बाढ़ की रात में प्रशासन बना सहारा
ओलेर औैर कुर्मीरास में देर रात तक चला रेस्क्यू, प्रशासन ने 106 ग्रामीणों को दी सुरक्षित जिंदगी
एसडीआरएफ ने किया 106 ग्रामीणों का सुरक्षित रेस्क्यू
जिले में लगातार हो रही तेज बारिश और बढ़ते जलस्तर के बीच जिला प्रशासन ने पूरी मुस्तैदी, संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय क्षमता का परिचय देते हुए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में प्रशासन की टीमें लगातार फील्ड में सक्रिय हैं, ताकि जलभराव और बाढ़ की चुनौती के बीच किसी भी ग्रामीण को असुरक्षित न रहना पड़े। एसडीएम छिंदगढ़ श्री पीवी खेस एवं जनपद सीईओ श्री शंकर बघेल स्वयं मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान की निगरानी और आवश्यक कार्रवाई में जुटे रहे।
ग्राम पंचायत ओलेर के आश्रित ग्राम धुरमापारा में तेज बारिश के कारण शबरी और आकुर नाला के बीच जलभराव से 38 घर प्रभावित हुए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल स्थानीय संसाधनों को सक्रिय किया। ग्राम पंचायत की मदद से ट्रैक्टर के माध्यम से 50 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। वहीं, जलस्तर तेजी से बढ़ने पर रात करीब 8 बजे SDRF की टीम ने बोट के जरिए 12 अन्य लोगों को भी सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। प्रशासन की सतर्कता और समय पर लिए गए निर्णय से प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया और किसी बड़ी अप्रिय स्थिति को टालने में सफलता मिली।
इसी तरह शबरी नदी के तट पर बसे ग्राम कवासीरास के आश्रित ग्राम कुर्मीरास में भी प्रशासन की तत्परता ने संकट की घड़ी में ग्रामीणों का भरोसा कायम रखा। मूसलाधार बारिश से गांव के 19 घर प्रभावित हुए और कवासीरास से जुड़ा करीब 2 किलोमीटर का मुख्य मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने बिना देर किए बचाव दल को रवाना किया। रात 12 बजे SDRF की टीम ने करीब 1.8 किलोमीटर की जोखिम भरी दूरी तय कर गांव तक पहुंच बनाई और 44 ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। विपरीत परिस्थितियों में SDRF जवानों का साहस और प्रशासन की सतत निगरानी इस रेस्क्यू अभियान की सबसे बड़ी ताकत रही।
बाढ़ की चुनौती के बीच प्रशासन की यह सक्रियता केवल राहत-बचाव अभियान नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में नागरिकों के साथ खड़े रहने की प्रतिबद्धता का उदाहरण है। एक ओर फील्ड में अधिकारी स्वयं मोर्चा संभाल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पंचायत, पुलिस, SDRF और अन्य राहत दलों के समन्वित प्रयासों से प्रभावित लोगों तक तत्काल सहायता पहुंचाई जा रही है। कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन में जिला प्रशासन की मुस्तैदी, त्वरित निर्णय और टीमों के साहसिक प्रयासों से दोनों गांवों के कुल 106 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, जिससे संभावित बड़े संकट को समय रहते टालने में सफलता मिली। आपदा की इस घड़ी में प्रशासन का स्पष्ट संदेश हैकृहर नागरिक की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है और जरूरत पड़ने पर प्रशासन की टीमें हर चुनौती के बीच मदद के लिए तत्पर हैं।