छत्तीसगढ़ / दंतेवाड़ा
मुख्य सचिव द्वारा 7 जिलों में चिन्हांकित व्यक्तिगत हितग्राही मूलक सर्वे के संबंध में ली गई वर्चुअल बैठक
राष्ट्रीय अनुप्रयुक्त आर्थिक अनुसंधान परिषद (एनसीएइआर) द्वारा सर्वे के अन्तर्गत दूरस्थ क्षेत्रों के हितग्राहियों को शिक्षा, स्वास्थ्य सहित अन्य शासकीय योजनाओं में शत प्रतिशत संतृप्तिकरण पर दिया गया जोर
दंतेवाड़ा, 17 अक्टूबर 2025
गृह मंत्रालय भारत सरकार के तत्वाधान में 7 जिलों में राष्ट्रीय अनुप्रयुक्त आर्थिक अनुसंधान परिषद (एनसीएइआर) द्वारा संपादित सर्वे के दौरान प्राप्त तथ्यों पर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री विकास शील द्वारा वर्चुअल बैठक ली गई। इन 7 जिलों में बस्तर संभाग के बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, कांकेर,नारायणपुर, तथा मोहला- मानपुर-अंबागढ़ चौकी शामिल रहे। बैठक के दौरान राज्य और केंद्र शासन की व्यक्तिगत आधारित योजना तथा सामुदायिक योजनाओं के क्रियान्वयन, प्रगति पर विस्तृत दिशा निर्देश दिए गए।
इस दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि केंद्र और राज्य शासन की मंशानुसार (एनसीएइआर) द्वारा संपादित सर्वे के दौरान प्राप्त तथ्यों को प्रमुखता में रखते हुए सभी जिले शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सामाजिक सुरक्षा, कृषि ऊर्जा, कौशल विकास, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, राजस्व तथा अन्य मूलभूत सेवाओं का संबंधित हितग्राहियों का शत प्रतिशत संतृप्ति करना सुनिश्चित करें और इसके सुचारू क्रियान्वयन हेतु प्रभावी रणनीति बनाये। बैठक के दौरान उपरोक्त सभी जिलों के सर्वे सूचकांक आंकड़े भी प्रस्तुत किए गए। जिसके संबंध में मुख्य सचिव ने आगामी बैठक में पुनः समीक्षा करने की आवश्यकता जताई। वर्चुअल बैठक में अन्य जिलों के कलेक्टरों के साथ-साथ जिले के कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने भी दंतेवाड़ा जिले से संबंधित सर्वे सूचकांकों के संबंध में जानकारी दी।
किलकारी एवं मोबाइल एकेडमी कार्यक्रम” के तहत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
विगत दिवस मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देशानुसार एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक के मार्गदर्शन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय, दंतेवाड़ा में “किलकारी एवं मोबाइल एकेडमी कार्यक्रम” के तहत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का संचालन श्री पंकज बर्मन (प्रोग्राम ऑफिसर, बस्तर संभाग) द्वारा किया गया।
कार्यशाला के दौरान आगामी एक वर्ष के लिए जिला एक्शन प्लान तैयार किया गया। इस अवसर पर आरसीएच नोडल अधिकारी, जिला डाटा मैनेजर, डीपीएचएनओ, बीईटीओ, ब्लॉक डेटा मैनेजर, ब्लॉक मितानिन समन्वयक तथा परिवार नियोजन परामर्शदाता सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यशाला में डॉ प्रियंका सक्सेना जिला नोडल अधिकारी एवं मैटरनल हेल्थ के द्वारा शिशु मृत्यु दर एवं मातृ मृत्यु दर में कमी लाने हेतु आवश्यक रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की तथा कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।
एनएमडीसी किरंदुल परियोजना को मिला प्लेटिनम अवार्ड
दंतेवाड़ा। जिले में एनएमडीसी की वृहद एवं महत्वपूर्ण लौह अयस्क खान, किरंदुल कॉम्पलेक्स के रवीन्द्र नारायण अधिशासी निदेशक के निर्देश में किरंदुल परियोजना की खदानों,आवासीय कॉलोनियों,पार्कों में पर्यावरण संतुलन एवं वृहद वृक्षारोपण और पर्यावरण जागरूकता अभियान जैसे पर्यावरणीय क्षेत्रों कईं उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं।
