शिक्षा मंत्री के निर्देश पर विद्यार्थियों को बड़ी राहत, अब जरूरी दस्तावेजों के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर
बिलासपुर |
2026-10-06 11:49:02
लोक सेवा गारंटी के दायरे में आई माध्यमिक शिक्षा मंडल की महत्वपूर्ण सेवाएं, तय समय-सीमा में होंगे विद्यार्थियों के काम
बिलासपुर, 5 अक्टूबर, 2026/विद्यार्थियों और अभिभावकों को शैक्षणिक दस्तावेजों से जुड़े कार्यों के लिए अनावश्यक परेशानी न हो और उन्हें अपने जरूरी दस्तावेज समय पर मिल सकें, इसे लेकर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने पहल की है। मंत्री के निर्देश के बाद छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण सेवाओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत समयबद्ध किए जाने की व्यवस्था की गई है। इससे विद्यार्थियों को अपने जरूरी शैक्षणिक दस्तावेज प्राप्त करने के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की समस्या से राहत मिलेगी।
नई व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों को डुप्लीकेट माइग्रेशन प्रमाण-पत्र, डुप्लीकेट अंकसूची, उत्तरपुस्तिका की पुनर्गणना एवं पुनर्मूल्यांकन तथा उत्तरपुस्तिका की फोटोकॉपी जैसी सेवाएं निर्धारित प्रक्रिया और समय-सीमा के भीतर उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। दस्तावेज के अनुसार इन सेवाओं के लिए निर्धारित समय-सीमा भी तय की गई है। डुप्लीकेट माइग्रेशन प्रमाण-पत्र और डुप्लीकेट अंकसूची के लिए 60 दिवस की समय-सीमा निर्धारित है। वहीं उत्तरपुस्तिका की पुनर्गणना, पुनर्मूल्यांकन और फोटोकॉपी से संबंधित सेवाओं के लिए भी निर्धारित प्रक्रिया के बाद 60 दिवस की समय-सीमा रखी गई है।
मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि विद्यार्थियों को अपने ही दस्तावेजों के लिए परेशान होना पड़े, यह स्थिति स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि परीक्षा परिणाम के बाद विद्यार्थियों के लिए प्रत्येक दिन महत्वपूर्ण होता है। उच्च शिक्षा में प्रवेश, छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य शैक्षणिक कार्यों के लिए समय पर दस्तावेज उपलब्ध होना जरूरी है। ऐसे में विद्यार्थियों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध व्यवस्था उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
मंत्री श्री यादव ने कहा कि हमारी कोशिश है कि विद्यार्थी पढ़ाई और अपने भविष्य पर ध्यान दें, उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने में अपना समय और ऊर्जा खर्च न करनी पड़े। लोक सेवा गारंटी के माध्यम से सेवाओं को समय-सीमा से जोड़ने का उद्देश्य यही है कि विद्यार्थियों को उनके जरूरी कार्यों के लिए स्पष्ट व्यवस्था मिले और अनावश्यक विलंब की स्थिति न बने। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को विद्यार्थीकेंद्रित बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। स्कूल शिक्षा विभाग का प्रयास है कि विद्यार्थियों को स्कूल से लेकर परीक्षा और उच्च शिक्षा तक हर स्तर पर सुविधाजनक एवं पारदर्शी व्यवस्था मिले। इसी क्रम में माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबंधित सेवाओं को समयबद्ध किए जाने से विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी।
शिक्षा मंत्री श्री यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विद्यार्थियों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ काम किया जाए और निर्धारित समय-सीमा का पालन सुनिश्चित किया जाए। सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि किसी विद्यार्थी को केवल दस्तावेज प्राप्त करने या परीक्षा संबंधी प्रक्रिया के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
