छत्तीसगढ़ / सक्ति

जल जीवन मिशन से बासीन में बदली जिंदगी, हर घर पहुंचा स्वच्छ पेयजल

 सक्ती । सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आमजन की सेवा की कहानियां सामने आ रही है। विकासखंड सक्ती के ग्राम पंचायत बासीन में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा संचालित जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल कनेक्शन की सुविधा मिलने से ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। कभी पानी के लिए दूर-दराज के हैंडपंपों और कुओं पर निर्भर रहने वाले ग्रामीणों के घर-आंगन में अब नल से स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो रहा है। इस सुविधा ने विशेष रूप से महिलाओं और बालिकाओं के समय और श्रम की बचत की है तथा गांव में स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूकता को भी बढ़ावा मिला है। ग्राम बासीन में कुल जनसंख्या 859, परिवार 207 तथा 207 नल कनेक्शन हैं। जल जीवन मिशन के अंतर्गत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन एवं ग्रामीणों की सहभागिता से गांव में उच्चस्तरीय जलाशय, सुरक्षित बाउंड्रीवाल, पंप हाउस तथा पाइपलाइन का नेटवर्क विकसित किया गया। प्रत्येक घर तक घरेलू नल कनेक्शन (FHTC) पहुंचाया गया। साथ ही ग्रामीण महिलाओं को फील्ड टेस्ट किट (FTK) के माध्यम से पेयजल की गुणवत्ता जांचने का प्रशिक्षण दिया गया। योजना के सुचारू संचालन एवं रखरखाव के लिए ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति (VWSC) का गठन किया गया, जिससे जलापूर्ति व्यवस्था में ग्रामीणों की भागीदारी और जिम्मेदारी सुनिश्चित हुई।

पहले पानी के लिए घंटों करना पड़ता था इंतजार

जल जीवन मिशन से पहले ग्राम बासीन में पेयजल की समस्या ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा थी। विशेषकर गर्मी के दिनों में जलस्तर नीचे चले जाने पर हैंडपंपों से पानी भरने के लिए लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता था। महिलाओं और बालिकाओं को दूर-दराज से पानी लाने में घंटों लग जाते थे। इस कारण महिलाओं का अधिकांश समय पानी की व्यवस्था में बीत जाता था और बालिकाओं की पढ़ाई भी प्रभावित होती थी। असुरक्षित एवं दूषित पानी के सेवन से मौसमी और जलजनित बीमारियों की समस्या भी बनी रहती थी।

 अब गांव के प्रत्येक घर में नल कनेक्शन होने से पानी के लिए दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ती। घर के आंगन में नल की टोंटी से स्वच्छ, शीतल और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो रहा है। महिलाओं के सिर से पानी के भारी बर्तनों का बोझ उतर गया है और बचा हुआ समय वे परिवार की देखभाल तथा आजीविका संबंधी कार्यों में लगा पा रही हैं। वहीं बच्चे और बालिकाएं बिना पानी की चिंता के समय पर स्कूल पहुंच पा रहे हैं।

जनभागीदारी से बना आत्मनिर्भर गांव

ग्राम बासीन की विशेष उपलब्धि यह है कि ग्रामीणों ने जलापूर्ति व्यवस्था को केवल सरकारी सुविधा न मानकर सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाया है। ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के माध्यम से जलापूर्ति व्यवस्था के संचालन, नियमित विद्युत बिल और आवश्यक मरम्मत के लिए प्रत्येक परिवार द्वारा प्रति माह 50 रुपये जल शुल्क के रूप में योगदान देने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है। इससे छोटी-मोटी खराबियों की मरम्मत और पंप ऑपरेटर के मानदेय जैसी आवश्यकताओं का स्थानीय स्तर पर प्रबंधन संभव हो रहा है। जल जीवन मिशन ने ग्राम बासीन में केवल घर-घर नल नहीं पहुंचाया, बल्कि ग्रामीणों को पानी के लिए होने वाली रोजमर्रा की जद्दोजहद से मुक्ति दिलाकर समय, स्वास्थ्य और सम्मान का नया आधार दिया है। जनभागीदारी से संचालित यह पहल आत्मनिर्भर जल प्रबंधन और ग्रामीण विकास की प्रेरक मिसाल बन रही है। इस योजना के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय को आभार व्यक्त किया।

 

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