इसी परिप्रेक्ष्य में देहरादून (उत्तराखंड) में आयोजित फेम नेशनल अवार्ड-2025 समारोह में किरंदुल परियोजना को पर्यावरणीय क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों की उत्कृष्टता के लिए प्लेटिनम अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह अवार्ड परियोजना की ओर से अवनीश शर्मा उप महाप्रबंधक (पर्यावरण) ने ग्रहण किया। प्राप्त अवार्ड को किरंदुल में परियोजना प्रमुख रवीन्द्र नारायण अधिशासी निदेशक को आज शनिवार को सौंपा गया।
इस अवसर पर केपी सिंह मुख्य महाप्रबंधक (उत्पादन),एस के कोचर महाप्रबंधक (खनन), डीआर वेंकटेश्वर्लू उप महाप्रबंधक उपस्थित थे। अवार्ड प्राप्त होने पर परियोजना प्रमुख रवीन्द्र नारायण ने खुशी जाहिर करते हुए सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को हार्दिक बधाई दी।
वन मंत्री केदार कश्यप ने कुम्हाररास डेम में ‘बंबू राफ्टिंग’ का किया शुभारंभ
दंतेवाड़ा । जिले के ग्राम कुम्हाररास डेम में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा ‘बंबू राफ्टिंग’ का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर प्रदेश के वन मंत्री एवं दंतेवाड़ा जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने बम्बू राफ्टिंग का उद्घाटन कर नौका विहार का आनंद लिया। कार्यक्रम में विधायक श्री चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुडामी, वन विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
उद्घाटन अवसर पर मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि ‘बंबू राफ्टिंग’ जैसी पहल ईको टूरिज्म आधारित आजीविका को बढ़ावा देने और पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि बांस हमारे प्रदेश की समृद्ध जैव विविधता और हरित अर्थव्यवस्था का प्रतीक है। इसके माध्यम से ग्रामीणों और युवाओं को नए रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। कार्यक्रम के दौरान मंत्री कश्यप, विधायक अटामी और जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी ने नौका विहार का आनंद लिया तथा स्थानीय ग्रामीणों से संवाद भी किया। ‘बंबू राफ्टिंग’ के साथ ही क्षेत्र में बांस से बने उत्पादों के निर्माण, डिजाइनिंग और विपणन में स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे ग्रामीणों की आय में वृद्धि के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
जिले में नए प्रदूषण जांच केंद्र खोलने के लिए अब तक नहीं मिला कोई आवेदन
दंतेवाड़ा, 09 अक्टूबर 2025
कार्यालय जिला परिवहन अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, केन्द्रीय मोटर यान नियम 1989 के तहत राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ मोटरयान प्रदूषण जांच केन्द्र योजना 2001 लागू की गई है। इसी क्रम में जिला परिवहन अधिकारी द्वारा पूर्व में डीजल एवं पेट्रोल से संचालित वाहनों के प्रदूषण जांच हेतु नवीन प्रदूषण जांच केंद्र खोलने के संबंध में प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई थी। इसके अलावा जारी विज्ञप्ति के बाद भी आज दिनांक तक किसी भी व्यक्ति या संस्था द्वारा नवीन प्रदूषण जांच केन्द्र खोलने के लिए ऑनलाइन आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है।