इस व्यवस्था से विशेष रूप से उन विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा, जिन्हें आगे की पढ़ाई, प्रवेश अथवा अन्य शैक्षणिक कार्यों के लिए डुप्लीकेट अंकसूची, माइग्रेशन प्रमाण-पत्र अथवा उत्तरपुस्तिका से संबंधित सेवाओं की आवश्यकता होती है। लोक सेवा गारंटी के तहत समय-सीमा निर्धारित होने से इन कार्यों में जवाबदेही और पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।
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नई व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों को डुप्लीकेट माइग्रेशन प्रमाण-पत्र, डुप्लीकेट अंकसूची, उत्तरपुस्तिका की पुनर्गणना एवं पुनर्मूल्यांकन तथा उत्तरपुस्तिका की फोटोकॉपी जैसी सेवाएं निर्धारित प्रक्रिया और समय-सीमा के भीतर उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। दस्तावेज के अनुसार इन सेवाओं के लिए निर्धारित समय-सीमा भी तय की गई है। डुप्लीकेट माइग्रेशन प्रमाण-पत्र और डुप्लीकेट अंकसूची के लिए 60 दिवस की समय-सीमा निर्धारित है। वहीं उत्तरपुस्तिका की पुनर्गणना, पुनर्मूल्यांकन और फोटोकॉपी से संबंधित सेवाओं के लिए भी निर्धारित प्रक्रिया के बाद 60 दिवस की समय-सीमा रखी गई है।
मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि विद्यार्थियों को अपने ही दस्तावेजों के लिए परेशान होना पड़े, यह स्थिति स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि परीक्षा परिणाम के बाद विद्यार्थियों के लिए प्रत्येक दिन महत्वपूर्ण होता है। उच्च शिक्षा में प्रवेश, छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य शैक्षणिक कार्यों के लिए समय पर दस्तावेज उपलब्ध होना जरूरी है। ऐसे में विद्यार्थियों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध व्यवस्था उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
मंत्री श्री यादव ने कहा कि हमारी कोशिश है कि विद्यार्थी पढ़ाई और अपने भविष्य पर ध्यान दें, उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने में अपना समय और ऊर्जा खर्च न करनी पड़े। लोक सेवा गारंटी के माध्यम से सेवाओं को समय-सीमा से जोड़ने का उद्देश्य यही है कि विद्यार्थियों को उनके जरूरी कार्यों के लिए स्पष्ट व्यवस्था मिले और अनावश्यक विलंब की स्थिति न बने। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को विद्यार्थीकेंद्रित बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। स्कूल शिक्षा विभाग का प्रयास है कि विद्यार्थियों को स्कूल से लेकर परीक्षा और उच्च शिक्षा तक हर स्तर पर सुविधाजनक एवं पारदर्शी व्यवस्था मिले। इसी क्रम में माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबंधित सेवाओं को समयबद्ध किए जाने से विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी।
शिक्षा मंत्री श्री यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विद्यार्थियों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ काम किया जाए और निर्धारित समय-सीमा का पालन सुनिश्चित किया जाए। सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि किसी विद्यार्थी को केवल दस्तावेज प्राप्त करने या परीक्षा संबंधी प्रक्रिया के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
इस व्यवस्था से विशेष रूप से उन विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा, जिन्हें आगे की पढ़ाई, प्रवेश अथवा अन्य शैक्षणिक कार्यों के लिए डुप्लीकेट अंकसूची, माइग्रेशन प्रमाण-पत्र अथवा उत्तरपुस्तिका से संबंधित सेवाओं की आवश्यकता होती है। लोक सेवा गारंटी के तहत समय-सीमा निर्धारित होने से इन कार्यों में जवाबदेही और पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।
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सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी
खेती का खर्च संभला, परिवार की जरूरतें भी हुईं पूरी
किसान तुलसीराम बोले-शासन की सहायता से बढ़ा भरोसा, युवा भी ले रहे खेती में रुचि
