छत्तीसगढ़ / रायपुर

विवेकानंद नगर से निकलेगी सिद्धाचल भाव यात्रा,दादा गुरुदेव के जीवन का होगा भावपूर्ण मंचन*

 

रायपुर। विवेकानंद नगर स्थित श्री ज्ञानवल्लभ उपाश्रय में जारी सर्वमंगलमय वर्षावास में  प्रतिदिन धर्म,ज्ञान और अध्यात्म की अविरल धारा प्रवाहित हो रही है। मुनिभगवंतों की पावन निश्रा में विभिन्न धार्मिक आयोजनों से उपाश्रय परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर है।

सर्वमंगलमय वर्षावास के तहत आगामी 18 अक्टूबर को दादा गुरुदेव के जीवन एवं उनके आध्यात्मिक आदर्शों पर आधारित लघु नाटिकाओं का भावपूर्ण मंचन किया जाएगा। नवपद ओली के प्रथम दिवस होने वाले इस आयोजन में बालक -बालिकाएं दादा गुरुदेव के जीवन प्रसंगों को चित्र के माध्यम से जीवंत करेंगे। इससे नई पीढ़ी को धर्म, तप, त्याग और गुरु भक्ति के संस्कारों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

 *श्री ज्ञानवल्लभ उपाश्रय से पटवा भवन तक निकलेगी भाव यात्रा* 

परम पूज्य मुनिश्री संवेगरत्न सागर जी म.सा. आदि ठाणा की पावन निश्रा में शरद पूर्णिमा के पावन प्रसंग पर श्री ज्ञानवल्लभ उपाश्रय से टैगोर नगर स्थित पटवा भवन तक सिद्धाचल भाव यात्रा निकाली जाएगी। समाजजन भक्तिभाव के साथ इस यात्रा में सम्मिलित होकर सिद्धाचल तीर्थ की भावयात्रा का पुण्य अर्जित करेंगे। यात्रा के दौरान धर्ममय वातावरण के बीच प्रभु भक्ति का भाव देखने को मिलेगा।

धर्मसभा में मुनिश्री संवेगरत्न सागर जी म.सा. ने कहा कि शरद पूर्णिमा का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। इस पावन दिवस पर पांचों पांडवों सहित 20 करोड़ मुनि भगवंतों ने निर्वाण पद प्राप्त किया था। इसी पावन स्मृति और निर्वाण के भाव को नमन करते हुए यह आयोजन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ किया जाएगा।

 *धर्मसभा में बहेगी ज्ञान और वैराग्य की धारा* 

चातुर्मास समिति के अध्यक्ष जसराज लुनिया एवं महासचिव सुरेश बरड़िया ने कहा कि इस धार्मिक समारोह में बड़ी संख्या में श्रावक -श्राविकाएं शामिल होंगे । धर्मसभा में मुनिश्री अपने प्रवचन के माध्यम से शरद पूर्णिमा के आध्यात्मिक महत्व, निर्वाण के पावन भाव तथा आत्मकल्याण के मार्ग पर प्रकाश डालेंगे। पदाधिकारियों ने इस पावन अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर सिद्धाचल भाव यात्रा एवं धार्मिक आयोजन में सहभागी बनकर धर्मलाभ लेने की अपील की है।

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