परिवहन विभाग ने इच्छुक व्यक्तियों, उद्यमियों एवं संस्थाओं से अपील की है कि वे पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छ वायु की दिशा में योगदान हेतु शीघ्र आवेदन प्रस्तुत करें, ताकि जिले में वाहनों के प्रदूषण की प्रभावी जांच सुनिश्चित की जा सके।
लोहे के रिंग लगे ट्रैक्टरों के सड़क पर संचालन पर प्रतिबंध
दंतेवाड़ा, 09 अक्टूबर 2025
कार्यालय जिला परिवहन अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि ऐसे ट्रैक्टर जिनके टायरों में लोहे का रिंग लगा हो, उनका प्रयोग केवल खेती-किसानी के कार्यों में खेतों तक सीमित रखा जाना चाहिए। ऐसे रिंग लगे ट्रैक्टरों का ग्रामीण क्षेत्रों की सामान्य सड़कों या सीमेंट सड़कों पर आवागमन किए जाने से सड़कों को नुकसान पहुँच रहा है। यह कार्य मोटर वाहन अधिनियम के विरुद्ध है तथा इससे दुर्घटना की संभावना भी बढ़ जाती है। अतः ऐसे वाहनों को यदि सामान्य या सीमेंट सड़कों पर चलते पाया जाता है, तो उनके विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत चालानी कार्यवाही की जाएगी, जिसके लिए वाहन स्वामी स्वयं जिम्मेदार होंगे। जिला परिवहन अधिकारी, दंतेवाड़ा द्वारा समस्त वाहन स्वामियों को यह सूचना दी जाती है कि वे अपने रिंग लगे ट्रैक्टरों का प्रयोग केवल खेतों में करें और उन्हें सामान्य सड़कों पर न चलाएँ।
जिला पंचायत दंतेवाड़ा द्वारा अनुपयोगी सामग्रियों की नीलामी हेतु निविदा आमंत्रित
दंतेवाड़ा, 09 अक्टूबर 2025
कार्यालय मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत दंतेवाड़ा द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, कार्यालय में रखी गई अनुपयोगी सामग्रियों की बिक्री “जहाँ है जैसा है” के आधार पर एकमुश्त की जाएगी। इस संबंध में इच्छुक व्यक्ति या फर्म 14 अक्टूबर 2025 को कार्यालयीन समय में लेखा शाखा से मात्र सौ रुपये नगद जमा कर निविदा फार्म प्राप्त कर सकते हैं।
निविदा के साथ एक हजार रुपये की अमानत राशि जमा करने संबंधी रसीद की छायाप्रति संलग्न करना अनिवार्य होगा। प्राप्त निविदाएँ 16 अक्टूबर 2025 को अपरान्ह 3 बजे तक जमा की जा सकेगी तथा उसी दिन अपराह्न 4 बजे उनके लिफाफे खोले जाएंगे। विक्रय हेतु रखी गई सामग्रियों में टूटी-फूटी एवं अनुपयोगी चेयर, टेबल, पंखा, वॉटर फिल्टर, पंप, यूपीएस, एसी, प्रिंटर, प्लाई रैक आदि शामिल हैं। इन सामग्रियों का कुल सरकारी मूल्य 60,000 रुपये निर्धारित किया गया है। इच्छुक व्यक्ति या फर्म भंडार शाखा, जिला पंचायत दंतेवाड़ा से संपर्क कर सामग्री एवं निविदा शर्तों का अवलोकन कर सकते हैं।
तहसील स्तर के मास्टर ट्रेनर्स की बैठक संपन्न
दंतेवाड़ा, 09 अक्टूबर 2025
संयुक्त जिला कार्यालय के शंकनी सभाकक्ष में आज तहसील स्तर के मास्टर ट्रेनर्स की बैठक उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री मूलचंद चोपड़ा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा आयोजित कॉन्फ्रेंस के निर्देशों के अनुरूप विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2025 कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक के दौरान आगामी पुनरीक्षण कार्यों की समय-सीमा, क्षेत्रवार जिम्मेदारियों एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। यह निर्णय लिया गया कि राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंटों को तहसील स्तर पर प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, ताकि वे पुनरीक्षण कार्य में सक्रिय सहयोग दे सकें। साथ ही, बूथ लेवल अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे एजेंटों के साथ समन्वय स्थापित कर घर-घर सर्वेक्षण करें, नये मतदाताओं का