छत्तीसगढ़ / मनेन्द्रगढ़ – चिरिमिरी – भरतपुर

किसान शेषमन ने सिंगहत उपार्जन केंद्र में 166 क्विंटल धान का किया सफल विक्रय

 पारदर्शी, सुगम और समयबद्ध रही पूरी प्रक्रिया

एमसीबी/28 जनवरी 2026

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में लागू की गई तकनीक आधारित डिजिटल धान खरीदी व्यवस्था आज किसानों के भरोसे का मजबूत आधार बन चुकी है। यह व्यवस्था जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी, पारदर्शी और भरोसेमंद है, इसका सशक्त उदाहरण ग्राम ठग्गांव निवासी किसान शेषमन के अनुभव से स्पष्ट रूप से सामने आता है।
किसान शेषमन ने सिंघत उपार्जन केंद्र में कुल 166 क्विंटल धान का सफलतापूर्वक विक्रय किया। शासन द्वारा निर्धारित ₹3100 प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य के अंतर्गत उन्हें अपनी संपूर्ण उपज का उचित एवं लाभकारी मूल्य प्राप्त हुआ। धान विक्रय की पूरी प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और पूर्णतः समयबद्ध रही, जिससे किसान को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा धान विक्रय हेतु किसान शेषमन का टोकन ऑफलाइन माध्यम से जारी किया गया था। इसके बावजूद उपार्जन केंद्र में सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित रहीं। यह इस बात का प्रमाण है कि डिजिटल प्रणाली के साथ-साथ उन किसानों के लिए भी प्रभावी वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, जो ऑनलाइन प्रक्रियाओं से पूर्णतः सहज नहीं हैं।
उपार्जन केंद्र में किसानों के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था, पेयजल सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं। डिजिटल कांटे से सटीक तौल, सुव्यवस्थित भुगतान प्रक्रिया तथा भीड़-भाड़ से मुक्त वातावरण ने पूरी व्यवस्था को अत्यंत भरोसेमंद और किसान-हितैषी बनाया। अपने अनुभव साझा करते हुए किसान शेषमन ने बताया कि पूर्व वर्षों में धान विक्रय के दौरान अनिश्चितता और भुगतान में देरी आम समस्या थी, किंतु इस वर्ष लागू की गई तकनीक आधारित डिजिटल व्यवस्था से उन्हें मानसिक और आर्थिक दोनों स्तरों पर राहत मिली है। छत्तीसगढ़ शासन की डिजिटल धान खरीदी प्रणाली आज पारदर्शिता, विश्वास और सुशासन का सशक्त उदाहरण बनकर उभर रही है, जो किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव का प्रभावी माध्यम सिद्ध हो रही है।

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