‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान के तहत 13 अगस्त से शुरू होगा ‘एक सोख्ता, संतान के नाम’ अभियान
बेमेतरा । जिले में भूजल स्तर के संरक्षण, वर्षा जल के संचयन एवं जल स्रोतों के संवर्धन की दिशा में जिला प्रशासन बेमेतरा द्वारा एक महत्वपूर्ण जनअभियान की शुरुआत की जा रही है। ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान के अंतर्गत 13 अगस्त 2026 से ‘एक सोख्ता, संतान के नाम’ अभियान प्रारंभ किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य जिले के प्रत्येक परिवार को जल संरक्षण से जोड़ते हुए वर्षा के पानी को जमीन में पहुंचाना और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
हर घर बनेगा जल संरक्षण का केंद्र :
‘एक सोख्ता, संतान के नाम’ अभियान के तहत जिले के प्रत्येक घर में कम से कम एक सोख्ता गड्ढे का निर्माण जनसहयोग एवं जनभागीदारी के माध्यम से स्वयं किए जाने के लिए नागरिकों को प्रेरित किया जाएगा। घरों की छत एवं आसपास की सतह से प्राप्त वर्षा जल को सोख्ता गड्ढे के माध्यम से जमीन में पहुंचाकर भूजल पुनर्भरण (ग्राउंड वाटर रिचार्ज) को बढ़ावा दिया जाएगा।
जिला प्रशासन द्वारा अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए नागरिकों को सोख्ता गड्ढे के निर्माण की तकनीकी जानकारी, आवश्यक मार्गदर्शन एवं उपयोगी सुझाव उपलब्ध कराए जाएंगे। ग्राम पंचायतों, जनप्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूहों, युवाओं, स्वयंसेवी संगठनों एवं स्थानीय नागरिकों की सहभागिता से अभियान को व्यापक जन आंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास किया जाएगा।
‘संतान के नाम’ से जुड़ा है भविष्य का संकल्प :
अभियान को ‘संतान के नाम’ से जोड़ने का उद्देश्य जल संरक्षण को केवल वर्तमान की आवश्यकता न मानकर आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की जिम्मेदारी के रूप में स्थापित करना है। प्रत्येक परिवार द्वारा अपने घर में एक सोख्ता गड्ढे का निर्माण करना आने वाली पीढ़ी के लिए सुरक्षित एवं पर्याप्त जल उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
वर्षा ऋतु में बड़ी मात्रा में पानी बहकर नालियों एवं अन्य जल निकासी मार्गों से बाहर चला जाता है। ऐसे में सोख्ता गड्ढों के माध्यम से वर्षा जल को जमीन में उतारकर उसका भूजल पुनर्भरण किया जा सकता है। इससे जल स्रोतों पर दबाव कम करने के साथ-साथ भविष्य में जल संकट की संभावनाओं को भी कम किया जा सकेगा।
जनभागीदारी से बनेगा जल संरक्षण का जन आंदोलन :
जिला प्रशासन का मानना है कि जल संरक्षण केवल प्रशासनिक प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए हर नागरिक और हर परिवार की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। इसी उद्देश्य से ‘एक सोख्ता, संतान के नाम’ अभियान को जनभागीदारी आधारित अभियान के रूप में संचालित किया जा रहा है। जिले के नागरिकों से अपील की गई है कि वे 13 अगस्त 2026 को अपने घर में एक सोख्ता गड्ढा बनाकर इस अभियान का हिस्सा बनें और जल संरक्षण के इस संकल्प को अपने परिवार एवं समाज तक पहुंचाएं। एक परिवारकृएक सोख्ता की पहल से जिले में बड़ी संख्या में सोख्ता गड्ढों का निर्माण होने पर वर्षा जल के संरक्षण एवं भूजल स्तर के पुनर्भरण में व्यापक सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा।
आज का प्रयास, आने वाली पीढ़ी के लिए जल सुरक्षा :
‘एक सोख्ता, संतान के नाम’ केवल एक निर्माण गतिविधि नहीं, बल्कि जल के प्रति जिम्मेदारी और भविष्य के प्रति संकल्प का अभियान है। प्रत्येक परिवार द्वारा अपने घर में बनाए गए एक सोख्ता गड्ढे को आने वाली पीढ़ी के लिए जल संरक्षण की छोटी लेकिन महत्वपूर्ण सौगात के रूप में देखा जा रहा है।
जिला कलेक्टर ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर सहभागिता करें, अपने घर में सोख्ता गड्ढे का निर्माण करें और अपने परिवार, पड़ोस एवं गांव के अन्य लोगों को भी जल संरक्षण के लिए प्रेरित करें। सामूहिक जनभागीदारी से ही बेमेतरा जिले को जल संरक्षण के क्षेत्र में एक नई दिशा दी जा सकती है।