नाम जोड़ने, पात्रता प्राप्त मतदाताओं का नाम सुनिश्चित करने तथा मृत अथवा स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करें। उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री चोपड़ा ने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता ही निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता का आधार है, अतः प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी को अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन गंभीरता एवं निष्ठा से करना चाहिए। उन्होंने सभी मास्टर ट्रेनर्स को अपने-अपने क्षेत्र में प्रशिक्षण और पर्यवेक्षण कार्यों को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ संपन्न करने के निर्देश दिए। बैठक में सभी तहसील स्तर के मास्टर ट्रेनर्स, निर्वाचन शाखा के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
जिले में 13 अक्टूबर से 18 अक्टूबर तक मनाया जाएगा विशेष टीकाकरण सप्ताह
दंतेवाड़ा, 09 अक्टूबर 2025
जिले में समस्त विकासखंड में 13 अक्टूबर से 18 अक्टूबर तक विशेष टीकाकरण सप्ताह का आयोजन किया जाएगा। जिसमें गांव-गांव में छूटे हुए बच्चों को सूची तैयार कर मितानिन के माध्यम से चिन्हांकित स्थान में टीकाकरण सत्र का आयोजन किया जाएगा। उक्त अभियान 0 से 5 साल के बच्चों को टीकाकृत किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अजय रामटेके एवं जिला टीकाकरण अधिकारी डॉक्टर शुभाशीष मंडल ने बताया की जिले में टीकाकरण से छूटे हुए बच्चों के लिए विशेष कार्य योजना के आधार पर यह सप्ताह मनाया जाएगा जिसमें प्रत्येक उप स्वास्थ्य केंद्र स्तर के अंतर्गत गांव-गांव एवं आंगनबाड़ी केंद्र तथा ऐसे क्षेत्र जहां पर बच्चे टीकाकरण से छूटे हैं उन्हें टीकाकरण सत्र बनाकर बच्चों को टीकाकृत किया जाएगा। इस अभियान के दौरान मितानिनों द्वारा पूर्व से ही संबंधित पालकों को टीकाकरण के लिए सूचना दी जाएगी। जिले के समस्त लोगों से अपील की जाती है कि इस सप्ताह के दौरान अपने 0 से 5 साल के बच्चों जिनका किसी कारणवश टीकाकरण छूट गया है उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या आंगनबाड़ी केंद्र में जा कर अपने बच्चों का टीकाकरण अवश्य कराए। एवं इस अभियान को सफल बनाने में अपनी सक्रिय भागीदारीता निभाए।
जिला चिकित्सालय दंतेवाड़ा में मनाया गया 26 वां विश्व दृष्टि दिवस “लव योर ऑयस' थीम पर आयोजित हुआ जन जागरूकता कार्यक्रम
दंतेवाड़ा, 09 अक्टूबर 2025
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय रामटेके के मार्गदर्शन में जिला चिकित्सालय दंतेवाड़ा में 26 वां विश्व दृष्टि दिवस बड़े ही उत्साह पूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर नेत्र स्वास्थ्य एवं दृष्टि संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने हेतु विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस वर्ष विश्व दृष्टि दिवस की थीम “लव योर ऑयस” (कार्यस्थल पर अपनी आँखों का ध्यान रखें) रखी गई, जिसके माध्यम से यह संदेश दिया गया कि कार्यस्थल पर भी आँखों की सुरक्षा उतनी ही आवश्यक है जितनी दैनिक जीवन में।
