छत्तीसगढ़ / राजनांदगांव

भाजपा का ‘लोकतंत्र बचाओ’ अभियान जनता का अपमान, चुनाव आयोग को संरक्षण देने का खेल: पिंटू

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता कमलजीत सिंह पिंटू ने भाजपा द्वारा चलाए जा रहे ‘ *लोकतंत्र बचाओ, भीड़ तंत्र हटाओ* अभियान की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने भाजपा के इस रुख को देश के लोकतंत्र और करोड़ों मतदाताओं का सीधा अपमान करार दिया है।
प्रदेश प्रवक्ता पिंटू ने अपने जारी बयान में कहा कि भाजपा का यह अभियान लोकतंत्र बचाने के लिए नहीं, बल्कि अपनी असफलताओं पर पर्दा डालने और चुनाव ढआयोग को अनुचित संरक्षण देने के लिए चलाया जा रहा है।
उन्होंने  कहा कि भाजपा आज जिन देशवासियों और जागरूक नागरिकों को 'भीड़' कहकर खारिज कर रही है, यह उनके चरम अहंकार को दर्शाता है। भाजपा को यह नहीं भूलना चाहिए कि इसी जनता ने अपने लोकतांत्रिक अधिकार का उपयोग कर उन्हें सत्ता की कुर्सी तक पहुंचाया था। जिस जनता के वोट से वे आज सत्ता में बैठे हैं, वही जनता आने वाले समय में उन्हें बेदखल करने का काम भी करेगी।"
13 करोड़ मतदाताओं को बाहर करने पर खड़े किए गंभीर सवाल
बयान में मतदाता सूची में गड़बड़ी का मुद्दा उठाते हुए पिंटू ने भाजपा से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि देश भर में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के नाम पर 13 करोड़ लोगों के नाम सूची से बाहर कर दिए गए हैं। प्रदेश प्रवक्ता ने भाजपा के तर्कों की हवा निकालते हुए कहा कि यदि 13 करोड़ मतदाताओं के नाम फर्जी या गलत थे, तो उन्हीं मतदाताओं के वोटों से चुनकर आई भाजपा की सरकार वैध कैसे हो सकती है?
उन्होंने मांग करते हुए कहा:
"अगर मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया इतनी ही विवादित थी कि 13 करोड़ लोगों के नाम हटाने पड़े, तो इस लिहाज से पूरी चुनाव प्रक्रिया ही संदेह के घेरे में आती है। नैतिकता का तकाजा यह कहता है कि इस चुनाव प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए और केंद्र सहित सभी संबंधित सरकारों को तुरंत भंग कर नए सिरे से निष्पक्ष चुनाव कराए जाएं।"
कांग्रेस प्रवक्ता ने अंत में कहा कि भाजपा कितनी भी बयानबाजी कर ले, लेकिन देश की जनता अब इनके झांसे में आने वाली नहीं है। लोकतंत्र की रक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी जनता के साथ मिलकर सड़क से लेकर सदन तक अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।

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