बिलासपुर, 5 अक्टूबर 2026/धान की खेती से परिवार का भरण-पोषण करने वाले किसान तुलसीराम मनहर के लिए शासन से मिली आर्थिक सहायता खेती और घर, दोनों की जरूरतें पूरी करने में मददगार बनी है। पचपेड़ी तहसील के ग्राम खपरी बेलपान निवासी तुलसीराम लगभग 7 एकड़ भूमि में धान की खेती करते हैं। धान विक्रय के बाद मिली लगभग 50 हजार रुपये की बोनस राशि से उन्होंने खेती के जरूरी खर्चों के साथ परिवार की अन्य आवश्यकताओं को भी पूरा किया।
खेती का खर्च संभला, परिवार की जरूरतें भी हुईं पूरी
किसान तुलसीराम बोले-शासन की सहायता से बढ़ा भरोसा, युवा भी ले रहे खेती में रुचि
बिलासपुर, 5 अक्टूबर 2026/धान की खेती से परिवार का भरण-पोषण करने वाले किसान तुलसीराम मनहर के लिए शासन से मिली आर्थिक सहायता खेती और घर, दोनों की जरूरतें पूरी करने में मददगार बनी है। पचपेड़ी तहसील के ग्राम खपरी बेलपान निवासी तुलसीराम लगभग 7 एकड़ भूमि में धान की खेती करते हैं। धान विक्रय के बाद मिली लगभग 50 हजार रुपये की बोनस राशि से उन्होंने खेती के जरूरी खर्चों के साथ परिवार की अन्य आवश्यकताओं को भी पूरा किया।
तुलसीराम बताते हैं कि खेती में मेहनत के साथ समय पर पैसे का इंतजाम भी जरूरी होता है। बीज, खाद और कृषि सामग्री सहित कई खर्च एक साथ आते हैं। ऐसे में शासन से मिली राशि ने उन्हें आर्थिक सहारा दिया। उन्होंने राशि का एक हिस्सा कृषि कार्यों में लगाया और शेष राशि घरेलू जरूरतों पर खर्च की। इससे खेती की तैयारी और परिवार के खर्च संभालने में मदद मिली। उनका कहना है कि किसान हितैषी योजनाओं से मिलने वाली सहायता खेती के प्रति भरोसा बढ़ाती है। समय पर आर्थिक सहयोग मिलने से किसान अपनी जरूरत के अनुसार खेती में निवेश कर पाते हैं। तुलसीराम भी इस सहायता से अपने कृषि कार्यों को बेहतर ढंग से आगे बढ़ा रहे हैं।
तुलसीराम ने बताया कि गांव के युवा भी अब खेती-किसानी में रुचि दिखा रहे हैं। वे खेती को आजीविका और आत्मनिर्भरता के अवसर के रूप में देख रहे हैं। उनके अनुसार शासन की योजनाओं से मिलने वाले सहयोग ने किसानों का उत्साह बढ़ाया है और खेती से जुड़े रहने का विश्वास मजबूत किया है। किसान हित में संचालित योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए तुलसीराम ने कहा कि किसानों को मिलने वाली आर्थिक सहायता का लाभ पूरे परिवार को मिलता है। इससे कृषि कार्यों को आगे बढ़ाने के साथ घर की जरूरतें पूरी करने में भी संबल मिलता है।
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सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी
सिंचाई का पानी बना किसानों का सहारा, घोंघा और अरपा-भैंसाझार से खेती को मिला संबल
घोंघा से 49 गांवों के खेतों तक पहुंच रहा पानी, अरपा-भैंसाझार से बढ़ रहा सिंचित क्षेत्र
बिलासपुर, 5 अक्टूबर 2026/खेती के लिए समय पर पानी की उपलब्धता किसानों की बड़ी जरूरत है। जिले में घोंघा मध्यम जलाशय और अरपा-भैंसाझार बैराज परियोजनाएं इस जरूरत को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। नहरों के माध्यम से खेतों तक पहुंचता पानी किसानों की मेहनत को संबल दे रहा है। जल संसाधन विभाग द्वारा संचालित इन परियोजनाओं से क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार हो रहा है।
सिंचाई का पानी बना किसानों का सहारा, घोंघा और अरपा-भैंसाझार से खेती को मिला संबल
घोंघा से 49 गांवों के खेतों तक पहुंच रहा पानी, अरपा-भैंसाझार से बढ़ रहा सिंचित क्षेत्र
बिलासपुर, 5 अक्टूबर 2026/खेती के लिए समय पर पानी की उपलब्धता किसानों की बड़ी जरूरत है। जिले में घोंघा मध्यम जलाशय और अरपा-भैंसाझार बैराज परियोजनाएं इस जरूरत को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। नहरों के माध्यम से खेतों तक पहुंचता पानी किसानों की मेहनत को संबल दे रहा है। जल संसाधन विभाग द्वारा संचालित इन परियोजनाओं से क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार हो रहा है।
