छत्तीसगढ़ / सुकमा

शासकीय कार्यों में लापरवाही पर 5 पंचायत सचिवों को नोटिस, 1 सचिव जिला पंचायत संलग्न

 रायपुर

।सुकमा जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनहित के कार्यों को गति देने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सख्त रुख अपनाए हुए है। इसी सिलसिले में जनपद पंचायत कोंटा में बुधवार को आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर श्री अमित कुमार ने विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुन्द ठाकुर भी विशेष रूप से उपस्थित थे। बैठक के दौरान जब विभिन्न ग्राम पंचायतों में संचालित बुनियादी और फ्लैगशिप योजनाओं के प्रगति प्रतिवेदन सामने आए, तो लक्ष्य के अनुरूप परिणाम न मिलने पर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि अंदरूनी क्षेत्रों के विकास में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

आधिकारिक समीक्षा के दौरान पदीय दायित्वों के प्रति घोर उदासीनता बरतने वाले कर्मचारियों पर तत्काल प्रशासनिक गाज गिरी है। कलेक्टर के निर्देश पर शासकीय कार्यों में अपेक्षित प्रगति न लाने और समीक्षा बैठक में अनुपस्थित रहने वाले 5 ग्राम पंचायत सचिवों को श्कारण बताओ सूचना पत्रश् जारी किया गया है।

    आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार, इन ग्राम पंचायतों में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) तथा मनरेगा जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजनाओं के निर्माण कार्यों में 6 माह व्यतीत हो जाने के उपरांत भी अपेक्षित प्रगति नहीं पाई गई। उच्चाधिकारियों द्वारा समय-समय पर दिए गए निर्देशों की अवहेलना और शासकीय कार्यों में यह शिथिलता छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (आचरण) नियम 1998 के नियम 03 (1)(एक)(दो) का स्पष्ट उल्लंघन है। इसके अतिरिक्त, व्यवस्था में त्वरित सुधार लाने और कार्यों को गति देने के उद्देश्य से 1 पंचायत सचिव को तत्काल प्रभाव से जिला पंचायत में संलग्न कर दिया गया है।

   समीक्षा बैठक के अंतिम सत्र में कलेक्टर श्री अमित कुमार ने मैदानी अमले, निर्माण एजेंसियों और तकनीकी सहायकों को अंतिम चेतावनी देते हुए “मिशन मोड“ में दायित्वों को पूरा करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने रेखांकित किया कि वर्षा ऋतु के दौरान आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों का समाधान आपसी समन्वय से निकाला जाए, न कि उसे काम रोकने का बहाना बनाया जाए। जिला पंचायत सीईओ श्री मुकुन्द ठाकुर ने भी दो टूक कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। प्रशासन की इस त्वरित व दंडात्मक कार्रवाई से पूरे जिले के प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है, वहीं दूरस्थ क्षेत्रों की जनता में यह विश्वास सुदृढ़ हुआ है कि प्रशासन उनकी बुनियादी सुविधाओं को लेकर पूरी तरह सजग और गंभीर है।

 

 

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