कार्यक्रम का शुभारंभ सिविल सर्जन-सह-अस्पताल अधीक्षक डॉ. अभय तोमर के मुख्य आतिथ्य में किया गया। इस अवसर पर नेत्र विशेषज्ञ डॉ. रमाकांत ने उपस्थित जनों को आँखों की देखभाल से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। उन्होंने नियमित अंतराल पर नेत्र परीक्षण कराने, संतुलित आहार लेने, कंप्यूटर या मोबाइल स्क्रीन से उचित दूरी बनाए रखने तथा धूल-मिट्टी या तेज धूप से बचाव के उपाय अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में मरीजों की निशुल्क नेत्र जांच की गई तथा जरूरतमंदों को निःशुल्क दवाइयाँ एवं परामर्श भी प्रदान किया गया। इसके साथ ही अस्पताल में कार्यरत कर्मचारियों को भी दृष्टि सुरक्षा और नेत्र स्वास्थ्य के संबंध में जागरूक किया गया। इस अवसर पर जिला चिकित्सालय के चिकित्सक, नेत्र सहायक, नर्सिंग स्टाफ एवं विभागीय कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
चार पहिया वाहन ब्लैक स्कार्पियो पर स्टंट करने वाले युवती पर यातायात पुलिस दंतेवाड़ा और बारसूर पुलिस के द्वारा की गई संयुक्त कार्रवाई ।
चार पहिया वाहन ब्लैक स्कार्पियो पर स्टंट करने वाले युवती पर यातायात पुलिस दंतेवाड़ा और बारसूर पुलिस के द्वारा की गई संयुक्त कार्रवाई ।
जवानों ने बरामद कर नष्ट किया 5 किलो का प्रेशर कुकर बम
दंतेवाड़ा । जिले में नक्सलियों की एक बड़ी साजिश को सुरक्षा बलों ने नाकाम कर दिया है। जवानों ने सातधार-मालेवाही मार्ग पर प्लांट किया गया 5 किलो का प्रेशर कुकर बम बरामद कर मौके पर ही विस्फोट कर नष्ट कर दिया।
जानकारी के अनुसार, नक्सलियों ने इस मार्ग पर जवानों को निशाना बनाने के इरादे से IED बम लगाया था। CRPF की 195वीं बटालियन, बारसूर और मालेवाही थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन के दौरान इस बम को बरामद किया। बम डिस्पोजल स्क्वाड ने इसे सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज कर दिया।
बताया जा रहा है कि प्रेशर कुकर में करीब 5 किलो विस्फोटक सामग्री भरी हुई थी। सौभाग्य से समय रहते इसे निष्क्रिय कर नष्ट कर दिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
गौरतलब है कि इसी इलाके में सितंबर महीने में नक्सलियों द्वारा लगाए गए IED विस्फोट में दो CRPF जवान घायल हुए थे। 11 सितंबर को हुए ब्लास्ट के बाद से सुरक्षा बल लगातार इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। इसी दौरान मिली खुफिया सूचना के आधार पर जवानों ने यह कार्रवाई की।
सुरक्षा बलों ने आशंका जताई है कि नक्सली त्यौहारी सीजन में सुरक्षाबलों को निशाना बनाने की साजिश रच सकते हैं। इसलिए इलाके में सर्च ऑपरेशन और भी तेज कर दिया गया है।
जिले में बाढ़ आपदा प्रबंधन की समीक्षा करने पहुंची गृह मंत्रालय की टीम
मुख्यालय के अति वर्षा प्रभावित क्षेत्रों का किया स्थल परीक्षण
दंतेवाड़ा । जिले में बाढ़ आपदा और राहत प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए गृह मंत्रालय, नई दिल्ली से आई केंद्रीय टीम ने सोमवार को दंतेवाड़ा का दौरा किया। टीम का नेतृत्व राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के संयुक्त सचिव एस. के. राकेश कुमार ने किया। इस संबंध में जिला पंचायत के सभाकक्ष के बैठक में जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जिले की भौगोलिक परिस्थितियों, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और राहत-पुनर्वास उपायों की विस्तृत जानकारी दी।
