छत्तीसगढ़ / बेमेतरा

ग्राम हेमांबद में आवारा पशुओं को बंधक बनाए जाने के मामले में जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई

 बेमेतरा । तहसील दाढ़ी अंतर्गत ग्राम हेमांबद में अनाधिकृत रूप से  दिलीप राय द्वारा आवारा/घुमंतू पशुओं को बंधक बनाकर रखे जाने की सूचना जिला प्रशासन को प्राप्त हुई। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा तत्काल संज्ञान लेते हुए जिला स्तरीय संयुक्त जांच दल को मौके पर भेजकर जांच कराई गई।

संयुक्त जांच दल द्वारा मौके पर पहुंचकर की गई जांच में शिकायत प्रथमदृष्टया सही पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति दिलीप राय के विरुद्ध पशु क्रूरता अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि पशुओं के साथ किसी भी प्रकार की क्रूरता, अमानवीय व्यवहार अथवा उन्हें अनधिकृत रूप से बंधक बनाकर रखने की कार्रवाई को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

मृत पशुओं की मृत्यु के कारणों की जांच जारी

मौके पर पाए गए पशुओं का तत्काल स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। जांच के दौरान गांव की सरहद में कुछ मृत पशु भी पाए गए हैं। मृत पशुओं की मृत्यु किन परिस्थितियों एवं किन कारणों से हुई, इसका पता लगाने के लिए तीन पशु चिकित्सकों की टीम गठित कर आवश्यक जांच एवं चिकित्सकीय परीक्षण की कार्रवाई की जा रही है।

जीवित पशुओं का सुरक्षित व्यवस्थापन

मौके पर पाए गए *126 पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण* कराने के पश्चात उन्हें तत्काल वहां से हटाकर जिले की अन्य गौशालाओं में सुरक्षित रूप से व्यवस्थापित किया गया है। संबंधित गौशालाओं में पशुओं के स्वास्थ्य एवं उपचार के लिए विषय-विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की टीम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। चिकित्सकीय दल द्वारा पशुओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, आवश्यक उपचार एवं देखभाल सुनिश्चित की जाएगी।

पशुओं के पूर्ण स्वस्थ होने तक प्रतिदिन स्वास्थ्य परीक्षण एवं निगरानी की जाएगी तथा चिकित्सकीय दल द्वारा नियमित रूप से अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को प्रस्तुत की जाएगी। जिला प्रशासन द्वारा पूरी प्रक्रिया की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है।

पूर्व प्रकरण में भी लापरवाही पर विभागीय कार्रवाई

विदित हो कि पूर्व में भी जिले में घुमंतू/बनेली गायों से संबंधित प्रकरण संज्ञान में आया था। उक्त प्रकरण की जांच के उपरांत संबंधित शासकीय अमले की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी। जांच प्रतिवेदन में विभागीय अमले की लापरवाही पाए जाने पर जांच समिति द्वारा विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की गई थी। समिति की अनुशंसा के आधार पर कलेक्टर महोदया द्वारा विभागीय कार्रवाई हेतु निर्देश दिए गए थे।

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