आदिवासी अंचल की तीन बेटियों का MBBS में चयन, बढ़ाया क्षेत्र का गौरव
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी आदिवासी अंचल की तीन होनहार बेटियों ने अपनी मेहनत, लगन और शिक्षा के प्रति समर्पण से चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। कु. मिनाक्षी भंडारी, कु. हिमांशी ढाले एवं कु. राधिका अमिला का MBBS में चयन हुआ है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ पूरे आदिवासी समाज और क्षेत्र में हर्ष का माहौल है।
ग्राम बोगाटोला (कुम्हली) निवासी कु. मिनाक्षी भंडारी का चयन मेडिकल कॉलेज कांकेर, ग्राम विजयपुर निवासी कु. हिमांशी ढाले, पिता रविंद्र ढाले का चयन मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर तथा ग्राम केशला, पोस्ट ककईपार, तहसील मोहला निवासी कु. राधिका अमिला, पिता चम्पू राम अमिला का चयन CIMS बिलासपुर में हुआ है।
तीनों छात्राओं ने ग्रामीण परिवेश में रहते हुए सीमित संसाधनों के बीच कठिन परिश्रम कर यह मुकाम हासिल किया है। उनकी सफलता न केवल उनके परिवार के लिए गौरव की बात है, बल्कि क्षेत्र के उन विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा है, जो उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का सपना देख रहे हैं।
इन बेटियों की उपलब्धि यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत के साथ परिवार का सहयोग मिले, तो ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्र की बेटियां भी चिकित्सा जैसे प्रतिष्ठित क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकती हैं। उनकी सफलता से क्षेत्र के विद्यार्थियों में शिक्षा के प्रति उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ा है।
चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रही इन बेटियों से भविष्य में ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में जरूरतमंद लोगों की सेवा की उम्मीद भी जुड़ी है। समाज के लोगों ने कहा कि इनकी उपलब्धि शिक्षा, संस्कार और मेहनत के संगम का परिणाम है।
अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज कर्मचारी प्रकोष्ठ, शाखा गोटाटोला, जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी सहित ब्लॉक एवं जिला समाज के अध्यक्ष, सचिव एवं पदाधिकारियों ने तीनों छात्राओं तथा उनके माता-पिता और परिवारजनों को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।
समाज पदाधिकारियों ने कहा कि इन बेटियों की सफलता पूरे आदिवासी समाज के लिए गर्व का विषय है और यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करेगी।