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यशवंती सिंह की अध्यक्षता में सामान्य सभा की बैठक सम्पन्नरू जिले के समग्र विकास, जल संरक्षण और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

 एमसीबी/11 जुलाई 2026

जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह की अध्यक्षता में अमृतधारा डीपीआरसी भवन में सामान्य सभा की बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अंकिता सोम, जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजेश साहू, जिला पंचायत सदस्य उजीत नारायण, अनीता चौधरी, अनीता सिंह, रामजीत लकड़ा, सुखमंती सिंह, प्रिया सिंह, बेलाकुंवर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक में सर्वप्रथम विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (टठ-ळ-त्।ड-ळ) के अंतर्गत संचालित “मोर गांव मोर पानी” अभियान की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में अब तक 350 आजीविका डबरियों तथा 150 से अधिक सामुदायिक तालाबों का निर्माण, गहरीकरण एवं विकास किया जा चुका है। इन कार्यों से वर्षा जल संचयन, भू-जल संवर्धन तथा सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा। साथ ही योजना के अंतर्गत श्रमिकों को 125 दिनों के रोजगार की गारंटी, प्रतिदिन 300 रुपये मजदूरी तथा 15 दिनों के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि आजीविका डबरियों के माध्यम से भविष्य में मत्स्य पालन, सब्जी उत्पादन, उद्यानिकी एवं पशुपालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे ग्रामीणों की आय में वृद्धि होगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। वहीं सामुदायिक तालाबों से सिंचाई, पशुओं के लिए पेयजल एवं गर्मी के मौसम में जल संकट से राहत मिलेगी।
बैठक में 1 अप्रैल 2026 से लागू ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विस्तार से चर्चा की गई। माननीय सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप ग्राम पंचायतों को अक्टूबर 2026 से पूर्व सभी प्रावधानों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रशिक्षण के माध्यम से डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, गीले, सूखे, सैनिटरी एवं जोखिमपूर्ण कचरे का पृथक संग्रहण, स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण, खुले में कचरा फेंकने एवं जलाने पर प्रतिबंध, बल्क वेस्ट जनरेटर का पंजीयन तथा नियमों के उल्लंघन पर दंडात्मक कार्रवाई की जानकारी दी गई। साथ ही दीवार लेखन, चौपाल, रैली एवं अन्य आईईसी गतिविधियों के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित करने पर भी बल दिया गया।
सामान्य सभा में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), टठ-ळ-त्।ड-ळ, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) एवं जल संरक्षण कार्यों, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की जल जीवन मिशन, महिला एवं बाल विकास विभाग की महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एवं पोषण अभियान, कृषि विभाग की किसान हितैषी योजनाओं, उद्यानिकी विभाग की बागवानी एवं पौधरोपण कार्यक्रम, वन विभाग के वन महोत्सव एवं “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान, स्वास्थ्य विभाग की आयुष्मान भारत योजना, टीकाकरण एवं स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा विभाग की गुणवत्ता सुधार गतिविधियों तथा राजस्व विभाग के लंबित प्रकरणों की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी विभाग बेहतर समन्वय के साथ कार्य करते हुए शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाना सुनिश्चित करें। साथ ही विकास कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता, समयबद्धता तथा लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह ने कहा कि शासन की प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सभी विभागों की सर्वाेच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से नियमित मॉनिटरिंग, जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय तथा विकास कार्यों में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण, स्वच्छता, रोजगार सृजन और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले के विकास को नई गति मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन आएगा।

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