छत्तीसगढ़ / रायपुर

जीपीएम जिले में 21 अक्टूबर से वित्तीय समावेशन का महाअभियान, गांव-गांव लगेंगे शिविर, पात्र हितग्राहियों को मिलेगा बैंकिंग एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ

 31 दिसंबर तक ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में आयोजित होंगे वित्तीय समावेशन शिविर

रायपुर, 14 अक्टूबर 2026

गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के प्रत्येक पात्र नागरिक तक बैंकिंग सुविधाओं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से 21 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक व्यापक वित्तीय समावेशन अभियान चलाया जाएगा। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग के निर्देशानुसार इस अवधि में जिले की ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों में विशेष वित्तीय समावेशन शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से बैंकिंग सेवाओं से वंचित नागरिकों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जोड़ने के साथ ही प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और अटल पेंशन योजना का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जाएगा। अभियान के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकाय क्षेत्र में कम से कम एक शिविर आयोजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, ताकि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिक भी बैंकिंग एवं वित्तीय सुरक्षा योजनाओं से लाभान्वित हो सकें।
बैंकिंग सुविधाओं से वंचित नागरिकों को मिलेगी प्राथमिकता
जिला अग्रणी बैंक कार्यालय पेंड्रारोड द्वारा जारी पत्र के अनुसार वित्तीय समावेशन अभियान का प्रमुख उद्देश्य ऐसे नागरिकों और परिवारों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ना है, जिनकी अब तक औपचारिक बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच नहीं हो सकी है। शिविरों में पात्र नागरिकों के प्रधानमंत्री जनधन योजना के अंतर्गत बैंक खाते खोलने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके माध्यम से नागरिकों को बचत, बैंकिंग लेनदेन और विभिन्न शासकीय योजनाओं के अंतर्गत प्रत्यक्ष लाभ अंतरण जैसी सुविधाओं से जोड़ने में सहायता मिलेगी।
अभियान के दौरान विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के परिवारों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। ऐसे परिवारों के जनधन खाते खोलकर उन्हें बैंकिंग सुविधाओं और वित्तीय सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे। दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों तक बैंकिंग सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना अभियान की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
जीवन ज्योति और सुरक्षा बीमा योजना से मिलेगा आर्थिक सुरक्षा का संबल
वित्तीय समावेशन शिविरों में पात्र नागरिकों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जाएगा। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत निर्धारित पात्रता एवं शर्तों के अनुसार 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग के नागरिकों को वार्षिक 436 रुपये प्रीमियम पर दो लाख रुपये का जीवन बीमा कवर उपलब्ध होता है। यह योजना बीमित व्यक्ति की किसी भी कारण से मृत्यु होने की स्थिति में नामांकित व्यक्ति को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है।
इसी प्रकार प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत 18 से 70 वर्ष आयु वर्ग के पात्र नागरिकों को मात्र 20 रुपये वार्षिक प्रीमियम पर दुर्घटना बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराई जाती है। योजना में दुर्घटना के कारण मृत्यु अथवा पूर्ण स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में दो लाख रुपये तथा निर्धारित आंशिक स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में एक लाख रुपये तक का बीमा लाभ प्रदान किया जाता है। शिविरों के माध्यम से नागरिकों को इन योजनाओं की पात्रता, प्रीमियम, बीमा लाभ और पंजीयन प्रक्रिया की जानकारी देकर अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को बीमा सुरक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
अटल पेंशन योजना से भविष्य की आर्थिक सुरक्षा को मिलेगा आधार
