मई 2019 के पारिवारिक समझौते के बाद विजय अग्रवाल कंपनी के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे चुके थे और इसके बाद उनका होटल परियोजना से कोई संबंध नहीं रहा। उनका दावा था कि विजय अग्रवाल का छत्तीसगढ़ के शराब कारोबार से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई संबंध नहीं था और वे मूल FIR या चार्जशीट में भी आरोपी नहीं हैं।
इसके विपरीत, ED ने जांच में सामने आए बयानों और अन्य साक्ष्यों का हवाला देते हुए 110 करोड़ रुपये की कथित लेन-देन श्रृंखला को मनी लॉन्ड्रिंग से जोड़ा।
ED ने बयानों को बनाया आधार
ED के अनुसार, शराब सिंडिकेट के कथित मुख्य कैश डिस्ट्रीब्यूटर लक्ष्मी नारायण उर्फ पप्पू बंसल और प्रबीर कुमार शर्मा के बयानों से 110 करोड़ रुपये नकद विजय अग्रवाल तक पहुंचाए जाने की पुष्टि हुई।
जांच एजेंसी ने बताया कि राहुल अग्रवाल ने PMLA की धारा 50 के तहत दर्ज बयान में स्वीकार किया था कि दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित उनके आवास पर 8 से 10 किस्तों में 60 करोड़ रुपये नकद दिए गए थे।
ED ने यह भी दावा किया कि होटल विक्रेता कंपनी की ओर से नकदी लेने वाले विशाल सक्सेना को बाद में होटल कंपनी में डायरेक्टर बनाया गया। जांच एजेंसी ने इसे मनी लॉन्ड्रिंग के कथित तीसरे चरण यानी ‘इंटीग्रेशन’ का संकेत बताया।
हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की उस दलील को स्वीकार नहीं किया कि आयकर विभाग द्वारा नकदी को कारोबार से संबंधित मान लिए जाने के कारण रकम PMLA के तहत अपराध की आय नहीं हो सकती।
कोर्ट ने कहा कि आयकर कानून और PMLA का उद्देश्य, दायरा और कानूनी कसौटियां अलग-अलग हैं। इसलिए आयकर विभाग द्वारा टैक्स के उद्देश्य से किसी रकम को हिसाब में स्वीकार कर लेने मात्र से वह PMLA के तहत अपराध की आय संबंधी जांच से बाहर नहीं हो जाती।
होटल का संचालन पहले की तरह जारी
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रोविजनल अटैचमेंट का होटल के नियमित संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा है। होटल पहले की तरह संचालित हो रहा है, न कोई कमरा बंद किया गया है और न ही किसी कर्मचारी को हटाया गया है।
डिवीजन बेंच ने याचिका खारिज करते हुए याचिकाकर्ताओं को ट्रिब्यूनल या सक्षम अथॉरिटी के समक्ष अपना पक्ष रखने की छूट दी है। इससे फिलहाल ED की कुर्की कार्रवाई बरकरार रहेगी, जबकि संबंधित पक्ष आगे सक्षम मंच पर अपना पक्ष रख सकते हैं।
बिरहोर विकास प्रकोष्ठ की पहली बैठक, हर परिवार तक पहुंचे शासन की योजनाओं का लाभ : कलेक्टर
बिलासपुर । विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) बिरहोर समुदाय के परिवारों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से गठित बिरहोर विकास प्रकोष्ठ की पहली बैठक आज मंथन सभाकक्ष में कलेक्टर शसंजय अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में प्रकोष्ठ के अध्यक्ष रामगोपाल सहित सदस्य एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि जिले के मस्तूरी और कोटा विकासखंड के छह ग्रामों में बिरहोर समुदाय की लगभग साढ़े चार सौ आबादी निवासरत है।
कलेक्टर ने बैठक में परिवारों के राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, वन अधिकार पट्टा सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने कोटा जनपद सीईओ को निर्देश दिए कि प्रत्येक बिरहोर परिवार की परिवारवार जांच कर यह सुनिश्चित करें कि पात्र परिवार किसी भी योजना के लाभ से वंचित न रहे। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित अन्य योजनाओं का लाभ मिलने की स्थिति की भी जानकारी लेने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री अग्रवाल ने बच्चों की शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए स्कूल एवं आंगनबाड़ी नहीं जाने वाले बच्चों की जानकारी लेकर उन्हें नियमित रूप से शिक्षा से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों का स्कूल जाना और पढ़ना-लिखना सबसे जरूरी है। बिरहोर समुदाय के प्रतिनिधियों से उनकी आवश्यकताओं और रोजगार की रुचि के बारे में भी जानकारी ली गई। कलेक्टर ने कहा कि झाड़ू-टोकरी एवं अन्य बांस उत्पाद निर्माण, खेती-बाड़ी, सब्जी-भाजी उत्पादन तथा मछली पालन जैसे रोजगार के विकल्पों पर समुदाय की रुचि के अनुसार कार्ययोजना बनाई जाए। मछली पालन के इच्छुक परिवारों के लिए डबरी निर्माण की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उद्यान विभाग को मुनगा एवं हल्दी की पौध उपलब्ध कराने तथा समूह के माध्यम से सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। समुदाय की ओर से सिलाई मशीन उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई।
