छत्तीसगढ़ / सरगुजा

स्वच्छता केवल अभियान नहीं बल्कि सतत प्रक्रिया है, कचरा प्रबंधन को आजीविका से जोड़ना आवश्यक : सीईओ

 अम्बिकापुर । जिला पंचायत सभाकक्ष में आज ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला सह स्वच्छता संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष निरूपा सिंह, उपाध्यक्ष देवनारायण यादव, जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल एवं जिले के समस्त जिला पंचायत सदस्य, विभिन्न जनपद पंचायतों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष सचिव संघ, सरपंच संघ के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, सचिव संघ के प्रतिनिधि सहित जिला एवं जनपद स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा विभिन्न तिथियों को जारी अपीलों के अनुपालन में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना था। कार्यशाला में कचरे के स्रोत पर पृथक्करण, ठोस एवं प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, यूजर्स चार्ज व्यवस्था, बल्क वेस्ट जनरेटर (BWG) पर नियंत्रण तथा कचरे से आय अर्जन के व्यावहारिक उपायों पर विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल ने कहा कि स्वच्छता केवल एक सरकारी अभियान नहीं बल्कि समाज की सतत जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि गांवों एवं नगरीय क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को वैज्ञानिक तरीके से लागू करना वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। उन्होंने विभिन्न प्रकार के कचरे की पहचान, पृथक संग्रहण, प्रसंस्करण तथा पुनर्चक्रण की प्रक्रियाओं की जानकारी देते हुए बताया कि कचरे का सही प्रबंधन कर पंचायतें आर्थिक लाभ भी अर्जित कर सकती हैं।

सीईओ अग्रवाल ने कहा कि सरकार का विशेष फोकस स्वच्छता पर है और अब समय आ गया है कि ग्राम पंचायत स्तर पर बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से अपील करते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों को स्वच्छता के प्रति सशक्त बनाते हुए लोगों में जागरूकता लाने की आवश्यकता है। उन्होंने पंचायत स्तर पर नियमित वेस्ट कलेक्शन व्यवस्था विकसित करने पर बल दिया तथा कहा कि ग्राम पंचायतों का दायित्व है कि वे इस कार्य को गंभीरता से लेते हुए प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने विकास कार्यों को सफल बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों के सहयोग को अत्यंत आवश्यक बताया।

कार्यशाला में मुहिम फाउंडेशन द्वारा गांवों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने की दिशा में विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। प्रस्तुतीकरण में विभिन्न क्षेत्रों में किए गए सफल प्रयासों, व्यवहारिक अनुभवों तथा सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से स्वच्छता अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने संबंधी महत्वपूर्ण बिंदुओं को प्रतिभागियों के समक्ष साझा किया गया।

इस अवसर पर उप संचालक पंचायत सरगुजा द्वारा पंचायत सूचकांक एवं 16वें वित्त आयोग योजना को गुणवत्तापूर्ण बनाने के संबंध में विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। उन्होंने पंचायत स्तर पर योजनाओं के बेहतर संचालन, संसाधनों के समुचित उपयोग, गुणवत्ता आधारित कार्यों तथा सतत निगरानी व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष निरूपा सिंह एवं उपाध्यक्ष देवनारायण यादव ने कार्यशाला में साझा की गई जानकारियों का जमीनी स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल शासन-प्रशासन का कार्य नहीं बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता से ही संभव है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं ग्रामीणों से मिलकर स्वच्छता के क्षेत्र में निरंतर कार्य करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी प्रतिभागियों से अपने-अपने ग्राम पंचायत क्षेत्रों में स्वच्छता गतिविधियों को प्रभावी ढंग से लागू करने, ठोस एवं प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देने तथा कचरा प्रबंधन को आजीविका से जोड़ने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया। इसके पश्चात  जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा सभी प्रतिभागियों को स्वच्छता शपथ दिलाई गई तथा स्वच्छ एवं स्वस्थ ग्राम निर्माण हेतु सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया गया।

 

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