छत्तीसगढ़ / गौरेला पेंड्रा मरवाही

जीवामृत के उपयोग से धान की फसल में दिख रहा सकारात्मक प्रभाव

 प्रदर्शन भ्रमण के माध्यम से किसानों को जैविक खाद के उपयोग के लिए किया जा रहा प्रेरित


जीवामृत के उपयोग से धान की फसल में दिख रहा सकारात्मक प्रभाव

जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने और किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक कृषि पद्धतियों से जोड़ने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. के मार्गदर्शन में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज जिले के विभिन्न ग्रामों में जीवामृत जैविक खाद के उपयोग से तैयार धान की फसल का प्रदर्शन भ्रमण कराया गया। जोगीसार, बढ़ावनडांड, भाड़ी, देवरी खुर्द एवं बारीउमराव ग्रामों में जीवामृत जैविक खाद का उपयोग कर तैयार की गई धान की फसल का प्रदर्शन उसी गांव के अन्य किसानों को कराया गया। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने जीवामृत के उपयोग से फसल में दिखाई दे रहे सकारात्मक प्रभावों को प्रत्यक्ष रूप से देखा। फसल की स्थिति एवं वृद्धि को देखकर अनेक किसान आश्चर्यचकित हुए और जैविक खाद के उपयोग के प्रति उनकी रुचि बढ़ी।

         किसानों को बताया गया कि जीवामृत जैसे जैविक खाद के उपयोग से खेती में प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने तथा रासायनिक खादों पर निर्भरता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकता है। प्रदर्शन भ्रमण से प्रभावित होकर अन्य किसान भी स्वयं जीवामृत खाद का उपयोग करने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। जिले में किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती की ओर प्रोत्साहित करने के लिए खेतों में प्रदर्शन, कृषक भ्रमण एवं अनुभव साझा करने जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। कलेक्टर के मार्गदर्शन में किए जा रहे इन प्रयासों का उद्देश्य किसानों को टिकाऊ कृषि पद्धतियों से जोड़ते हुए स्वस्थ मृदा, बेहतर कृषि उत्पादन और पर्यावरण अनुकूल खेती को बढ़ावा देना है।

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