छत्तीसगढ़ / दंतेवाड़ा

बस्तर मुन्ने अभियान के आवेदनों का प्राथमिकता से करें शत-प्रतिशत निराकरण-कलेक्टर श्री ध्रुव

 समय-सीमा बैठक में योजनाओं की समीक्षा,फील्ड मॉनिटरिंग और लंबित प्रकरणों के त्वरित निपटारे के दिए निर्देश

दंतेवाड़ा, 01 जुलाई 2026

कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव ने संयुक्त कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में शासन की महत्वाकांक्षी ‘बस्तर मुन्ने (अग्रणी बस्तर)’ अभियान की व्यापक समीक्षा करते हुए सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के तहत प्राप्त प्रत्येक आवेदन का प्राथमिकता के आधार पर शत-प्रतिशत, समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कलेक्टर श्री ध्रुव ने कहा कि बस्तर मुन्ने अभियान बस्तर संभाग के समग्र एवं समावेशी विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आजीविका तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित शिविरों में प्राप्त आवेदनों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी विभागों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने, फील्ड स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग और सतत अनुश्रवण करने के निर्देश दिए, ताकि अभियान के निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जा सके।
इसके अलावा बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त आवेदनों, लंबित राजस्व प्रकरणों, स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाओं सहित विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी लंबित प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण करते हुए शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री की घोषणाओं एवं निर्देशों के पालन, मानवाधिकार आयोग, उच्च न्यायालय एवं उच्चतम न्यायालय से संबंधित लंबित मामलों, व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र (एफआरए), फौती नामांतरण तथा लंबित भूमि आबंटन प्रकरणों की भी विस्तार से समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की प्रगति, देयक भुगतान, जेम पोर्टल पर निविदा सत्यापन, सीपी ग्राम्स, मुख्यमंत्री जनदर्शन, सचिवालय, पीजीएन, ई-समाधान, कलेक्टर जनदर्शन एवं संपर्क से प्राप्त शिकायतों के निराकरण, बाढ़ आपदा की तैयारियों तथा अन्य विभागीय योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके अलावा पर्यटन विकास से जुड़े बारसूर, ढोलकल एवं कुम्हाररास के कार्यों, जिला अस्पताल के अपशिष्ट जल प्रबंधन, शासकीय भवनों की मरम्मत, मिनी स्टेडियम एवं स्पोर्ट्स सिटी में प्रकाश व्यवस्था, पालनार लाइब्रेरी निर्माण, कुआकोंडा में खेल मैदान के लिए स्थल चयन, ई-डिस्ट्रिक्ट 2.0 (सेवा सेतु), हल्बा एवं तेलगा जाति त्रुटि सुधार, रेडी-टू-ईट यूनिट की गुणवत्ता जांच, पंचायतों के ऑडिट, आरजीसीई कार्यक्रम के तहत पंचायत प्रशिक्षण तथा ग्राम क्लस्टर बनाकर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जयंत नाहटा, अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्रे सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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