बैठक में सीईओ ने बताया कि शंकनी और डंकनी नदियों के प्रवाह तंत्र के कारण जिले के कई गांव हर वर्ष बाढ़ की चपेट में आते हैं। इसी क्रम में 26 अगस्त 2025 को हुई 93.7 मिमी भारी वर्षा से अचानक आई बाढ़ ने दंतेवाड़ा सहित आसपास के इलाकों में तबाही मचाई। शाम पांच बजे के बाद दोनों नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने से कई गांवों में पानी घुस गया और करीब सोलह घंटे तक स्थिति बनी रही। इस दौरान 91 गांव प्रभावित हुए, 1200 से अधिक लोगों पर असर पड़ा, दो लोगों की मौत हुई और 29 पुल-पुलिया बह गए। प्रशासन ने तत्काल 26 राहत शिविर संचालित किए जिनमें 1116 लोगों को रखा गया। वर्तमान में 12 शिविरों में 495 लोग रह रहे हैं। वहीं 558 मकानों की पूर्ण और 788 मकानों की आंशिक क्षति दर्ज की गई, जबकि 331 हेक्टेयर से अधिक फसल और 126 पशु भी प्रभावित हुए।बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित गांवों में बालपेट, बालूद, चितालंका, हारम, बांगापाल, फुण्डरी, बोदली, बड़े तुमनार, कारली, हितामेटा, नेउरनार और बड़े बचेली शामिल रहे। इसे देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत सामग्री प्रदान की गई, जिसमें आठ हजार वस्त्रों के सैट, 7583 पैकेट सूखा राशन तथा 3453 पैकेट अन्य खाद्य सामग्री बांटी गई।
इसके अलावा आर्थिक सहायता के रूप में जिले के छह तहसीलों के 1597 हितग्राहियों को कुल 724 लाख रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की गई। बैठक में इसके अलावा जिला बीजापुर के बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास कार्यो की जानकारी कलेक्टर बीजापुर द्वारा दी गई। दौरान केंद्रीय के संयुक्त सचिव एस. राकेश कुमार ने जिला प्रशासन की तैयारियों और राहत कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की ओर से आवश्यकतानुसार हर संभव सहयोग दिया जाएगा।
उन्होंने विशेष रूप से पुल-पुलियों के निर्माण, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाओं, अस्थायी आवास और खाद्यान्न आपूर्ति पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई। इसके पूर्व केंद्रीय टीम द्वारा मुख्यालय के अतिवर्षा प्रभावित क्षेत्र चितालंका बाईपास मार्ग, चूड़ी टिकरापारा, जीएडी कॉलोनी साइंस सेंटर, और शकनी नदी के क्षतिग्रस्त पुराने पुल का भी स्थल परीक्षण किया। टीम द्वारा अपने दौरे के दौरान ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं गई और त्वरित समाधान का भरोसा दिलाया गया। इस दौरान बैठक में गृह मंत्रालय और एनडीएमए के अन्य अधिकारी सहित अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्रे और जिला प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे।
जल जीवन मिशन ने बदली जिंदगी : पहले सुबह का अधिकांश समय पानी के इंतजाम में ही निकल जाता था, पर अब घर पहुंच रहा पानी
22 सितम्बर 2025


हर घर नल से पानी पहुंचाने के मिशन ‘जल जीवन मिशन’ ने महिलाओं की जिंदगी बदल दी है। पहले सुबह का अधिकांश समय परिवार के लिए पानी के इंतजाम में बिताने वाली महिलाएं अब घर में नल से पानी आने के बाद राहत की सांस ले रही हैं। अब उन्हें बच्चों की परवरिश, पढ़ाई-लिखाई, खेती, मजदूरी और आजीविका के अन्य कार्यों के लिए पर्याप्त समय मिल जा रहा है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने दंतेवाड़ा जिले के गीदम विकासखंड के बिंजाम ग्राम पंचायत में जल जीवन मिशन के माध्यम से 267 घरों में नल से जल पहुंचाया है। इससे गांववाले और वहां की महिलाएं काफी खुश हैं। गांव को ’’हर घर जल ग्राम’’ का दर्जा भी मिल गया है।

बिंजाम के अधिकांश परिवार आजीविका के लिए खेती और मजदूरी पर आश्रित हैं। यहां पहले पेयजल का मुख्य स्रोत हैंडपंप ही था। पर अब जल जीवन मिशन से गांव के हर घर में नल से स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति हो रही है। जल आपूर्ति के लिए गांव में 16 किलोमीटर से अधिक पाइपलाइन बिछाई गई है। तीन उच्च स्तरीय जलागारों (पानी टंकियों) के माध्यम से हर घर तक पानी पहुंचाया जा रहा है।

