निर्माण श्रमिकों के हितों के प्रति सरकार प्रतिबद्ध, पंजीयन, ई-केवाईसी और योजनाओं का लाभ लगातार जारी
प्रदेश में 9.17 लाख से अधिक निर्माण श्रमिक पंजीकृत, 14.44 लाख से अधिक हितग्राहियों को डीबीटी के माध्यम से सहायता
रायपुर, 14 अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में निर्माण श्रमिकों के पंजीयन, ई-केवाईसी, पंजीयन नवीनीकरण तथा विभिन्न श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत हितलाभ वितरण की प्रक्रिया पूरी तरह सुचारु और निरंतर जारी है। मंडल ने कहा है कि श्रमिकों को योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है तथा किसी भी पात्र हितग्राही को योजनाओं से वंचित नहीं होने दिया जाएगा।
मंडल के अनुसार वर्ष 2024-25 से लेकर वर्तमान तक प्रदेश में 9 लाख 17 हजार 738 निर्माण श्रमिकों का पंजीयन किया जा चुका है। इसी अवधि में 6 लाख 13 हजार 930 श्रमिकों के पंजीयन का नवीनीकरण भी किया गया है। निर्माण श्रमिकों की सुविधा के लिए पंजीयन की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन बनाया गया है। श्रमिक लोक सेवा केंद्र, श्रम संसाधन केंद्र, जिला श्रम कार्यालय अथवा ’’श्रमेव जयते मोबाइल एप’ के माध्यम से आसानी से आवेदन कर सकते हैं।
मंडल ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार ई-केवाईसी अभियान भी निरंतर संचालित किया जा रहा है। अब तक 93 हजार 433 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 65 हजार 894 प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है। शेष आवेदनों की नियमानुसार जांच की जा रही है। साथ ही जिन श्रमिकों ने अभी तक अपने पंजीयन का नवीनीकरण नहीं कराया है, उन्हें भी लगातार प्रेरित किया जा रहा है ताकि वे योजनाओं का लाभ निर्बाध रूप से प्राप्त कर सकें।
मंडल ने जानकारी दी कि 17 सितंबर 2024 से सभी पात्र श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं की सहायता राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सीधे उनके आधार लिंक बैंक खातों में भेजी जा रही है। मुख्यमंत्री साइकिल सहायता योजना, औजार सहायता योजना, सिलाई सहायता योजना तथा सुरक्षा उपकरण सहायता योजना सहित सामग्री आधारित योजनाओं के माध्यम से अब तक 1 लाख 99 हजार 626 श्रमिकों को लाभान्वित किया जा चुका है।
इसके अतिरिक्त महतारी जतन योजना, नौनीहाल छात्रवृत्ति योजना, मेधावी शिक्षा सहायता योजना, मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना, श्रमिक सियान सहायता योजना, बच्चों के लिए निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक-कॉपी सहायता, आवास सहायता तथा पेंशन सहायता जैसी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी लगातार पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जा रहा है। वर्ष 2024-25 से अब तक 14 लाख 44 हजार 870 निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों को डीबीटी के माध्यम से सहायता राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है।
मंडल ने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्माण श्रमिकों के पंजीयन, नवीनीकरण और ई-केवाईसी की प्रक्रिया बंद नहीं हुई है। ऑनलाइन पोर्टल पर यदि किसी प्रकार की तकनीकी समस्या आती है तो उसका त्वरित निराकरण किया जाता है। जिन पंजीकृत श्रमिकों की ई-केवाईसी लंबित है, उनके आवेदन लगातार स्वीकार किए जा रहे हैं और ई-केवाईसी पूर्ण होते ही पात्रता के अनुसार संबंधित योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाएगा।
मंडल ने निर्माण श्रमिकों से अपील की है कि वे समय पर अपना पंजीयन एवं नवीनीकरण कराएं, ई-केवाईसी पूर्ण करें तथा शासन द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं।