छत्तीसगढ़ / धमतरी
गोकुलपुर में अवैध प्लॉटिंग पर बड़ी कार्रवाई, सड़क निर्माण ध्वस्त कर सामग्री जब्त
धमतरी, 18 मार्च 2026
नगर निगम एवं राजस्व विभाग द्वारा संयुक्त रूप से अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए गोकुलपुर वार्ड (लाइवलीहुड कॉलेज के पीछे) क्षेत्र में विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी पर कार्यवाही की गई। यह कार्रवाई कलेक्टर के निर्देशानुसार आदेश के परिपालन में की गई।
जांच के दौरान पाया गया कि श्री राजेन्द्र यदु, श्री युगलकिशोर यदु एवं श्री पवन कुमार यदु (पिता - श्री रामकुमार यदु) द्वारा अपनी स्वामित्व की भूमि खसरा क्रमांक 37/2 में शामिल 38/2, 3715, 78/11 रकबा 1.011 हेक्टेयर तथा खसरा क्रमांक 3715 में शामिल 30/5 रकबा 0.2740 हेक्टेयर भूमि पर बिना अनुमति अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी। इसके अतिरिक्त श्री विनोद (पिता - आसनदास) एवं श्रीमती प्रियंका (पति - विनोद आडवानी) की स्वामित्व वाली भूमि खसरा क्रमांक 78/20, 78/29 रकबा 0.2022 हेक्टेयर में भी अवैध रूप से प्लॉट विकसित करने के उद्देश्य से मुरुम डालकर सड़क निर्माण किया गया था।
संयुक्त टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से निर्मित मार्ग को जेसीबी मशीन के माध्यम से ध्वस्त किया गया तथा उपयोग में लाई गई मुरुम एवं अन्य सामग्री को जब्त किया गया। संबंधित व्यक्तियों को बिना सक्षम अनुमति के प्लॉटिंग न करने की कड़ी हिदायत दी गई तथा भविष्य में नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
कार्यवाही के दौरान नगर निगम एवं राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे तथा मौके पर पंचनामा तैयार कर आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण की गई।
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि बिना सक्षम प्राधिकरण की अनुमति के किसी भी प्रकार की प्लॉटिंग/भू-विकास कार्य न करें तथा भूमि क्रय-विक्रय से पूर्व संबंधित अभिलेखों एवं अनुमतियों की भली-भांति जांच कर लें, जिससे भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी परेशानी से बचा जा सके।जिला प्रशासन द्वारा अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा।
महतारी वंदन की राशि से बना शिव मंदिर: देवपुर की महिलाओं ने दिखाई सामूहिकता और आस्था की मिसाल
धमतरी, 14 मार्च 2026

छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ सामाजिक बदलाव का भी माध्यम बन रही है। धमतरी जिले के परियोजना सेक्टर खरेंगा के अंतर्गत आने वाले ग्राम देवपुर की महिलाओं ने इस योजना से प्राप्त राशि का उपयोग कर एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
ग्राम देवपुर में लंबे समय से मंदिर नहीं होने के कारण ग्रामीणों को पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रमों के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। गांव के लोग विशेष अवसरों पर दूसरे गांवों में जाकर पूजा करते थे। इस समस्या को देखते हुए गांव की निवासी श्रीमती निर्मला और उनकी साथी महिलाओं ने एक सकारात्मक पहल करने का निर्णय लिया।
निर्मला और गांव की अन्य महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही थी। उन्होंने सामूहिक रूप से निर्णय लिया कि इस राशि का एक हिस्सा गांव के सामाजिक और धार्मिक कार्य के लिए उपयोग किया जाएगा। महिलाओं ने अपनी महतारी वंदन की राशि को मिलाकर एक निधि तैयार की और उसी से गांव में शिव मंदिर के निर्माण की शुरुआत की।
महिलाओं की इस पहल को गांव के अन्य लोगों का भी भरपूर सहयोग मिला। सामूहिक प्रयासों से कुछ ही समय में मंदिर का निर्माण कार्य पूरा हुआ और अब गांव में भव्य शिव मंदिर स्थापित हो गया है। मंदिर बनने से न केवल ग्रामीणों की धार्मिक आस्था को एक स्थान मिला है, बल्कि गांव में सामुदायिक एकता और सहयोग की भावना भी और मजबूत हुई है।
गांव के बुजुर्गों और युवाओं ने भी महिलाओं की इस पहल की सराहना की है। अब देवपुर में महाशिवरात्रि, सावन और अन्य धार्मिक अवसरों पर सामूहिक पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजन किए जाते हैं, जिससे गांव में उत्साह और सकारात्मक वातावरण बना रहता है।
देवपुर की महिलाओं द्वारा किया गया यह प्रयास दर्शाता है कि यदि महिलाएं संगठित होकर संकल्प लें तो वे अपने गांव और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। महतारी वंदन योजना से मिली आर्थिक सहायता का उपयोग कर महिलाओं ने यह साबित कर दिया है कि वे केवल अपने परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के विकास में भी अग्रणी भूमिका निभा सकती हैं।
देवपुर की यह पहल आज आसपास के गांवों के लिए भी प्रेरणा बन रही है और यह संदेश दे रही है कि सामूहिक प्रयास और सकारात्मक सोच से किसी भी समस्या का समाधान संभव है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना व महतारी वंदन योजना से सुरक्षित हुआ बेटी का भविष्य
सोनिया साहू ने सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश कर दी प्रेरणादायक मिसाल
धमतरी 14 मार्च 2026
केंद्र और राज्य शासन की शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं न केवल माताओं के स्वास्थ्य और पोषण को सुदृढ़ बना रही हैं, बल्कि बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की नींव भी मजबूत कर रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी धमतरी विकासखंड के ग्राम सोरम की निवासी श्रीमती सोनिया साहू की है, जिन्होंने शासन से प्राप्त सहायता राशि का उपयोग अपनी बेटी के भविष्य को सुरक्षित करने में किया।
25 वर्षीय श्रीमती सोनिया साहू, पति श्री गोपाल साहू के साथ ग्राम सोरम में निवास करती हैं। उनके घर में बेटी काव्या साहू के जन्म के बाद परिवार में खुशियों का माहौल है। मातृत्व के इस महत्वपूर्ण समय में उन्हें शासन की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत 5000 रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई। इस योजना का उद्देश्य गर्भवती एवं धात्री माताओं को आर्थिक सहयोग प्रदान कर उनके स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षित मातृत्व को प्रोत्साहित करना है।