जल जीवन मिशन से हर परिवार को न केवल पर्याप्त जल मिल रहा है, बल्कि यह स्वच्छ और सुरक्षित भी है। गांव में गठित ‘जल वाहिनी’ समूह की महिलाओं को जल की गुणवत्ता के परीक्षण के लिए प्रशिक्षित किया गया है। ये महिलाएं फील्ड टेस्ट किट के माध्यम से जल की गुणवत्ता का परीक्षण कर गांव में गुणवत्तायुक्त पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित कर रही हैं। इससे गांववाले अब जलजनित और गंदे पानी से होने वाली बीमारियों के खतरे से मुक्त हो गए हैं।

जल जीवन मिशन ने बिंजाम की महिलाओं का जीवन बदल दिया है। पहले धूप, गर्मी, बरसात, ठंड या रात होने पर भी महिलाओं को पानी लाने घर से दूर जाना पड़ता था। घर पर छोटे बच्चे हों या खुद की तबीयत खराब हो, तो भी पानी लेने बाहर निकलना ही पड़ता था। पर अब घर में ही नल लग जाने से हालात बदल गए हैं। रोज की परेशानियों से निजात मिल गई है।
बिंजाम की महिलाएं बताती हैं कि पहले घर के सभी लोगों के लिए पानी की व्यवस्था में बहुत समय लगता था, मेहनत भी बहुत लगती थी। सुबह का ज्यादातर समय इसी में निकल जाता था जिसके चलते उनकी दुनिया सिमट सी गई थी। परिवार के खेती-किसानी के कार्यों में न वे ठीक से सहयोग कर पाती थीं और न ही अन्य कोई रोजगारमूलक गतिविधियों के बारे में सोच सकती थीं। पर अब जल जीवन मिशन ने ये सारी परेशानियां दूर कर दी हैं। अब बच्चे रोज समय पर बिना रूकावट के स्कूल जा रहे हैं। महिलाएं को अब अपनी सब्जी-बाड़ी और वनोपज संग्रहण के साथ ही खेत और घर के अन्य कामों के लिए पर्याप्त समय मिल रहा है।
तंबाकू नियंत्रण अभियान, 13 दुकानों पर चालान
दंतेवाड़ा। जिले में तंबाकू सेवन पर रोक लगाने और कानून का पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। इस क्रम में कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के निर्देश पर गठित टीम द्वारा राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत विगत दिवस को विकासखंड में संचालित दुकानों की जांच किया गया। इस दौरान प्रतिबंधित सिगरेट और तंबाकू उत्पादों की बिक्री पाए जाने पर 13 दुकानों के खिलाफ कार्रवाई की गई तथा 1670 रुपये का चालान वसूला गया।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की देखरेख में गठित टीम ने दुकानदारों को सख्त चेतावनी दी कि वे आगे से तंबाकू उत्पादों का प्रदर्शन और विज्ञापन न करें। साथ ही उन्हें यह भी समझाया गया कि तंबाकू की बिक्री और प्रचार-प्रसार पर नियंत्रण समाज के स्वास्थ्य हित में आवश्यक है। अधिकारियों ने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्यवाही के दौरान जिला नोडल अधिकारी राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम डॉ. अमन सिंह, ड्रग इंस्पेक्टर सौरभ जैन, जिला सलाहकार एनसीडी कार्यक्रम अंकित सिंह तथा दंतेवाड़ा थाना पुलिस दल मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री आवास योजना से ’’पायको’’ को मिला सपनों का पक्का घर
दंतेवाड़ा । प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चयनित हितग्राहियों को अपने आवास निर्माण हेतु सर्वाधिक जरूरत राजमिस्त्रियों की होती है जो उनके घर के प्रारंभिक ढांचे को सही मानकों अनुसार स्वरूप दे सके। और तो और कई बार तो दूरस्थ क्षेत्रों में राजमिस्त्रियों की मांग इतनी बढ़ जाती है कि दूसरे ग्रामों से राजमिस्त्रियों को आग्रह पूर्वक बुलाया जाता है। इन परिस्थितियों के मद्देनजर प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत अब राजमिस्त्रियों प्रशिक्षण सत्र आयोजित किये जा रहे है, ताकि ग्राम के ही हितग्राही को आवास निर्माण की आधारभूत ज्ञान, निर्माण प्रक्रिया की सही सही जानकारी से प्रशिक्षित हो सके ताकि उनका आवास निमार्ण समय सीमा के साथ ही उनकी ही देख रेख में पूर्ण हो सके। और इस संबंध में सबसे विशेष बात यह है कि इस प्रशिक्षण सत्र में महिलाओं को भी शामिल कर आवास निमार्ण की मूलभूत तथ्य सिखाये जा रहे है।