बैठक में बिरहोर बस्तियों में पेयजल की समस्या भी सामने आई। पाइपलाइन में खराबी के कारण घरों तक पानी नहीं पहुंचने की जानकारी पर कलेक्टर ने व्यवस्था दुरुस्त कर सभी परिवारों को नल से पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने एक गांव का चयन कर सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को संयुक्त रूप से वहां जाकर परिवारों की समस्याओं और जरूरतों का आकलन करने को कहा। कलेक्टर श्री अग्रवाल ने कहा कि बिरहोर समुदाय के विकास के लिए पहले यह समझना जरूरी है कि परिवार वास्तव में क्या करना चाहते हैं। उनकी रुचि और जरूरत के अनुरूप सहायता उपलब्ध कराकर वर्तमान स्थिति को और बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन समन्वित प्रयास करेगा।
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बालाजी गैस एजेंसी में बड़ी कार्रवाई, 412 भरे सिलेंडर कम मिले
बिलासपुर । बालाजी गैस एजेंसी के मगरपारा स्थित कार्यालय एवं महाराणा चौक स्थित गैस गोदाम में आज जिला प्रशासन की संयुक्त जांच टीम ने छापामार शैली में कार्रवाई करते हुए कुल 939 गैस सिलेंडर जब्त किए। इनमें 452 भरे और 487 खाली सिलेंडर शामिल हैं। जांच के दौरान ऑनलाइन दर्ज स्टॉक और मौके पर उपलब्ध वास्तविक स्टॉक में बड़ी विसंगति सामने आई। ऑनलाइन रिकॉर्ड के अनुसार 864 भरे सिलेंडर होने थे, जबकि मौके पर केवल 452 भरे सिलेंडर मिले। इस तरह 412 भरे गैस सिलेंडर कम पाए गए।
बालाजी गैस एजेंसी के विरुद्ध उपभोक्ताओं से लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने राजस्व, खाद्य विभाग और आईओसीएल की संयुक्त जांच टीम गठित कर एजेंसी के स्टॉक और शिकायतों की जांच के निर्देश दिए थे। कलेक्टर के निर्देश पर टीम ने आज दोनों परिसरों में औचक जांच की और मौके पर ही स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया।
जांच के दौरान घरेलू एवं व्यावसायिक श्रेणी के गैस सिलेंडरों के ऑनलाइन स्टॉक का मौके पर उपलब्ध सिलेंडरों से मिलान किया गया। ऑनलाइन रिकॉर्ड में कुल 864 भरे सिलेंडर प्रदर्शित थे, जबकि भौतिक सत्यापन में 452 भरे सिलेंडर ही उपलब्ध पाए गए। इस प्रकार 412 भरे सिलेंडर कम मिले। वहीं रिकॉर्ड में 473 खाली सिलेंडर दर्ज थे, जबकि मौके पर 487 खाली सिलेंडर पाए गए, जो रिकॉर्ड से 14 अधिक हैं।
स्टॉक में पाई गई इस गंभीर विसंगति के बाद जांच टीम ने मौके पर उपलब्ध 452 भरे एवं 487 खाली, कुल 939 सिलेंडरों को जब्त कर लिया। जांच दल द्वारा एजेंसी के संबंधित दस्तावेजों एवं स्टॉक का परीक्षण भी किया गया।जांच के दौरान मौके पर उपस्थित उपभोक्ताओं से भी एजेंसी की सेवाओं के संबंध में जानकारी ली गई तथा उनके कथन दर्ज किए गए। एजेंसी के विरुद्ध बुकिंग के बाद भी सिलेंडर नहीं मिलने, ऑनलाइन डिलीवरी प्रदर्शित होने के बावजूद वास्तविक रूप से सिलेंडर प्राप्त नहीं होने जैसी शिकायतें प्राप्त हुई थीं। कॉल सेंटर एवं सीएम हेल्पलाइन 1076 में भी एजेंसी के विरुद्ध शिकायतें दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
जांच दल में तहसीलदार प्रकाश साहू, सहायक खाद्य अधिकारी अजय मौर्य, खाद्य निरीक्षक विनीता दास, वर्षा सिंह, मंगेश कांत, ललिता शर्मा, आशीष दीवान, वसुधा राजपूत तथा आईओसीएल के सेल्स ऑफिसर पंकज छेतिजा शामिल रहे। जांच दल द्वारा एजेंसी से संबंधित समस्त अभिलेखों, स्टॉक एवं शिकायतों की विस्तृत जांच कर सात दिवस के भीतर प्रतिवेदन कलेक्टर को प्रस्तुत किया जाएगा। जांच प्रतिवेदन के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।