कोटा विकासखंड के ग्राम पटैता में निर्मित घोंघा मध्यम जलाशय परियोजना क्षेत्र के 49 गांवों के किसानों के लिए सिंचाई का प्रमुख आधार है। परियोजना से 8,343 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। लगभग 104.20 किलोमीटर लंबी मुख्य, शाखा एवं वितरक नहरों के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचाया जा रहा है। वर्ष 1979 में शुरू हुई इस परियोजना का निर्माण वर्ष 1981 में पूर्ण हुआ था। जलाशय की जलभराव क्षमता 3 करोड़ 7 लाख घन मीटर है। यहां मत्स्य पालन से स्थानीय लोगों को आजीविका के अवसर भी मिल रहे हैं। अरपा-भैंसाझार बैराज परियोजना से भी किसानों को सिंचाई का लाभ मिल रहा है। वर्ष 2025-26 में परियोजना के माध्यम से 13,165 हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई की गई। वर्ष 2026-27 में 17,900 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का लक्ष्य रखा गया है। इस प्रकार पिछले वर्ष की तुलना में 4,735 हेक्टेयर अधिक कृषि भूमि तक सिंचाई सुविधा पहुंचाने का लक्ष्य है। परियोजना की कुल सिंचाई क्षमता 25 हजार हेक्टेयर है।
कोटा विकासखंड में निर्मित अरपा-भैंसाझार परियोजना के सिंचाई संबंधी निर्माण कार्य वर्ष 2019 में पूर्ण हुए। परियोजना का जलग्रहण क्षेत्र लगभग 1,693.86 वर्ग किलोमीटर है। इसमें 56.640 किलोमीटर मुख्य नहर, 102.600 किलोमीटर वितरक नहर और 21.130 किलोमीटर शाखा नहर की व्यवस्था है। इन नहरों के माध्यम से कृषि भूमि तक पानी पहुंचाकर सिंचाई की जरूरत पूरी की जा रही है। घोंघा और अरपा-भैंसाझार परियोजनाएं खेतों की सिंचाई के साथ जल संसाधनों के बेहतर उपयोग का माध्यम बन रही हैं। इनसे किसानों को खेती के लिए पानी उपलब्ध हो रहा है और क्षेत्र में कृषि गतिविधियों को बल मिल रहा है।
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समाचार
26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता 7 अक्टूबर से
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव करेंगे प्रतियोगिता का शुभारंभ
बिलासपुर, 5 अक्टूबर 2026/उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव 7 अक्टूबर को 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का शुभारंभ करेंगे। उद्घाटन समारोह सुबह 10.30 बजे स्व. बी.आर. यादव राज्य प्रशिक्षण केंद्र, बहतराई में आयोजित होगा। जिले में 7 से 10 अक्टूबर तक आयोजित प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न जिलों के स्कूली खिलाड़ी तीरंदाजी, हॉकी और कबड्डी में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता 7 अक्टूबर से
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव करेंगे प्रतियोगिता का शुभारंभ
बिलासपुर, 5 अक्टूबर 2026/उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव 7 अक्टूबर को 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का शुभारंभ करेंगे। उद्घाटन समारोह सुबह 10.30 बजे स्व. बी.आर. यादव राज्य प्रशिक्षण केंद्र, बहतराई में आयोजित होगा। जिले में 7 से 10 अक्टूबर तक आयोजित प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न जिलों के स्कूली खिलाड़ी तीरंदाजी, हॉकी और कबड्डी में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
कार्यक्रम में बिलासपुर विधायक श्री अमर अग्रवाल, बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक, तखतपुर विधायक श्री धर्मजीत सिंह, बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला, मस्तूरी विधायक श्री दिलीप लहरिया, कोटा विधायक श्री अटल श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री राजा पाण्डेय, क्रेडा के अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी, बिलासपुर महापौर श्रीमती पूजा विधानी एवं जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। श्री दीपक सिंह ठाकुर एवं श्री मोहित जायसवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे। प्रतियोगिता के अंतर्गत तीरंदाजी में 14, 17 एवं 19 वर्ष आयु वर्ग के बालक-बालिका, हॉकी में 19 वर्ष आयु वर्ग के बालक-बालिका तथा कबड्डी में 19 वर्ष आयु वर्ग के बालक हिस्सा लेंगे।
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समाचार
