बहनों के हुनर को सम्मान, आत्मनिर्भरता को संबल: कलेक्टर ने ‘बिहान’ स्टॉल से खरीदी राखी
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के ‘बहनों का मान, विष्णु भैया का सम्मान’ के संकल्प को साकार कर रही स्व-सहायता समूह की महिलाएं
बेमेतरा 24 अगस्त 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त, आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी दिशा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ी स्व-सहायता समूह की महिलाएं अपने हुनर और मेहनत से विभिन्न उत्पाद तैयार कर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर में लगाए गए राखी स्टॉल ने इसी महिला सशक्तिकरण की तस्वीर को जीवंत किया।
कलेक्ट्रेट परिसर में ‘बिहान’ से जुड़ी स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा लगाए गए राखी स्टॉल पर आज आत्मीय और उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने स्टॉल पर पहुंचकर महिलाओं द्वारा अपने हाथों से तैयार की गई आकर्षक राखियां खरीदीं और उनके हुनर, मेहनत एवं लगन की सराहना की।
कलेक्टर द्वारा स्थानीय महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं से राखी खरीदना उनके लिए विशेष खुशी और प्रोत्साहन का अवसर रहा। महिलाओं ने बताया कि उनके द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को जब प्रशासन और आम नागरिकों का प्रोत्साहन मिलता है, तो उनमें अपने काम को आगे बढ़ाने का आत्मविश्वास और बढ़ता है। स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों की बिक्री से उन्हें आर्थिक लाभ के साथ-साथ अपने हुनर को पहचान दिलाने का अवसर भी मिल रहा है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के ‘बहनों का मान, विष्णु भैया का सम्मान’ के भाव के अनुरूप प्रदेश में महिलाओं की मेहनत, हुनर और आत्मनिर्भरता को सम्मान देने का कार्य लगातार आगे बढ़ रहा है। ‘बिहान’ जैसी पहल के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं समूहों से जुड़कर न केवल अपने लिए रोजगार के अवसर तैयार कर रही हैं, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने महिलाओं द्वारा तैयार की गई राखियों की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय महिला स्व-सहायता समूहों के उत्पाद उनकी मेहनत, हुनर और आत्मनिर्भरता की पहचान हैं। ऐसे उत्पादों को प्रोत्साहन देने से ग्रामीण महिलाओं को अपने पैरों पर खड़े होने और आर्थिक रूप से मजबूत बनने का अवसर मिलता है। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे स्थानीय स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों को प्राथमिकता दें और महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने के प्रयासों को प्रोत्साहित करें।
रक्षाबंधन के पावन पर्व पर ‘बिहान’ की महिलाओं द्वारा तैयार राखियां केवल भाई की कलाई पर सजने वाला धागा नहीं, बल्कि महिलाओं के हुनर, मेहनत और आत्मनिर्भरता की कहानी भी बयां कर रही हैं। कलेक्टर द्वारा राखी खरीदने की पहल ने इस भावना को और मजबूत किया कि जब स्थानीय उत्पादों को बाजार और समाज का सहयोग मिलता है, तो ग्रामीण महिलाओं की मेहनत को नई पहचान मिलती है।
स्टॉल पर मौजूद स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने कलेक्टर के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके द्वारा तैयार राखियों की खरीद और सराहना से उनका उत्साह बढ़ा है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रोत्साहन से उन्हें आगे भी नए उत्पाद तैयार करने और अपने समूह को मजबूत करने की प्रेरणा मिलती है।
रक्षाबंधन के इस अवसर पर ‘बिहान’ की बहनों के हाथों की बनी राखियों ने भाई-बहन के रिश्ते के साथ महिला सम्मान, स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता का संदेश भी दिया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की बहनें अपने हुनर के दम पर आगे बढ़ें, आर्थिक रूप से सक्षम बनें और सम्मान के साथ आत्मनिर्भर जीवन जी सकें।