श्रीमती सोनिया साहू ने इस राशि का उपयोग एक सकारात्मक और दूरदर्शी निर्णय लेते हुए अपनी बेटी काव्या के नाम से संचालित सुकन्या समृद्धि योजना के खाते में जमा कर दिया। यह निर्णय न केवल उनकी आर्थिक समझदारी को दर्शाता है, बल्कि बेटी के उज्ज्वल भविष्य के प्रति उनकी जागरूकता को भी प्रतिबिंबित करता है।
सोनिया बताती हैं कि शासन द्वारा मिलने वाली सहायता राशि से उन्हें बड़ी राहत मिली। उन्होंने यह भी निर्णय लिया है कि वे महतारी वंदन योजना से प्रतिमाह मिलने वाली राशि को भी अपनी बेटी के सुकन्या समृद्धि खाते में नियमित रूप से जमा करती है , जिससे आने वाले समय में बेटी की शिक्षा और अन्य आवश्यकताओं के लिए मजबूत आर्थिक आधार तैयार हो सके।
सोनिया साहू का यह कदम गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रहा है। वे बताती हैं कि शासन की योजनाओं की जानकारी मिलने से ग्रामीण महिलाओं में जागरूकता बढ़ी है और वे भी इन योजनाओं का लाभ लेकर अपने परिवार के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
श्रीमती सोनिया साहू ने इस महत्वपूर्ण सहयोग के लिए राज्य शासन और माननीय मुख्यमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी योजनाएं माताओं और बेटियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।
सोनिया साहू की यह कहानी दर्शाती है कि यदि सरकारी योजनाओं का सही उपयोग किया जाए तो वे न केवल वर्तमान को संबल देती हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के भविष्य को भी सुरक्षित और सशक्त बना सकती हैं।
सिंगपुर में सहकारी समिति और सामुदायिक भवन की पहल, बूटीगढ़ में पर्यटन विकास के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश
ग्रामीणों से चर्चा कर विकास कार्यों के दिए निर्देश
धमतरी, 13 मार्च 2026
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने मगरलोड विकासखंड के प्रवास के दौरान ग्राम सिंगपुर और बूटीगढ़ का निरीक्षण किया तथा ग्रामीणों से चर्चा कर क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं और विकास कार्यों की जानकारी ली। सिंगपुर पहुंचकर कलेक्टर श्री मिश्रा ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए गांव में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में पूछा। ग्रामीणों ने सड़क, बैंक तथा बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए महाविद्यालय की आवश्यकता बताई। इस पर कलेक्टर ने कहा कि जिला प्रशासन सिंगपुर क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही किसानों और ग्रामीणों को बैंक संबंधी कार्यों के लिए दूर न जाना पड़े, इसके लिए गांव में सहकारी समिति स्थापित करने की दिशा में पहल की जाएगी।
कलेक्टर ने युवाओं के कौशल विकास को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र में आईटीआई खोलने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजे जाने की जानकारी भी दी। उन्होंने ग्रामीणों से स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में भी चर्चा की और चिकित्सकों की उपस्थिति तथा एंबुलेंस सेवा की जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि कमार डेरा जाने वाली सड़क खराब हो गई है, जिसे ठीक कराने की आवश्यकता है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि गांव में प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत मेडिकल वैन आती है, जो ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराती है। कलेक्टर श्री मिश्रा ने सिंगपुर में सामुदायिक भवन निर्माण कराने तथा 200 मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। इस दौरान कलेक्टर ने मार्ग में बन रहे पुल निर्माण कार्य का भी अवलोकन किया।
इसके बाद कलेक्टर ने बूटीगढ़ का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने मंदिर के पुजारियों और ग्रामीणों से चर्चा कर क्षेत्र को बेहतर बनाने और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर विचार किया। ग्रामीणों ने बताया कि यहां बिजली और पानी की अत्यंत आवश्यकता है। साथ ही नवरात्रि और शिवरात्रि के अवसर पर यहां मेला लगता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। कलेक्टर ने बताया कि बूटीगढ़ तक पहुंचने के लिए मार्ग में पुल निर्माण तथा पेयजल सुविधा के लिए पानी टंकी का निर्माण कराया गया है। उन्होंने यहां सोलर हाईमास्ट और वॉच टावर के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए। साथ ही क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं और गांव के विकास संबंधी विषयों पर ग्रामीणों से विस्तार से चर्चा की। इस दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री गजेंद्र सिंह ठाकुर, एसडीएम कुरूद श्री नभ सिंह कोसले सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन 2026 : फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली तैयार करने कार्यक्रम (समय-अनुसूची) जारी
धमतरी, 13 मार्च 2026
छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन 2026 के लिए फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली तैयार/ पुनरीक्षित करने हेतु कार्यक्रम (समय-अनुसूचि) जारी की गई है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी स्थानीय निर्वाचन से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रथम चरण में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की नियुक्ति तथा प्रारंभिक प्रारूप निर्वाचक नामावली तैयार करने हेतु कर्मचारियों का चयन एवं नियुक्ति 23 मार्च 2026 सोमवार तक, निर्वाचक नामावली तैयार करने हेतु रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, प्राधिकृत कर्मचारियों का प्रशिक्षण 24 मार्च 2026 मंगलवार तक, भारत निर्वाचन आयोग की विधानसभा की अद्यतन निर्वाचक नामावली जिला निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त करना 25 मार्च 2026 बुधवार तक, विधानसभा की निर्वाचक नामावली वार्डवार पृथक कर रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को उपलब्ध कराना 27 मार्च 2026 शुक्रवार तक, प्रचलित परिसीमन के आधार पर रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा निर्वाचक नामावली को वार्डवार एवं भागवार मार्किंग करना 30 मार्च 2026 सोमवार तक किया जाएगा।
