वेदांता के बाल्को मेडिकल सेंटर ने ब्रेस्ट कैंसर की शुरुआती पहचान के लिए टेक्नोलॉजी की पहुँच बढ़ाई
रायपुर |
2026-10-13 18:48:42
एआई आधारित स्क्रीनिंग टूल, जो ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम का आकलन करेगा और मैमोग्राफी जाँच की जरूरत वाली महिलाओं को प्राथमिकता देने में मदद करेगा। बीएमसी भारतीय महिलाओं के लिए यह मॉडल विकसित करने हेतु क्लिनिकल और मैमोग्राफी से जुड़ा डेटा उपलब्ध कराएगा
डियर यू (Dear You) ऐप, जो महिलाओं को ब्रेस्ट हेल्थ के प्रति जागरूक करेगा, इसमें खुद से जाँच करने के लिए चरण-दर-चरण जानकारी हिंदी सहित 11 भाषाओं में उपलब्ध है
रायपुर, अक्टूबर, 2026: ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता माह के अवसर पर, भारत के प्रमुख मेटल्स, तेल और गैस, क्रिटिकल मिनरल्स, पावर और टेक्नोलॉजी समूह वेदांता ग्रुप ने ब्रेस्ट कैंसर की समय रहते पहचान और इलाज को बेहतर बनाने के लिए दो साझेदारियों की घोषणा की है। छत्तीसगढ़ के नया रायपुर में स्थित देश के प्रमुख कैंसर अस्पतालों में से एक, वेदांता के प्रमुख बाल्को मेडिकल सेंटर (बीएमसी) ने स्विट्जरलैंड स्थित गैर-लाभकारी संस्था द डियर (DEAR) फाउंडेशन और ट्रांसलेशनल एआई फॉर नेटवर्क्ड यूनिवर्सल हेल्थकेयर (टीएएनयूएच) फाउंडेशन के साथ दो समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इन साझेदारियों का उद्देश्य ब्रेस्ट हेल्थ के लिए नए और टेक्नोलॉजी आधारित तरीकों को बढ़ावा देना और ब्रेस्ट कैंसर की समय पर पहचान, सही समय पर जांच और इलाज को संभव बनाना है।
द डियर फाउंडेशन के साथ साझेदारी के तहत, बीएमसी संसाधनों की कमी वाले क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूक करने और खुद से जांच करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। इसके लिए डियर यू (Dear You) नाम के एक मुफ्त ऐप का इस्तेमाल किया जाएगा। यह ऐप हिंदी सहित 11 भाषाओं में ब्रेस्ट की जाँच करने के लिए चरण-दर-चरण जानकारी देता है और नियमित रूप से खुद जांच करने के लिए रिमाइंडर भी भेजता है। इसके अलावा, बीएमसी और आईआईएससी बेंगलुरु में स्थित टीएएनयूएच फाउंडेशन मिलकर एआई आधारित एक स्क्रीनिंग टूल विकसित करेंगे। टीएएनयूएच फाउंडेशन, शिक्षा मंत्रालय द्वारा स्थापित हेल्थकेयर क्षेत्र में एआई का उत्कृष्टता केंद्र है। यह टूल ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम का आकलन करेगा और उन महिलाओं की पहचान करने में मदद करेगा, जिन्हें आगे मैमोग्राफी जाँच की जरूरत हो सकती है। बीएमसी इस टूल को विकसित करने के लिए क्लिनिकल और मैमोग्राफी से जुड़ा डेटा उपलब्ध कराएगा। इस दौरान मरीजों की गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा जाएगा। इस पहल का उद्देश्य भारतीय महिलाओं के लिए विशेष रूप से तैयार स्क्रीनिंग मॉडल विकसित करना है, ताकि ब्रेस्ट कैंसर की जल्दी पहचान हो सके और जांच का खर्च कम किया जा सके।
भारत में ब्रेस्ट कैंसर के 60% से अधिक मामलों का पता कथित तौर पर स्टेज III या IV में चलता है। ऐसे में, इसके प्रति जागरूकता बढ़ाना और समय रहते इसकी पहचान करना बेहद जरूरी है। भारत में ब्रेस्ट कैंसर से निपटने के प्रयासों के बीच ये दोनों साझेदारियाँ अहम् समय पर हुई हैं। आज ब्रेस्ट कैंसर भारतीय महिलाओं में सबसे अधिक पाया जाने वाला कैंसर है, फिर भी कई मामलों में इसकी पहचान देर से होती है।
छत्तीसगढ़ में वेदांता का बाल्को मेडिकल सेंटर (बीएमसी) इस दिशा में अहम् योगदान दे रहा है। अपनी दो नई साझेदारियों के अलावा, बीएमसी अपने कॉम्प्रिहेंसिव ब्रेस्ट हेल्थ क्लिनिक के जरिए कैंसर का सुलभ और बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है। महिलाओं की एक मल्टीडिसिप्लिनरी टीम की अगुवाई में चलने वाला यह क्लिनिक मरीजों को देखभाल के हर चरण में मदद करता है- ब्रेस्ट कैंसर की शुरुआती पहचान और जांच से लेकर इलाज और रिकवरी तक।
इस पहल का असर रायपुर की 39 वर्षीय दीपिका कन्नोजे जैसी मरीजों के अनुभवों में देखने को मिलता है। ब्रेस्ट में गांठ का पता चलने के बाद उन्होंने बीएमसी में कीमोथेरेपी, सर्जरी, रेडिएशन और रिहैबिलिटेशन कराया। लिम्फ नोड्स की सर्जरी के बाद लिम्फोएडेमा (लिम्फ तरल जमा होने से सूजन) का खतरा कम करने के लिए उनकी एक विशेष लिम्फा (LYMPHA) प्रक्रिया भी की गई।
इसी तरह, राजेश्वरी जायसवाल को 22 साल की उम्र में, जब वह एलएलबी की पढ़ाई कर रही थीं, ब्रेस्ट कैंसर का पता चला। बीएमसी में कीमोथेरेपी, टार्गेटेड थेरेपी, सर्जरी और रेडिएशन कराने के बाद उन्होंने अपनी डिग्री पूरी की। आज वह बिलासपुर हाई कोर्ट में वकील के रूप में प्रैक्टिस कर रही हैं और नियमित रूप से फॉलो-अप जांच भी कराती हैं।
बाल्को मेडिकल सेंटर (बीएमसी), वेदांता मेडिकल रिसर्च फाउंडेशन की एक प्रमुख पहल है। यह 170 बेड वाला आधुनिक कैंसर अस्पताल है, जहाँ कैंसर का व्यापक इलाज और उससे जुड़ी सेवाएँ उपलब्ध हैं। इनमें मेडिकल, सर्जिकल और रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, हीमैटोलॉजी, बोन मैरो ट्रांसप्लांट और पैलिएटिव केयर शामिल हैं।
अब तक बीएमसी में 5 लाख से अधिक ओपीडी विजिट दर्ज की जा चुकी हैं और 76,000 से अधिक मरीजों का इलाज किया जा चुका है। इस संस्थान को एनएबीएच, लीड, एफएसएसएआई, एनएबीएल, नर्सिंग एक्सीलेंस और सीएएचओ सहित कई प्रमाणपत्र और मान्यताएँ मिली हैं।
बाल्को मेडिकल सेंटर महिलाओं को ब्रेस्ट हेल्थ से जुड़ी संभावित समस्याओं की समय रहते पहचान करने में मदद करने पर ध्यान दे रहा है। साथ ही, इलाज के पूरे सफर में मरीजों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उन्हें बेहतर और व्यापक देखभाल उपलब्ध कराई जा रही है। जागरूकता, टेक्नोलॉजी और अलग-अलग विशेषज्ञताओं को एक साथ लाकर बीएमसी का उद्देश्य अधिक से अधिक महिलाओं तक समय पर जांच, इलाज और जरूरी सहायता पहुंचाना है।