छत्तीसगढ़ / मुंगेली

इस जगत में भगवत कृपा के बिना कुछ भी संभव नहीं है - आचार्य हेमन्त शुक्ला

 नवदिवसीय श्रीमद भागवत कथा का हुआ समापन


लोरमी - लोरमी के ग्राम रेहुटा में साहू परिवार द्वारा स्व भरत लाल साहू व स्व.  कुमारी बाई की स्मृति में नवदिवसीय श्रीमद भागवत कथा का आयोजन किया गया इसमें प्रतिदिन कथा वाचक आचार्य हेमंत शुक्ला के द्वारा कथा श्रवण कराया गया प्रतिदिन संगीतमय श्रीमद भाववत कथा किया जा रहा कथा व्यास के द्वारा राजा परीक्षित, सृष्टि वर्णन, वराहावतार, सती चरित्र, शिव पार्वती विवाह, ध्रुव, प्रह्लाद चरित्र, वामन अवतार, श्रीराम जन्म, श्री कृष्ण जन्मोत्सव के साथ श्री कृष्ण लीला, वृंदावन लीला, कंश वध, श्री कृष्ण रूखमणी विवाह का संगीतमय चरित्र के साथ बताया गया। आचार्य हेमंत शुक्ला द्वारा कथा में सुदामा चरित्र, द्वारिका लीला बताये अंतिम दिवस 24 मई को गीता दान, हवन, तुलसी वर्धा, सहस्त्रधारा शोभायात्रा ब्राह्मण भोज के बाद समापन हुआ। कथा व्यास आचार्य हेमंत शुक्ला ने कहा कि भागवत कथा श्रवण मात्र से पाप से मुक्ति मिलती। कहा जिस स्थान पर कथा होती है वहां भगवान विराजमान होते हैं। भगवन नाम के जाप से सारे विपत्ति नाश हो जाते हैं। इस जगत में भगवत कृपा के बिना कुछ भी संभव नहीं है। मनुष्य को समाज में अच्छे काम करना चाहिए। भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है की कर्म ही प्रधान है, बिना कर्म कुछ संभव नहीं होता है, जो मनुष्य अच्छा व सत्कर्म करता है उसे अच्छा फल मिलता है व बुरे कर्म करने वाले को हमेशा बुरा फल मिलता है। कथा के मुख्य यजमान हेमलाल निर्मला साहू, पायल धनेश्वर साहू, सहित गजेंद्र साहू, खिलेश साहू, लक्ष्मण, वेद साहू, केशरदेवी पाठक, सविता पाठक, जितेंद्र पाठक, खुश भट्ट, दिलीप भट्ट, राजू साहू, विक्की साहू, मधु भट्ट, बिहारी राम, मोहन साहू, संतोष यादव, दउवा यादव आदि ने श्रवण किया।

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