बिलासपुर। स्मार्ट सिटी के नाम पर करोड़ों रुपये के विकास कार्यों के बावजूद बिलासपुर शहर की तस्वीर में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आ रहा है। हल्की रिमझिम बारिश होते ही शहर के कई प्रमुख इलाकों में जलभराव की स्थिति बन जाती है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शहर की सड़कों का डामरीकरण होने के बावजूद जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को परेशानी होती है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। रोजाना लोग अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत लगातार विकास कार्य तो किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उनकी गुणवत्ता दिखाई नहीं दे रही है। नालियों की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण मामूली बारिश में भी सड़कों पर पानी जमा हो जाता है, जिससे यातायात प्रभावित होता है और लोगों की परेशानियां बढ़ जाती हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद शहर की मूलभूत समस्याओं का समाधान कब होगा। बिलासपुरवासी अब यह जानना चाहते हैं कि उनका शहर वास्तव में स्मार्ट सिटी कब बनेगा और उन्हें गड्ढों व जलभराव की समस्या से कब निजात मिलेगी।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या को लेकर कितने संवेदनशील होते हैं और शहरवासियों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए क्या ठोस कदम उठाते हैं।