इसी तरह वार्डवार एवं भागवार चिन्हित निर्वाचको को सॉफ्टवेयर के माध्यम से दर्शित वार्ड के संबंधित भाग के अनुभाग में शिफ्ट किया जाना 02 अप्रैल 2026 गुरुवार तक, निर्वाचक नामावली की चेकलिस्ट (पीडीएफ) तैयार करना 07 अप्रैल 2026 मंगलबार तक, चेकलिस्ट (पीडीएफ) की जांच कराना, त्रुटि सुधार कराना 08 अप्रैल 2026 बुधवार तक, चेकलिस्ट संशोधन पश्चात् प्रारूप निर्वाचक नामावली मुद्रण हेतु जिला निर्वाचन कार्यालय को प्रदाय करना 08 अप्रैल 2026 बुधवार तक, तथा जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा निर्वाचक नामावली का मुद्रण कराना एवं रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को उपलब्ध कराना 09 अप्रैल 2026 गुरुवार तक तय किया गया है।
द्वितीय चरण में निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन एवं दावे तथा आपत्तियां प्राप्त करना 13 अप्रैल 2026 सोमवार तक, दावे/आपतियां प्राप्त करने की अंतिम तारीख व समय 20 अप्रैल 2026 सोमवार अपरान्ह 3 बजे तक तथा दावे/आपत्तियों का निपटारे की अंतिम तिथि 23 अप्रैल 2026 गुरूवार तक तय की गई है।
इसी तरह प्ररूप क-1 में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को दावा प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 24 अप्रैल 2026 शुक्रवार तक, प्ररूप क-1 में प्राप्त दावा का निराकरण करने की अंतिम तिथि 27 अप्रैल 2026 सोमवार तक, दावे/आपत्तियों के निराकरण आदेश के विरूद्ध अपील करने की अंतिम तारीख निराकरण आदेश पारित होने के 05 दिवस के भीतर तय की गई है। परिवर्धन, संशोधन, विलोपन के प्रकरणों की प्रविष्टि सॉफ्टवेयर में करना 29 अप्रैल 2026 बुधवार तक, चेकलिस्ट का निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा जांच करवाना तथा पी.डी. एफ. मुद्रण हेतु जिला कार्यालय को सौपना 02 मई 2026 शनिवार तक, अनुपूरक सूची का मुद्रण कराना और अनुपूरक सूची को मूल सूची के साथ संलग्न करना 04 मई 2026 सोमवार तक तथा निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन 05 मई 2026 मंगलवार निर्धारित की गई है।
निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन 2026 के रिक्त पदों के तहत धमतरी विकासखण्ड के ग्राम पंचायत बिरेतरा के वार्ड क्रमांक 13 में पंच और लीलर में सरपंच पद के लिए उप निर्वाचन होगा। इसी तरह कुरूद विकासखण्ड के ग्राम पंचायत कुहकुहा के वार्ड कमांक 4, सिवनीकला के वार्ड क्रमांक 9, जीजामगांव के वार्ड क्रमांक 5, चर्रा के वार्ड क्रमांक 6, सेमरा बी के वार्ड क्रमांक 20, तर्रागोंदी के वार्ड क्रमांक 9 में पंच पद के लिए उप निर्वाचन होगा। इसी तरह मगरलोड विकासखण्ड के ग्राम पंचायत मोतिमपुर में सरपंच और वार्ड क्रमांक 4 में पंच तथा ग्राम पंचायत खड़मा के वार्ड क्रमांक 9 में पंच पद के लिए उप निर्वाचन होगा। विकासखण्ड नगरी में ग्राम पंचायत बिरनासिल्ली के वार्ड क्रमांक 2, वार्ड क्रमांक 8, ग्राम पंचायत सिरसिदा के वार्ड क्रमांक 1, ग्राम पंचायत घोटगांव के वार्ड क्रमांक 5, ग्राम पंचायत बनबगौद के वार्ड क्रमांक 6 कट्टीगांव के वार्ड क्रमांक 9 और ग्राम पंचायत करैहा के वार्ड क्रमांक 9 में पंच पद के लिए उपनिर्वाचन होगा। इस तरह धमतरी विकासखण्ड कें एक पंच, एक सरपंच, कुरूद में 6 पंच, मगरलोड में एक सरपंच और 2 पंच तथा नगरी में 7 पंच पद के लिए उप निर्वाचन होगा।
जिले के अंतिम छोर पर बसे गांव मोहेरा पहुंचे कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा
निराई माता मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को मिलेगी और बेहतर सुविधाएं कलेक्टर ने अधिकारियों को दिए जरूरी दिशा-निर्देश
धमतरी 13 मार्च 2026
जिला प्रशासन की सक्रियता अब जिले के दूरस्थ अंचलों में भी नजर आने लगी है। इसी क्रम में कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने बीते दिन जिले के अंतिम छोर पर स्थित ग्राम मोहेरा का दौरा किया।
उन्होंने निराई माता मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। दर्शन के पश्चात उन्होंने ग्रामीणों के साथ बैठकर गांव की समस्याओं और वहां हो रहे विकास कार्यों के संबंध में विस्तृत चर्चा की। इस दौरान ग्रामीणों ने कलेक्टर को बताया कि निराई माता मंदिर की विशेष मान्यता है और यह साल में केवल एक बार ही खुलता है, जिसके कारण मेले के दौरान यहाँ हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। ग्रामीणों ने मंदिर तक पहुँचने के दुर्गम मार्ग और परिसर में मूलभूत सुविधाओं की कमी की ओर ध्यान आकर्षित कराते हुए व्यवस्थित मार्ग व सीमेंटीकरण की मांग रखी।
जनभावनाओं और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर श्री मिश्रा ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को तत्काल मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने और आवश्यक कार्य कराने, टाइल्स लगाने तथा प्रकाश व्यवस्था के लिए हाई मास्ट लाइट स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही पानी व्यवस्था, पार्किंग आदि की भी व्यवस्था सुनिश्चित करने कहा। निराई माता सेवा समिति के अध्यक्ष दिलीप सिंग ध्रुव ने निराई माता और वहां होने वाली जात्रा आदि की जानकारी दी। इस अवसर पर मंदिर के पुजारी ओंकार ध्रुव, नरोत्तम ध्रुव, पुलेश्वर ध्रुव, सचिव हेमंत ध्रुव, कोषाध्यक्ष अश्वनी ध्रुव, मोहेरा सरपंच भालेश्वरी कश्यप, जनपद सदस्य राजकुमारी कश्यप, रोहित ध्रुव, अमृतलाल उपस्थित थे। कलेक्टर ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि प्रशासन अंतिम छोर के गांवों तक मूलभूत सुविधाएं पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
आजीविका मिशन से बदली तस्वीर: चर्रा की योगेश्वरी देवांगन बनीं महिला सशक्तिकरण की प्रेरणा
मार्केटिंग के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया
धमतरी 13 मार्च 2025
दीनदयाल अन्त्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस योजना के माध्यम से महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें स्वरोजगार, प्रशिक्षण, वित्तीय सहयोग और बाजार से जोड़ने का अवसर मिल रहा है। परिणामस्वरूप कई महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं।
ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी धमतरी जिले के विकासखंड कुरूद के ग्राम चर्रा की श्रीमती योगेश्वरी देवांगन की है, जो आजीविका मिशन से जुड़कर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर पाईं, बल्कि क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
योगेश्वरी देवांगन जैसे उदाहरण यह साबित करते हैं कि यदि महिलाओं को सही मार्गदर्शन और अवसर मिले तो वे अपनी मेहनत और लगन से सफलता की नई मिसाल कायम कर सकती हैं। आजीविका मिशन के तहत कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के मार्गदर्शन में योगेश्वरी देवांगन, अध्यक्ष जय माँ परमेश्वरी स्वयं सहायता समूह ग्राम चर्रा का चयन राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित छठवें जेण्डर संवाद के लिए किया गया था ।इस संवाद में वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से “महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लैंगिक निवेश क्यों आवश्यक है” विषय पर अपने अनुभव साझा किए ।
योगेश्वरी देवांगन बताती हैं कि समूह से जुड़ने से पहले उनका परिवार आर्थिक रूप से कमजोर था। परिवार की आजीविका कृषि और मजदूरी पर निर्भर थी, जिससे बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और दैनिक जरूरतों को पूरा करना कठिन हो जाता था। लेकिन स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनकी सोच और जीवन दोनों में बड़ा बदलाव आया।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से उन्होंने बैंक से ऋण प्राप्त किया तथा पशुपालन विभाग, कृषि विज्ञान केन्द्र और आर-सेटी से मुर्गीपालन का प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षण और मार्गदर्शन के बाद उन्होंने अपने गांव में देशी मुर्गी फार्म की स्थापना की। शुरुआत में सामाजिक दबाव और कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और परिवार के सहयोग ने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी।
आज योगेश्वरी देवांगन का मुर्गी फार्म सफल उद्यम बन चुका है। उनके फार्म में तैयार होने वाली मुर्गियां और चूजे देश के विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंच रहे हैं। उनके फ़ार्म में करीब 7 मुर्गी की नस्लें, बटेर, बत्तख, गिनी फाउल, टर्की है । अंडों से बच्चे निकालने की मशीन है। उन्होंने बताया कि शुरू में मालूम नहीं था कहा किस बाजार में बेचना है । उन्होंने मार्केटिंग के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया है । देवांगन देशी मुर्गी फार्म चर्रा कुरूद” नाम से यूट्यूब चैनल भी संचालित कर रही हैं, जिसके माध्यम से वे अन्य ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को भी स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रही हैं।
योगेश्वरी देवांगन का सपना है कि उनके समूह की अधिक से अधिक महिलाएं भी स्वरोजगार से जुड़कर अपनी आय बढ़ाएं। इसी उद्देश्य से वे समूह की अन्य महिलाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें भी मुर्गीपालन जैसे व्यवसाय से जोड़ने का प्रयास कर रही हैं। साथ ही भविष्य में वे खरगोश पालन जैसे नए उद्यम की भी शुरुआत करने की योजना बना रही हैं।
योगेश्वरी देवांगन की यह सफलता कहानी दर्शाती है कि यदि महिलाओं को सही दिशा, प्रशिक्षण और अवसर मिले तो वे न केवल अपनी जिंदगी बदल सकती हैं, बल्कि पूरे समाज में सकारात्मक बदलाव की नींव भी रख सकती हैं। आज वे अपने गांव और जिले की महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास और संघर्ष से सफलता पाने की जीवंत मिसाल बन चुकी हैं।
बैसाखियों के सहारे भी बुलंद हौसला : दिव्यांग श्रीमती विश्नोई बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल
हौसलों से बदली जिंदगी : सक्षम कैंटीन ने दी श्रीमती विश्नोई को नई पहचान
धमतरी, 13 मार्च 2026
जीवन में चुनौतियाँ चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हों, अगर हौसले मजबूत हों तो रास्ते खुद बन जाते हैं। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है धमतरी कलेक्ट्रेट परिसर में संचालित सक्षम कैंटीन से जुड़ी दिव्यांग श्रीमती विश्नोई की, जिन्होंने शारीरिक कठिनाइयों के बावजूद आत्मनिर्भर बनने की राह चुनकर समाज के लिए मिसाल पेश की है।
श्रीमती विश्नोई बचपन से ही शारीरिक दिव्यांगता से जूझ रही हैं और उन्हें चलने-फिरने के लिए बैसाखियों का सहारा लेना पड़ता है। इसके बावजूद उन्होंने कभी अपनी परिस्थितियों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। वे हमेशा अपने पैरों पर खड़े होकर सम्मानपूर्वक जीवन जीने की इच्छा रखती थीं। लंबे समय तक अवसर की तलाश के बाद जिला प्रशासन के सहयोग से उनकी यह इच्छा अब साकार हो रही है।
कलेक्ट्रेट परिसर में शुरू हुई सक्षम कैंटीन ने उनके जीवन में नई उम्मीद जगाई है। यहां वे चाय-नाश्ता और अन्य खाद्य सामग्री के संचालन से जुड़ी हुई हैं। श्रीमती विश्नोई बताती हैं कि कैंटीन शुरू होने के बाद से ही लोगों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। कलेक्ट्रेट, जिला पंचायत तथा आसपास के विभिन्न कार्यालयों में आने वाले अधिकारी-कर्मचारी और आम नागरिक यहां आकर चाय-नाश्ते का आनंद लेते हैं, जिससे उनका उत्साह और भी बढ़ता है।
हाल ही में कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा जब सक्षम कैंटीन पहुंचे तो उन्होंने श्रीमती विश्नोई से मुलाकात कर उनकी हौसला-अफजाई की। इस दौरान कलेक्टर ने उनसे बैठकर बातचीत करने का आग्रह किया, लेकिन श्रीमती विश्नोई बैसाखियों के सहारे खड़ी रहीं और आत्मविश्वास के साथ अपने काम और बिक्री के बारे में जानकारी दी। उनके आत्मविश्वास और लगन को देखकर हर कोई प्रेरित हुए बिना नहीं रह सका।
श्रीमती विश्नोई का कहना है कि यह कैंटीन केवल रोजगार का माध्यम नहीं है, बल्कि उनके आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को भी मजबूत करने वाला अवसर है। अब उन्हें यह भरोसा हो गया है कि वे भी समाज में सम्मानपूर्वक अपनी पहचान बना सकती हैं।
