छत्तीसगढ़ / बालोद

सपनों की नई उड़ान: आरटीई ने बदली नन्हीं भाविका और उसके परिवार की दुनिया

 बालोद। अगर इरादे मजबूत हों और अवसर मिल जाए, तो अभाव के बीच भी खुशियों के फूल खिल सकते हैं। कुछ ऐसी ही कहानी है ग्राम सिरपुर की रहने वाली नन्हीं भाविका राणा की, जिसका चयन 'शिक्षा का अधिकार' (आरटीई) के अंतर्गत हुआ है। यह महज एक स्कूल में दाखिला नहीं है, बल्कि एक पूरे परिवार के बेहतर भविष्य की ओर बढ़ता कदम है।


भाविका का परिवार एक साधारण ग्रामीण परिवेश से आता है। परिवार में माता-पिता सहित कुल 6 सदस्य हैं। घर की आर्थिक स्थिति का आधार पिता नरेश कुमार की कड़ी मेहनत है, जो किसानी और मिस्त्री का काम करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनके पास मात्र 1.50 एकड़ कृषि भूमि है, जिससे गुजर-बसर करना चुनौतीपूर्ण होता है। माता भी अपने स्तर पर मेहनत-मजदूरी कर पिता का हाथ बंटाती हैं।

भाविका के चयन की खबर जैसे ही घर पहुँची, पूरे परिवार में उत्सव जैसा माहौल हो गया। भाविका की खुशी का तो ठिकाना ही नहीं है। वह बड़े उत्साह से सबको बता रही है कि "अब मैं डौण्डीलोहारा पढ़ने जाऊंगी।" उसकी आँखों की चमक यह बताने के लिए काफी है कि वह नए माहौल में जाने और कुछ नया सीखने के लिए कितनी आतुर है।

माता चित्रलेखा और पिता नरेश कुमार का हमेशा से यह सपना था कि उनकी बेटी भी शहर के अच्छे माहौल में शिक्षा प्राप्त करे। वे कहते हैं, हम चाहते थे कि हमारी बच्ची भी ग्रामीण परिवेश की सीमाओं से बाहर निकले और अन्य बच्चों की तरह शहर जाकर पढ़ाई करे। हमें खुशी है कि आरटीई के जरिए उसे वह माहौल मिलेगा जिससे वह पढ़ाई और अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ सके।"

यहाँ न केवल नन्हीं भाविका के सपनों को 'शिक्षा का अधिकार' (आरटीई) के तहत पंख मिले हैं, बल्कि परिवार को बुनियादी सुविधाओं और आर्थिक संबल की सुरक्षा भी मिली है। उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अपना 'पक्का घर' मिला है। अब परिवार कच्चे मकान की चिंताओं से मुक्त होकर एक सुरक्षित छत के नीचे रहता है। इतना ही नहीं, महिला सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना का लाभ भी भाविका की माता को मिल रहा है। हर महीने सीधे बैंक खाते में आने वाली सहायता राशि ने परिवार की छोटी-बड़ी जरूरतों और बेटी की पढ़ाई के खर्चों में बड़ी राहत प्रदान की है। 

 भाविका के पिता नरेश राणा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास से हमें सिर छिपाने को पक्की छत मिली, महतारी वंदन से आर्थिक मजबूती आई और अब आरटीई के माध्यम से हमारी बेटी का भविष्य सुरक्षित हो रहा है। हम मुख्यमंत्री जी के बहुत आभारी हैं कि उनकी योजनाओं से हम जैसे गरीब परिवारों का जीवन आसान हो रहा है।

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