शिविरों में असंगठित क्षेत्र के कामगारों सहित पात्र नागरिकों को अटल पेंशन योजना के संबंध में भी जागरूक किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत पात्र बैंक खाताधारक 18 से 40 वर्ष की आयु में निर्धारित शर्तों के अनुसार पंजीयन कर सकते हैं। नियमित अंशदान के आधार पर 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद एक हजार से पांच हजार रुपये तक की मासिक गारंटीकृत न्यूनतम पेंशन का प्रावधान है। आयकरदाता योजना में नए पंजीयन के पात्र नहीं हैं।
अटल पेंशन योजना का उद्देश्य नागरिकों को वृद्धावस्था में नियमित आय का आधार उपलब्ध कराना है। शिविरों में योजना के लाभ, अंशदान, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी प्रदान की जाएगी, ताकि अधिक से अधिक पात्र नागरिक भविष्य की आर्थिक सुरक्षा के लिए योजना से जुड़ सकें।
निष्क्रिय जनधन खाते होंगे सक्रिय, केवाईसी और आधार सीडिंग की मिलेगी सुविधा
वित्तीय समावेशन अभियान के दौरान केवल नए बैंक खाते खोलने और बीमा योजनाओं में पंजीयन तक ही गतिविधियां सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि पहले से संचालित बैंक खातों से संबंधित समस्याओं के निराकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। शिविरों में निष्क्रिय जनधन खातों को नियमानुसार सक्रिय करने, बैंक खातों में आधार सीडिंग, लंबित केवाईसी एवं सी-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण करने तथा बचत खातों में नामांकन संबंधी जानकारी अद्यतन करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
बैंक खातों में नामांकन की जानकारी अद्यतन होने से खाताधारकों के परिवारों को भविष्य में आवश्यक बैंकिंग प्रक्रियाओं को पूरा करने में सुविधा मिल सकती है। इसी प्रकार केवाईसी और आधार संबंधी प्रक्रियाएं पूरी होने से पात्र हितग्राहियों को बैंकिंग सेवाओं एवं शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में आने वाली बाधाओं को दूर करने में सहायता मिलेगी।
डिजिटल बैंकिंग के साथ साइबर धोखाधड़ी से बचाव की भी मिलेगी जानकारी
शिविरों में नागरिकों को बैंकिंग सुविधाओं, डिजिटल भुगतान और सुरक्षित वित्तीय लेनदेन के संबंध में भी जागरूक किया जाएगा। विशेष रूप से डिजिटल लेनदेन के दौरान होने वाली धोखाधड़ी से बचाव, बैंक खाते की गोपनीय जानकारी सुरक्षित रखने तथा साइबर अपराधियों के झांसे में आने से बचने के उपाय बताए जाएंगे।
नागरिकों को ओटीपी, एटीएम पिन, यूपीआई पिन और बैंकिंग पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारियां किसी भी अनजान व्यक्ति से साझा नहीं करने के संबंध में जागरूक किया जाएगा। साथ ही संदिग्ध फोन कॉल, फर्जी लिंक और ऑनलाइन ठगी के प्रति सतर्क रहने का संदेश दिया जाएगा। इससे ग्रामीण नागरिकों में डिजिटल बैंकिंग के प्रति विश्वास बढ़ाने और सुरक्षित लेनदेन को प्रोत्साहित करने में सहायता मिलेगी।
प्रत्येक ग्राम पंचायत और नगरीय निकाय क्षेत्र तक पहुंचेगा अभियान
वित्तीय समावेशन अभियान को व्यापक और प्रभावी बनाने के लिए जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकाय क्षेत्र को कम से कम एक शिविर से आच्छादित करने का लक्ष्य रखा गया है। जिला अग्रणी बैंक कार्यालय द्वारा सभी बैंक शाखाओं को बैंक मित्रों, ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों के साथ समन्वय स्थापित कर शिविरों का आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही शिविरों की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर विशेष जोर दिया गया है। बैंक शाखाओं और स्थानीय निकायों के समन्वित प्रयासों से अभियान को अंतिम छोर तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
पात्र नागरिकों से शिविरों का लाभ उठाने की अपील
जिला अग्रणी बैंक कार्यालय ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे 21 अक्टूबर से 31 दिसंबर तक आयोजित होने वाले वित्तीय समावेशन शिविरों में पहुंचकर अपनी पात्रता के अनुसार बैंकिंग एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ उठाएं। जिन नागरिकों के बैंक खाते नहीं हैं, वे जनधन खाता खुलवाने तथा जिनके खाते निष्क्रिय हैं अथवा केवाईसी और आधार सीडिंग लंबित है, वे संबंधित बैंकिंग प्रक्रियाएं पूरी कराने के लिए शिविरों का लाभ ले सकते हैं।
वित्तीय समावेशन का यह अभियान ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, नागरिकों को बीमा एवं पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने और आर्थिक रूप से सुरक्षित समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। अभियान से विशेष रूप से वंचित, जरूरतमंद और दूरस्थ क्षेत्रों के पात्र परिवारों को वित्तीय सुरक्षा का संबल मिलने की उम्मीद है।

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