छत्तीसगढ़ / कोरिया

जनहितकारी योजनाओं के अभिसरण से होगा ग्रामीण आजीविका संवर्धन-श्रीमती रोक्तिमा

 पंचायत एवं ग्रामीण विकास से पशुपालन, कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य विभाग का अभिसरण

वीबीजीरामजीए बिहान के साथ उद्यानिकी और पशुपालन की दिशा मे बड़ा कदम

कोरिया, 09 जुलाई 2026

कोरिया जिले मे ग्रामीण आजीविका के स्तर में सुधार के लिए विभिन्न विभागों में चल रही जनहितकारी योजनाओं के अभिसरण से महिलाओं को स्थायी रोजगार से जोड़ने की नई पहल आरंभ की गई है। इसका मूल उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्थायी आजीविका से जोड़कर आर्थिक तौर पर मजबूत बनाना होगा। कलेक्टर कोरिया श्रीमती रोक्तिमा यादव ने निर्देश पर वीबीजीरामजी और बिहान से जुड़ी महिलाओं के द्वारा अब नर्सरी, फलोद्यान के साथ ही पशुपालन कार्य किया जाएगा। इससे उनके जीवन में रोजगार की समस्या का निदान होगा और पूरा परिवार एक स्थायी आजीविका से जुड़कर ग्रामीण विकास में सहभागी होगा। प्रथम चरण मे चयनित महिला समूहों से जुड़ी श्रमिक महिलाओं के परिवारों में बकरीपालन, मुर्गीपालन और दुग्ध उत्पादन हेतु पशुपालन को लक्षित किया गया है। साथ ही महिला सीएलएफ के माध्यम से पौध नर्सरी और फलोद्यान तैयारी कार्य लक्षित किया गया है।

जनपदवार लक्ष्य आंबंटित

योजनाओं के अभिसरण से ग्रामीण विकास को नई दिशा देने के लिए प्रथम चरण मे बैकुण्ठपुर जनपद पंचायतए सोनहत जनपद पंचायत और पोड़ी बचरा क्षेत्र को मिलाकर तीन अलग अलग क्लस्टर बनाए गए हैं। तीनों जनपद क्षेत्र में आने वाले ग्राम पंचायतों में 20.20 फलोद्यान तथा नर्सरीए 50.50 बकरी पालन केंद्रए 50.50 मुर्गी पालन केंद्र तथा 50.50 दुधारू पशुपालन शेड स्वीकृत किए जाएंगे। इस प्रकार कोरिया जिले में अभिसरण से प्रथम चरण के तहत 60 नर्सरी, 60 फलोद्यान, 150 बकरी पालन शेड, 150 मुर्गी पालन शेड तथा 150 दुधारू पशुपालन शेड बनाकर महिलाओं को स्थायी आजीविका गतिविधियों से जोड़ने की पहल की जा रही है।
 
महत्वपूर्ण विभागीय योजनाओं का अभिसरण

कोरिया जिले में महिलाओं को स्थायी आजीविका से जोड़ने के लिए पहले उन्हे वीबीजीरामजी योजना के साथ बिहान के अभिसरण से पक्के पशु शेड, बकरी पालन केंद्र तथा मुर्गी पालन केंद्र बनाकर दिए जायेंगे। उसके बाद पशुपालन विभाग के अभिसरण से उन्हे इसे व्यवसायिक तौर पर आरंभ कराया जाएगा। इसी तरह वीबीजीरामजी और बिहान के साथ कृषि, उद्याानिकी और रेशम विभाग के अभिसरण से महिला समूहों को पौध नर्सरी और फलोद्यान विकसित कराए जाएंगे जिससे उन्हे एक निश्चित आय सुनिश्चित हो सकेगी साथ ही अंतर्वर्तीय खेती से महिलाएं सब्जी और व्यवसायिक फसलें लेकर अपनी आजीविका का संवर्धन करेंगी।
 
हितग्राही चयन से कार्य तक समय सीमा तय

इस संबंध में जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने बताया कि कलेक्टर कोरिया श्रीमती रोक्तिमा यादव के निर्देशानुसार वीबीजीरामजी तथा बिहान से जुड़े हितग्राहियों को स्थायी आजीविका गतिविधियों में जोड़ने के लिए जनपदवार लक्ष्य आबंटित कर समय सीमा निर्धारित की गई है। जिले में बनी सभी आजीविका डबरियों में मछली पालन के प्रस्ताव के साथ ही आगामी दस दिवस के भीतर जनपदो से सभी कार्य प्रस्ताव लेकर स्वीकृत कर दिए जाएंगे। साथ ही भौतिक क्रियान्वयन आरंभ कर दिया जाएगा।
 
आजीविका में बदलाव की पहल

कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने कहा कि वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों मे महिलाओं के पास स्थायी रोजगार के अवसर उपलब्ध ना होने से वह अकुशल श्रम के लिए प्रयास करती हैं। इसे दूर करने के लिए विभागीय योजनाओं के अभिसरण से चयनित आजीविका गतिविधियों को क्रियान्वित किया जाएगा। महिलाएं अपने खेतों में फलोद्यान तैयार करेंगी, बकरी और मुर्गी का पालन करेंगी तथा गौ पालन से निरंतर आय का एक स्रोत बनेगा जिससे उनकी पारिवारिक स्थिति में बदलाव आ सकेगा।

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