बालोद। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत बालोद जिले के गांवों में स्वच्छता और बेहतर कचरा प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में राज्य सलाहकार श्रीमती अभिलाषा आनंद ने गुंडरदेही विकासखंड की ग्राम पंचायत कुरदी का निरीक्षण कर स्वच्छता कार्यों और ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान राज्य सलाहकार ने गांव में घर-घर से कचरा एकत्र करने, गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने तथा प्लास्टिक अपशिष्ट के उचित प्रबंधन की व्यवस्था देखी। उन्होंने स्वच्छता दीदियों द्वारा किए जा रहे कार्यों और ग्रामीणों की सहभागिता से संचालित स्वच्छता गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने इन प्रयासों की सराहना करते हुए स्वच्छता व्यवस्था को निरंतर बेहतर बनाए रखने पर जोर दिया।
’गंदे पानी के प्रबंधन से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा’
गांव में गंदे पानी के उचित निपटारे के लिए बनाए गए मैजिक पिट और सोख्ता गड्ढों का भी निरीक्षण किया गया। इन संरचनाओं से पानी का जमाव कम करने और पानी को जमीन में समाने में मदद मिलती है। इससे जलभराव की समस्या दूर करने के साथ भूजल पुनर्भरण को भी बढ़ावा मिलता है।
राज्य सलाहकार ने गुंडरदेही विकासखंड के ग्राम रुदा में तीन किलोलीटर प्रतिदिन (3 केएलडी) क्षमता वाले फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट का भी निरीक्षण किया। इस संयंत्र के माध्यम से फीकल स्लज का सुरक्षित उपचार करने और स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। राज्य सलाहकार श्रीमती अभिलाषा आनंद ने कहा कि स्वच्छता का उद्देश्य केवल कचरे का निपटान करना नहीं, बल्कि गांवों को स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण के अनुकूल बनाना भी है। उन्होंने इस कार्य में ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए स्वच्छता संबंधी नियमों का पालन करने और जनजागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत इस तरह के प्रयासों से गांवों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीणों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है।
