साकेत के रजत जयंती समारोह के संबंध में तीसरी तैयारी बैठक संपन्न
राजनांदगांव - वर्ष 1999 से संचालित साकेत साहित्य परिषद् सुरगी द्वारा 20 अक्टूबर रविवार को सुरगी में रजत जयंती समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में तीसरी तैयारी बैठक परिषद् के अध्यक्ष ओमप्रकाश साहू अंकुर और वरिष्ठ सदस्य फकीर प्रसाद साहू फक्कड़ के संयोजन में साकेत साहित्य भवन में आयोजित किया गया। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार एवं साकेत के संरक्षक कुबेर सिंह साहू ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में जीवन लाल साहू अध्यक्ष, मंडल, साहू संघ मुड़पार ( सुरगी) उपस्थित थे।ज्ञान दायिनी मां सरस्वती की पूजा अर्चना के साथ मासिक बैठक एवं काव्य गोष्ठी की शुरुआत हुई। संस्था के अध्यक्ष ओमप्रकाश साहू अंकुर, संरक्षक कुबेर सिंह साहू, पूर्व अध्यक्ष लखन लाल साहू लहर, कोषाध्यक्ष सचिन निषाद ने रजत जयंती के संबंध में संस्था द्वारा अब तक किए गए विभिन्न पहल के बारे में सदस्यों को जानकारी दी। रजत जयंती स्मारिका के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। इस बार साकेत साहित्य सम्मान संस्थागत रूप से प्रदान करने का निर्णय लिया गया है
जिसके अंतर्गत शिवनाथ साहित्य धारा डोंगरगांव, भोरमदेव साहित्य सृजन मंच कवर्धा, मधुर साहित्य समिति बालोद को साकेत साहित्य सम्मान और लोक सांस्कृतिक संस्था धरती के सिंगार भोथीपारकला( सिंघोला )को साकेत लोक कला सम्मान प्रदान किया जाएगा।
रजत जयंती के संबंध में साकेत का प्रतिनिधि मंडल विधानसभा अध्यक्ष डा रमन सिंह, मधुसुदन यादव पूर्व सांसद राजनांदगांव और छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के सचिव डा. अभिलाषा बेहार से मुलाकात कर चुके है। इससे सदस्यों को अवगत कराया गया। बैठक में रजत जयंती समारोह के परिचर्चा सत्र के अतिथियों के नाम तय किए गए और स्वीकृति ली गई। परिचर्चा का विषय - "संस्कारधानी राजनांदगांव की समृद्ध साहित्यिक परंपरा और साकेत " रखा गया है। सम्मान समारोह के अतिथियों का चयन आगामी बैठक में किया जाएगा। रजत जयंती समारोह को सुचारू रूप से संचालित करने हेतु विभिन्न समितियों का गठन कर पदाधिकारियों और सदस्यों को दायित्व सौंपा गया है। बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया कि पंडित सुंदरलाल शर्मा सम्मान पहले आंचलिक साहित्य/ छत्तीसगढ़ी साहित्य के लिए ही दिया गया है।इस बार जारी सूचना में हिंदी का उल्लेख किया गया है।अत: इस संबंध में संचालक, संचालनालय एवं राजभाषा रायपुर को ज्ञापन सौंपा जायें और परिषद् के प्रतिनिधि मंडल ने 30 सितंबर को रायपुर पहुंच कर संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य को ज्ञापन सौंपा वहीं छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के सचिव डा अभिलाषा बेहार से मिल कर रजत जयंती समारोह के संबंध में चर्चा की गई। बैठक में साकेत के मासिक गोष्ठी में सक्रियता के चलते कवि युनुस अजनबी गैंदाटोला, छुरिया और गीतकार अमृत दास साहू,कलकसा डोंगरगढ़ को साकेत की सदस्यता प्रदान की गई। द्वितीय दौर में सरस काव्य पाठ के साथ ही साहित्यकारों ने
गद्य विधा में भी अपनी प्रस्तुति दी। वीरेन्द्र कुमार तिवारी वीरू ने अपनी विशिष्ट अंदाज में कविता सुना कर आनंदित कर दिया।मानसिंह ठाकुर ने हिंदी कविता प्रस्तुत किया।
महेंद्र कुमार बघेल मधु और फकीर प्रसाद साहू फक्कड़ ने अपनी धारदार व्यंग्य रचना प्रस्तुत किया। ओमप्रकाश साहू अंकुर ने पुरखा के सुरता के अंतर्गत जन कवि कोदू राम दलित की पुण्यतिथि पर उनका जीवन परिचय प्रस्तुत करने के साथ ही कुंडलियां, दोहा को सुनाया और श्रद्धा सुमन अर्पित किए। लखन लाल साहू लहर ने दोहा प्रस्तुत किया। पवन यादव पहुना ने सम सामयिक रचना प्रस्तुत किया।मंदन मंडावी ने डोंगरगढ़ मां, बम्लेश्वरी का इतिहास प्रस्तुत कर रोमांचित किया। राज कुमार चौधरी रौना ने बेहतरीन गजल पेश किया। कवि गोष्ठी का संचालन वीरेन्द्र कुमार तिवारी वीरू और फकीर प्रसाद साहू फक्कड़ ने धन्यवाद व्यक्त किया।इस महती बैठक में कुबेर सिंह साहू, ओमप्रकाश साहू अंकुर, लखन लाल साहू लहर , वीरेन्द्र कुमार तिवारी वीरू, महेन्द्र कुमार बघेल मधु,फागू दास कोसले, सचिन निषाद,राज कुमार चौधरी रौना, शंतू राम गंजीर, फकीर प्रसाद साहू फक्कड़,कुलेश्वर दास साहू, अमृत दास साहू, मदन मंडावी,
पवन यादव पहुना, डोहर दास साहू उपस्थित थे।