आज श्रीमती विश्नोई उन दिव्यांगजनों के लिए प्रेरणा बन गई हैं, जो परिस्थितियों के कारण खुद को कमजोर समझ लेते हैं। बैसाखियों के सहारे आगे बढ़ती उनकी यह यात्रा यह संदेश देती है कि सच्ची शक्ति शरीर में नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प में होती है। सक्षम कैंटीन के माध्यम से उन्होंने यह साबित कर दिया है कि अवसर मिले तो दिव्यांगजन भी आत्मनिर्भर बनकर समाज की मुख्यधारा में मजबूती से आगे बढ़ सकते हैं।
महतारी वंदन योजना से संवर रहा बेटियों का भविष्य
नीतू साहू बनी महिला सशक्तिकरण की मिसाल
धमतरी, 10 मार्च 2026

छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। इस योजना के माध्यम से महिलाओं को न केवल आर्थिक सहायता मिल रही है, बल्कि वे इस राशि का उपयोग अपने परिवार और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को संवारने में भी कर रही हैं। धमतरी जिले के ग्राम श्यामतराई की निवासी श्रीमती नीतू साहू की कहानी इस बात का प्रेरक उदाहरण है कि किस प्रकार एक छोटी आर्थिक सहायता भी परिवार की सोच और भविष्य की दिशा बदल सकती है।
श्रीमती नीतू साहू का जीवन मजदूरी पर आधारित है। सीमित आय और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच उनकी सबसे बड़ी चिंता अपनी दोनों बेटियों—नित्या और जागृति—के भविष्य को सुरक्षित करना था। एक माँ होने के नाते उन्हें हमेशा इस बात की चिंता रहती थी कि बेटियों की पढ़ाई और आगे चलकर विवाह के लिए आर्थिक व्यवस्था कैसे होगी।
इसी बीच छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई महतारी वंदन योजना उनके जीवन में उम्मीद की नई किरण बनकर आई। योजना के अंतर्गत हर महीने मिलने वाली आर्थिक सहायता ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया। नीतू साहू ने इस राशि का समझदारी से उपयोग करते हुए अपनी दोनों बेटियों के नाम से सुकन्या समृद्धि योजना के तहत पोस्ट ऑफिस भटगांव में खाते खुलवाए।
पहले आर्थिक तंगी के कारण वे साल भर में मुश्किल से एक हजार रुपये ही जमा कर पाती थीं, लेकिन अब योजना से मिलने वाली राशि की बदौलत वे हर महीने अपनी दोनों बेटियों के खातों में 500-500 रुपये नियमित रूप से जमा कर रही हैं। इस प्रकार हर वर्ष 6000 रुपये की बचत बेटियों के भविष्य के लिए सुरक्षित हो रही है।
नीतू साहू का कहना है कि इस योजना ने उन्हें न केवल आर्थिक सहारा दिया है, बल्कि भविष्य के प्रति भरोसा भी जगाया है। उन्हें विश्वास है कि जब उनकी बेटियाँ बड़ी होंगी, तब यह बचत उनकी शिक्षा और विवाह में महत्वपूर्ण सहारा बनेगी।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नीतू साहू से वर्चुअल संवाद भी किया। इस दौरान नीतू साहू ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की इस योजना ने उनके जैसे हजारों परिवारों को नई उम्मीद दी है और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान किया है।
नीतू साहू की यह कहानी दर्शाती है कि यदि महिलाओं को अवसर और सहयोग मिले तो वे सीमित संसाधनों में भी अपने परिवार और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रख सकती हैं। महतारी वंदन योजना आज प्रदेश की लाखों महिलाओं के जीवन में बदलाव लाकर उन्हें आत्मसम्मान और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रही है।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के विभागों के लिए 14,655 करोड़ रुपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित
सरकार की नीति, नीयत, कार्यक्रम और योजनाएं दिखती हैं बजट में : श्री अरूण साव
सायरा बानो बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल : दिव्यांगता के बावजूद ई-रिक्शा चलाकर कमा रहीं सम्मानजनक आजीविका
धमतरी, 7 मार्च 2026
धमतरी जिले की सायरा बानो ने यह साबित कर दिया है कि यदि मन में दृढ़ इच्छाशक्ति और आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ने का जज़्बा हो, तो कठिन से कठिन परिस्थितियाँ भी सफलता की राह नहीं रोक सकतीं। शारीरिक दिव्यांगता और अत्यंत गरीब पारिवारिक स्थिति के बावजूद सायरा बानो आज आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बनकर उभरी हैं। कल 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस है ।
सायरा बानो पहले बेहद आर्थिक तंगी में जीवन यापन कर रही थीं। रोजगार के अभाव के कारण उनके लिए दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करना भी एक बड़ी चुनौती बन गया था। ऐसे समय में उन्होंने हार मानने के बजाय आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया और रोजगार के लिए जिला प्रशासन से मदद की अपील की।
सायरा बानो की परिस्थितियों और उनके आत्मनिर्भर बनने के जज़्बे को देखते हुए कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा ने उनकी समस्या को गंभीरता से लिया और उन्हें बड़ौदा आरसेटी, धमतरी में ई-रिक्शा संचालन का प्रशिक्षण दिलाने की व्यवस्था की। प्रशिक्षण के दौरान सायरा बानो ने पूरी लगन और मेहनत से ई-रिक्शा चलाने की तकनीक सीखी। इसके साथ ही उन्हें स्वरोज़गार से संबंधित आवश्यक जानकारी दी गई तथा पुलिस विभाग द्वारा यातायात नियमों की भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद समाज कल्याण विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से सक्षम प्रोजेक्ट के अंतर्गत सायरा बानो को ई-रिक्शा उपलब्ध कराया गया।
आज सायरा बानो धमतरी शहर में आत्मविश्वास के साथ ई-रिक्शा चलाकर अपनी आजीविका कमा रही हैं। इस कार्य से उन्हें प्रतिदिन लगभग 300 से 500 रुपये तक की आय हो रही है, जिससे वे अपने जीवन की आवश्यकताओं को सम्मानपूर्वक पूरा कर पा रही हैं।
कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा ने कहा कि शासन की विभिन्न योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि यदि लाभार्थी दृढ़ संकल्प और मेहनत के साथ आगे बढ़ें, तो वे अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।
सायरा बानो की यह सफलता की कहानी न केवल दिव्यांगजनों के लिए प्रेरणादायी है, बल्कि समाज के हर उस व्यक्ति के लिए एक संदेश है कि कठिन परिस्थितियाँ कभी भी आगे बढ़ने की राह में बाधा नहीं बन सकतीं, यदि व्यक्ति के भीतर आगे बढ़ने का साहस और संकल्प हो।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष लेख : अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रहीं धमतरी जिले की महिलाएं
