छत्तीसगढ़ / दंतेवाड़ा

01 जुलाई से शुरू होगा खरीफ धान पंजीयन, डिजिटल क्रॉप सर्वे के बिना नहीं होगी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी

 दंतेवाड़ा, 30 जून 2026

खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय के लिए राज्य सरकार ने पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और अधिक पारदर्शी बना दिया है। अब केवल उन्हीं किसानों का धान खरीदा जाएगा, जिनकी फसल का डिजिटल क्रॉप सर्वे पूरा होगा तथा जिनकी भूमि एवं फसल संबंधी जानकारी एग्रीस्टेक पोर्टल में दर्ज होगी। यह नई व्यवस्था 01 जुलाई 2026 से लागू होगी और जिला दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा सहित पूरे प्रदेश के किसानों पर प्रभावी रहेगी।

नई व्यवस्था के तहत किसानों का नया पंजीयन, पंजीयन में संशोधन तथा आवश्यक जानकारी का अद्यतन कार्य 01 जुलाई से 31 अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा। वहीं, डिजिटल क्रॉप सर्वे 15 अगस्त से 31 अक्टूबर 2026 के बीच किया जाएगा। सर्वे के दौरान विभागीय अधिकारी-कर्मचारी खेतों में पहुंचकर फसल की फोटो लेकर जियो टैगिंग करेंगे, जिससे खेत का वास्तविक स्थान और फसल का विवरण डिजिटल रूप से दर्ज किया जा सके। इस वर्ष धान खरीदी का आधार केवल एग्रीस्टेक पोर्टल और डिजिटल क्रॉप सर्वे होगा। पिछले वर्ष तकनीकी कारणों से कुछ मामलों में दी गई छूट इस बार लागू नहीं होगी। बिना डिजिटल क्रॉप सर्वे के समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी नहीं की जाएगी। किसान पंजीयन प्रक्रिया में भी महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब किसानों को कृषि विभाग के एकीकृत किसान पोर्टल पर अलग से जाने की आवश्यकता नहीं होगी। धान विक्रय हेतु नया पंजीयन, संशोधन तथा अन्य आवश्यक जानकारी खाद्य विभाग के ऑनलाइन सोसायटी मॉड्यूल के माध्यम से दर्ज की जाएगी। वर्ष 2025-26 में पंजीकृत किसानों को दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी, लेकिन एग्रीस्टेक पोर्टल पर अपने भूमि एवं फसल संबंधी रिकॉर्ड का अद्यतन कराना अनिवार्य रहेगा। वहीं, नए किसानों को पहले एग्रीस्टेक पोर्टल पर पंजीयन कराना होगा, इसके बाद संबंधित समिति में भूमि, खसरा, बैंक खाता एवं नामिनी संबंधी जानकारी ऑनलाइन सोसायटी मॉड्यूल में दर्ज करानी होगी।

वन अधिकार पट्टा धारकों एवं डूबान क्षेत्र के किसानों को अपने खसरा अथवा कंपार्टमेंट नंबर के साथ भूमि की अक्षांश-देशांतर संबंधी जानकारी उपलब्ध करानी होगी, जिसका विभागीय अधिकारी स्थल पर जाकर सत्यापन करेंगे। इसी प्रकार बटाईदार (अधिया,रेगहा) एवं संस्थागत किसानों के लिए भी एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन अनिवार्य किया गया है। यदि किसी किसान ने पिछले वर्ष के बाद नई भूमि खरीदी है अथवा बंटवारे में भूमि प्राप्त हुई है, तो उसका विवरण भी एग्रीस्टेक पोर्टल एवं ऑनलाइन सोसायटी मॉड्यूल में समय-सीमा के भीतर अपडेट कराना आवश्यक होगा।

जिला खाद्य अधिकारी सुश्री वेणुका धु्रव ने किसानों से अपील करते हुए कहा है कि सभी किसान समय पर अपना पंजीयन एवं आवश्यक संशोधन कराएं तथा एग्रीस्टेक पोर्टल और ऑनलाइन सोसायटी मॉड्यूल में जानकारी अद्यतन कर लें। उन्होंने बताया कि इस वर्ष समर्थन मूल्य पर धान खरीदी पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया के आधार पर होगी, इसलिए निर्धारित समयावधि में सभी औपचारिकताएं पूरी करना आवश्यक है, ताकि धान विक्रय के समय किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

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