मोदी के जन्मदिन को सेवा संकल्प नहीं, बेरोजगारी और महंगाई दिवस के रूप में मनाया जाए
गरियाबंद |
2026-09-17 18:12:06
मोदी के जन्मदिन को सेवा संकल्प नहीं, बेरोजगारी और महंगाई दिवस के रूप में मनाया जाए
कांग्रेस ने मोदी सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल,पूछा—अच्छे दिन कब आएंगे और किसानों की आय दोगुनी कब होगी?
राधेश्याम सोनवानी,गरियाबंद :- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर भाजपा द्वारा आयोजित किए जा रहे सेवा संकल्प अभियान को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।कांग्रेस ने कहा कि भाजपा भले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को सेवा और समर्पण के रूप में मना रही है,लेकिन जनता के सामने बेरोजगारी,महंगाई,किसानों की समस्याओं और कथित वादाखिलाफी जैसे सवाल आज भी खड़े हैं।
17 सितंबर जिला कांग्रेस भवन में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सुखचंद बेसरा और बिन्द्रानवागढ़ विधायक जनक ध्रुव के द्वारा प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा की ओर से 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रधानमंत्री के जन्मदिन और सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर सेवा संकल्प अभियान आयोजित किया जा रहा है। लेकिन मोदी सरकार के कार्यकाल को केवल उपलब्धियों के रूप में पेश करना जनता की वास्तविक समस्याओं से ध्यान हटाने का प्रयास है।प्रधानमंत्री का जन्मदिन यदि सेवा संकल्प के रूप में मनाया जा रहा है तो विपक्ष के अनुसार इसे बेरोजगारी दिवस,महंगाई दिवस,वादाखिलाफी दिवस,किसान धोखा दिवस, नोटबंदी दिवस,जीएसटी दिवस और जुमला दिवस के रूप में भी याद किया जाना चाहिए।
वही कांग्रेस ने आरोप लगाया कि 2014 के बाद रोजगार,महंगाई और किसानों की आय को लेकर किए गए कई वादे अपेक्षित रूप से पूरे नहीं हुए। पार्टी ने सवाल उठाया कि हर साल दो करोड़ रोजगार देने के दावे का वास्तविक परिणाम क्या रहा? महंगाई कम करने के वादे का आम परिवारों को कितना लाभ मिला? किसानों की आय दोगुनी करने और एमएसपी से जुड़े वादों का क्या हुआ?
कांग्रेस ने युवाओं,किसानों,मजदूरों और छोटे कारोबारियों की समस्याओं को लेकर भी केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।
कांग्रेस ने नोटबंदी को लेकर भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक 2016 में बंद किए गए नोटों में से लगभग पूरी राशि बैंकिंग प्रणाली में वापस आ गई थी। कांग्रेस इसी आधार पर नोटबंदी के कालेधन विरोधी उद्देश्य पर सवाल उठाती रही है।
वहीं जीएसटी की जटिलताओं और बार-बार होने वाले बदलावों को लेकर कांग्रेस ने छोटे और मध्यम कारोबारियों की परेशानियों का मुद्दा उठाया।
पेट्रोल-डीजल के टैक्स पर भी सवाल
कांग्रेस ने पेट्रोल-डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क को लेकर भी सरकार को घेरा।केंद्र सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार एक समय पेट्रोल पर कुल केंद्रीय उत्पाद शुल्क ₹32.98 प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल पर ₹31.83 प्रति लीटर था।
कांग्रेस का आरोप है कि ईंधन की कीमतों और उस पर लगाए गए करों का सीधा असर आम उपभोक्ता की जेब पर पड़ता है।
आगे कांग्रेस ने कहा कि किसान एमएसपी, खाद और कृषि लागत को लेकर परेशान हैं, जबकि युवा भर्ती परीक्षाओं, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि श्रमिकों और वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार को जवाब देना चाहिए।
छत्तीसगढ़ में 'मोदी की गारंटी' पर भी घेरा
कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार के चुनावी वादों को लेकर भी सवाल उठाए। पार्टी ने आरोप लगाया कि एक लाख सरकारी नौकरी, ₹500 में रसोई गैस,अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण बेरोजगारी भत्ता,छात्रों के लिए परिवहन पास, 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ और किसानों से जुड़े वादों पर सरकार को जनता के सामने प्रगति रिपोर्ट रखनी चाहिए।
कांग्रेस ने कहा कि मोदी की गारंटी के नाम पर छत्तीसगढ़ की जनता से किए गए वादों का हिसाब सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
वही प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कई सवाल पूछते हुए कहा कि जनता इन सवालों का जवाब चाहती है।
अच्छे दिन कब आएंगे?,₹15 लाख की राशि किसके खाते में जमा हुई?,महंगाई कब कम होगी?
पेट्रोल-डीजल के दाम कब कम होंगे?,करोड़ों युवाओं को रोजगार देने के वादे का वास्तविक आंकड़ा क्या है?,किसानों की आय दोगुनी हुई या नहीं?,नोटबंदी से कालेधन के खिलाफ क्या ठोस परिणाम मिला?,जीएसटी से छोटे व्यापारियों को कितना लाभ और कितनी परेशानी हुई?
100 स्मार्ट सिटी के लक्ष्य में अब तक क्या प्रगति हुई?,2022 तक हर बेघर को घर देने के लक्ष्य का कितना हिस्सा पूरा हुआ?,उज्ज्वला योजना के कितने लाभार्थी नियमित रूप से सिलेंडर रिफिल करा रहे हैं?,डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति पर सरकार की क्या रणनीति है?,सरकारी संपत्तियों के विनिवेश और निजीकरण को लेकर सरकार की दीर्घकालीन नीति क्या है?,किसानों और मजदूरों की आय बढ़ाने के लिए सरकार की आगे की ठोस योजना क्या है?,परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?,मणिपुर सहित हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति के लिए सरकार की क्या कार्ययोजना है?,गंगा सफाई अभियान के लक्ष्यों की वर्तमान स्थिति क्या है?,स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में सरकार द्वारा बनाए गए नए सार्वजनिक संस्थानों का राज्यवार आंकड़ा क्या है?,विदेशों से निवेश लाने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन का वास्तविक आंकड़ा क्या है?और 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को लेकर वर्तमान स्थिति क्या है?
कांग्रेस ने कहा कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर सेवा कार्यक्रम आयोजित करना भाजपा का राजनीतिक कार्यक्रम है,लेकिन लोकतंत्र में सरकार के कामकाज का मूल्यांकन जनता अपनी रोजमर्रा की जिंदगी से करती है।महंगाई, रोजगार,किसान, शिक्षा,स्वास्थ्य और छोटे कारोबार से जुड़े सवालों का जवाब आंकड़ों के साथ देना सरकार की जिम्मेदारी है।
कांग्रेस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को लेकर भाजपा सेवा और समर्पण की बात कर रही है,जबकि विपक्ष जनता की समस्याओं और सरकार से जवाबदेही की मांग को सामने रखेगा।