छत्तीसगढ़ / मुंगेली

सेमरसल में बच्चों ने मनाया भोजली तिहारपारंपरिक रीति से हुआ भोजली विसर्जनसेमरसल स्कूल के भोजली विसर्जन में ग्रामीणों ने जगह जगह किया स्वागतबाजे गाजे के साथ भोजली विसर्जन हुआ सेमरसल में

 लोरमी - छत्तीसगढ़ के पारंपरिक त्यौहार भोजली का शानदार आयोजन शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सेमरसल में किया गया। आपको बता दें कि 9 दिन तक बच्चों ने बड़े उमंग के साथ भोजली मैया की सेवा की। श्रावण मास के नागपंचमी के बाद विधिवत इसकी बुवाई की गई। गेहूं बुवाई करके बच्चों द्वारा प्रतिदिन हल्दी पानी डालकर भोजली की सेवा किया गया। रक्षाबंधन के दूसरे दिन बाजे गाजे के साथ मृदंग ढोल मंजीरे और पारंपरिक वेश में लोकगीतों को गाकर के सुकली से आए कीर्तन मंडली ने बहुत अच्छे ढंग से गायन वादन किया। गांव के गणमान्यजन किसान जवान बड़ी संख्या में महिलाएं साथ में चले। जिस रास्ते से भोजली यात्रा गुजर रही थी गांव के घरों से निकल करके महिलाओं ने सुख समृद्धि के लिए भोजली मैया को अगरबत्ती दिखाकर श्री फल चढ़ाकर अर्जी विनती की। जगह-जगह रोक करके ग्रामीणों ने स्वागत किया। आने जाने वाले यात्रियों के लिए यह सुंदर दृश्य बड़ा ही कौतूहल का विषय बना हुआ था। जहां एक छोटे से विद्यालय ने एक सुंदर प्रयास कर बच्चों के अंदर छत्तीसगढ़ के पारंपरिक लोक त्यौहार के प्रति जिज्ञासा जगाने और अपने ऐतिहासिक मूल्यों को जन जन की ललक बढ़ाने जैसे उद्देश्यों की पूर्ति करने वाला था। इस कार्यक्रम में दो बच्चों ने मितानी परंपरा को भी निभाया  सुष्मिता ध्रुव और शिवानी कश्यप दोनों ने भोजली एक दूसरे के कान में लगाकर मितानी निभाने का संकल्प लिया। बाद में सब ने एक दूसरे को भोजली देकर अभिवादन किया। इस अवसर पर शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष महेत्तर कश्यप, विजय निषाद, गिरधर दीक्षित, दुर्गेश कश्यप, हरिकृष्ण, कोमल पटेल, ग्राम सरपंच राजकुमार अनंत, विद्यानंद चंद्राकर सभापति सहित शाला के प्रधानपाठक आत्माराम कश्यप, पूर्व प्रधानपाठक विश्वनाथ योगी, राकेश पांडेय, राजकुमार कश्यप, उमाशंकर राजपूत, पुष्पा चतुर्वेदी, आरती गुप्ता, स्मिता क्षत्री, स्वतंत्र ध्रुव, दौलत राम कश्यप सहित बाल कैबिनेट के छात्रों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के पूर्व सभी ने कदम, स्टीविया और सजावटी पौधे भी लगाए।

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