छत्तीसगढ़ / बालोद

जागरूकता और त्वरित कार्रवाई से टला बाल विवाह ग्राम जामगांव (क) में प्रशासन की तत्परता से नाबालिग का सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित, परिवार को दी बाल विवाह के दुष्परिणामों की जानकारी

बालोद। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में बाल विवाह की रोकथाम के लिए जागरूकता, निगरानी और त्वरित कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 07 अक्टूबर को ग्राम जामगांव (क) में बाल विवाह की सूचना मिलने पर महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर बाल विवाह रुकवाया।



जिला कार्यक्रम अधिकारी अमित सिन्हा के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में विभागीय टीम ने ग्राम जामगांव (क) पहुंचकर संबंधित परिवार से संपर्क किया। टीम ने परिवार को बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में सरल भाषा में समझाया तथा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों की जानकारी दी। परिवार को समझाइश दी गई कि कम उम्र में विवाह होने से बच्चों की शिक्षा प्रभावित होती है और उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा तथा भविष्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। परिवार ने समझाइश को स्वीकार करते हुए बाल विवाह नहीं करने संबंधी घोषणा पत्र भी प्रस्तुत किया।

बाल विवाह केवल एक सामाजिक कुरीति नहीं, बल्कि बच्चों के अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय है। कम उम्र में विवाह होने से बच्चों को शिक्षा से वंचित होने, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और कम उम्र में जिम्मेदारियों का बोझ उठाने जैसी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। जिले में प्रशासन द्वारा लगातार लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों और कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। साथ ही प्राप्त सूचनाओं पर संबंधित विभागों द्वारा तत्काल कार्रवाई की जा रही है।

बाल विवाह की रोकथाम में समाज की भूमिका महत्वपूर्ण है। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं बाल विवाह की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग अथवा संबंधित अधिकारियों को दें। समय पर दी गई एक सूचना किसी बच्चे का भविष्य सुरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

बाल विवाह रोकने की इस कार्रवाई में ग्राम पंचायत के सरपंच एवं उपसरपंच, परियोजना अधिकारी बालोद, सेक्टर सुपरवाइजर, संरक्षण अधिकारी संस्थागत एवं गैर-संस्थागत, चाइल्ड हेल्पलाइन के परियोजना समन्वयक एवं सुपरवाइजर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहित ग्रामीणजन उपस्थित रहे। 


ग्राम जामगांव (क) में समय पर मिली सूचना और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से बाल विवाह को रोका जा सका। यह कार्रवाई बताती है कि प्रशासन की सतर्कता के साथ समाज की जागरूकता और सहयोग से बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।

जिला प्रशासन का प्रयास है कि जिले का प्रत्येक बच्चा सुरक्षित वातावरण में शिक्षा प्राप्त करे और उसे अपने बेहतर भविष्य के निर्माण का पूरा अवसर मिले। बाल विवाह रोकने के लिए जागरूक बनें, सूचना दें और बच्चों के सुरक्षित भविष्य में सहभागी बनें।


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