नेपाल कांग्रेस में गगन थापा 6584 वोटों से दोबारा बने अध्यक्ष
काठमांडू । नेपाली कांग्रेस के 15वें महाधिवेशन में गगन थापा भारी बहुमत के साथ दोबारा पार्टी अध्यक्ष चुने गए हैं। हालांकि, पार्टी के भीतर पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा के नेतृत्व वाला विरोधी गुट दिसंबर में अपना अलग महाधिवेशन कराने की तैयारी कर रहा है। पार्टी की केंद्रीय निर्वाचन समिति के अनुसार, जनवरी में अपने गुट द्वारा आयोजित विशेष महाधिवेशन के जरिए पहली बार अध्यक्ष बने गगन थापा ने इस चुनाव में 6,584 वोट हासिल किए।
उनके प्रतिद्वंद्वी श्याम कृष्ण खड्गी को सिर्फ 375 वोट मिले। समिति ने बताया कि कुल 7,013 वोट डाले गए, जिनमें से 54 वोट अमान्य घोषित किए गए। थापा की दोबारा जीत ऐसे समय में हुई है जब पार्टी मुश्किल दौर से गुजर रही है। पांच मार्च को हुए संसदीय चुनाव में नेपाली कांग्रेस दूसरे स्थान पर रही थी। खुद गगन थापा भी अपनी सीट हार गए थे। वहीं, अपेक्षाकृत नई पार्टी राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (आरएसपी) 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और लगभग दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लिया।
थापा के सामने पार्टी में औपचारिक विभाजन की चुनौती भी है। शेर बहादुर देउबा के नेतृत्व वाला गुट 7 से 9 दिसंबर के बीच अपना अलग 15वां महाधिवेशन आयोजित करने जा रहा है। देउबा गुट का दावा है कि वही असली नेपाली कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करता है।
दोनों गुटों की वैधता का मामला फिलहाल नेपाल के सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। हालांकि, पांच मार्च के आम चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने थापा गुट को ही नेपाली कांग्रेस के रूप में मान्यता दी थी, जिसके आधार पर उसने चुनाव लड़ा।
50 वर्षीय गगन थापा 2006 के जनआंदोलन के दौरान छात्र नेता के रूप में चर्चित हुए थे।
उस समय उन्होंने राजशाही के खिलाफ और गणतंत्र की स्थापना के समर्थन में कई प्रभावशाली भाषण दिए, जिन्हें युवाओं ने काफी पसंद किया। नेपाल छात्र संघ के अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने उस दौर में राजतंत्र के खिलाफ खुलकर आवाज उठाई, जब देश पर राजशाही का शासन था। उस समय नेपाली कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व देश को गणतंत्र बनाने की मांग पर ज्यादा मुखर नहीं था और संवैधानिक राजशाही तथा बहुदलीय लोकतंत्र की नीति का समर्थन करता था।