छत्तीसगढ़ / कबीरधाम

जहां सड़क, वहीं विकास:-वनवासी क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने का सबसे बड़ा अभियान

"उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और विधायक भावना बोहरा के प्रयासों से वनांचल क्षेत्रों तक पहुंच रहा विकास"  - शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और समृद्धि का खुलेगा नया द्वार--

"विकाश शुक्ला"

कवर्धा-- सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं होती, बल्कि किसी भी क्षेत्र के विकास की आधारशिला होती है। जहां सड़क पहुंचती है, वहां शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, व्यापार और शासन की योजनाएं भी पहुंचती हैं। कबीरधाम जिले के कवर्धा और पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में आज कुछ ऐसा ही परिवर्तन देखने को मिल रहा है। केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी सड़क योजनाओं के माध्यम से जिले के दूरस्थ वनांचल, आदिवासी और विशेष संरक्षित जनजातीय क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का ऐतिहासिक कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और पंडरिया विधायक भावना बोहरा के सतत प्रयासों का परिणाम है कि जिले में ग्रामीण सड़क निर्माण को अभूतपूर्व गति मिली है। मिली जानकारी अनुसार विशेष जनजातीय विकास योजना ( जनमन) और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत कुल 124 सड़क परियोजनाओं पर कार्य स्वीकृत किया गया है। इन परियोजनाओं की कुल लंबाई लगभग 378 किलोमीटर है तथा इन पर 303 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। 

यह आंकड़ा केवल निर्माण कार्य का नहीं, बल्कि हजारों ग्रामीण परिवारों के जीवन में आने वाले सकारात्मक बदलाव का संकेत है।

विशेष जनजातीय विकास योजना के अंतर्गत वर्ष 2023-24 तथा वर्ष 2024-25 के विभिन्न चरणों में कुल 76 सड़कें स्वीकृत हुई हैं। इनकी कुल लंबाई 273.60 किलोमीटर तथा स्वीकृत लागत लगभग 198 करोड़ 45 लाख रुपये है। इनमें से 266.15 किलोमीटर लंबाई की सड़कें निर्माणाधीन हैं और अब तक लगभग 94 करोड़ 85 लाख रुपये व्यय किए जा चुके हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 42 सड़कें पूर्ण होकर ग्रामीणों को समर्पित की जा चुकी हैं, जिनकी कुल लंबाई 108.85 किलोमीटर है।

इसके अलावा वर्ष 2025-26 में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत जिले को 48 नई सड़कों की सौगात मिली है। इन सड़कों की कुल लंबाई 104.06 किलोमीटर है तथा इनके लिए 105 करोड़ 17 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। सभी कार्यों का अनुबंध पूर्ण हो चुका है और निर्माण प्रक्रिया प्रारंभिक चरण में आगे बढ़ रही है।

इन सड़कों का सबसे अधिक लाभ उन वनवासी और विशेष संरक्षित जनजातीय समुदायों को मिलेगा जो वर्षों से मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करते रहे हैं। बरसात के दिनों में कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से कट जाता था। मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में घंटों लग जाते थे और कई बार स्थिति गंभीर हो जाती थी। सड़क निर्माण पूर्ण होने के बाद अब एंबुलेंस सेवाएं गांवों तक पहुंच सकेंगी और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा।

शिक्षा के क्षेत्र में भी यह परिवर्तन क्रांतिकारी साबित होगा। दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को स्कूल और कॉलेज पहुंचने के लिए कठिन रास्तों और लंबी पैदल यात्राओं का सामना करना पड़ता था। बेहतर सड़क संपर्क बनने से परिवहन सुविधाएं बढ़ेंगी, विद्यार्थियों की उपस्थिति में सुधार होगा और उच्च शिक्षा तक पहुंच आसान बनेगी। इससे ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों के भविष्य को नई दिशा मिलेगी।

सड़क निर्माण का सीधा प्रभाव स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई देगा। किसान अब अपनी उपज को आसानी से बाजार तक पहुंचा सकेंगे। वन उपज, लघु वनोपज, दुग्ध उत्पादन, सब्जियां और अन्य कृषि उत्पादों का बेहतर मूल्य प्राप्त होगा। परिवहन लागत कम होगी और ग्रामीणों की आय में वृद्धि होगी। इसके साथ ही छोटे व्यवसाय, स्वरोजगार और ग्रामीण उद्यमिता को भी नई गति मिलेगी।

जानकारों का मानना है कि सड़क निर्माण केवल आर्थिक गतिविधियों को नहीं बढ़ाता, बल्कि सामाजिक बदलाव का भी माध्यम बनता है। सड़क पहुंचने से शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव होता है। राशन, पेयजल, विद्युत, बैंकिंग सेवाएं, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य शिविर और सामाजिक सुरक्षा योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंच पाती हैं। यही कारण है कि ग्रामीण विकास में सड़क को सबसे महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना माना जाता है।

कबीरधाम जिले के वनांचल क्षेत्रों में सड़क निर्माण से पर्यटन की संभावनाओं को भी बल मिलेगा। प्राकृतिक सौंदर्य, जनजातीय संस्कृति और वन संपदा से समृद्ध इस क्षेत्र में बेहतर सड़क संपर्क से पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा लगातार ग्रामीण अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता देते हुए कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। वहीं पंडरिया विधायक भावना बोहरा भी क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों को बेहतर सड़क सुविधाओं से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उनके प्रयासों के कारण आज अनेक गांवों में वर्षों पुरानी सड़क निर्माण की मांग पूरी होती दिखाई दे रही है।

वास्तव में ये सड़कें केवल कंक्रीट और डामर की परतें नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण विकास, सामाजिक सशक्तिकरण और आर्थिक समृद्धि की मजबूत राह हैं। आने वाले वर्षों में जब ये सभी परियोजनाएं पूर्ण होंगी, तब कवर्धा और पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के वनवासी, आदिवासी और विशेष संरक्षित समुदायों का जीवन स्तर नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा। सड़कों के इस मजबूत नेटवर्क के साथ कबीरधाम जिला विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है, जहां गांवों तक केवल सड़कें नहीं, बल्कि अवसर, सुविधाएं और समृद्ध भविष्य भी पहुंच रहा है।

 

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