धमतरी, 7 मार्च 2026

प्रतिवर्ष 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। यह दिवस समाज में महिलाओं के योगदान, उनके अधिकारों और सशक्तिकरण को सम्मान देने का अवसर प्रदान करता है। केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका सकारात्मक प्रभाव अब गांव-गांव तक दिखाई देने लगा है।
धमतरी जिले में भी शासन की योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विशेष रूप से ग्रामीण और आदिवासी अंचलों की महिलाएं आज स्व-सहायता समूहों से जुड़कर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि परिवार और समाज में अपनी सशक्त पहचान भी बना रही हैं।
जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत बड़ी संख्या में महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़ा गया है। इन समूहों के माध्यम से महिलाएं बचत और आंतरिक ऋण की व्यवस्था के साथ-साथ विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जुड़कर आय अर्जित कर रही हैं। कई महिला समूह खेती-किसानी के साथ सब्जी उत्पादन, मशरूम उत्पादन, कुक्कुट पालन, बकरी पालन, डेयरी व्यवसाय, मछली पालन तथा लघु उद्यमों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में महिला समूहों द्वारा जैविक खेती, सब्जी उत्पादन और पोषण वाटिका जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे न केवल महिलाओं की आय में वृद्धि हो रही है, बल्कि परिवार के पोषण स्तर में भी सुधार हो रहा है। शासन द्वारा प्रशिक्षण, बैंक ऋण सुविधा, विपणन सहयोग और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराकर महिलाओं को उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है।
धमतरी जिले के कई गांवों में महिला समूहों ने सामूहिक उत्पादन और विपणन की सफल पहल की है। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे आर्थिक निर्णयों में भी सक्रिय भूमिका निभाने लगी हैं। अनेक महिला समूह स्थानीय हाट-बाजारों के साथ-साथ विभिन्न मेलों और प्रदर्शनियों में अपने उत्पादों का विक्रय कर रही हैं।
इसके अलावा शासन द्वारा महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भी कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, पोषण कार्यक्रमों और कौशल विकास प्रशिक्षणों के माध्यम से महिलाओं के समग्र विकास को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
आज धमतरी जिले की महिलाएं केवल घर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि खेती, उद्यमिता, स्वयं सहायता समूहों और अन्य आर्थिक गतिविधियों के माध्यम से समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। शासन की योजनाओं और सामूहिक प्रयासों के परिणामस्वरूप ग्रामीण और आदिवासी अंचलों की महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के अवसर पर यह स्पष्ट है कि जब महिलाओं को अवसर, संसाधन और प्रोत्साहन मिलता है, तो वे न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। धमतरी जिले की महिलाएं भी इसी आत्मविश्वास और संकल्प के साथ आत्मनिर्भरता की राह पर निरंतर आगे बढ़ रही हैं।
इस वर्ष महिला दिवस की थीम “दान करके लाभ प्राप्त करें” है। इसका संदेश है कि जब हम समाज में सहयोग, समर्थन और अवसर प्रदान करते हैं, तो उसका सकारात्मक लाभ पूरे समाज को मिलता है। आइए, हम सभी मिलकर सहयोग और सहभागिता की भावना के साथ लैंगिक समानता को बढ़ावा दें और महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ें।
चार दशक से शिक्षा की अलख जगा रहीं श्रीमती बी.मैथ्यू
विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को संवारना ही मानती हैं अपना सबसे बड़ा पुरस्कार
धमतरी, 7 मार्च 2026
भारतीय संस्कृति में नारी को सदैव शक्ति, ज्ञान और करुणा का प्रतीक माना गया है। परिवार, समाज और राष्ट्र के निर्माण में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। आज महिलाएं शिक्षा, विज्ञान, राजनीति, प्रशासन, खेल और सामाजिक सेवा जैसे अनेक क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। प्रतिवर्ष 8 मार्च को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं के योगदान, उनके अधिकारों और उनके सशक्तिकरण को सम्मान देने का महत्वपूर्ण अवसर होता है।
इसी कड़ी में धमतरी जिले की एक प्रेरणादायक शिक्षिका श्रीमती बी. मैथ्यू शिक्षा के क्षेत्र में समर्पण और सेवा का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं। वर्तमान में वे शासकीय शिव सिंह वर्मा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धमतरी में पदस्थ हैं और लगभग चार दशकों से शिक्षा की अलख जगाकर विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने का कार्य कर रही हैं। उनके मार्गदर्शन में पढ़े अनेक विद्यार्थी आज विभिन्न क्षेत्रों में सफलता प्राप्त कर समाज में अपनी पहचान बना रहे हैं। कोई प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर प्रशासनिक सेवाओं की ओर बढ़ रहा है, तो कई विद्यार्थी इंजीनियर, डॉक्टर और शिक्षक बनकर देश के विकास में योगदान दे रहे हैं।
श्रीमती बी. मैथ्यू बताती हैं कि उन्होंने वर्ष 1989 में माध्यमिक शाला धमतरी में व्याख्याता (गणित) के रूप में अपने शैक्षणिक जीवन की शुरुआत की थी। इससे पहले उन्होंने शासकीय एटीआईएस रिसर्च सेंटर में जूनियर साइंटिस्ट के रूप में भी कार्य किया था। हालांकि उनके भीतर समाज के लिए कुछ सार्थक करने की तीव्र इच्छा थी। यही कारण रहा कि उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र को अपना जीवन उद्देश्य बनाया। मिनी पीएससी की तैयारी कर उन्होंने व्याख्याता के पद पर चयन प्राप्त किया और तभी से वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ विद्यार्थियों को शिक्षित करने में लगी हुई हैं।
श्रीमती मैथ्यू का मानना है कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और जीवन मूल्यों को विकसित करने का माध्यम भी है। वे विद्यार्थियों को गणित जैसे विषय को सरल और रोचक तरीके से समझाने के साथ-साथ अनुशासन, परिश्रम और आत्मविश्वास का महत्व भी सिखाती हैं। उनके पढ़ाने का तरीका इतना प्रेरणादायी है कि विद्यार्थी पढ़ाई के प्रति स्वाभाविक रूप से रुचि लेने लगते हैं।
