बिलासपुर में गौ-माता पर कथित टिप्पणी से भड़का विवाद, 50 से ज्यादा पर FIR
पथराव-तोड़फोड़ में 9 पुलिसकर्मी घायल
सोशल मीडिया पर गौ-माता को लेकर की गई कथित टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद शुक्रवार रात बिलासपुर में हिंसक झड़प और पथराव में बदल गया। खपरगंज, तेलीपारा रोड और 24 खोली क्षेत्र में दोनों पक्षों के बीच जमकर हंगामा, तोड़फोड़ और पथराव हुआ। स्थिति संभालने पहुंची पुलिस पर भी भीड़ ने पथराव किया, जिसमें तारबाहर टीआई समेत 9 पुलिसकर्मी घायल हो गए। मामले में दोनों पक्षों के खिलाफ दंगे समेत विभिन्न धाराओं में FIR दर्ज की गई है और 50 से अधिक लोगों को नामजद किया गया है। तनाव को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में धारा 144 लागू कर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
आपसी रंजिश से जुड़ रही विवाद की कड़ी
पुलिस और स्थानीय जानकारी के अनुसार, मौजूदा विवाद के पीछे आपसी रंजिश की पृष्ठभूमि भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि मुंगेली के बामपारा निवासी 19 वर्षीय नरेश साहू सरकंडा के चिंगराजपारा स्थित गणेश चौक में रहता था और निजी नौकरी करता था। वह हिंदू संगठन से भी जुड़ा हुआ था।
जानकारी के मुताबिक, नरेश का सोहेल खान और उसके एक साथी से विवाद हुआ था। आरोप है कि रास्ते में रोककर उसके साथ गाली-गलौज और धमकी दी गई थी। नरेश ने इसकी शिकायत पुलिस से भी की थी। बाद में वह अपने घर मुंगेली चला गया, जहां उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया था और पुलिस ने सोहेल खान के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। पुलिस अब इस पुरानी घटना को मौजूदा तनाव की पृष्ठभूमि से जोड़कर भी जांच कर रही है।
सोशल मीडिया कमेंट के बाद आमने-सामने आए दोनों पक्ष
मौजूदा विवाद की शुरुआत सड़कों पर घूमने वाले आवारा मवेशियों और गौ-माता को लेकर सोशल मीडिया पर की गई कथित टिप्पणी से बताई जा रही है। टिप्पणी को लेकर हिंदूवादी संगठनों से जुड़े लोगों ने आपत्ति जताई और विरोध किया।
विरोध के दौरान दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। एक पक्ष ने आरोप लगाया कि टिप्पणी का विरोध करने पर दूसरे पक्ष के लोगों ने लाठी से हमला किया। वहीं दूसरे पक्ष ने पूरे विवाद को व्यक्तिगत रंजिश से जुड़ा बताया।
पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया टिप्पणी के बाद शुरू हुआ विवाद धीरे-धीरे दो गुटों के बीच तनाव में बदल गया। पुलिस पोस्ट और उससे जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
पथराव और तोड़फोड़ से मचा हड़कंप
शुक्रवार रात विवाद बढ़ने के बाद खपरगंज से लेकर तेलीपारा रोड तक कई जगह पथराव और तोड़फोड़ हुई। सड़क किनारे खड़े वाहनों को निशाना बनाया गया और 12 से अधिक बाइक-स्कूटर में तोड़फोड़ की जानकारी सामने आई है।
24 खोली इलाके में कुछ घरों पर भी पथराव किया गया, जिससे खिड़कियों के शीशे टूट गए। एक दुकान में आग लगाने की कोशिश किए जाने की बात भी सामने आई, जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया।
घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और संवेदनशील क्षेत्रों में पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई।
उग्र भीड़ को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस टीम को भी पथराव का सामना करना पड़ा। इस दौरान तारबाहर टीआई समेत 9 पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और अतिरिक्त बल की मदद से स्थिति को नियंत्रित किया गया।
50 से ज्यादा नामजद, 12 से अधिक हिरासत में
घटना के बाद सिटी कोतवाली थाने में दोनों पक्षों के खिलाफ दंगे समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। घायल पुलिसकर्मियों की शिकायत पर भी कार्रवाई की गई है।
FIR में 50 से अधिक लोगों को नामजद किया गया है, जबकि अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच चल रही है। शनिवार रात तक दोनों पक्षों से 12 से अधिक लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई थी। पुलिस की अलग-अलग टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं।
ड्रोन और CCTV से उपद्रवियों की पहचान
पुलिस ने घटना के दौरान की गई वीडियोग्राफी, CCTV फुटेज और ड्रोन कैमरों के रिकॉर्ड खंगालने शुरू कर दिए हैं। मौके पर मौजूद लोगों के वीडियो और सोशल मीडिया पर उपलब्ध डिजिटल सामग्री को भी जांच में शामिल किया जा रहा है।
पुलिस का फोकस पथराव, तोड़फोड़ और हिंसा में शामिल लोगों की पहचान करने पर है। पहचान होने के बाद उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
खपरगंज समेत संवेदनशील इलाकों में धारा 144
हिंसक घटनाओं के बाद खपरगंज और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में धारा 144 लागू कर दी गई है। शनिवार को इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा। एएसपी और सीएसपी स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में अलग-अलग स्थानों पर जवानों की तैनाती की गई।
विशेष शाखा और एलआईबी की टीमें भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रमुख प्रवेश और निकास मार्गों पर निगरानी बढ़ाई गई है। पुलिस की लगातार गश्त के चलते शनिवार को किसी बड़ी नई घटना की सूचना नहीं मिली।
कलेक्टर-एसएसपी ने संभाली स्थिति
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर और एसएसपी स्तर के अधिकारियों ने घटनाक्रम की जानकारी ली और संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त बल तैनात रखने के निर्देश दिए।
एसएसपी रजनेश सिंह के मुताबिक, विवाद की शुरुआत दो गुटों के युवकों के बीच पुरानी रंजिश से हुई थी और इसे अनावश्यक रूप से सामुदायिक रंग दिया गया। उन्होंने कहा कि तनाव के बाद पथराव की स्थिति बनी, जिसमें पुलिसकर्मी भी घायल हुए।
पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल इलाके में शांति बनाए रखने के साथ-साथ वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हिंसा में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करना है।