सेवा सेतु शिविरों से जरूरतमंदों तक पहुंच रहा योजनाओं का लाभ : विधायक श्री धरमलाल कौशिक
शासन की योजनाओं से आमजन के जीवन में आया बदलाव : क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी
हरदी में शिविर आयोजित, मौके पर ही 44 आवेदनों का निराकरण
बिलासपुर, 5 अक्टूबर 2026/सेवा संकल्प अभियान के तहत जनपद पंचायत बिल्हा के ग्राम हरदी में आज सेवा सेतु शिविर का आयोजन बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक के मुख्य आतिथ्य में किया गया। शिविर में क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी, जनपद पंचायत अध्यक्ष डॉ. रामकुमार कौशिक, उपाध्यक्ष श्री विक्रम सिंह ठाकुर, बिल्हा नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वंदना जेण्ड्रे, जनपद सदस्य श्रीमती सरस्वती यादव, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल भी शामिल हुए। विभिन्न विभागों द्वारा ग्रामीणों को जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई और उनकी मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आवेदन लिए गए। शिविर में प्राप्त कुल 87 आवेदनों में से 44 का निराकरण किया गया। शिविर में हितग्राहियों को विभिन्न योजना अंतर्गत लाभान्वित किया गया।
सेवा सेतु शिविरों से जरूरतमंदों तक पहुंच रहा योजनाओं का लाभ : विधायक श्री धरमलाल कौशिक
शासन की योजनाओं से आमजन के जीवन में आया बदलाव : क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी
हरदी में शिविर आयोजित, मौके पर ही 44 आवेदनों का निराकरण
बिलासपुर, 5 अक्टूबर 2026/सेवा संकल्प अभियान के तहत जनपद पंचायत बिल्हा के ग्राम हरदी में आज सेवा सेतु शिविर का आयोजन बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक के मुख्य आतिथ्य में किया गया। शिविर में क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी, जनपद पंचायत अध्यक्ष डॉ. रामकुमार कौशिक, उपाध्यक्ष श्री विक्रम सिंह ठाकुर, बिल्हा नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वंदना जेण्ड्रे, जनपद सदस्य श्रीमती सरस्वती यादव, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल भी शामिल हुए। विभिन्न विभागों द्वारा ग्रामीणों को जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई और उनकी मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आवेदन लिए गए। शिविर में प्राप्त कुल 87 आवेदनों में से 44 का निराकरण किया गया। शिविर में हितग्राहियों को विभिन्न योजना अंतर्गत लाभान्वित किया गया।
विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने कहा कि सेवा सेतु शिविर का उद्देश्य शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक पहुंचाना है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आवास, रसोई गैस, पेयजल और बिजली जैसी सुविधाएं लोगों तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। सेवा सेतु शिविरों के माध्यम से जरूरतमंदों को इन योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। श्री कौशिक ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जनसेवा और जनभागीदारी से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। ‘आशीर्वाद का दीया’, आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यक्रम तथा विद्यालयों में चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताओं के माध्यम से लोगों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है। इसी क्रम में सेवा सेतु शिविरों से नागरिकों को उनके नजदीक शासकीय सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है।
क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं से आमजन के जीवन में बदलाव आया है। प्रधानमंत्री आवास योजना से जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर मिला है। शौचालय निर्माण से स्वच्छता के साथ गरिमा और जनधन खातों से बैंकिंग सुविधाओं तक लोगों की पहुंच बढ़ी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के कार्य को
