छत्तीसगढ़ / मनेन्द्रगढ़ – चिरिमिरी – भरतपुर

सुरक्षित बचपन अभियान के तहत विद्यार्थियों को पॉक्सो एक्ट एवं बाल सुरक्षा के प्रति किया गया जागरूक

एमसीबी । बचपन बचाओ आंदोलन के तहत सुरक्षित बचपन अभियान एवं अखिल भारतीय विद्यालय जागरूकता अभियान के अंतर्गत सोमवार को सरस्वती विकास उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मनेन्द्रगढ़ में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (पॉक्सो एक्ट), बाल सुरक्षा, उनके अधिकारों तथा अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम की थीम “जागरूकता, सुरक्षा और संरक्षण-हर बच्चे का अधिकार” रही।

शिविर में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, तालुका विधिक सेवा समिति यशवंत वासनिकर, द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सरिता दास, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट लोकेश कुमार, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी राकेश कुमार सोरी तथा सुमित कुमार नायक की विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान अधिकार मित्र अंजनी यादव, अधिकार मित्र अजय विश्वकर्मा एवं साइबर सेल की टीम ने विद्यार्थियों को आवश्यक जानकारी प्रदान की।

पॉक्सो एक्ट एवं बाल सुरक्षा के प्रति किया जागरूक

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों, बच्चों की सुरक्षा, उनके अधिकारों तथा लैंगिक अपराधों से संरक्षण के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। जागरूकता अभियान के माध्यम से बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने, अपराधों के प्रति सजग रहने और किसी भी अनुचित घटना की स्थिति में उचित सहायता प्राप्त करने के महत्व पर जोर दिया गया। साइबर सेल की टीम ने भी जागरूकता संबंधी जानकारी साझा की, जिससे विद्यार्थियों में सुरक्षा के प्रति समझ विकसित हो सके।

निष्ठा और ईमानदारी के महत्व पर चर्चा

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट लोकेश कुमार ने विद्यार्थियों के बीच निष्ठा एवं ईमानदारी के महत्व पर विशेष चर्चा की। उन्होंने इन मूल्यों को जीवन में अपनाने और जिम्मेदार नागरिक बनने की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं, तालुका विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष यशवंत वासनिकर ने भ्रष्टाचार एवं अपराध के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से उपस्थित लोगों को शपथ दिलाई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को कानून के प्रति सम्मान, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों के महत्व से अवगत कराया गया।

204 विद्यार्थियों सहित 218 लोगों की सहभागिता

विद्यालय में आयोजित इस शिविर में कुल 204 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया, जिनमें 90 बालक और 114 बालिकाएं शामिल रहीं। इसके साथ ही विद्यालय के 14 स्टाफ सदस्यों की उपस्थिति रही। इस प्रकार कार्यक्रम में कुल 218 लोगों की सहभागिता रही।

सुरक्षित बचपन अभियान के अंतर्गत आयोजित यह शिविर बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा एवं संरक्षण के प्रति जागरूक करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रहा। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों में कानूनी जानकारी, नैतिक मूल्यों और अपराधों के प्रति सजगता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

 

 

Leave Your Comment

Click to reload image