छत्तीसगढ़ / रायपुर

सेवा की कहानी : नमो ड्रोन दीदी योजना से हो रही किसानों के पैसे एवं समय की बचत

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सरकार द्वारा स्व-सहायता समूह की महिलाओं को कृषि सेवाएँ प्रदान करने के लिए ड्रोन तकनीक से लैस करके उन्हें सशक्त बनाने के उद्देश्य से नमो ड्रोन दीदी योजना संचालित की जा रही है। योजना के तहत महिलाओं को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण देकर कृषि में ड्रोन का इस्तेमाल करने में सक्षम बनाया जा रहा है। योजनांतर्गत चयनित महिला या समूह को ड्रोन और सहायक उपकरण दिए जाते हैं। साथ ही ड्रोन से जुड़े खर्चों को कम करने के लिए वित्तीय सहायता भी दी जाती है।
मुंगेली जिले की नगर पंचायत सरगांव की नमो ड्रोन दीदी गोदावरी साहू ने बताया कि वे बिहान अंतर्गत जय माता दी महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य हैं। नमो ड्रोन योजना अंतर्गत इफको के माध्यम उन्हें ग्वालियर में 15 दिन का प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें थ्योरी व प्रेक्टिकल के साथ ग्राउंड लेवल पर ड्रोन को चलाने के संबंध में जानकारी दी गई। इसके बाद फूलपूर में 05 दिवसीय ड्रोन तकनीक के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। वह अब ड्रोन के माध्यम से किसानों के खेतों में नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और कीटनाशक का छिड़काव करती हैं। इससे किसानों के पैसे और समय की बचत हो रही है। इसके साथ ड्रोन से वायु प्रदूषण भी नहीं होता। उन्होंने बताया कि ड्रोन के माध्यम से एक ही दिन में 20 से 25 एकड़ खेत में कीटनाशक दवाईयों का छिड़काव हो जाता है, जिससे किसानों द्वारा श्रमिकों को देने वाले पैसे की बचत तो हो ही रही है। साथ ही किसानों का समय भी बच रहा है।
वहीं ग्राम के किसान ने बताया कि पहले कृषि यंत्र स्प्रेयर के माध्यम से अपने गन्ने की फसल में दवाई का छिड़काव करते थे। जहां गन्ने की फसल की ऊंचाई ज्यादा होने से उन्हें फसल के बीच जाकर दवाई छिड़काव करने में काफी समय लगता था और समस्याएं भी काफी बनी रहती थी। लेकिन अब उन्हें कम समय व कम खर्च में ही अपने फसलों में कीटनाशक दवाई के छिड़काव के लिए एक अच्छा मददगार ड्रोन दीदी के रूप में मिल गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा किसानों के हित में काफी अच्छी योजनाएं संचालित की जा रही है। इसके लिए उसने खुशी-खुशी शासन को धन्यवाद देते हुए आभार व्यक्त किया है।

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