बालोद। शासकीय घनश्याम सिंह गुप्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बालोद के रोवर-रेंजर एवं यूनिट लीडर इन दिनों युवा आपदा मित्र योजना के अंतर्गत आयोजित विशेष प्रशिक्षण शिविर में सक्रिय सहभागिता निभा रहे हैं। इस प्रशिक्षण शिविर में एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ के अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन से जुड़ी महत्वपूर्ण एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की जा रही है।
शिविर के दौरान विशेष रूप से जल सुरक्षा एवं बचाव पर गहन प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों को तैराकी सिखाई गई, जिससे वे आपातकालीन परिस्थितियों में स्वयं को सुरक्षित रखने के साथ-साथ अन्य लोगों की सहायता करने में सक्षम बन सकें। इसके साथ ही, पानी में रेस्क्यू की व्यावहारिक तकनीकों का अभ्यास कराया गया, जिसमें— डूबते व्यक्ति को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालना। बिना स्वयं को जोखिम में डाले सहायता प्रदान करना। रेस्क्यू के दौरान उपयोग होने वाली तकनीकों का सही प्रयोग।
जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को विस्तार से समझाया गया। साथ ही प्रशिक्षण के दौरान सुरक्षा संबंधी आवश्यक सावधानियां भी सिखाई गईं प्रशिक्षकों ने जल दुर्घटनाओं से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियों पर भी विशेष जोर दिया, जैसे— बिना प्रशिक्षण के गहरे पानी में न जाना। अकेले तैराकी न करना। लाइफ जैकेट जैसे सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करना। घबराहट की स्थिति में शांत रहकर निर्णय लेना।
विशेष रूप से प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण शिविर में प्रतिभागियों को प्राथमिक उपचार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी दी गई। चोट लगने की स्थिति में हाथ, पैर एवं मस्तक पर सही तरीके से पट्टी बांधने की कला सिखाई गई, सीपीआर कैसे देना है जब किसी को हार्ट अटैकआ जाए ताकि दुर्घटना के समय तत्काल सहायता प्रदान की जा सके। अग्नि जनितघटनाओं में कैसे सुरक्षित लोगो कि जान बचाये जा सकते है अभ्यास कराया जा रहा है।
इस उत्कृष्ट गतिविधि हेतु महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जेके खलखो ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं। उन्होंने कहा कि “आपदा प्रबंधन का यह प्रशिक्षण न केवल विद्यार्थियों के ज्ञान में वृद्धि करता है, बल्कि उनमें सेवा भावना और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता भी विकसित करता है।”
वहीं रोवर-रेंजर प्रभारी प्रो. डॉ. आरडी साहू ने भी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि “इस प्रकार के प्रशिक्षण से युवाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता एवं सामाजिक जिम्मेदारी की भावना का विकास होता है। भविष्य में ये प्रशिक्षित युवा आपदा के समय समाज के लिए महत्वपूर्ण सहयोगी सिद्ध होंगे।” यह प्रशिक्षण शिविर न केवल विद्यार्थियों को आपदा से निपटने के लिए सक्षम बना रहा है, बल्कि उन्हें समाज के प्रति सजग, जिम्मेदार एवं सेवा भावी नागरिक बनने की दिशा में भी प्रेरित कर रहा है। शिविर में महाविद्यालय बालोद से यूनिट लीडर प्रोफेसर रीतू पिसदा एवं 17 रोवर रेंजर की सक्रिय भागीदारी है। इस आपदा मित्र कार्यक्रम में सम्मिलित होने और अपनी सहभागिता देने हेतु भारत स्काउट गाइड बालोद जिला डीओसी श्रीमती प्रेमलता चंद्राकर एवं नेमसिंह साहू का मार्गदर्शन रहा एवं महाविद्यालय के समस्त स्टाफ ने सभी शुभकामनाएं प्रेषित की है।