जिले के नियद नेल्लनार ग्राम घुरली में भी राजमिस्त्रियों प्रषिक्षण सत्र का आयोजित किए गए है। जिसमें प्रशिक्षित गांव की महिला ’’पायको’’ स्वयं अपने आवास का निर्माण कर रही है। पायको बताती है कि वह पूरे आत्मविश्वास से अपने घर का निमार्ण में योगदान दे रही है। और पक्का घर बन जाने के बाद “अब मुझे और मेरे परिवार को टपकती छत और कच्ची दीवारों का डर नहीं रहेगा। गौरतलब है कि ”प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत चलाए जा रहे ग्रामीण राजमिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रम ने न सिर्फ पायको जैसी अन्य ग्रामीण महिलाओं का भी सपना पूरा किया, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की भी राह दिखाई। ज्ञात हो कि यह प्रशिक्षण सत्र 45 दिनों का निर्धारित किया गया है, जिसमें स्थानीय मजदूरों को तकनीकी जानकारी दी जाती है और साथ ही प्रतिदिन 220 रुपये की मजदूरी भी प्रदान की जाती है। पायको भी इस प्रशिक्षण का हिस्सा बनीं और अपने घर का निर्माण खुद अपने हाथों से करने लगीं। सिर्फ पायको ही नहीं, बल्कि नियद नेल्लानार योजना में शामिल गांव धुरली के ग्रामीण भी इस कार्यक्रम से जुड़कर अपने कच्चे मकानों को पक्के घरों में बदलने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रशिक्षण ने उन्हें “रोजगार, सम्मान और स्थायी आश्रय” तीनों का तोहफा दिया है। पहले कच्चे घरों में रहकर बारिश और धूप से जूझने वाले ये परिवार अब अपने मजबूत पक्के घरों को देखकर गर्व महसूस कर रहे हैं। यह पहल सिर्फ घर बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीणों को आजीविका, कौशल और आत्मसम्मान से जोड़ने का भी माध्यम भी बना है।
ग्राम पोन्दुम संकुल केंद्र में विद्यार्थियों को स्थायी जाति प्रमाण पत्र वितरित
दंतेवाड़ा, 16 सितम्बर 2025
दन्तेवाड़ा विकासखण्ड अन्तर्गत संकुल केंद्र ग्राम पोन्दुम में विगत दिवस कक्षा पहली से बारहवीं तक अध्ययनरत विद्यार्थियों को स्थायी जाति प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री अरविंद कुंजाम, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती कमला विनय नाग एवं जनपद पंचायत सदस्य सुश्री मंगली सोढ़ी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को स्थायी जाति प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। गौरतलब है कि इस पहल से विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई, शैक्षणिक प्रक्रियाओं एवं शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सहूलियत होगी। इस मौके पर मुख्य अतिथियों ने बच्चों को संबोधित करते हुए शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही जीवन में प्रगति और आत्मनिर्भरता का आधार है। विद्यार्थियों को अनुशासन और निरंतर मेहनत के साथ पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए। संकुल केंद्र के शिक्षकों और पालकों ने भी इस अवसर पर बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, सरपंच, पंच, कोटवार, पटेल सहित बड़ी संख्या में पालकगण एवं संकुल के समस्त शिक्षकगण भी शामिल हुए।