छत्तीसगढ़ / दुर्ग

नौनिहालों के सुरक्षित भविष्य की ओर बढ़ा कदम, पाटन में 28.38 लाख के निर्माण कार्य मंजूर

 दुर्ग ।कलेक्टर  अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में जिला दुर्ग के जनपद पंचायत पाटन के ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों के लिए सुरक्षित एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। नौनिहालों के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विस्तार हेतु सोनपुर, करेला एवं केसरा में कुल 28.38 लाख रुपये के निर्माण कार्यों को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

      स्वीकृत कार्यों के तहत सोनपुर में अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए 5 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। वहीं करेला एवं केसरा में अभिसरण के तहत नवीन आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण के लिए प्रत्येक भवन हेतु 11.69 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इन कार्यों में विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन के तहत 8 लाख रुपये तथा डीएमएफ के तहत 2 लाख रुपये सहित अन्य मदों से राशि का अभिसरण किया गया है।

रोजगार के साथ मजबूत होगा ग्रामीण अधोसंरचना का आधार

जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी  बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन अधिनियम, 2025 के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के साथ आवश्यक आधारभूत संरचनाओं के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। पाटन क्षेत्र के सोनपुर, करेला और केसरा में स्वीकृत निर्माण कार्यों से बच्चों को सुरक्षित एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही निर्माण कार्यों के दौरान स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न योजनाओं के अभिसरण के माध्यम से ऐसी परिसंपत्तियों का निर्माण किया जा रहा है, जिनका सीधा लाभ ग्रामीण समुदाय को मिले। बच्चों के लिए सुरक्षित एवं सुविधाजनक भवन उपलब्ध कराने के साथ इन कार्यों से ग्रामीण अधोसंरचना को भी मजबूती मिलेगी।

आंगनबाड़ी केंद्रों में मिलेगा बेहतर वातावरण

नवीन आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण से बच्चों को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक वातावरण मिलेगा। इन केंद्रों में बच्चों के लिए प्रारंभिक शिक्षा, पोषण एवं देखभाल से जुड़ी गतिविधियों का संचालन अधिक सुविधाजनक तरीके से किया जा सकेगा। साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और बच्चों के लिए आवश्यक स्थान एवं सुविधाएं उपलब्ध होंगी। निर्माण कार्यों से स्थानीय श्रमिकों को रोजगार मिलने के साथ गांवों में सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार होगा। इससे एक ओर बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा, पोषण और आवश्यक सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए आधारभूत संरचनाओं के विकास पर लगातार जोर दिया जा रहा है। नौनिहालों के सुरक्षित भविष्य के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास को गति देना प्रशासन की प्राथमिकता है।


 

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