छत्तीसगढ़ / जशपुर

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जुड़ें किसान, 31 जुलाई तक अवश्य कराएं फसलों का बीमा

 जशपुरनगर । प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ वर्ष 2026-27 में जिले के अधिक से अधिक किसानों को फसल बीमा का सुरक्षा कवच प्रदान करने के लिए कृषि विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उप संचालक कृषि ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करते हुए 31 जुलाई 2026 तक अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा अनिवार्य रूप से करा लें, ताकि प्राकृतिक आपदाओं एवं प्रतिकूल मौसम से फसल को नुकसान होने की स्थिति में योजना के प्रावधानों के अनुसार आर्थिक सुरक्षा प्राप्त हो सके। 

खरीफ वर्ष 2026-27 में पात्र किसानों, विशेषकर अऋणी कृषकों को अधिक से अधिक संख्या में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के दायरे में लाने के लिए ग्राम एवं ग्राम पंचायत स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इसके लिए कृषि विभाग के मैदानी अधिकारियों के साथ ही बीटीएम, एटीएम एवं कृषक मित्रों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिले के प्रत्येक मैदानी अधिकारी, बीटीएम, एटीएम एवं कृषक मित्र को 50-50 हेक्टेयर अऋणी किसानों को फसल बीमा से जोड़ने का लक्ष्य दिया गया है। इसका उद्देश्य ऐसे किसानों तक योजना की जानकारी पहुंचाना है, जो ऋणी नहीं हैं, लेकिन अपनी अधिसूचित फसलों को प्राकृतिक एवं मौसमी जोखिमों से सुरक्षित करने के लिए बीमा कराना चाहते हैं।

जिले में 6050 हेक्टेयर क्षेत्र को बीमा से जोड़ने का लक्ष्य  :

कृषि विभाग द्वारा अऋणी किसानों को फसल बीमा से जोड़ने के लिए विकासखंडवार कुल 6050 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें मनोरा विकासखंड में 500 हेक्टेयर, जशपुर में 500 हेक्टेयर, दुलदुला में 550 हेक्टेयर, कुनकुरी में 600 हेक्टेयर, कांसाबेल में 900 हेक्टेयर, फरसाबहार में 900 हेक्टेयर, बगीचा में 1000 हेक्टेयर तथा पत्थलगांव विकासखंड में सर्वाधिक 1100 हेक्टेयर क्षेत्र का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। विभाग ने मैदानी अमले को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप किसानों से सतत संपर्क करने तथा उन्हें फसल बीमा के लाभ एवं प्रक्रिया की जानकारी देकर योजना से जोड़ने के निर्देश दिए हैं।

अऋणी किसान इन दस्तावेजों के साथ करा सकते हैं बीमा -

अधिसूचित फसल उगाने वाले ऐसे सभी अऋणी किसान, जो प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में शामिल होना चाहते हैं, वे अपना बुआई पुष्टि प्रमाण-पत्र संबंधित क्षेत्रीय पटवारी अथवा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से सत्यापित करा सकते हैं। इसके बाद भूमि विवरण, खाता संख्या, आधार कार्ड एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर फसल बीमा कराया जा सकता है। किसान अपने संबंधित सहकारी समिति, बैंक, बीमा प्रदाता कंपनी अथवा लोक सेवा केंद्र के माध्यम से फसल बीमा की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

 

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