छत्तीसगढ़ / राजनांदगांव

राज्योत्सव में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दी गई नालसा के योजनाओं की जानकारी

 राजनांदगांव । प्रधान एवं सत्र न्यायाधीश तथा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण विजय कुमार होता के निर्देशन पर छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस की 26वीं वर्षगांठ राज्योत्सव 2026 के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिला स्तरीय राज्योत्सव पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम राजनांदगांव में स्टॉल लगाया गया। 

स्टॉल के माध्यम से राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर द्वारा संचालित की जाने वाली विधिक सेवा से संबंधित योजनाओं की जानकारी दी गई। जिसमें नालसा के हेल्पलाईन नंबर 15100, चाईल्ड हेल्पलाईन नंबर 1098, साईबर क्राईम हेल्पलाईन नंबर 1930, नालसा-आपदा पीडि़तों को विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से विधिक सेवा योजना-2010, नालसा-मानव तस्करी और वाणिज्यिक यौन शोषण पीडि़तों के लिए योजना, नालसा-असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए विधिक सेवा योजना, नालसा-बच्चों को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाएं और उनके संरक्षण के लिए योजना, साइबर क्राईम, सुरक्षित बचपन अभियान, आगामी नेशनल लोक अदालत से होने वाले लाभों, टोनही प्रताडऩा, घरेलू हिंसा, मोटरयान अधिनियम, विवाद पूर्व प्रकरणों, दहेज प्रतिषेध अधिनियम, भरण-पोषण, नि:शुल्क कानूनी विधिक सेवा, एसिड हमलों के पीडि़तों के लिए सहायता योजना, नशा मुक्ति के उपाय, जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे राज्य स्तर की योजना-आधार कार्ड, श्रम कार्ड, बाल विवाह के दुष्परिणाम होने वाली जानकारी दी गई। 

ग्रामीण अंचल एवं शहरी क्षेत्र के नागरिकों को बताया गया कि यदि उनका दीवानी और फौजदारी से संबंधित किसी भी प्रकार का मामला, न्यायालय में (उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालय, तहसील न्यायालय, राजस्व से संबंधित) लम्बित हो तो वे घबराए नहीं इसके लिए जिला स्तर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजनांदगांव, तालुका स्तर पर तालुका विधिक सेवा समिति-खैरागढ़, डोंगरगढ़, अम्बागढ़ चौकी एवं छुईखदान में संपर्क कर अपने मामले का निराकरण कराने हेतु वहां पदस्थ न्यायाधीश से निवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजनांदगांव में पदस्थ सचिव द्वारा स्टॉल में आने वाले जरूरतमंद लोगों, छात्र-छात्राओं को पॉक्सो एक्ट के बारे में जानकारी दी गई। जिसमें उम्र जेंडर न्यूट्रल एवं 18 साल से कम उम्र के बच्चों के साथ यौन अपराध, भले ही उसमें बच्चे के कथित सहमति ही क्यों न हो, सहमति का कोई महत्व नहीं है। इसमें सजा के प्रावधान का उल्लेख किया गया एवं साइबर अपराधों के बारे में भी अपने बचपन को सुरक्षित करने हेतु बताया गया। स्टॉल में सहयोग हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजनांदगांव से अधिकार मित्र उपस्थित थे। राज्योत्सव शामिल होने वाले नागरिकों के लिए  सेल्फी जोन एवं न्याय वृक्ष लगाया गया था। जिसके माध्यम से नालसा की योजनाओं को प्रदर्शित किया गया।

 

 

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