वे कहती हैं कि बच्चों को पढ़ाना उनके लिए केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि समाज के भविष्य को संवारने की जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों की जिज्ञासा, उनकी मेहनत और सफलता उन्हें लगातार बेहतर करने की प्रेरणा देती है। जब उनके पढ़ाए विद्यार्थी जीवन में आगे बढ़ते हैं और समाज में अच्छा कार्य करते हैं, तो वही उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि और संतोष का कारण बनता है।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर श्रीमती बी. मैथ्यू का संदेश है कि यदि महिलाओं को शिक्षा, अवसर और परिवार का सहयोग मिले तो वे हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं। वे मानती हैं कि समाज की प्रगति में महिलाओं की भागीदारी जितनी मजबूत होगी, देश उतनी ही तेजी से आगे बढ़ेगा।
श्रीमती बी. मैथ्यू का चार दशकों का शिक्षण अनुभव, उनका समर्पण और विद्यार्थियों के प्रति उनका स्नेह आज धमतरी जिले के लिए प्रेरणा का स्रोत है। वे न केवल एक आदर्श शिक्षिका हैं, बल्कि नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक बनकर शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव की ज्योति प्रज्ज्वलित कर रही हैं।
कुकरैल में नवनिर्मित तहसील भवन का कलेक्टर ने किया निरीक्षण, मूलभूत सुविधाएं शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश
धमतरी, 27 फरवरी 2026
जिले के कुकरैल में नव निर्मित तहसील कार्यालय भवन का आज कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने तहसील से लाभान्वित होने वाले गांवों की विस्तृत जानकारी अधिकारियों से ली तथा नागरिकों को बेहतर और सुगम राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
कलेक्टर ने भवन में शेष कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश देते हुए विशेष रूप से विद्युतीकरण, बाउंड्रीवाल निर्माण एवं पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि सभी आवश्यक कार्य समय-सीमा में पूर्ण कर भवन को जल्द से जल्द हैंडओवर किया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को तहसील कार्यालय की सुविधाएं शीघ्र मिल सकें।
उन्होंने कहा कि नवीन तहसील कार्यालय शुरू होने से ग्रामीणों को राजस्व संबंधी कार्यों के लिए दूरस्थ स्थानों पर नहीं जाना पड़ेगा और समय व संसाधनों की बचत होगी।
इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री गजेंद्र सिंह ठाकुर, कार्यपालन अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग श्री राठौर, एसडीएम नगरी श्री मनोज मरकाम, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री विमल साहू, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती जगरानी एक्का सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त बैठक सम्पन्न
कुपोषण दर 8.23 प्रतिशत, समन्वित कार्ययोजना के साथ लक्षित कार्रवाई के निर्देश
धमतरी, 27 फरवरी 2026
महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक दिनांक 24 फरवरी 2026 को जिला पंचायत सभाकक्ष में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत श्री गजेंद्र ठाकुर ने की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में यूनिसेफ के अधिकारियों की उपस्थिति रही। मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग की चिरायु टीम को निर्देशित किया कि सैम (Severe Acute Malnutrition½ एवं मैम ¼Moderate Acute Malnutrition½ बच्चों की स्क्रीनिंग के बाद तत्काल उपचार सुनिश्चित किया जाए। आरबीएसके टीम द्वारा चिन्हित एनीमिक बच्चों का नियमित फॉलोअप किया जाए तथा सुपरवाइजर की उपस्थिति में दवा सेवन कराया जाए।
श्री ठाकुर ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के आंकड़ों में कुपोषित बच्चों और गर्भवती महिलाओं की संख्या में किसी प्रकार का अंतर नहीं होना चाहिए। अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई कि जिले में वर्तमान कुपोषण दर 8.23 प्रतिशत है।
सीईओ जिला पंचायत श्री गजेन्द्र ठाकुर ने बैठक में समस्त सीडीपीओ एवं विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि विकासखण्ड स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में समन्वय बैठक आयोजित कर संयुक्त कार्ययोजना तैयार करें तथा नवाचार आधारित गतिविधियों के माध्यम से कुपोषण उन्मूलन की दिशा में प्रभावी पहल करें।
यूनिसेफ की प्रभारी अधिकारी सुश्री नामिता पाण्डेय ने जीवन चक्र आधारित समेकित पोषण रणनीति की जानकारी देते हुए बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं मितानिन संयुक्त रूप से गृहभेंट कर हितग्राहियों को परामर्श दें।
उन्होंने किशोर बालिकाओं में एनीमिया की पहचान, नवविवाहित दंपत्तियों का सूचीकरण, सुरक्षित मातृत्व, हाईरिस्क गर्भावस्था की पहचान, शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव, जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान, प्रसव पश्चात मातृ देखभाल, छह माह तक अनन्य स्तनपान, छह माह से तीन वर्ष तक पूरक आहार की नियमित निगरानी तथा तीन से छह वर्ष तक के बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा एवं विकासात्मक गतिविधियों पर संयुक्त रूप से कार्य करने पर जोर दिया।
बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी, समस्त परियोजना अधिकारी एवं पर्यवेक्षक उपस्थित रहे। जिला प्रशासन ने कुपोषण मुक्त धमतरी के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु समन्वित एवं परिणामोन्मुख कार्यवाही सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
असुरक्षित घोषित टाटा संपन्न फाइन बेसन के विक्रय, वितरण एवं भंडारण पर धमतरी जिले में तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध
धमतरी, 27 फरवरी 2026
खाद्य सुरक्षा के प्रति सतर्कता बरतते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा असुरक्षित पाए गए खाद्य उत्पाद पर त्वरित कार्रवाई की गई है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी, खाद्य एवं औषधि प्रशासन जिला महासमुंद (छत्तीसगढ़) द्वारा टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड, बिशप लेफाय रोड, कोलकाता (पश्चिम बंगाल) द्वारा विनिर्मित “टाटा संपन्न फाइन बेसन” का खाद्य नमूना गुणवत्ता परीक्षण हेतु संकलित किया गया था।