प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने ग्रामीणों से शिविर का लाभ उठाकर अपनी मांगें और समस्याएं संबंधित विभागों के समक्ष रखने का आग्रह किया। शिविर में मांगों से संबंधित 85 और शिकायतों से संबंधित 2 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें मांगों से संबंधित 44 आवेदनों का निराकरण किया गया।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत सरपंच श्री मनीराम मरावी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, बिल्हा एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे, जनपद पंचायत सीईओ श्री कुमार लहरे, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
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समाचार
बिलासपुर की डॉ. कुमुदिनी पटेल को राष्ट्रीय ‘वैद्य अनघा गोगटे युवा वैद्य पुरस्कार
आयुर्वेद चिकित्सा, अनुसंधान एवं जनसेवा में योगदान के लिए पुणे में मिला सम्मान
बिलासपुर, 5 अक्टूबर 2026/शासकीय आयुर्वेद औषधालय सिंघरी (बिल्हा)में पदस्थ आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुमुदिनी पटेल को राष्ट्रीय ‘वैद्य अनघा गोगटे युवा वैद्य पुरस्कार 2026’ से सम्मानित किया गया है। वैद्य गोगटे मेमोरियल फाउंडेशन द्वारा 4 अक्टूबर को पुणे में आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार ‘मानस रोग 3.0’ में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। समारोह में डॉ. पटेल को स्मृति चिह्न, प्रशस्ति पत्र, 20 हजार रुपये की पुरस्कार राशि एवं पुष्पगुच्छ भेंट किया गया।
डॉ. पटेल का चयन आयुर्वेद चिकित्सा में निरंतर सेवा, विद्धकर्म एवं अग्निकर्म के माध्यम से दर्द प्रबंधन, ग्रामीण क्षेत्रों में निःशुल्क चिकित्सा शिविरों के आयोजन तथा शोध एवं विद्यार्थियों के मार्गदर्शन में योगदान के आधार पर किया गया। इस राष्ट्रीय सम्मान के लिए वे देशभर से चयनित एकमात्र महिला आयुर्वेद चिकित्सक रहीं। डॉ. पटेल ने इस उपलब्धि को भगवान धन्वंतरि एवं अपने गुरुजनों को समर्पित करते हुए कहा कि यह सम्मान समाज के अंतिम व्यक्ति तक आयुर्वेद चिकित्सा सेवा पहुंचाने के उनके संकल्प को नई ऊर्जा देगा। उनकी उपलब्धि पर जिला आयुष अधिकारी डॉक्टर वाई एस ध्रुव सहित विभागीय अधिकारियों, साथी चिकित्सकों एवं क्षेत्रवासियों ने बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
बिलासपुर की डॉ. कुमुदिनी पटेल को राष्ट्रीय ‘वैद्य अनघा गोगटे युवा वैद्य पुरस्कार
आयुर्वेद चिकित्सा, अनुसंधान एवं जनसेवा में योगदान के लिए पुणे में मिला सम्मान
बिलासपुर, 5 अक्टूबर 2026/शासकीय आयुर्वेद औषधालय सिंघरी (बिल्हा)में पदस्थ आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुमुदिनी पटेल को राष्ट्रीय ‘वैद्य अनघा गोगटे युवा वैद्य पुरस्कार 2026’ से सम्मानित किया गया है। वैद्य गोगटे मेमोरियल फाउंडेशन द्वारा 4 अक्टूबर को पुणे में आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार ‘मानस रोग 3.0’ में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। समारोह में डॉ. पटेल को स्मृति चिह्न, प्रशस्ति पत्र, 20 हजार रुपये की पुरस्कार राशि एवं पुष्पगुच्छ भेंट किया गया।
डॉ. पटेल का चयन आयुर्वेद चिकित्सा में निरंतर सेवा, विद्धकर्म एवं अग्निकर्म के माध्यम से दर्द प्रबंधन, ग्रामीण क्षेत्रों में निःशुल्क चिकित्सा शिविरों के आयोजन तथा शोध एवं विद्यार्थियों के मार्गदर्शन में योगदान के आधार पर किया गया। इस राष्ट्रीय सम्मान के लिए वे देशभर से चयनित एकमात्र महिला आयुर्वेद चिकित्सक रहीं। डॉ. पटेल ने इस उपलब्धि को भगवान धन्वंतरि एवं अपने गुरुजनों को समर्पित करते हुए कहा कि यह सम्मान समाज के अंतिम व्यक्ति तक आयुर्वेद चिकित्सा सेवा पहुंचाने के उनके संकल्प को नई ऊर्जा देगा। उनकी उपलब्धि पर जिला आयुष अधिकारी डॉक्टर वाई एस ध्रुव सहित विभागीय अधिकारियों, साथी चिकित्सकों एवं क्षेत्रवासियों ने बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।