छत्तीसगढ़ / सूरजपुर

नशामुक्त गांव बनाने में परिवार और वरिष्ठजनों की सहभागिता जरूरी : कलेक्टर

 सूरजपुर । नशामुक्त समाज के निर्माण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने ग्राम पचीरा  सिद्धेश्वर मंदिर परिसर में महिलाओं एवं उपस्थित नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए नशामुक्त गांव बनाने में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। इस दौरान कलेक्टर एवं महिलाओं ने परिसर में पारस पीपल का पौधा रोपकर नशामुक्त समाज एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने जीवितिया पर्व पर व्रत कर रही माताओं के साथ मंदिर में पूजा-अर्चना भी की।

कलेक्टर ने कहा कि नशा मुक्ति की शुरुआत अपने घर से करें। परिवार के सदस्यों को समझाएं कि नशे का सेवन स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति एवं पारिवारिक जीवन को किस प्रकार प्रभावित करता है। उन्होंने गांव के सियान एवं वरिष्ठजनों से युवाओं के साथ संवाद करने तथा उन्हें नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर इससे दूर रहने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

श्रीमती जमील ने कहा कि व्यवहार में बदलाव लाना आसान नहीं होता, लेकिन निरंतर समझाइश और सामूहिक प्रयास से सकारात्मक परिवर्तन संभव है। एक परिवार की पहल अन्य परिवारों के लिए उदाहरण बन सकती है। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज सभी के लिए नुकसानदायक है। इसलिए अपने गांव को नशामुक्त बनाने में प्रत्येक नागरिक सक्रिय भूमिका निभाए।

 
 
 
 
 

इस दौरान कलेक्टर ने नशामुक्ति केंद्र के संबंध में जानकारी देते हुए नशे से प्रभावित व्यक्तियों को उपलब्ध सहायता से जोड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने परिवार एवं समुदाय के सहयोग से ऐसे व्यक्तियों को नशे से बाहर निकलने में मदद करने की बात कही। ताकि उन्हें बेहतर जीवन मिल सके।

 

 

उल्लेखनीय है कि सिद्धेश्वर मंदिर राम वन गमन परिपथ में शामिल है। स्थानीय मान्यता के अनुसार यह प्राचीन स्वयंभू शिव मंदिर है, जहां भगवान श्रीराम ने जलाभिषेक किया था। जिवितिया पर्व के अवसर पर उपस्थित माताओं एवं नागरिकों ने नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग का संकल्प लिया।

 
 
 
 
 

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