उक्त नमूना (पैक साइज 500 ग्राम), बैच क्रमांक GV5H0844D1, पैकिंग तिथि 08.08.2025 एवं अवसान तिथि 07.03.2026 को परीक्षण उपरांत कैली लैब प्रा.लि., भोपाल (मध्यप्रदेश) की जांच रिपोर्ट दिनांक 27.01.2026 के माध्यम से “असुरक्षित” घोषित किया गया है।प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विनिर्माता फर्म को उत्पाद रिकॉल (त्मबंसस) हेतु आयुक्त, खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा पूर्व में ही पत्र प्रेषित किया जा चुका है, ताकि बाजार में उपलब्ध संबंधित बैच के उत्पाद को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जा सके।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 36 (3) (ख) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए अभिहित अधिकारी, खाद्य एवं औषधि प्रशासन जिला धमतरी श्री सर्वेश कुमार यादव द्वारा आदेश जारी कर उक्त खाद्य पदार्थ “टाटा संपन्न फाइन बेसन” (बैच नं. ळट5भ्0844क्1) के विक्रय, वितरण एवं भंडारण को धमतरी जिले की समस्त सीमाओं में तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
जिला प्रशासन ने समस्त थोक एवं फुटकर विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि वे संबंधित बैच के उत्पाद का विक्रय तत्काल बंद कर उपलब्ध स्टॉक को पृथक सुरक्षित रखें तथा विभागीय अधिकारियों को इसकी सूचना दें। आदेश का उल्लंघन पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अंतर्गत विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि यदि उनके पास उक्त बैच क्रमांक का उत्पाद उपलब्ध हो तो उसका उपयोग न करें तथा निकटतम खाद्य सुरक्षा अधिकारी अथवा खाद्य एवं औषधि प्रशासन कार्यालय में जानकारी प्रदान करें।खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा जिले में सतत निरीक्षण एवं सघन जांच अभियान जारी रखा जाएगा, जिससे आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराए जा सकें।
गट्टासिल्ली में महिला स्व-सहायता समूह की दोना-पत्तल एवं वाशिंग पाउडर इकाई का कलेक्टर ने किया निरीक्षण
एफपीओ को उपलब्ध कराई जाएगी नई पैकेजिंग मशीन, महिलाओं की आत्मनिर्भरता को मिलेगा प्रोत्साहन
बच्चों को “लइका घर” भेजने की समझाइश दी,कहा कि इससे बच्चों को बेहतर पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं एवं प्रारंभिक शिक्षा की सुविधा प्राप्त होगी
धमतरी, 27 फरवरी 2026
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने आज नगरी विकासखंड के ग्राम गट्टासिल्ली का दौरा कर जय मां लक्ष्मी महिला स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित दोना-पत्तल एवं वाशिंग पाउडर निर्माण इकाई का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने उत्पादन प्रक्रिया, कच्चे माल की उपलब्धता, विपणन व्यवस्था तथा समूह की आय-व्यय की विस्तृत जानकारी ली।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने दोना-पत्तल निर्माण में उपयोग किए जाने वाले पत्तों के संग्रहण, मशीनों की कार्यप्रणाली तथा तैयार उत्पाद की स्थानीय बाजारों में खपत की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने महिलाओं से संवाद कर यह भी जाना कि समूह से जुड़कर उनकी मासिक आय में किस प्रकार वृद्धि हुई है। समूह की अध्यक्ष श्रीमती शिवरात्रि विश्वकर्मा ने बताया कि दोना-पत्तल निर्माण हेतु आसपास के गांवों से पत्ते एकत्रित किए जाते हैं तथा तैयार उत्पाद को ग्राम स्तर और समीपस्थ बाजारों में विक्रय किया जाता है।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने वाशिंग पाउडर निर्माण इकाई का अवलोकन करते हुए उत्पादन लागत, कच्चे माल की आपूर्ति, पैकेजिंग एवं विपणन तंत्र की जानकारी ली। समूह द्वारा बताया गया कि कच्चा माल रायपुर से मंगाया जाता है और तैयार उत्पाद को आकर्षक पैकेजिंग के साथ स्थानीय दुकानों में उपलब्ध कराया जाता है, जिससे महिलाओं को नियमित आय प्राप्त हो रही है। कलेक्टर ने महिलाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे लघु उद्यम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के साथ-साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
इसके पश्चात कलेक्टर मिश्रा ने गट्टासिल्ली स्थित एफपीओ सेंटर का निरीक्षण किया। प्रबंधन समिति द्वारा अवगत कराया गया कि समूह जैविक खेती को बढ़ावा दे रहा है, परंतु वर्तमान पैकेजिंग मशीन सुचारू रूप से कार्य नहीं कर रही है। इस पर कलेक्टर श्री मिश्रा ने समिति को नई पैकेजिंग मशीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, जिससे उत्पादों की गुणवत्ता, ब्रांडिंग और बाजार विस्तार में सहायता मिल सकेगी। उन्होंने एफपीओ को उत्पादों की बेहतर लेबलिंग, एफएसएसएआई पंजीयन (जहां आवश्यक हो) तथा डिजिटल विपणन प्लेटफॉर्म से जुड़ने की दिशा में भी पहल करने की सलाह दी।
कलेक्टर ने उपस्थित महिलाओं को शासन की विभिन्न स्वरोजगार एवं आजीविका संवर्धन योजनाओं से जुड़कर उत्पादन क्षमता बढ़ाने, बैंक लिंकेज मजबूत करने तथा समूह आधारित उद्यमों का विस्तार करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि समूहों को क्लस्टर आधारित मॉडल अपनाकर बड़े बाजारों तक पहुंच बनानी चाहिए, जिससे आय में और अधिक वृद्धि संभव हो सके।
इस दौरान कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने महिलाओं को अपने बच्चों को “लइका घर” भेजने की समझाइश देते हुए कहा कि इससे बच्चों को बेहतर पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं एवं प्रारंभिक शिक्षा की सुविधा प्राप्त होगी, जो उनके सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है।
निरीक्षण अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री गजेंद्र सिंह ठाकुर, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग श्री विमल साहू, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती जगरानी एक्का, एसडीएम नगरी श्री मनोज मरकाम, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत नगरी श्री रोहित बोरझा सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।